सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Links

 1.गौमुखासन के फायदे

2.उत्तानपादआसन के फायदे

3.माइग्रेन आधे सिर दर्द का होम्योपैथिक उपचार

• बच्चों में दांत निकलने की होम्योपैथिक दवाएं

4.BMI इस लेवल से अधिक हैं तो सावधान हो जाएं

5.ब्रेस्ट कैंसर न्यू रिसर्च

6.ओमिक्रोन वायरस के लक्षण

7.कोरोना तीसरी लहर से बचने के तरीके

8.भारत में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की शुरुआत कब हुई थी

9.आप काले हैं तो पल्स आक्सीमीटर की ये बातें जरूर पढ़ें

10.रीढ की हड्डी में दर्द खत्म करने की‌ नई तकनीक

11.35 प्रकार की बीमारियों के लिए योगासन

12.मोनोसेफ इंजेक्शन के फायदे

13.आईवीएफ ट्रीटमेंट

14.हर्बल चाय पीनें के फायदे

15.मेफ्रिस्टोन टेबलेट,मिसोप्रोस्टोल टेबलेट

16.Intravascular ultrasound scan kya hota hai

• Ayushman Bharat digital mission kya hai

17.उच्च रक्तचाप क्या होता हैं

18.NIpah virus kya hai

19. weight loss सबसे आधुनिक तकनीक

20. धूम्रपान छोड़ने के उपाय

21.मांसपेशियों में दर्द होने पर क्या करें

• cosmetic surgery ke bad ki sacdhani

23.superfood deshi ghee ke fayde

24.नेल हेल्थ टिप्स

• टाप स्मार्ट हेल्थ गेजेट्स

• अच्छे डॉक्टर की पहचान कैसे करें

• Hand sanitizer side effects

• वैदिक गोत्र प्रणाली और एक्स वाय गुणसूत्र

• डेल्टा प्लस वेरिएंट पर वैक्सीन कितनी प्रभावशाली हैं

• मध्यप्रदेश के लिए अनुशंसित गेंहू की किस्में

• post Covid syndrome

• homeopathy Bach flower remedies

• सोशल मीडिया एंग्जाइटी किसे कहते हैं

• ह्रदयरोगी को क्या सावधानी रखनी चाहिए

• डायबिटीज़ में कौंन से फल खानें चाहिए

• पतंजलि केश कांति नेचुरल हेयर क्लींजर शेम्पू के फायदे

• Nutella weight gain patanjali ke fayde aur nuksan

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गेरू के औषधीय प्रयोग

गेरू के औषधीय प्रयोग गेरू के औषधीय प्रयोग   आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें । गेरु भी उसी श्रेणी की   आयुर्वेदिक औषधी   हैं। जो सामान्य मिट्टी   से   कहीं अधिक   इसके   विशिष्ट गुणों के लिए जानी जाती हैं। गेरु लाल रंग की मिट्टी होती हैं। जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्रा में मिलती हैं। इसे गेरु या सेनागेरु कहते हैं। गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं । गेरू का संस्कृत नाम  गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं । गेरू का लेटिन नाम  गेरू   silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं । गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं । गेरू के औषधीय प्रयोग 1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को कम करने वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लिय

टीकाकरण चार्ट [vaccination chart] और संभावित प्रश्न

 टीकाकरण चार्ट # 1.गर्भावस्था के समय टीकाकारण ::: गर्भावस्था की शुरूआत में Titnus का पहला टीका टी.टी - 1. टी.टी -1 के चार सप्ताह बाद टी.टी.-2 यदि पिछली गर्भावस्था में टी.टी - 2 दिया गया हैं,तो केवल बूस्टर दीजिए. # टीके की मात्रा ,कैसें और कहाँ दें 0.5 ml.मात्रा प्रशिक्षित व्यक्ति द्धारा ऊपरी बांह की मांसपेशी में. # महत्वपूर्ण गर्भावस्था के 36 सप्ताह हो गयें हो तो मात्र टी.टी.- बूस्टर देना चाहियें.  टीकाकरण का दृश्य # 2.शिशुओं के लियें टीकाकरण  #जन्म के समय ::: 1. B.C.G.  =     0.1 ml बाँह पर त्वचा के निचें. 2.हेपेटाइटिस बी.=  0.5 ml मध्य जांघ के बाहरी हिस्सें पर मांसपेशी में 3.o.p.v.या oral polio vaccine = दो बूँद मुहँ में . ०  जानिये पोलियो क्या होता हैं ? #6 सप्ताह पर ::: 1.हेपेटाइटिस बी. = 0.5 ml 2.D.P.T. = 0.5 ml मध्य जांघ का बाहरी हिस्सें में माँसपेशियों में. 3.o.p.v.या oral polio vaccine. #10 सप्ताह पर ::: 1.हेपेटाइटिस बी. 2.D.P.T. 3.o.p.v. #14 सप्ताह पर ::: 1.हेपेटाइटिस बी. 2.D.P.T. 3.o.p.v.   #9 से 12 माह

काला धतूरा के फायदे और नुकसान kala dhatura ke fayde aur nuksan

धतूरा भगवान शिव का प्रिय पौधा है। भगवान शिव धतूरा अपने मस्तिष्क पर धारण करते हैं और जो लोग धतूरा भगवान शिव को अर्पण करते थे वे उन्हें मनचाहा आशीष प्रदान करते हैं। धतूरा भी कई प्रकार का होता है जैसे काला धतूरा, सफेद धतूरा, पीला धतूरा आदि। आज हम आपको "काला धतूरा के फायदे और नुकसान kala dhatura ke fayde aur nuksan" के बारे में बताएंगे।  काला धतूरा के फायदे और नुकसान आयुर्वेद आयुर्वेद चिकित्सा में काला धतूरा बहुत महत्वपूर्ण औषधि के रूप में बहुत लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है । धतूरा बहुत ही जहरीला फल होता है , प्रकृति में गर्म और भारी होता है। काला धतूरा का वैज्ञानिक नाम काला धतूरा का वैज्ञानिक नाम धतूरा स्ट्रामोनियम DHATURA STRAMONIUM है । अंग्रेजी में इसे डेविल्स एप्पल Devil's apple, डेविल्स ट्रम्पेट Devil's trumpet के नाम से जाना जाता है। संस्कृत में इसे दस्तूर, मदन, उन्मत्त ,शिव प्रिय महामोधि, कनक आदि नाम से जानते हैं। काला धतूरा की पहचान कैसे करें  काला धतूरा के पत्ते नोक दार ,डंठल युक्त और बड़े आकार के होते हैं। काला धतूरा के फूल घंटी