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अप्रैल, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना [mukhyamantri gramin awas yojna]

 awas yojna # मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना मध्यप्रदेश की ग्रामीण आबादी 5 करोड़ 25 लाख हैं.जो कुल जनसँख्या का लगभग 72% हैं.इस आबादी में से 37 लाख परिवारों के पास अपना स्वंय का घर नहीं हैं या वे कच्चे मकानों में रहतें हैं,जहाँ जीवन की ज़रूरी सुविधाँए उपलब्ध नहीं हैं. आवासहीन परिवारों को आवास उपलब्ध करवानें के लिये केन्द्र सरकार द्धारा राज्य को  प्रतिवर्ष 75 हजार इंदिरा आवास आवँटित किये जातें हैं,किंतु राज्य की बड़ी आवास ज़रूरत को ध्यान रखतें हुये यह आवास नाकाफी साबित होतें हैं.इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये मध्यप्रदेश सरकार नें सन् 2012 - 13 में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्रारंभ की गई थी. # कार्यान्वयन विभाग पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग म.प्र.शासन # योजना की विशेषता  मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना पूर्ण रूप से मांग आधारित स्वभागीदारी ऋण - सह - अनुदान योजना हैं.अर्थात इस योजना का लाभ उठाने वालें व्यक्ति को उसकी आय के आधार पर ॠण चुकानें की क्षमतानुसार बैंक द्धारा 10,12 और 15 वर्षीय ऋण प्रदान किया जाता हैं. # मुख्यमंत्री आवास योजना हेतू पात्र

सौर मंडल [Solar System] सामान्य जानकारी

# सौर मंड़ल क्या हैं  ? सूर्य के चारों और चक्कर लगानें वालें ग्रहों,उपग्रहों,धूमकेतू,उल्काओं ,तथा पुच्छल तारों के समूह को सौर मंड़ल या Solar System कहतें हैं.  सूर्य के चारों और चक्कर काट़नें वालें ग्रहो,उपग्रहों,धूमकेतू,पुच्छल तारें दीर्घवृतीय या अँड़ाकार कक्षा में सूर्य की परिक्रमा करतें हैं. आईंयें जानतें हैं सौर मंड़ल के बारें में == ________________________________________________________________________________________________________________________ #१.सूर्य [SUN]  सूर्य सूर्य सौरमंड़ल का सबसे बड़ा तारा हैं.यह सौरमंड़ल का जनक हैं,जिसका व्यास 13,93000 किलोमीटर हैं. सूर्य का भार 2.18×10²7 टन हैं.यह प्रथ्वी से 14.96 किमी दूरी पर हैं.यह प्रथ्वी से 109 गुना बड़ा हैं.इसका प्रकाश प्रथ्वी पर पहुँचनें में लगभग 8 मिनिट लगतें हैं. ■ विटामिन डी के बारे में जानें सूर्य में उपस्थित गैसों का संघटन हीलियम.      :::::    71% हाइड्रोजन.    :::::  26.5% अन्य तत्व      ::::: 2.5% उपरोक्त संघटन से स्पष्ट है कि सूर्य की संरचना गैसीय है .सूर्य की

भ्रष्टाचार [Corruption]

 भ्रष्टाचार #भ्रष्टाचार की परिभाषा  भ्रष्टाचार दो शब्दों से मिलकर बना हैं भ्रष्ट + आचार अर्थात भ्रष्टाचार शिष्टाचार या नैतिकता विहिन व्यवस्था का परिचायक हैं.जिसमें भ्रष्टाचारी व्यक्ति नैतिकता,नियम,कानून,व्यवस्था के विपरीत जाकर पैसों या सेंवा का लेनदेन करता हैं. भारतीय दंड़ संहिता में भ्रष्टाचार को परिभाषित करतें हुये लिखा हैं,कि जो कोई भी एक लोक कर्मचारी होतें हुये या होनें की प्रत्याशा रखतें हुये अपनें लिये या किसी अन्य व्यक्ति के लियें अपनें वैध पारिश्रमिक के अतिरिक्त हेतू या पारितोषिक कोई कार्यालय कार्यकलाप में किसी व्यक्ति का अनुग्रह या विग्रह प्रदर्शित करनें के लिये या केन्द्रीय या प्रांतीय सरकार या संसद या विधानमंड़ल के किसी व्यक्ति की सेवा या सेवा शून्यता प्रदान करनें या करनें हेतू प्रयत्न करनें के लिये किसी व्यक्ति से कोई परितोषण स्वीकार करता हैं या प्राप्त या स्वीकार करनें के लिये सहमत होता हैं या प्राप्त करनें का प्रयत्न करता हैं,उसे 3 वर्षों का कारावास या आर्थिक दंड़ या दोनों देय होगा.                            ● भारत में सड़क दुर्घटना कारण और समाधान #

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना [Prime Minister Crop Insurance Scheme]

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (pmfby) क्या हैं?  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र हैं,जिसकी  62% प्रतिशत जनसँख्या कृषि से जीविकापोर्जन करती हैं.किंतु कृषि पूरी तरह से बरसात का जुआ हैं.और इसी बरसात के जुये की वज़ह से करोड़ों किसानों को फसल उत्पादन में बहुत अधिक घाटा उठाना पड़ता हैं. किसानों को मौसम की अनिश्चितता और कीटों के प्रकोप से फसल क्षति की क्षतिपूर्ति दिलानें हेतू सरकार समय - समय पर अनेक फसल बीमा लेकर आई हैं,इसी क्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 सत्र से केन्द्र की NDA सरकार द्धारा शुरू की गई हैं. नई फसल बीमा योजना में वर्ष 1999 में लागू राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना और  वर्ष 2010 में लागू संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना को एकीकृत कर दिया गया हैं. ● यह भी पढ़े ● जैविक खेती के बिना किसानों की आय दुगनी नहीं होगी ● एकीकृत पोषक तत्व प्रबन्धन ० कृषि वानिकी क्या हैं यहाँ जानें ० अटल बिहारी वाजपेयी # योजना के मुख्य बिंदु  १.इस योजना में सभी प्रकार की फसलों जैसें रबी,खरीफ,बागवानी और वाणिज्यिक को सम्मिलित किया गया हैं.

भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में निलम्बन (Suspension) सही या गलत : एक वृहत विश्लेषण

#भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में निलम्बन सही या गलत ?  निलम्बन क्या है #१.निलम्बन क्या हैं ? भारतीय प्रशासन अपनें कर्मियों से संचालित होता हैं.ये कर्मी अनेक संस्तरणों में अपनी योग्यतानुसार पदों पर कार्य करतें हैं. कर्मियों के पदानुसार  संस्तरण  अनुसार ही इन पर वरिष्ठ अधिकारीयों का नियत्रंण रहता हैं. जब कर्मीयों द्धारा प्रशासनिक नियमों के विरूद्ध कोई काम किया जाता हैं,जिससे शासन को गंभीर क्षति हुई हो तब संस्तरण में वरिष्ठ अधिकारी  नियम विरद्ध कार्य की सजा निलम्बन के रूप में देता हैं. निलम्बन के दोरान कर्मी को जीवन निर्वाह जितनी तनख़्वाह और अन्य ज़रूरी सुविधाँए मिलती रहती हैं.और नियम विरूद्ध किये गये कार्यों के सम्बंध में वरिष्ठ कार्यालय या न्यायालय द्धारा जाँच चलती रहती हैं. ##२.निलम्बन का इतिहास कर्मीयों द्धारा राज खजानें या राजकाज में गड़बड़ करनें पर सजा देनें का वर्णन गुप्तकाल से मुगल काल तक मिलता हैं,परंतु  निलम्बन का अधिक स्पष्ट ज्ञान हमें कोट़िल्य की रचनाओं में मिलता हैं,जहाँ उन्होंनें राज्य के ख़जानें से चोरी करनें वालें कर्मियों

आत्मविकास के 9 मार्ग (9ways of self Development)

#आत्मविकास के 9 मार्ग आत्मविकास   प्रथ्वी पर लड़े गये विनाशकारी महायुद्धों जैसें महाभारत का युद्ध, रामायण का राम - रावण युद्ध, प्रथम विश्व युद्ध तथा द्धितीय विश्व युद्ध के  परिणामों की जब चर्चा की जाती हैं,तो एक पक्ष की हार तथा दूसरें पक्ष की जीत से अधिक मानवता के विनाश की चर्चा कभी कभार कर ली जाती हैं. लेकिन इन युद्धों से पूर्व और पश्चात आत्मा का भी अत्यधिक विनाश हुआ और आज भी हो रहा हैं,जिसकी चर्चा बहुत सीमित रूप से ही हम कर पातें हैं.  इन युद्धों के पूर्व यदि मनुष्य अपना आत्मावलोकन कर लेता तो शायद मानवता इससे कही अधिक उन्नत होती. आईयें जानतें हैं आत्मवलोकन का मार्ग क्या हैं  ## 1.सत्य वचन  दुनिया में सत्य वचनों की बात तो बहुत होती हैं,किंतु सत्य वचन बोलनें वाले मुठ्ठीभर लोग ही होतें हैं. हितोपदेश में लिखा हैं,कि असत्य वचन वाणी का गंभीर पाप हैं,जिसके बोलनें से आत्मा संताप को प्राप्त होती हैं. ● 16 संस्कारो का विस्तृत विवेचन कभी उस परिस्थिती के बारें में विचार करें जब आपनें झूठ बोला था तब आपके मन में कौंन - कौंन से नकारात्मक विचार आये जिनसें आपकी अंतरात्