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उच्च रक्तचाप क्या हैं, कारण लक्षण और उच्च रक्तचाप का प्रबंधन

रक्तचाप शरीर की धमनियों, शरीर की प्रमुख रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर रक्त परिसंचरण द्वारा लगाया जाने वाला बल है।  उच्च रक्तचाप तब होता है जब रक्तचाप बहुत अधिक होता है। रक्तचाप को दो  रूप में लिखा जाता है।  पहली (सिस्टोलिक) जो रक्त वाहिकाओं में दबाव का प्रतिनिधित्व करती है जब हृदय सिकुड़ता या धड़कता है।  दूसरी (डायस्टोलिक) संख्या वाहिकाओं में दबाव का प्रतिनिधित्व करती है जब हृदय धड़कन के बीच आराम करता है। उच्च रक्तचाप हैं इसका फैसला तब किया जाता है, जब इसे दो अलग-अलग दिनों में मापा जाता है, दोनों दिनों में सिस्टोलिक रक्तचाप रीडिंग 140 mmHg है और/या दोनों दिनों में डायस्टोलिक रक्तचाप रीडिंग ≥90 mmHg है। उच्च रक्तचाप के लिए जोखिम कारक क्या हैं? संशोधित जोखिम वाले कारकों में  • अस्वास्थ्यकर आहार  • अत्यधिक नमक का सेवन,   • संतृप्त वसा और ट्रांस वसा युक्त आहार • फलों और सब्जियों का कम सेवन,   •शारीरिक निष्क्रियता, • तंबाकू और शराब का सेवन और  • अधिक वजन या मोटापा शामिल हैं। • उच्च रक्तचाप का पारिवारिक इतिहास, • 65 वर्ष से अधिक आयु और मधुमेह या गुर्दे की बीमारी  उच्च रक्तचाप के सामान्य लक्षण
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Nipah virus : निपाह वायरस के लक्षण

Nipah virus   एक तरह का आर.एन.ए. वायरस हैं जो फल खानें वाली चमगादड़ों की एक प्रजाति टेरोपस जींस में पाया जाता हैं ‌‌। निपाह वायरस paramyxovirinae सब फैमिली का वायरस हैं।    निपाह वायरस का नाम निपाह मलेशिया के गांव "निपा" के नाम पर पड़ा हैं, जहां पहली बार यह वायरस पाया गया था। मनुष्यों को संक्रमित करने के क्रम में निपाह वायरस को पहली बार चमगादड़ों द्वारा खाए गए अधूरे कच्चे खजूर फल से अलग किया गया था।  इसके बाद यह सुंअरो से मनुष्य में फैला था। Nipah virus first outbreak निपाह वायरस का प्रथम outbreak सन् 1998 में मलेशिया देखने को मिला था। इसके बाद यह सिंगापुर फैला था। मलेशिया में मनुष्यों में निपाह वायरस संक्रमण का कारण सुंअर थें। भारत और बांग्लादेश में पहली बार निकाह वायरस outbreak का कारण चमगादड़ों द्वारा खाया गया कच्चे खजूर का बना जूस था। निपाह वायरस चमगादड़ों से मनुष्य में कैसे फैला w.h.o.के अनुसार निपाह वायरस  फैलने के स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं w.h.o.के अनुसार जब मनुष्य के क्रियाकलापों से चमगादड़ों के प्राकृतिक आवास और भोजन प्रणाली समाप्त हुई तो चमगादड़ भूखे रहने लगे फलस्वरूप

Weight loss :: करनें की सबसे आधुनिक तकनीक ESG

Weight Loss करनें की सभी दवाईयां और weight loss diet chart आजमाने के बाद भी वजन कम नहीं होता हैं तो लोगों के सामने सर्जरी का  विकल्प मौजूद रहता हैं। लेकिन बहुत से लोग weight loss के लिए सर्जरी कराने से डरतें हैं।  ऐसे लोगों के लिए Weight Loss करने की सबसे आधुनिक तकनीक  उपलब्ध हैं जिसे एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी या ESG कहते हैं। ईएसजी  तो आईए जानतें हैं आज Weight Loss करनें की सबसे आधुनिक तकनीक के बारें में एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी या ESG क्या होती हैं एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी या ESG वज़न कम करने की सबसे आधुनिक तकनीक है। इस पद्धति में पेट पर बिना चीरा लगाएं एंडोस्कोप की मदद से पेट का आकार कम कर दिया जाता हैं।  एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी में पेट का आकार कम कर दिए जानें से शरीर की आवश्यकता अनुसार ही भोजन पेट में जाता हैं फलस्वरूप कम भोजन में ही पेट भर जाता हैं।  एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी को वज़न कम करने की आधुनिक तकनीक क्यों कहा जाता हैं एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी में बिना चीरा और टांका लगाए व्यक्ति के पेट का आकार कम कर दिया जाता हैं।

Quit smoking tips। क्या आप जानतें हैं सिगरेट छोड़ने के सबसे अचूक तरीके

 Quit smoking tips। क्या आप जानतें हैं सिगरेट छोड़ने के सबसे अचूक तरीके सिगरेट का हिंदी नाम धूम्रदंडिका हैं और प्राचीन काल से ही आयुर्वेद चिकित्सा में धूम्रपान करना रोगों को मिटाने का हथियार था।  सिद्धहस्त वैद्य जन आयुर्वेदिक औषधियों से निर्मित धूम्रदंडिका को रोगी को पीनें के लिए देते थे, लेकिन  धूम्रदंडिका पीनें का समय,काल और परिस्थिति निर्धारित थी।  आमजन धूम्रदंडिका का पान बिना वैद्यकीय परामर्श के नहीं करतें थे। कालांतर में लोग वृक्षों के पत्तों में  तम्बाकू लपेटकर अपने मन से पीनें लगें और इसके बाद तम्बाकू में मौजूद निकोटिन की जो लत इंसानों को लगी वह सर्वविदित हैं।     ऐसा नहीं है कि व्यक्ति सिगरेट छोड़ने के तरीके नहीं आजमाता अनेक लोग हर नववर्ष,शुभ दिन या बच्चों के जन्मदिन पर सिगरेट छोड़ने का संकल्प लेते हैं।  लेकिन कुछ ही दिनों में उनका संकल्प चारों खानें चित्त नजर आनें लगता हैं।  लेकिन क्या आप जानते हैं यदि आप सिगरेट छोड़ने का संकल्प लें चुकें हैं तो कुछ मनोवैज्ञानिक विधि और आदतें आपकों सिगरेट छोड़ने में मदद कर सकतीं हैं। तो आईए जानतें हैं सिगरेट छोड़ने के सबसे बेहतरीन तरीकों के ब

मांसपेशियों में दर्द होनें पर क्या उपचार करें

मांसपेशियों में दर्द होनें पर क्या उपचार करें मीरा एक कामकाजी महिला हैं जो आफिस का काम करने के अलावा चूल्हा चोका भी संभालती हैं। मीरा को हर दूसरे तीसरे दिन मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या हो जाती हैं और ऐसा पिछले दस सालों से हो रहा हैं।  मीरा ने मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया।  एक दिन मीरा कार चलाकर आफिस जा रही थी कि अचानक पैरों की मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन आ गया और मीरा का पांव कार के ब्रेक को नहीं दबा पाया नतीजा यह हुआ कि मीरा ने अपनी कार आगे चलती हुई बाइक में दे मारी और अब मीरा और बाइक सवार दोनों अस्पताल में भर्ती हैं। यदि आप भी  मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या को लेकर मीरा की तरह लापरवाह हैं तो सावधान हो जाएं और समस्या बढ़ने से पहले उसे रोक लें मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन क्यों होता हैं  लगातार अधिक शारीरिक श्रम से  जो लोग बिना ब्रेक लिए बहुत अधिक शारीरिक श्रम करतें हैं उन्हें एक निश्चित समय बाद मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या से गुजरना पड़ता हैं। मजदूर, खड़े खड़े काम करने वाले व्यक्ति, फेक्ट्री में काम करने वालें वर

Cosmetic surgery के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिए

  Cosmetic surgery के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिए  by healthylifestylehome आजकल पूरी दुनिया में cosmetic surgery का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा हैं। कई अभिनेता और अभिनेत्रियों ने cosmetic surgery के द्वारा अपने चेहरे और बदन को सदा जवान दिखाने के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। कुछ साल पहले तक cosmetic surgery सुविधा विदेश और देश के बड़े शहरों के बड़े अस्पतालों तक ही सीमित थी किन्तु आज के समय में cosmetic surgery की सुविधा देश के छोटे शहरों में भी उपलब्ध हैं और इसी कारण लोग cosmetic surgery करवाने के प्रति आकर्षित भी हो रहें हैं। लेकिन cosmetic surgery करवाने के बाद की कुछ जटिलताएं भी हैं जिन्हें ध्यान में रखकर ही  cosmetic surgery के करवाना चाहिए । तो आईए आज आपको बताते हैं cosmetic surgery के बाद की सावधानी के बारें में Abdominalplasty एब्डोमिनल प्लास्टी के बाद की सावधानी बच्चों के जन्म के बाद पेट पर आनें वाले स्ट्रेच मार्क्स,पेट की त्वचा लटकना, वज़न कम करने के बाद पेट की चमड़ी लटकना इन सब समस्याओं से छुटकारा पाने और जीरो फिगर की चाह में महिलाओं और पुरुषों के पेट की मांसपेशियों को

Superfood: सुपरफूड देसी घी खानें के फायदे

Superfood सुपरफूड देसी घी खानें के फायदे by healthylifestylehome अस्सी-नब्बे के दशक में टीवी पर आने वाले health show में भारत के बड़े बड़े डाक्टर लोगों को यह सलाह देते हुए मिल जाते थे कि यदि आपको बीमारी से बचना है तो ghee का सेवन बंद कर दें और उसके बाद से यह थ्योरी बिना किसी वैज्ञानिक शोध के इतनी ज्यादा पापुलर हुई कि भारत के लगभग हर अमीर घर में  यही राग अलापा गया की घी खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है। लेकिन अभी हाल ही के कुछ वर्षों में अमेरिका और पश्चिमी देशों के हेल्थ एक्सपर्ट और न्यूट्रीशियन ने शोधपरक तथ्यों के आधार पर बताया कि रिफांइड फेट के मुकाबले शुद्ध देसी घी सेहत के लिए बहुत अधिक फायदेमंद है।  अनेक सेलेब्रिटी जैसे किम कार्दशियन,शिल्पा शेट्टी,करीना कपूर ने अपने साक्षात्कार में यह बताया कि वह दो चम्मच शुद्ध देसी ghee का सेवन रोज़ करती हैं और इससे उनकी सेहत और अधिक निखरी है।  लेकिन क्या आप जानतें हैं हमारे प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथों में घी को सुपरफूड का दर्जा हजारों साल पहले दे दिया था और इसी शुद्ध देसी घी की बदोलत हमारे पुरखे सौ वर्षों तक जीवन का आनंद लेते थे।  तो आईए जानतें हैं सुप