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Health care tips:ये गलतियां भारी पड़ सकती हैं

योनि या लिंग पर साबुन से सफाई करना  यदि आप नहाते समय योनि या लिंग पर साबुन लगाकर सफाई करते हैं तो इससे आपकी योनि या लिंग का पीएच संतुलन बिगड़ सकता हैं. और योनि या लिंग पर मौजूद लाभकारी बेक्टेरिया मर जाते हैं जो उन क्षेत्र को स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पीएच संतुलन बिगडने से आपकी सेक्स लाइफ भी प्रभावित होती हैं और आपको सेक्स के दौरान चरमोत्कर्ष का अभाव हो सकता हैं. साबुन के बजाय पानी आपके योन स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं साफ और स्वच्छ पानी से योनि या लिंग को साफ किया जा सकता हैं. चाय या कॉफी के तुरंत बाद ब्रश करना  कुछ लोग सुबह उठते से ही चाय या काफी पीतें हैं और इसके तुरंत बाद ब्रश कर नहाते हैं और आफिस के लिए तैयार होतें हैं. चाय या काफी के बाद तुरंत आपके मुंह में एसिड की मात्रा बढ़ जाती हैं और एसिड के कारण आपके दांतों का एनेमल कमज़ोर हो जाता हैं ऐसे समय तुरंत ब्रश करने से आपके दांतों का एनेमल घिस सकता हैं और आपको ठंडा गरम पीते समय सनसनाहट की बीमारी हो सकती हैं. ड्रिंक के बाद पानी नहीं पीना यदि आप विकेंड पर बाहर है और ड्रिंक कर रहे हैं तो ड्

Grapes health Benefits - जाननें के बाद आप भी खाने से अपने आपको नहीं रोक पाओगे

Grapes health Benefits - जाननें के बाद आप भी खाने से अपने आपको नहीं रोक पाओगे अंगूर सम्पूर्ण विश्व में खाया जानें वाला लोकप्रिय फल हैं लेकिन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखें तो हजारों सालों से, कुछ संस्कृतियों में उनका उपयोग औषधि के रूप में किया जाता रहा है। अंगूर का छोटा सा फल 1,600 से अधिक यौगिकों से समृद्ध  है - और उनमें से कई यौगिक आपको स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। तो आईए जानतें हैं अंगूर खाने के फायदे के बारे में पोटेशियम का अच्छा स्त्रोंत अंगूर पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत है,पोटेशियम आपके शरीर में तरल पदार्थ को संतुलित करने में मदद करता है। पोटेशियम उच्च रक्तचाप को कम करने और हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। अधिकांश लोगों को पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता है, अंगूर खाने से इस कमी को पूरा करने में मदद मिल सकती है. विटामिन ई से समृद्ध अंगूर के बीज विटामिन ई से भरपूर होते हैं, जो आपकी त्वचा को चिकना और नमीयुक्त रहने में मदद करते हैं। अंगूर में मौजूद अन्य यौगिक मुँहासे को रोकने में मदद कर सकते हैं और स्वस्थ बालों के लिए आपके सिर की त्वचा में रक्त

पतंजलि मधुग्रिट : एक वैज्ञानिक विश्लेषण

पतंजलि मधुग्रिट : एक वैज्ञानिक विश्लेषण  Medically reviewed by. Dr. P. K. Vyas Ayurvedachary  Dr. N. K. Nagar M.D.Physician  मधुग्रिट पतंजलि आयुर्वेद का उत्पाद हैं, पतंजलि के अनुसार मधुग्रिट पहले के उनके ही उत्पाद मधुनाशिनी वटी के मुकाबले अधिक वैज्ञानिक कसोटी पर जांचा और परखा गया हैं तो आईए जानतें हैं पतंजलि मधुग्रिट को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से Patanjali Madhugrit ingredients 1.चन्द्रप्रभा वटी  चन्द्रप्रभा वटी  आयुर्वेद की शास्त्रोक्त दवा हैं जो डायबिटीज, और मूत्र संस्थान के रोगों के लिए आयुर्वेदाचार्यो में बहुत लोकप्रिय हैं. चन्द्रप्रभा वटी के बारें में आयुर्वेद में लिखा है चन्द्रप्रभेति विख्याता सर्वरोगप्रणाशिनी   अर्थात चन्द्रप्रभा वटी सभी प्रकार के रोगों को जड़ से समाप्त करती हैं. चन्द्रप्रभा वटी मात्र एक ही औषधि नहीं हैं बल्कि यह विभिन्न प्रकार की औषधियों का मिश्रण हैं. पतंजलि मधुग्रिट की एक टेबलेट में 200 मिलीग्राम चन्द्रप्रभा वटी होती हैं, आईए जानतें हैं चन्द्रप्रभा वटी में मौजूद घटकों के बारें में 1.हरड़  हरड़ का वैज्ञानिक नाम  Terminalia chebula   हैं इसमें बहुत सारे केमिकल मौज

9 incredible health benefits of napping । झपकी लेने के 9 बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ

9 incredible health benefits of napping । झपकी लेने के 9 बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ 1.जब आप दिन में झपकी लेते हैं नींद की झपकी सिर्फ बच्चों के लिए नहीं है। अध्ययनों से पता चलता है कि दोपहर की झपकी वयस्कों के लिए भी बहुत अच्छी होती है। मध्य-दोपहर में एक छोटी सी झपकी याददाश्त को बढ़ा सकती है, नौकरी के प्रदर्शन में सुधार कर सकती है, अपना मूड उठा सकती है, आपको अधिक सतर्क बना सकती है और तनाव कम कर सकती है। 2. झपकी याददाश्त बढ़ाती हैं अध्ययनों से पता चला है कि नींद यादों को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दिन की एक झपकी आपको  सीखी गई चीजों को याद रखने में उतनी ही मदद कर सकती है जितनी रात की नींद। नींद की झपकी या नैपींग आपको मोटर स्किल्स, सेंस परसेप्शन और वर्बल रिकॉल जैसी चीजों को भूलने से बचाने का काम करती है। झपकी न केवल आपको उन चीजों को याद रखने में मदद कर सकती है जो आपने अभी सीखी हैं, बल्कि यह आपके मस्तिष्क को उन चीजों के बीच संबंध बनाने में मदद कर सकती है जिन्हें आपने खोजा है। एक अध्ययन में, झपकी लेने वालों को दिन में पहले मिली जानकारी को एक साथ रखना आसान लगा। 3.नींद की झपकी काम के प्

Medicinal plant:Glycyrrhiza glabra

Medicinal plant:Glycyrrhiza glabra Sanskrit name: Yashtimadhu Latin name: Glycyrrhiza glabra English name: Licorice Other Sanskrit Names and Their Meaning The various Sanskrit names signify the character- istic features and properties of G glabra. A few of the names and meanings are as follows: Yashtimadhu "Yashti" means a stick (indicating the root or stem here), and "Madhu" means sweet taste. The name refers to the sweet root or stem of the herb. Kleetanaka/ Kleetaka "Kleeta" means weakness. "Kleetanaka" refers to the beneficial role of this herb in treating the disorders of the male reproductive system. Madhura Valli "Madhura" means sweet taste, and "Valli" means a creeper, thus indicating that this herb is a sweet-tasting creeper. Madhura Lata "Madhura" means sweet taste, and "Lata" means a creeper. Thus, the name indicates that the herb is a creeper with a sweet taste. Traditional Uses of Glycrrhiza gl

Yogic Management of MIGRAINE

  What is Migraine  Migraine is a neurological syndrome characterized by altered bodily perceptions, headaches and nausea (vomiting sensation). The typical migraine headache is unilateral and pulsating, lasting from 4 to 72 hours; approximately one third of people who suffer migraine headache perceive an aura (the perceptual disturbance or symptom experienced by some migraine sufferers before a migraine headache) - announcing the headache. How many types are Migraine  Migraine without aura and migraine with aura. Basilar type migraine:  Basilar type migraine is an uncommon, complicated migraine with symptoms caused by brainstem dysfunction. Familial hemiplegic migraine: is migraine with a possible genetic cause. Abdominal migraine:  is a recurrent disorder of unknown origin, principally affecting children; episodes feature nausea, vomiting and moderate-to-severe central, abdominal pain. Menstrual migraine:  Patients having migraine before or during the menstrual periods. Status migrain

What is Dr. Reckweg R 1 Drop used for?

 DR. RECKEWEG R 1 Inflammation drops Ingredients :-- Apis mell. D4, Barium chlorat. D6, Belladonna D4, Calcium jodat. D4, Hepar sulf. D12, Kalium bichrom. D4, Lachesis D12, Marum verum D6, Merc. subl. cor. D5, Phytolacca D4 Dr.Reckweg R 1 Drop used for  Local inflammations, acute and chronic, of catarrhal and purulent nature, with swelling of the glands. Sudden infections and high fever, with irritations of the meninges, conjunctivas and pharynx. In particular: Inflammations and suppurations of the lymphatics of the pharynx, mainly all forms of tonsillary angina, tonsillitis, scarlet fever, otitis media, conjunctivitis, iridocyclitis, meningitis, inflammations of the maxillary sinus and of the dental roots. Inflammations of glands; mumps, orchitis, pancreatitis. cholecystitis, appendicitis, parametritis, bartholinitis. Acute rheumatic polyarthritis, monarthritis, arthritis urica, lymphadenitis, lymphangitis, phlegmonous inflammations, abscess, whitlow, furuncles and carbuncles, erysipe