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Quit smoking tips। क्या आप जानतें हैं सिगरेट छोड़ने के सबसे अचूक तरीके

 Quit smoking tips। क्या आप जानतें हैं सिगरेट छोड़ने के सबसे अचूक तरीके

सिगरेट का हिंदी नाम धूम्रदंडिका हैं और प्राचीन काल से ही आयुर्वेद चिकित्सा में धूम्रपान करना रोगों को मिटाने का हथियार था। 

सिद्धहस्त वैद्य जन आयुर्वेदिक औषधियों से निर्मित धूम्रदंडिका को रोगी को पीनें के लिए देते थे, लेकिन  धूम्रदंडिका पीनें का समय,काल और परिस्थिति निर्धारित थी।

 आमजन धूम्रदंडिका का पान बिना वैद्यकीय परामर्श के नहीं करतें थे।

कालांतर में लोग वृक्षों के पत्तों में  तम्बाकू लपेटकर अपने मन से पीनें लगें और इसके बाद तम्बाकू में मौजूद निकोटिन की जो लत इंसानों को लगी वह सर्वविदित हैं।  

 ऐसा नहीं है कि व्यक्ति सिगरेट छोड़ने के तरीके नहीं आजमाता अनेक लोग हर नववर्ष,शुभ दिन या बच्चों के जन्मदिन पर सिगरेट छोड़ने का संकल्प लेते हैं।

 लेकिन कुछ ही दिनों में उनका संकल्प चारों खानें चित्त नजर आनें लगता हैं। 

लेकिन क्या आप जानते हैं यदि आप सिगरेट छोड़ने का संकल्प लें चुकें हैं तो कुछ मनोवैज्ञानिक विधि और आदतें आपकों सिगरेट छोड़ने में मदद कर सकतीं हैं।

तो आईए जानतें हैं सिगरेट छोड़ने के सबसे बेहतरीन तरीकों के बारें में

सिगरेट छोड़ने के सबसे बेस्ट तरीके, Cigarette


सिगरेट छोड़ने के लिए छोटे छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें

अचानक फैसला लेकर सिगरेट छोड़ने वाला व्यक्ति लाखों में एक ही होता हैं।

यदि आप बहुत सालों से सिगरेट पी रहें हैं तो इस लत को एक झटके में छोड़ना थोड़ा सा मुश्किल और मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार करने वाला भी हो सकता हैं।

यदि सिगरेट छोड़ने के लिए कुछ मनौवैज्ञानिक लक्ष्य तय किए जाएं तो सिगरेट बहुत जल्दी और बिना किसी शारीरिक मानसिक तनाव के छूट जाती हैं। जैसे

✓ मान लीजिए आप दस सालों से सिगरेट पी रहें हैं तो सिगरेट छोड़ने का पहला संकल्प दस घंटों का होना चाहिए।

 अपनी मुठ्ठी भीचीएं और सर्वशक्तिमान ईश्वर को साक्षी मानकर संकल्प लें कि " मैं दस घंटों तक सिगरेट छोड़ने का संकल्प लेता हूं। 

✓ दस घंटों तक सिगरेट नहीं पीनें का संकल्प लेने के बाद अपने पास से सिगरेट हटाकर अपने घर वालों को दें दे या सिगरेट ताले में रख दें।

✓ दस घंटे बाद से पहले तलब लगती हैं तो चार डी मेथड्स अपना सकतें हैं जैसें

1.पहले डी का मतलब है डीप ब्रीदिंग

गहरी सांस,डीप ब्रीदिंग


• सिगरेट की तलब लगनें पर एक जगह बैठकर गहरी सांस लें और आंख बंद कर अपने संकल्प को दोहराएं। ऐसा करने से आपको संकल्प के प्रति मन में ईमानदारी पैदा होगी और आप संकल्प तोड़ने का साहस नहीं जुटा पाएंगे।

2.दूसरे डी का मतलब हैं डू समथिंग एल्स

• सिगरेट पीनें के साथ साथ जो काम चलते थें उन कामों का रुटिन बदल दें

 जैसे यदि आप बिस्तर से उठतें से ही या शौचालय जानें से पहले सिगरेट पीतें थे तो अपने उठने का समय थोड़ा आगे या पीछे कर लें । उन स्थानों पर नहीं बेठे जहां बैठकर आप सिगरेट पीतें थे। 

• उन स्थानों पर खड़े नहीं हो जहां खड़े होकर सिगरेट पीते थे।घर में दो शौचालय हैं तो उस शौचालय का इस्तेमाल बंद कर दें जिसमें बैठकर शौच करने के दौरान आप सिगरेट पीतें थे।


• चाय या कॉफी के बाद सिगरेट पीतें थें तो चाय या कॉफी का समय थोड़ा सा आगे या पीछे कर दें ऐसा करने से सिगरेट की तलब कम होगी।

 चाय या कॉफी के बाद थोड़ी सी सौंफ या च्विंगम मुंह में रख सकतें हैं।


• भोजन करने के बाद सिगरेट पीनें की इच्छा होनें पर मुंह में बर्फ का टुकड़ा डालकर उसे चूस सकतें हैं।

• आफिस में लंच के बाद सिगरेट पीने की इच्छा होनें पर आफिस के उन स्थानों पर बैठें जहां No smoking zone बना हों।

• सिगरेट पीनें वालें साथियों, सिगरेट की दुकान से दूर रहें।

• घर में बच्चें हों तो उनके साथ अधिक समय बिताएं ऐसा करने से आपका मूड़ डायवर्ट होगा और सिगरेट पीनें की इच्छा नहीं होगी।
  

3.तीसरें डी का मतलब हैं ड्रिंक वाटर


• सिगरेट पीनें की इच्छा होनें पर स्ट्रा के द्वारा पानी पीना शुरू कर दें । वैज्ञानिक शोधों के अनुसार स्ट्रा के द्वारा पानी पीनें से मस्तिष्क में डोपामिन रिलीज होता हैं जो खराब मनोदशा से उबारकर मूड़ अच्छा करनें में मददगार होता हैं।
स्ट्रा से पानी पीना


• सिगरेट पीनें की इच्छा होनें पर पानी में हल्का फ्लेवर जैसे गुलाब,चंदन,खस, आदि मिलाकर सिप सिप कर पीना शुरू कर दें ऐसा करने से मस्तिष्क में फील गुड हार्मोंस रिलीज होने लगेंगे और सिगरेट की याद नहीं आएगी।

• सिगरेट छोड़ने का संकल्प लेने के बाद पानी की मात्रा बढ़ा दें ताकि हानिकारक विषैले पदार्थ और निकोटिन शरीर से बाहर निकल।

• इन उपायों से आप दस घंटे आसानी से सिगरेट से दूर रह सकतें हैं।

4.चौथे डी का मतलब हैं डिले

• अब दस घंटे बाद आपका संकल्प पूरा होने वाला है और अब आप सिगरेट पीनें का सोच रहें हैं लेकिन सावधान दस घंटे सिगरेट पीना छोड़ दिया भाई अब क्या दस मिनट भी नहीं रुक सकतें हो।

• मन को मजबूत करें एक बार फिर संकल्प लें मैं दुनिया का सबसे बेहतरीन इंसान हूं जो चाहूं कर सकता हूं। 

• अब दस मिनट और अपने आप को सिगरेट पीने से रोक लें

• ऐसा करने से आपके मन मस्तिष्क में गजब का आत्मविश्वास पैदा होगा और आप कह सकते हो "yes I can do" जी हां मैं कर सकता हूं।

•  यदि आपका मन हिमालय जितना ऊंचा हैं तो आप अपने संकल्प को अगले चोबीस घंटे के लिए आगे बढ़ा सकते हैं।

• इस संकल्प को पूरा करने वाले 100 में से 70 व्यक्ति अपने सिगरेट छोड़ने के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो जातें हैं। 

बचें हुए 30 लोग दस घंटे बाद सिगरेट पीनें की इच्छा जताते हैं।

• ऐसे लोग हर्बल सिगरेट पी सकते हैं और वह भी इस शर्त के साथ सिगरेट पीना हैं कि अगले कुछ घंटों में वे इससे दुगने घंटे का लक्ष्य तय कर सिगरेट से दूरी बनाएंगे। और उन ट्रिगर्स को नोट करेंगे जिनकी वजह से सिगरेट पीनें की इच्छा हुई।

• उन ट्रिगर्स को दूर कर अगली बार सिगरेट छोड़ने के युद्ध में फिर से कूद जाएं।

यदि इस तरह छोटे छोटे लक्ष्य तय कर सिगरेट छोड़ने का संकल्प लिया जाए तो सिगरेट छोड़ने का संकल्प बहुत जल्दी पूरा होता हैं और व्यक्ति सिगरेट छोड़ने के दौरान पैदा होने वाले तनाव, अनिद्रा, बैचेनी की समस्या से बच जाता हैं।

सिगरेट छोड़ने के दौरान सोचने वाले कुछ तथ्य

• जिन लोगों ने सिगरेट छोड़ दी हैं वे भी मेरी तरह इंसान ही है तो फिर मैं सिगरेट क्यों नहीं छोड़ सकता।

• सिगरेट छोड़ने से मैं और मेरा परिवार सुरक्षित रहेगा, मैं कैंसर,टीबी जैसी घातक बीमारियों से बच जाऊंगा।

• सिगरेट से बचने वाले पैसों को बच्चों की शिक्षा,उनकी खेल सुविधा और उन्हेें खुशियां प्रदान करें ऐसी सुविधाओं पर इन्वेस्ट करुंगा ।

• सिगरेट छोड़ने के इस महायुद्ध में तब तक हार नहीं माननी हैं।

 जब तक कि सिगरेट छूट नहीं जाएं यदि बार बार प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही हैं,

 तो निराश होकर तनाव पाल लेनें और सिगरेट के कश पे कश मारने की बजाय अपने आप को माफ़ करें और आगे बढ़कर फिर से शुरुआत करें।

• सिगरेट छोड़ने के दौरान नकारात्मक विचारों को मन में न आनें दें ।

सिगरेट छोड़ने के दौरान आनें वाली शारीरिक समस्या का मुकाबला कैसें करें

सिगरेट छोड़ने के बाद व्यक्ति सिगरेट विड्राल सिंड्रोम की चपेट में होता हैं। 

रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर में जैसे-जैसे निकोटिन का स्तर कम होनें लगता हैं वैसे-वैसे धूम्रपान करने की इच्छा बलवती होती जाती हैं। 

यदि हम रोज की दिनचर्या में कुछ जरूरी विटामिन को शामिल कर लें तो शरीर में सिगरेट विड्राल सिंड्रोम का असर समाप्त किया जा सकता हैं।

1.विटामीन सी

धूम्रपान करने वालों में विटामिन सी की सबसे ज्यादा कमी हो जाती हैं और विटामिन सी की कमी से धूम्रपान की तलब लगती हैं। 

यदि धूम्रपान छोड़ने के बाद कुछ दिन लगातार विटामिन सी लें लिया जाए तो धूम्रपान की लत लगना बंद हो जाती हैं और फेफड़ों और रक्त नलिकाओं में जमा कार्बन कण,कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर से बाहर निकलना शुरू हो जाती हैं।

विटामिन सी आपको आंवला,निम्बू जैसे खट्टे फलों में प्रचुरता से मिल जाता हैं।

2.विटामिन ई 

धूम्रपान करने वालों के शरीर में विटामिन ई बहुत तेजी से कम होता हैं।

 विटामिन ई की कमी से धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के शरीर में फ्री रेडिकल्स तेज़ी से बढ़ते हैं।

ये फ्री रेडिकल्स फेफड़ों और शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।

अमेरिकन Linus Pouling Institute के अनुसार यदि हम विटामिन ई की नियमित खुराक लेतें हैं तो शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा नियंत्रित होती हैं। 

विटामिन ई प्राप्त करने के अखरोट,बादाम, मूंगफली,दूध और उससे बने पदार्थ जैसे दही,पनीर,छाछ आदि का सेवन करें।

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में शामिल विटामिन बी 5 निकोटिन की अधिकता से शरीर से बाहर निकल जाता हैं।

 फलस्वरूप जब व्यक्ति धूम्रपान छोड़ता है तो विटामिन बी 5 और भी काम्प्लेक्स की कमी से तनावग्रस्त हो जाता हैं। 

तनावग्रस्त व्यक्ति धूम्रपान की ओर तेजी से उन्मुख होगा।

 अतः धूम्रपान छोड़ने के बाद व्यक्ति को विटामिन बी कॉम्प्लेक्स से युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, मौसमी फल और दूध का सेवन अधिक करना चाहिए। 

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स धूम्रपान छोड़ने के बाद आनें वाली कुछ महत्वपूर्ण शारीरिक समस्याओं जैसे गला सूखना,जीभ और गले में छाले होना,भोजन में अरुचि होना,बैचेनी होना आदि से भी बचाता हैं।

विटामिन ए 

धूम्रपान करने वालों के शरीर में विटामिन ए की भी कमी हो जाती हैं। 

यदि व्यक्ति धूम्रपान करना छोड़ देता हैं तो विटामिन ए की कमी से फेफड़े क्षतिग्रस्त होने लगते हैं और फेफड़ों में कसावट महसूस होती हैं।

 जिससे व्यक्ति पुनः धूम्रपान की ओर उन्मुख हो सकता हैं अतः विटामिन ए को खुराक़ में शामिल करने से उपरोक्त समस्या नहीं होगी।

विटामिन ए आपको गाजर,पपीता,आम, दूध और उससे निर्मित पदार्थो से प्राप्त होगा।


शारीरिक श्रमयुक्त व्यायाम

शरीर की कोशिकाओं में मौजूद निकोटिन को शरीर से बाहर निकालने के लिए शारीरिक श्रम युक्त व्यायाम जैसे दोड़ना,तैरना,डीप मारना जरुर करें ।

इससे पसीने के साथ निकोटिन शरीर से बाहर निकलेगा और दिमाग शांत रहेगा ।


लेखक - healthylifestyehome


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