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चिकित्सकीय परीक्षण :: Intravascular ultrasound [IVUS]

 Heart 💓  blockage का पता लगाने के लिए आजकल बहुत ही उन्नत तकनीक का प्रयोग किया जा रहा हैं। इस तकनीक का नाम है Intravascular ultrasound जिसे सामान्यतः IVUS या Intravascular echocardiogrphy  भी कहा जाता हैं।


Intravascular ultrasound [IVUS] क्या होती हैं ?


Intravascular ultrasound या IVUS ह्रदय की नसों में blockage का पता लगाने वाली एक अति आधुनिक तकनीक हैं जिसके माध्यम से ह्रदय के blockage का एकदम सटीक पता लगाया जाता हैं।


Intravascular ultrasound में ह्रदय की नसों की सोनोग्राफी होती हैं। नसों में पतला तार कैथेटर के साथ डाला जाता हैं और ह्रदय के blockage का पता लगाया जाता हैं।


IVUS में बहुत high frequency की sound waves का उपयोग होता हैं जब यह sound waves ह्रदय की नसों से टकराती हैं तो उन्नत कम्प्यूटर इस sound waves को स्पष्ट चित्र में बदल देते हैं।

चिकित्सकीय परीक्षण


Intravascular ultrasound[IVUS] के लाभ क्या हैं?



1.एंजियोप्लास्टी करनें से पूर्व Intravascular ultrasound करनें से blockage का सटीक पता लगाया जा सकता हैं। जिससे ह्रदयरोग विशेषज्ञ ह्रदय में डालने वाले स्टेंट के आकार का बहुत सही अनुमान लगा सकें।


2.Intravascular ultrasound से ह्रदय की नसों के ब्लाकेज का 4 D चित्र प्राप्त किया जा सकता हैं। जिससे एंजियोप्लास्टी या अन्य ह्रदय शल्य क्रिया की सटीकता बहुत बढ़ जाती हैं।


3.Intravascular ultrasound के बाद एंजियोप्लास्टी करने से दूसरी बार ह्रदय की शल्यक्रिया करने की संभावना बहुत कम हो जाती हैं।


3.ऐसे किडनी मरीज जो ह्रदय रोग से ग्रसित है उनके लिए यह तकनीक वरदान की तरह हैं। क्योंकि इस तकनीक के द्वारा बिना डाई का इस्तेमाल करें एंजियोप्लास्टी की जा सकती हैं।


4. Intravascular ultrasound [IVUS] करनें के बाद ह्रदय शल्यक्रिया करनें से सक्सेस रेट बढ़ जाती हैं।


5. Intravascular ultrasound करने के बाद एंजियोप्लास्टी करने से मरीज बहुत जल्दी रिकवर होता है और जल्दी अस्पताल से घर पंहुच जाता हैं। और आपरेशन के बाद भी फालो अप कम ही रहता हैं।


6.IVUS में Iodised रेडिएशन का उपयोग नहीं होता हैं जिससे मरीज को कोई दुष्प्रभाव की संभावना नहीं रहती हैं। और ह्रदय के कोमल ऊतकों की भी साफ़ और स्पष्ट तस्वीर उभरती हैं।


7.IVUS बहुत ही कम समय में संपन्न होने वाली प्रक्रिया हैं।



Intravascular ultrasound भारत के किन शहरों में उपलब्ध हैं ?



Intravascular ultrasound अभी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चंडीगढ़, लखनऊ, जयपुर आदि शहरों में उपलब्ध हैं।

अभी हाल ही में Intravascular ultrasound मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में भी उपलब्ध हुई हैं।


Intravascular ultrasound Cost in india

Intravascular ultrasound की कीमत भारत में कितनी हैं

भारत के अलग-अलग शहरों में अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के हिसाब से Intravascular ultrasound की कीमत तय की गई हैं। उदाहरण के लिए भारत के बड़े शहरों में इन्ट्रावस्कुलर अल्ट्रासाउंड [IVUS] 10 हजार से 20 हजार के बीच हैं।


जबकि इंदौर जैसे शहरों में Intravascular ultrasound की कीमत 10 हजार से 15 हजार के बीच हैं।




IVUS के side effects‌ क्या हैं ?



1.IVUS के दौरान प्रयुक्त दवाई से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता हैं।


2.जांच के बाद बहुत कम मामलों में टैकीकार्डिया की संभावना हो सकती हैं।

3.कभी कभी जांच के दौरान ही ह्रदयघात, ब्रेन स्ट्रोक आ सकता हैं।


4.जिस जगह से केथेटर डाला जाता हैं वहां लम्बे समय तक दर्द बना रह सकता हैं।


Author:: healthylifestyehome


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