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अटल बिहारी वाजपेयी । ATAL BIHARI VAJAPEYI राजनीति के मर्यादा पुरुषोत्तम

        ।।। अटल बिहारी वाजपेयी ।।। अटल बिहारी वाजपेयी स्वतंत्रता के पश्चात भारत में ऊँगली पर गिनने लायक नेता ही हुए हैं जो लोगों के दिलों में राज करतें हैं। ऐसे ही शख्स का नाम हैं, अटल बिहारी वाजपेयी ।  अटल बिहारी वाजपेयी भारत के सबसे लोकप्रिय जननायकों में अग्रणी पंक्ति के जननायक थे। जिन का कद इतना ऊँचा था कि पद, पार्टी इनसे शोभा पाते थे न कि पद से इनकी शोभा थी। यही कारण था कि राजनीति से रिटायर होने के 14 वर्षों के बाद जब इनकी अंतिम यात्रा निकली तो देश के प्रधानमंत्री 5 किमी पैदल चलकर इन्हें बिदा करने " स्मृति वन " तक गये हो। जिनकी मृत्यु के शोक में कई देशों के राष्ट्र ध्वज झुकें हो। मन्त्र मुग्ध कर देने वाले उनके भाषण जिन्हें सुनने के लिये लोग मिलों चलकर पहुंचते थे । गजब की तार्किकता ओर हाजिर जवाबी वे जब संसद में किसी महत्वपूर्ण मसले पर बोलने खड़े होते तो हंगामों के लिये बदनाम लोकसभा ऐसी ख़ामोश होती थी कि लोकसभा की टेबलों पर पन्ने पलटने की आवाज स्पष्ट सुनी जा सकती थीं। ● 16 संस्कारों का विस्तृत विवरण ● भृष्टाचार के बारें में विस्तृत जानकारी विद

मांडव ( mandav) या मांडू ऐतिहासिक, प्राकृतिक और अध्यात्म से सरोबार पर्यटन स्थल

                  ।।। मांडव ।।। मध्यप्रदेश भारत का ह्रदय प्रदेश हैं, जहां अनेक विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक, धार्मिक, और प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं, इन स्थानों पर देश विदेश के लाखों पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं। ऐसा ही एक पर्यटन स्थल मांडू या मांडव हैं जो ऐतिहासिक, प्राकृतिक और आध्यात्मिक विशेषताओं को अपने में समेटे हुए हैं। _____________________________________________ यह भी पढ़े 👇👇👇 ● पंचकोशी यात्रा के बारे में जानें ● क्रिकेट के बारे में रोचक जानकारी ० उज्जैन के दर्शनीय स्थल के बारे में जाने   _____________________________________________                       ।।। मांडव कहाँ स्थित हैं ।।। मांडव या मांडू भारत के  मध्यप्रदेश राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित धार जिले में  हैं। धार से मांडव की दूरी 36 किमी हैं। जबकि इंदौर से मांडव की दूरी 100 किमी हैं। विंध्याचल पर्वतमालाओं पर लगभग दो हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह स्थल लगभग 72 वर्ग किलोमीटर में फैला हैं।   ।।। इतिहास ।।। मांडव की स्थापना का श्रेय परमार राजवँश को जाता हैं। परमार कालीन राजाओं ने इस स

आयुष्मान भारत प्रधानमन्त्री जन आरोग्य बीमा insurance योजना (Ayushman Yojna) या मोदीकेयर (Modicare)

 आयुष्मान भारत या प्रधानमन्त्री जन आरोग्य बीमा insurance योजना  क्या है ।।। Aayushman bharat bima yojana kya hai   "आयुष्मान भारत योजना"Ayushman bharat yojana या प्रधानमन्त्री जन आरोग्य बीमा insurance योजना (PM -JY) स्वास्थ्य देखभाल से सम्बंधित भारत सरकार की योजना हैं। इस योजना के माध्यम से अधुसूचित परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक द्वितीयक ओर तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य देखभाल सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।   यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के रूप में संचालित होगी ,यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा insurance योजना होगी।इसकी  व्यापकता को देखते हुए इसे  "मोदीकेयर " या प्रधानमंत्री जनस्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना pradhanmantri jan swasthy surksha bima yojna भी कहा जा रहा हैं। इस योजना में केन्द्र और राज्यों का वित्तीय अंशदान क्रमशः 60 : 40 का रहेगा।                                       ।।। उद्देश्य ।।। 1.भारत में 80%  लोग बीमार होने पर खर्च अपनी जेब से करते हैं ,यह खर्च या तो उनकी बचत में से होता हैं या किसी से उधार ले

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ( PANDIT DINADAYAL UPADHYAY)

                        ।।।   पंडित दीनदयाल उपाध्याय ।।। महान राष्ट्रवादी, चिंतक, कुशल संघठनकर्ता,राष्ट्रनिर्माता पंडित दीनदयाल उपाध्याय उन व्यक्तित्वों में शुमार हैं। जिन पर हर भारतीय गर्व महसूस करता हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म अश्विन कृष्ण त्रयोदशी संवत1973 तदनुसार,25 सितम्बर1916 को राजस्थान के धनक्या गांव में प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार मेंहुआ था। ( पासपोर्ट में जन्म स्थान नागल चन्द्रभान गांव दर्ज हैं) इनके पिता का नाम ' भगवती प्रसाद उपाध्याय ' और माता का नाम ' रामप्यारी बाई ' था। इनके पिता रेलवे में असिस्टेंट स्टेशन मास्टर थे।                               ।।।   प्रारम्भिक जीवन ।।। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बचपन का नाम " दीना "था।इनका बचपन कठोर संघर्ष में बीता, मात्र 3 वर्ष की उम्र में इनके पिता का देहांत हो गया था. आपकी प्रारम्भिक शिक्षा मामा राधारमण शुक्ल के यहां गंगापुर में हुई, अपनी छोटी सी उम्र में ही दीनदयाल जी ने अपनी प्रतिभा का परिचय करा दिया था जब इन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा में सर्वोच

भारत का स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳।15 अगस्त 2021 पर भाषण और कविता

भारत का स्वतंत्रता दिवस 🇮🇳 , 15 अगस्त 2021 पर भाषण और कविता मेरे प्यारे देश वासियों, भारत का स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2021,75 वें स्वतन्त्रता दिवस की आपको हार्दिक  बधाई और शुभकामनाएं।  तिरंगा झंडा जैसा कि आप जानते हैं, हमारा देश लगभग 300 वर्षों की गुलामी के बाद  आजाद हुआ था । आजादी के उस उल्लास को महसूस करने के लिये ही हम प्रतिवर्ष उल्लास और संकल्प से आबद्ध होकर यह पर्व मनाते हैं। लेकिन इन 75 वर्षों में हमनें बहुत कुछ खोया और बहुत कुछ पाया हैं।यदि हम पाने की बात करें तो आज हम विश्व के लोकतंत्र बनकर दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे है। लोकतंत्र के मंदिर हमारी '' संसद '' को स्थापित करने में अनेक महापुरुषों जैसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चन्द्र बोस, भीम राव अम्बेडकर, सरदार पटेल, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद जैसे व्यक्तित्वों का बलिदान लगा हैं। लेकिन आज सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है क्या हम इन महापुरुषों की विरासत और इनके नव भारत निर्माण के संकल्प को पूरा कर सके हैं ? आजादी को एक लंबा वक़्त बीत जाने के बाद भी हमारा यह संकल्प इतना पीछे क्