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अगस्त, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Quit smoking tips। सिगरेट छोड़ने के लिए क्या करना चाहिए

Quit smoking tips। सिगरेट छोड़ने के लिए क्या करना चाहिए सिगरेट का हिंदी नाम धूम्रदंडिका हैं और प्राचीन काल से ही आयुर्वेद चिकित्सा में धूम्रपान करना रोगों को मिटाने का हथियार था।  सिद्धहस्त वैद्य जन आयुर्वेदिक औषधियों से निर्मित धूम्रदंडिका को रोगी को पीनें के लिए देते थे, लेकिन  धूम्रदंडिका पीनें का समय,काल और परिस्थिति निर्धारित थी।  आमजन धूम्रदंडिका का पान बिना वैद्यकीय परामर्श के नहीं करतें थे। कालांतर में लोग वृक्षों के पत्तों में  तम्बाकू लपेटकर अपने मन से पीनें लगें और इसके बाद तम्बाकू में मौजूद निकोटिन की जो लत इंसानों को लगी वह सर्वविदित हैं।     ऐसा नहीं है कि व्यक्ति सिगरेट छोड़ने के तरीके नहीं आजमाता अनेक लोग हर नववर्ष,शुभ दिन या बच्चों के जन्मदिन पर सिगरेट छोड़ने का संकल्प लेते हैं।  लेकिन कुछ ही दिनों में उनका संकल्प चारों खानें चित्त नजर आनें लगता हैं।  लेकिन क्या आप जानते हैं यदि आप सिगरेट छोड़ने का संकल्प लें चुकें हैं तो कुछ मनोवैज्ञानिक विधि और आदतें आपकों सिगरेट छोड़ने में मदद कर सकतीं हैं। तो आईए जानतें हैं दुनिया के सबसे बेहतरीन सिगरेट छोड़ने के तरीकों  बारें में

मांसपेशियों में दर्द होनें पर क्या उपचार करें

मांसपेशियों में दर्द होनें पर क्या उपचार करें मीरा एक कामकाजी महिला हैं जो आफिस का काम करने के अलावा चूल्हा चोका भी संभालती हैं। मीरा को हर दूसरे तीसरे दिन मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या हो जाती हैं और ऐसा पिछले दस सालों से हो रहा हैं।  मीरा ने मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया।  एक दिन मीरा कार चलाकर आफिस जा रही थी कि अचानक पैरों की मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन आ गया और मीरा का पांव कार के ब्रेक को नहीं दबा पाया नतीजा यह हुआ कि मीरा ने अपनी कार आगे चलती हुई बाइक में दे मारी और अब मीरा और बाइक सवार दोनों अस्पताल में भर्ती हैं। यदि आप भी  मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या को लेकर मीरा की तरह लापरवाह हैं तो सावधान हो जाएं और समस्या बढ़ने से पहले उसे रोक लें मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन क्यों होता हैं  लगातार अधिक शारीरिक श्रम से  जो लोग बिना ब्रेक लिए बहुत अधिक शारीरिक श्रम करतें हैं उन्हें एक निश्चित समय बाद मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन की समस्या से गुजरना पड़ता हैं। मजदूर, खड़े खड़े काम करने वाले व्यक्ति, फेक्ट्री में काम करने वालें वर

Cosmetic surgery के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिए

  Cosmetic surgery के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिए  by healthylifestylehome आजकल पूरी दुनिया में cosmetic surgery का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा हैं। कई अभिनेता और अभिनेत्रियों ने cosmetic surgery के द्वारा अपने चेहरे और बदन को सदा जवान दिखाने के लिए लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। कुछ साल पहले तक Cosmetic surgery सुविधा विदेश और देश के बड़े शहरों के बड़े अस्पतालों तक ही सीमित थी किन्तु आज के समय में cosmetic surgery की सुविधा देश के छोटे शहरों में भी उपलब्ध हैं और इसी कारण लोग cosmetic surgery करवाने के प्रति आकर्षित भी हो रहें हैं। लेकिन cosmetic surgery करवाने के बाद की कुछ जटिलताएं भी हैं जिन्हें ध्यान में रखकर ही  cosmetic surgery के करवाना चाहिए । तो आईए आज आपको बताते हैं cosmetic surgery के बाद की सावधानी के बारें में Abdominalplasty एब्डोमिनल प्लास्टी के बाद की सावधानी बच्चों के जन्म के बाद पेट पर आनें वाले स्ट्रेच मार्क्स,पेट की त्वचा लटकना, वज़न कम करने के बाद पेट की चमड़ी लटकना इन सब समस्याओं से छुटकारा पाने और जीरो फिगर की चाह में महिलाओं और पुरुषों के पेट की मांसपेशियों को

Superfood: सुपरफूड देसी घी खानें के फायदे

Superfood सुपरफूड देसी घी खानें के फायदे Author: healthylifestylehome अस्सी-नब्बे के दशक में टीवी पर आने वाले health show में भारत के बड़े बड़े डाक्टर लोगों को यह सलाह देते हुए मिल जाते थे कि यदि आपको बीमारी से बचना है तो Deshi ghee का सेवन बंद कर दें और उसके बाद से यह थ्योरी बिना किसी वैज्ञानिक शोध के इतनी ज्यादा पापुलर हुई कि भारत के लगभग हर अमीर घर में  यही राग अलापा गया की घी खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है। लेकिन अभी हाल ही के कुछ वर्षों में अमेरिका और पश्चिमी देशों के हेल्थ एक्सपर्ट और न्यूट्रीशियन ने शोधपरक तथ्यों के आधार पर बताया कि रिफांइड फेट के मुकाबले शुद्ध देसी घी सेहत के लिए बहुत अधिक फायदेमंद है।  अनेक सेलेब्रिटी जैसे किम कार्दशियन,शिल्पा शेट्टी,करीना कपूर ने अपने साक्षात्कार में यह बताया कि वह दो चम्मच शुद्ध देसी ghee का सेवन रोज़ करती हैं और इससे उनकी सेहत और अधिक निखरी है।  लेकिन क्या आप जानतें हैं हमारे प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथों में देसी घी को सुपरफूड का दर्जा हजारों साल पहले दे दिया था और इसी शुद्ध देसी घी की बदोलत हमारे पुरखे सौ वर्षों तक जीवन का आनंद लेते थे।  तो आई

Nail health :: नेल पॉलिश रिमूव करें और देखे कैसी है आपकी सेहत

 Nail health नेल पॉलिश आजकल हर स्त्री के नख श्रृंगार की अभिन्न वस्तु बन चुकी है। बाजार में इतनी तरह की नेल पॉलिश और नेल आर्ट मौजूद हैं कि हर समय स्त्री के नेल पर नेल पॉलिश लगी रहती हैं।  लेकिन क्या आप जानते हैं आपके नेल या नाखून आपकी स्वास्थ्य समस्या को अर्ली स्टेज में डायग्नोसिस करने वाले बहुत ही महत्वपूर्ण स्वास्थ संकेतक हैं। अतः हर स्त्री को समय-समय पर नेल पॉलिश रिमूवर की मदद से नेल पॉलिश रिमूव करके नेल को देखते रहना चाहिए ताकि किसी बीमारी का संकेत होने पर तुरंत अगली डायग्नोसिस करवाकर उपचार शुरू किया जा सके। तो आईए जानतें नेल के रंग के आधार पर बीमारी की पहचान कराने वाले कुछ health parameter को      नाखून का पीला होना कौन सी बीमारी का संकेत होता है नाखून या नेल का गहरा पीला होना पीलिया, हेपेटाइटिस और शरीर में खून की कमी होने का संकेत होता है।  यदि नाखून हल्का-सा पीला हो रहा है तो यह अस्थमा, मधुमेह, हाइपोथायरायडिज्म का संकेत हो सकता हैं। नाखून पीला होने के साथ मोटा हो रहा हो, नाखून की जड़ों और आगे के भाग में पपड़ी जमना  फंगल इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।  नाखून पीला होने के साथ यदि