सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

9 incredible health benefits of napping । झपकी लेने के 9 बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ

9 incredible health benefits of napping । झपकी लेने के 9 बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ

1.जब आप दिन में झपकी लेते हैं

नींद की झपकी सिर्फ बच्चों के लिए नहीं है। अध्ययनों से पता चलता है कि दोपहर की झपकी वयस्कों के लिए भी बहुत अच्छी होती है। मध्य-दोपहर में एक छोटी सी झपकी याददाश्त को बढ़ा सकती है, नौकरी के प्रदर्शन में सुधार कर सकती है, अपना मूड उठा सकती है, आपको अधिक सतर्क बना सकती है और तनाव कम कर सकती है।

झपकी के फायदे


2. झपकी याददाश्त बढ़ाती हैं

अध्ययनों से पता चला है कि नींद यादों को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दिन की एक झपकी आपको  सीखी गई चीजों को याद रखने में उतनी ही मदद कर सकती है जितनी रात की नींद। नींद की झपकी या नैपींग आपको मोटर स्किल्स, सेंस परसेप्शन और वर्बल रिकॉल जैसी चीजों को भूलने से बचाने का काम करती है।

झपकी न केवल आपको उन चीजों को याद रखने में मदद कर सकती है जो आपने अभी सीखी हैं, बल्कि यह आपके मस्तिष्क को उन चीजों के बीच संबंध बनाने में मदद कर सकती है जिन्हें आपने खोजा है। एक अध्ययन में, झपकी लेने वालों को दिन में पहले मिली जानकारी को एक साथ रखना आसान लगा।


3.नींद की झपकी काम के प्रति अरुचि कम करती हैं
Benefits of napping

 जब आप किसी काम को दिन भर में बार-बार करते हैं तो जैसे-जैसे दिन चढ़ता जाता है आपका प्रदर्शन बिगड़ता जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि एक झपकी आपको अधिक सुसंगत बनाए रखने में मदद कर सकती है।


4.काम से थोड़ा सा आराम उदासी कम करता है

यदि आप उदास महसूस कर रहे हैं, तो अपने उत्साह को बढ़ाने के लिए एक झपकी लेने का प्रयास करें। नैपिंग, या यहां तक ​​कि बिना सोए एक घंटे के लिए आराम करना, आपके आउटलुक को ब्राइट कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लेटने और आराम करने से जो आराम मिलता है, वह एक मूड बूस्टर है, चाहे आप सो जाएं या नहीं।


यदि आपको दोपहर के भोजन के ठीक बाद थोड़ी नींद आने लगती है, तो यह सिर्फ आपके साथ नहीं हो रहा है यह एक शारीरिक अवस्था हैं जो सभी को होती हैं। 20 मिनट की झपकी आपकी भारी पलकों को सही कर सकती हैं.

5.नैंपिंग कैफिन से बेहतर है

यदि आप कम्प्यूटर पर बैठे हैं या पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपके लिए कॉफी की चुस्की लेने की तुलना में झपकी लेना बेहतर हो सकता है। कैफीन की तुलना में, नैपिंग बेहतर मेमोरी और लर्निंग ला सकती है।

6.झपकी आपके ह्रदय के लिए लाभदायक होती हैं

एक झपकी आपके ह्रदय के लिए भी लाभदायक होती हैं एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने 45 से 60 मिनट तक झपकी ली, उनका रक्तचाप मानसिक तनाव से गुजरने के बाद भी बाद कम पाया गया।  एक झपकी आपके शरीर और ह्रदय को तनाव से भरी स्थितियों से उबरने में मदद कर सकती है।

7.झपकी मस्तिष्क की तार्किकता को बढ़ाती हैं

Memory power, झपकी लेने के फायदे


क्या आप कभी किसी महान विचार के साथ जागे हैं? , REM नींद, जो आमतौर पर आपके सो जाने के 70 से 90 मिनट बाद शुरू होती है, आपके मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को कल्पना और सपने देखने से सक्रिय करती है। आरईएम नींद के साथ की झपकी आपको उत्तरों को नए तरीकों से और विचारों को तार्किक करने में मदद करती हैं । 

8.झपकी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती हैं
Benefits of napping, झपकी लेने के फायदे

शोधकर्ताओं के अनुसार दोपहर एक बजे के आसपास आधा घण्टा की झपकी और उसके बाद शाम को हल्का व्यायाम और टहलना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम रखता हैं.

9.बच्चों के लिए झपकी के फायदे

एक अध्ययन के अनुसार जो बच्चें किंडरगार्टन से स्कूल में प्रवेश करते हैं और जिनकी झपकी लेने की आदत एकाएक बंद हो जाती हैं ऐसे बच्चों की सीखने की क्षमता उन बच्चों के मुकाबले कम पाई गई जो नियमित रूप से अभी भी कुछ समय झपकी ले रहे थे.

झपकी लेने वाले बच्चे स्कूल में चीजों को बेहतर ढंग से सीख रहें थे.ऐसे बच्चें कहानी सुनने के दौरान कहानी के पात्रों को चित्र के माध्यम से बेहतर तरीके से मस्तिष्क में उतार रहे थे.

झपकी कब लेना चाहिए

झपकी कब लेना चाहिए इस विषय पर शोधकर्ताओं का मत हैं कि दोपहर एक बजे से तीन बजे का समय झपकी के लिए आदर्श होता हैं, दोपहर एक से तीन के बीच झपकी लेने से रात की नींद भी प्रभावित नहीं होती हैं.

Reviewed by

Medical experts Dr.N.K.Nagar M. D. 







टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गेरू के औषधीय प्रयोग

गेरू के औषधीय प्रयोग गेरू के औषधीय प्रयोग   आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें । गेरु भी उसी श्रेणी की   आयुर्वेदिक औषधी   हैं। जो सामान्य मिट्टी   से   कहीं अधिक   इसके   विशिष्ट गुणों के लिए जानी जाती हैं। गेरु लाल रंग की मिट्टी होती हैं। जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्रा में मिलती हैं। इसे गेरु या सेनागेरु कहते हैं। गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं । गेरू का संस्कृत नाम  गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं । गेरू का लेटिन नाम  गेरू   silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं । गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं । गेरू के औषधीय प्रयोग 1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को कम करने वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लिय

जीवनसाथी के साथ नंगा सोना चाहिए या नही।Nange sone ke fayde

  जीवनसाथी के साथ नंगा सोना चाहिए या नही nange sone ke fayde इंटरनेट पर जानी मानी विदेशी health website जीवन-साथी के साथ नंगा सोने के फायदे बता रही है लेकिन क्या भारतीय मौसम और आयुर्वेद मतानुसार मनुष्य की प्रकृति के हिसाब से जीवनसाथी के साथ नंगा सोना फायदा पहुंचाता है आइए जानें विस्तार से 1.सेक्स करने के बाद नंगा सोने से नींद अच्छी आती हैं यह बात सही है कि सेक्सुअल इंटरकोर्स के बाद जब हम पार्टनर के साथ नंगा सोते हैं तो हमारा रक्तचाप कम हो जाता हैं,ह्रदय की धड़कन थोड़ी सी थीमी हो जाती हैं और शरीर का तापमान कम हो जाता है जिससे बहुत जल्दी नींद आ जाती है।  भारतीय मौसम और व्यक्ति की प्रकृति के दृष्टिकोण से देखें तो ठंड और बसंत में यदि कफ प्रकृति का व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ नंगा होकर सोएगा तो उसे सोने के दो तीन घंटे बाद ठंड लग सकती हैं ।  शरीर का तापमान कम होने से हाथ पांव में दर्द और सर्दी खांसी और बुखार आ सकता हैं । अतः कफ प्रकृति के व्यक्ति को सेक्सुअल इंटरकोर्स के एक से दो घंटे बाद तक ही नंगा सोना चाहिए। वात प्रकृति के व्यक्ति को गर्मी और बसंत में पार्टनर के साथ नंगा होकर सोने में कोई

काला धतूरा के फायदे और नुकसान kala dhatura ke fayde aur nuksan

धतूरा भगवान शिव का प्रिय पौधा है। भगवान शिव धतूरा अपने मस्तिष्क पर धारण करते हैं और जो लोग धतूरा भगवान शिव को अर्पण करते थे वे उन्हें मनचाहा आशीष प्रदान करते हैं। धतूरा भी कई प्रकार का होता है जैसे काला धतूरा, सफेद धतूरा, पीला धतूरा आदि। आज हम आपको "काला धतूरा के फायदे और नुकसान kala dhatura ke fayde aur nuksan" के बारे में बताएंगे।  काला धतूरा के फायदे और नुकसान आयुर्वेद आयुर्वेद चिकित्सा में काला धतूरा बहुत महत्वपूर्ण औषधि के रूप में बहुत लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है । धतूरा बहुत ही जहरीला फल होता है , प्रकृति में गर्म और भारी होता है। काला धतूरा का वैज्ञानिक नाम काला धतूरा का वैज्ञानिक नाम धतूरा स्ट्रामोनियम DHATURA STRAMONIUM है । अंग्रेजी में इसे डेविल्स एप्पल Devil's apple, डेविल्स ट्रम्पेट Devil's trumpet के नाम से जाना जाता है। संस्कृत में इसे दस्तूर, मदन, उन्मत्त ,शिव प्रिय महामोधि, कनक आदि नाम से जानते हैं। काला धतूरा की पहचान कैसे करें  काला धतूरा के पत्ते नोक दार ,डंठल युक्त और बड़े आकार के होते हैं। काला धतूरा के फूल घंटी