बुधवार, 1 अप्रैल 2020

गेरू के औषधीय प्रयोग

गेरू के औषधीय प्रयोग


 गेरू के औषधीय प्रयोग

आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें ।





गेरू भी उसी श्रेणी की आयुर्वेद औषधी हैं । जो सामान्य मिट्टी से कही अधिक इसके विशिष्ट गुणों के लियें जानी जाती हैं । गेरू लाल रंग की की मिट्टी होती हैं जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्र में मिलती हैं । इसे गेरू या सेनागेरू भी कहतें हैं ।



गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं ।



गेरू का संस्कृत नाम 



गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं ।




गेरू का लेटिन नाम 



गेरू  silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं ।



गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति



गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं ।



गेरू के औषधीय प्रयोग




1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में



गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को रोकनें वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लियें गेरू को छलनी से बारीक छानकर पानी में मिलाकर लुग्दी बनाकर प्रभावित भाग पर लपेटतें हैं । जब यह लुग्दी सूख जाती हैं तो इसे उतार देतें हैं । इस प्रयोग से आंतरिक रक्तस्त्राव की समस्या समाप्त हो जाती हैं ।




2.बहरेपन में 



बहरेपन में गेरू को दूध के साथ मिलाकर कान में दो चार बूंद टपकानें से बहरापन मिट जाता हैं ।

इसके अलावा गेरू को पानी के साथ मिलाकर कान के आसपास लपेटने से कानदर्द में आराम मिलता हैं ।




3.आग से जलनें पर



गेरू को छानकर इसमें नारियल तेल मीला लें इस मिश्रण को बिना फफोलें पड़े हुये अंग पर लगानें से बहुत आराम मिलता हैं ।




4.व्रण पर 



शरीर में यदि कही व्रण हो जाये और बहुत ज्यादा दर्द कर रहा हैं तो गेरू को हल्दी और गाय का घी मिलाकर गर्म कर ले ,जब हल्का गर्म रह जायें तब व्रण पर बाँध दें । व्रण यदि पकनें वाला होगा तो उसका मुँह खुल जायेगा दर्द समाप्त हो जायेगा । इस प्रयोग को रात में करनें पर बहुत आशातीत परिणाम मिलतें हैं ।



5.कब्ज होनें पर 



कब्ज की ऐसी समस्या जिसमें रोज रोज दवाई लेनी पड़ती हैं उसके लिये गेरू बहुत उत्तम औषधी हैं । इस समस्या से निजात पानें के लियें गेरू को पानी के साथ मिलाकर रात को पेट पर लपेटतें हैं ।  एक घंटे तक लपेटनें के बाद धो लें ,इसप्रकार पन्द्रह बीस दिन यह प्रयोग करनें से कब्ज की समस्या हमेशा के लिये समाप्त हो जाती हैं ।




6.चश्मा उतारने के लियें



बारिक छना हुआ गेरू को पानी मिलाकर पेस्ट बना लें यह पेस्ट रात को दोनों आँखों पर बाँध लें और सुबह खोल लें कुछ ही दिनों में आपकी आँखों का नम्बर वाला चश्मा उतर जाता हैं । किन्तु ध्यान रखे यह प्रयोग गर्मी के दिनों में ही करें ।




7.गर्भधारण नही होता हैं 

गेरू के औषधीय प्रयोग
 गर्भधारण नही होता हैं


यदि बार बार गर्भपात होता हैं तो गेरू को पेडू और योनि के ऊपर तक पानी में गीला कर बाँध लें और तीन चार घँटा बंधा रहनें दें । बार - बार गर्भपात की समस्या समाप्त होकर गर्भ ठहर जाता हैं ।




8.सौन्दर्य वर्धक के रूप में 




गेरू को दही के साथ मिलाकर चेहरे पर लगानें से चेहरा कांतिमय और दाग धब्बे रहित बन जाता हैं ।




9.बालों पर 



नहानें से पूर्व गेरू गीलाकर   बालों पर लगानें से बाल मुलायम और चमकदार बनतें हैं । 




10.एनिमिया में



गेरू में फेरस आँक्साइड़ प्रचुरता में मिलता हैं । यह आँक्साइड़ हिमोग्लोबिन को स्वस्थ्य बनाता हैं । यदि गेरू की मिट्ट  से बनें मटके का पानी पिया जायें तो एनिमिया की समस्या दूर हो जाती हैं ।




11.जोड़ों के दर्द में



गेरू को सरसो तेल के साथ गर्म करके जोडों पर बाँधनें से जोड़ों का दर्द बहुत जल्दी दूर होता हैं ।




12.सिरदर्द में 



यदि सिरदर्द की समस्या बहुत दवाई लेनें के बाद भी समाप्त नही हो रही हैं तो गेरू को पुदीना के रस के साथ मिलाकर सिर पर बाँधनें से सिरदर्द की समस्या समाप्त हो जाती हैं ।



13.तनाव में 



तनावमुक्त जीवन हर किसी का सपना होता हैं यदि गेरू को सिर पर रखकर धिरें - धिरें तब तक पानी डाला जायें जब तक की गेरू पूरा गलकर पानी के साथ बह न जायें ,ऐसा करनें से तनाव समाप्त हो जाता हैं और मनुष्य खुशहाल जीवन व्यतीत करता हैं ।




गेरू मिट्टी से बने पात्र में भोजन बनानें से भोजन स्वादिष्ट बनता हैं और यह भोजन अपनें नैसर्गिक गुणों से संपन्न रहता हैं । यह भोजन आयु और स्वास्थ्य को उत्तम रखता हैं । 





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