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मंगलवार, 27 सितंबर 2016

मेथी,fenugreek

#1.मेथी (fenugreek) 

मेथी दो प्रकार की होती हैं, एक साधारण मेथी दूसरी कसूरी मेथी .साधारण मेथी तेजी से बढ़नें वाली होती हैं,वही कसूरी मेथी की बढ़वार धीमी होती हैं.मेथी की पत्तियाँ और बीजों का सब्जी तथा औषधि के रूप में प्रयोग होता हैं.

#2.पाये जानें वाले पोषक तत्व 

प्रति सौ ग्राम हरी मेथी और बीज़ में पाये जानें वालें तत्व
हरी पत्ती 

 नमी.  प्रोटीन.  वसा.  रेशा.  कार्बोहाइड्रेट.  ऊर्जा.  
86.1.  4.4.     0.9.    1.1.     6.0gm.          49 kg/cal.
आयरन.   विटामिन B-2. विटामिन C  कैल्सियम
 19.3mg.  0.3mg.            53.             395

बीज

     नमी.    प्रोटीन.   वसा.  रेशा. कार्बोहाइड्रेट. 
     8.8.      23.       7.      10 .      58.4

 ऊर्जा      कैल्सियम.    आयरन.   विटा.B-2.
323.         175.             34.        2.0.                
 विटा.c
3.0.
इसके अलावा मेथी में वाष्पशील तेल, स्थिर तेल, स्टेराइड यौगक फेनूग्रीकाइन,ट्राइगोनेलाइन,डाइओस्जेनिन,कोलाइन एँव मोलानिक एसिड़ पायें जातें हैं.

#3.उपयोग::-

#1. मेथी के बीज का चूर्ण एक-एक सुबह शाम खाली पेट़ लेने से मोट़ापा कम हो जाता हैं.
#2. मधुमेह (Diabetes) होनें पर मेथी के ढंठल को बारीक चूर्ण बना ले इस चूर्ण को भोजन पश्चात सुबह शाम लेते रहनें से मधुमेह नियत्रिंत रहता हैं.
#3. मेथी की सूखी हुई पत्तियों में एल्कलाइड़ बहुतायत पाया जाता हैं,जो भूख बढ़ाता हैं,और शरीर से विषेले पदार्थों को बाहर निकालता हैं.
#4. इसकी सूखी पत्तियों की सब्जी गर्मीयों में शरीर को शीतलता प्रदान करती हैं.
#5. मेथी की पत्तियों को उबालकर इसके बचे हुयें पानी से बाल धोनें पर बालों का झड़ना बंद हो जाता हैं.
#6. पीलिया होनें पर कच्ची गीली पत्तियाँ मिस्री के साथ खिलानें से पीलिया रोगी शीघृ स्वस्थ हो जाता हैं.
 #7.मेथी में पाया जानें वाला डाइओस्जीन स्टेराइड़ उत्तम गर्भ निरोधक हैं.इसके लिये मेथी बीज पीसे हुयें  दो-दो चम्मच सुबह शाम आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लें.
#8.मेथी के बीजों को पीसकर सरसों तेल मिलाकर मोच वाले स्थान पर रखनें से मोच शीघृता से ठीक हो जाती हैं.
#9. खून की कमी वाली गर्भवती स्त्रीयों को लोहे की कढ़ाई में सब्जी बनाकर खिलाते रहनें से खून की कमी अतिशीघृ दूर हो जाती हैं.
#10.मेथी दानों को पीसकर इसका लेप बालों में लगानें ले बाल काले,घने,मुलायम और रूसी रहित रहतें हैं.
#11.सुखी हुई मेथी में एक विशेष किस्म की खूशबू पायी जाती हैं,जो कई मानसिक समस्याओं जैसें डिमेंसिया,मिर्गी और चक्कर का बहुत ही प्रभावी इलाज हैं,इसके लिये इसके सुखे हुई पत्तियों को नियमित रूप से सूंघना चाहियें.


हाइपोथाइराँडिज्म के बारें में जानियें



रविवार, 24 अप्रैल 2016

पालक spinach,मेथी,Fenugreek,


पालक विश्व भर में खायी जानें वाली एक सब्जी हैं.पालक अपनें विशिष्ट गुणों के कारण औषधि के रूप में भी बराबर महत्व रखती हैं.वैसै तो पालक बारह महिनें उपलब्ध रहती हैं,परन्तु सर्दीयों के मोसम में उगाई जानें वाली पालक गुणों से भरपूर होती हैं.
पालक की सब्जी
 पालक

#पालक में उपस्थित तत्व ::

#१. विटामिन ए
#२. विटामिन सी
#३. फोलिक एसिड़
#४. सोड़ियम
#५. आयरन
#६. मैगनीज
#७. पोट़ेशियम
#८.प्रोटीन
#९. कैरेटीनोएड़
#१०. डायटरी फायबर.
तथा अन्य सूक्ष्म तत्व.

#उपयोग::

#१. पालक में पाया जानें वाला फ्लैवोनोएड़ बढ़ती उम्र के दुष्प्रभावों जैसें याददाश्त में कमी को नियत्रिंत कर मानसिक तंदुरूस्ती प्रदान करता हैं,इसके लियें आधे कप पालक के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहियें.
#2. पालक कब्ज को नष्ट करनें वाली अचूक दवा हैं,यदि कब्ज से परेशान हो तो रोज़ रात को भोजन के पश्चात बीस पालक पत्तियों को गाजर या मूली के साथ चबाकर खायें.
#3.आँखों से संबधित समस्या जैसे कम दिखाई देना,पानी आना,लाल होना आदि में पालक गाजर के साथ पीस लें और इसे सुबह शाम एक कप खाली पेट़ पीयें इस रस को आप आँखों में भी दो-दो बूँद डालते रहें.
#4.   गर्भवती स्त्री यदि साबूत पालक का रस नियमित रूप से  पीती हैं,तो सुरक्षित प्रसव के साथ संतान पूर्ण स्वस्थ होती हैं,और जन्म के साथ होनें वाला पीलिया नहीं होता हैं.साथ ही स्त्री को दूध पर्याप्त मात्रा में आता हैं.
#5. जिन माताओं को दूध नहीं आनें की समस्या हो उन्हे शतावरी के साथ पालक रस मिलाकर पीलायें.
#6. पालक में उपस्थित एंटीआक्सीडेन्ट शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकाल देता है,अत:जो व्यक्ति धूम्रपान और शराब का सेवन करते हैं,उन्हें पालक रस के साथ आँवला रस मिलाकर अवश्य सेवन करते रहना चाहियें.
#7.  खून की कमी और पीलिया होनें पर पालक का रस अवश्य सेवन करना चाहियें इसके लिये पालक रस में शहद डालकर उपयोग करें.
#8. शरीर के खून को साफ रखनें में पालक रामबाण औषधि हैं,यदि पालक पत्तियाँ को उबालकर उबलें पानी में हल्दी, अदरक,ग्वारपाठा रस एक चोथाई मिलाकर सेवन करें.
#9. पालक मधुमेह को नियंत्रित करती हैं,क्योंकि इसमें लिपोइक एसिड़ पाया जाता हैं,जो रक्त से शर्करा की मात्रा को घटाता हैं,अत: पालक को चबाकर नियमित रूप से खानें से मधुमेह नियत्रिंत होता हैं.
#10. घाव या फोडा होनें पर तथा चोंट,मोंच वाले स्थान पर पालक का लेप लगायें.
#11.सर्जरी के बाद पुन: तेजी से स्वस्थ होनें के लिये पालक मूंग की दाल के साथ सेवन करें.
#12.पालक में ascorbic acid पर्याप्त मात्रा में होता हैं,अत: इसके डंठल को चबाकर खानें से पायरिया,मुँह की दुर्गंध और दांतो से संबधित सभी समस्या दूर होती हैं.
#13.इसमें विटामिन सी और बीटा केरोटीन होता हैं,यदि सदियों में इसका सेवन नियमित अंतराल पर किया जावें तो जोड़ो की तक़लीफ और टी.बी.होनें की संभावना नगण्य रह जाती हैं.

#सावधानियाँ

#1.हमेशा रस या खानें वाली पालक ताजी हो इस बात का विशेष ख्याल रखें.
#2.  उपयोग से पूर्व कुछ देर के लियें पालक को पानी में डूबोकर रख दें.
#3. पथरी की समस्या होनें पर पालक का सेवन न करें.
#4. पालक रस को लम्बें समय तक फ्रीज में ना रखें हमेशा ताजा ही रस प्रयोग करें.


#मेथी (fenugreek) 

मेथी fenugreek
                             मेथी [fenugreek]

मेथी दो प्रकार की होती हैं, एक साधारण मेथी दूसरी कसूरी मेथी .साधारण मेथी तेजी से बढ़नें वाली होती हैं,वही कसूरी मेथी की बढ़वार धीमी होती हैं.मेथी की पत्तियाँ और बीजों का सब्जी तथा औषधि के रूप में प्रयोग होता हैं.

#पाये जानें वाले पोषक तत्व 

प्रति सौ ग्राम हरी मेथी और बीज़ में पाये जानें वालें तत्व
हरी पत्ती 

 नमी.  प्रोटीन.  वसा.  रेशा.  कार्बोहाइड्रेट.  ऊर्जा.  
86.1.  4.4.     0.9.    1.1.     6.0gm.          49 kg/cal.
आयरन.   विटामिन B-2. विटामिन C  कैल्सियम
 19.3mg.  0.3mg.            53.             395

बीज

     नमी.    प्रोटीन.   वसा.  रेशा. कार्बोहाइड्रेट. 
     8.8.      23.       7.      10 .      58.4

 ऊर्जा      कैल्सियम.    आयरन.   विटा.B-2.
323.         175.             34.        2.0.                
 विटा.c
3.0.
इसके अलावा मेथी में वाष्पशील तेल, स्थिर तेल, स्टेराइड यौगक फेनूग्रीकाइन,ट्राइगोनेलाइन,डाइओस्जेनिन,कोलाइन एँव मोलानिक एसिड़ पायें जातें हैं.

#उपयोग::-

#1. मेथी के बीज का चूर्ण एक-एक सुबह शाम खाली पेट़ लेने से मोट़ापा कम हो जाता हैं.

#2. मधुमेह (Diabetes) होनें पर मेथी के ढंठल को बारीक चूर्ण बना ले इस चूर्ण को भोजन पश्चात सुबह शाम लेते रहनें से मधुमेह नियत्रिंत रहता हैं.

#3. मेथी की सूखी हुई पत्तियों में एल्कलाइड़ बहुतायत पाया जाता हैं,जो भूख बढ़ाता हैं,और शरीर से विषेले पदार्थों को बाहर निकालता हैं.

#4. इसकी सूखी पत्तियों की सब्जी गर्मीयों में शरीर को शीतलता प्रदान करती हैं.

#5. मेथी की पत्तियों को उबालकर इसके बचे हुयें पानी से बाल धोनें पर बालों का झड़ना बंद हो जाता हैं.

#6. पीलिया होनें पर कच्ची गीली पत्तियाँ मिस्री के साथ खिलानें से पीलिया रोगी शीघृ स्वस्थ हो जाता हैं.

# 7.मेथी में पाया जानें वाला डाइओस्जीन स्टेराइड़ उत्तम गर्भ निरोधक हैं.इसके लिये मेथी बीज पीसे हुयें  दो-दो चम्मच सुबह शाम आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लें.

#8.मेथी के बीजों को पीसकर सरसों तेल मिलाकर मोच वाले स्थान पर रखनें से मोच शीघृता से ठीक हो जाती हैं.

#9. खून की कमी वाली गर्भवती स्त्रीयों को लोहे की कढ़ाई में सब्जी बनाकर खिलाते रहनें से खून की कमी अतिशीघृ दूर हो जाती हैं.

#10.मेथी के बीजों को पीसकर गर्म पानी के साथ पेस्ट बना लें,यह पेस्ट नहानें के एक घंटा पूर्व बालों में लगानें से रूसी [Dandruff] की समस्या समाप्त हो जाती हैं.

#11.सुखी हुई मेथी में एक विशेष किस्म की खूशबू पायी जाती हैं,जो कई मानसिक समस्याओं जैसें डिमेंसिया,मिर्गी और चक्कर का बहुत ही प्रभावी इलाज हैं,इसके लिये इसके सुखे हुई पत्तियों को नियमित रूप से सूंघना चाहियें.






प्रदूषित होती नदिया(River) कही सभ्यताओं के अंत का संकेत तो नही

विश्व की तमाम सभ्यताएँ नदियों के किनारें पल्लवित हुई हैं,चाहे मेसोपोटोमिया हो या हड़प्पा यदि नदिया नही होती तो न ये सभ्यताएँ होती और ना ही...