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फ़रवरी, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

sarkari nokri KE liye samany gyan सरकारी नौकरी के लिये सामान्य ज्ञान

sarkari nokri KE liye samany gyan प्रश्न 1.राजधानी दिल्ली से आगरा स्थानांतरित करनें वाला शासक कोंन था ? उत्तर = सिकन्दर लोदी ने राजधानी दिल्ली से आगरा स्थानांतरित की थी । सिकन्दर लोदी ने ही सन् 1504 में आगरा नगर की स्थापना की थी । प्रश्न 2.भारत में प्रथम पुर्तगाली गवर्नर कौंन था ? उत्तर = अल्मीड़ा भारत में पुर्तगाल का प्रथम गवर्नर था ।  सरस्वती माता प्रश्न 3."दीन - ए - इलाही" धर्म किसनें चलाया था ?  उत्तर = दीन - ए - इलाही अकबर द्धारा चलाया गया धर्म था । प्रश्न 4.प्रसिद्ध चीनी यात्री फाह्यान किस समय और किसके शासनकाल में भारत की यात्रा पर आया था ? उत्तर = चीनी यात्री फा्ह्यान  सन् 399 ई.से सन् 414 तक भारत यात्रा पर आया था । जिस समय वह भारत यात्रा पर आया था उस समय भारत पर  "चन्द्रगुप्त द्धितीय " विक्रमादित्य का शासन था । प्रश्न 5.भारत में " जजिया कर " लगानें वाला प्रथम मुस्लिम शासक कौंन था ? उत्तर = "मुहम्मद - बिन - कासिम " प्रथम मुस्लिम शासक था जिसनें अरब आक्रमण  के पश्चात सिंध में  " जजिया कर " लागू

MR खसरा रूबैला टीकाकरण के बारें में पूछे जानें वालें सामान्य प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न १ .खसरा रोग क्या हैं तथा यह कैसे फैलता हैं ? MR tikakaran उत्तर = खसरा वायरस से फैलने वाला जानलेवा रोग हैं । खसरा रोग के कारण khasara rog ke karan बच्चों में विकलांगता या असमय मृत्यु हो सकती हैं । प्रश्न २.खसरा रोग कैसे फैलता हैं ? उत्तर = खसरा  एक संक्रामक रोग sankramak rog हैं जो खसरा प्रभावित व्यक्ति के छींकनें ,खाँसने से फैलता हैं । प्रश्न ३.खसरा के लक्षण khasara KE lakshan क्या हैं ? उत्तर = खसरे के लक्षण khasare KE lakshan निम्न हैं १.चेहरें या शरीर पर गुलाबी लाल दानें या चकतें होना । २.अत्यधिक बुखार । ३.खाँसी khansi ४.नाक बहना ५.आँखों का लाल होना प्रश्न ४.खसरा - रूबैला टीकाकरण MR tikakaran किन - किन बीमारीयों से सुरक्षा प्रदान करता हैं ? उत्तर ::: खसरा - रूबैला टीकाकरण MR tikakaran खसरा और रूबैला बीमारीयों से सुरक्षा प्रदान करता हैं ।   प्रश्न ५.यदि गर्भवती स्त्री को MR tikakaran से प्रतिरक्षित कर दिया जायें तो क्या होनें वाला बच्चा congenital rubella syndrome से सुरक्षित रहेगा । उत्तर = हाँ,यदि गर्भवती स्त्री को रूबैला के प्

वयस्कों का भी टीकाकरण होता हैं जानकर कई बीमारीयों के खतरें से आप और आपका परिवार बचा रह सकता हैं

वयस्कों का भी टीकाकरण होता हैं जानकर कई बीमारीयों के खतरें से आप और आपका परिवार बचा रह सकता हैं भारत में टीकाकरण नाम आतें ही आँगनवाड़ी या स्वास्थ्य केन्द्र की वह तस्वीर मन में तैरती हैं जहाँ बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हो रहा होता हैं । हमारें यहाँ टीकाकरण बच्चों तक ही सीमित हैं वयस्क टीकाकरण vayask tikakaran की याद हमें तब आती हैं जब अमेरिका या यूरोपीय देशों की यात्रा करनी हो क्योंकि इन देशों में वयस्क टीकाकरण भी राष्ट्रीय टीकाकरण  tikakaran का हिस्सा माना जाता हैं । आईये जानतें है वयस्क टीकाकरण के बारें में की यह टीकाकरण किन बीमारीयों से बचाव के लिये किया जाता हैं । हेपेटाइटिस से बचाव हेतू टीकाकरण Hepatitis se bachav hetu tikakaran  हेपेटाइटिस यकृत liver से संबधित गंभीर बीमारी हैं । हेपेटाइटिस कई प्रकार की होती हैं जैसें हेपेटाइटिस ए,बी,सी,  इस बीमारी से बचाव हेतू निश्चित अंतराल पर दो से तीन टीके लगायें जातें हैं जिससे हेपेटाइटिस बीमारी से बचाव हो जाता हैं । ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव हेतू टीकाकरण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस या HPV वैक्स

बिल्वादि चूर्ण । शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधी

बिल्वादि चूर्ण :::   बिल्वादि चूर्ण के घटक द्रव्य :::   #बिल्वादि चूर्ण १.बेलगिरी, २.नागरमोथा, ३.छोटी इलायची, ४.श्वेत चंदन, ५.लाल चंदन, ६.अजवाइन, ७.अजमोदा, ८.निशोथ, ९. चित्रक छाल, १०. विडनमक , ११. अश्वगंधा , १२.खरेटी की जड़, १३.पिप्पली, १४. वंशलोचन , १५.शुद्ध शिलाजीत #बिल्वादि चूर्ण के फायदे bilvadi churan k fayde १.मस्तिष्क रोग, २.स्नायु संबधी रोग, ३.उदर रोग, ४.पेट के छाले या ग्रहणी रोग, #मात्रा ::: ३ से ६ ग्राम वैघकीय परामर्श द्धारा दूध छाछ या जल के साथ ० पंचनिम्ब चूर्ण ० निर्गुण्डी ० गाजरघास का उन्मूलन कैसे करें ० गिलोय के फायदे कैशोर गुग्गुल त्रयोदशांग गुग्गुल ० लक्ष्मीविलास रस नारदीय के फायदे

शास्त्रो के अनुसार भोजन करने का तरीका कैसा होना चाहिए जिससे 100 साल जिन्दा रहें

शास्त्रो  के अनुसार भोजन करने का तरीका कैसा होना चाहिए जिससे 100 साल जिन्दा रहें   आप जानतें हैं हमारें प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथों ने मनुष्य की आयु का निर्धारण सौ वर्ष माना हैं । प्राचीन काल में व्यक्ति का शतायु होना कोई अचरज की बात नही होती थी आखिर वे कौंन से खानपान के नियम थे जिनका पालन करने से व्यक्ति सौ साल की जिंदगी जीता था आईये जानतें हैं ---  भोजन करने के नियम भोजन कैसा होना चाहिये ? तस्यसाद्धुण्यमुपदेक्ष्याम : उष्णमश्नीयादुष्णंहिभुज्यमानंस्वदतेभुक्तज्ञ्चाग्निमुदीय्र्यमुददीरयति। क्षिप्रज्चरांगच्छति वात ज्चानुलोमयति श्लेष्माणज्चपरिशोषयतितस्मादुष्णमश्नीयात्।। भोजन कैसा होना चाहियें इसका उल्लेख शास्त्रों में बहुत विस्तारपूर्वक किया गया हैं और लिखा हैं कि भोजन सदैव गर्म और ताजा ही ग्रहण करना चाहियें । गर्म भोजन की स्वाद शक्ति बहुत ही उत्तम रहती हैं और इस आहार से  भूख बढ़कर आहार को शीघ्रता से पचा देती हैं । वैज्ञानिक रूप से देखा जाये तो भी गर्म भोजन समस्त प्रकार के हानिकारक कीटाणुओ से मुक्त होकर शीघ्रता से पचनें वाला माना गया हैं । गर्म भोजन करनें से पेट की वा

कोरोना वायरस का आयुर्वेदिक इलाज

कोरोना वायरस का  आयुर्वेदिक इलाज *कोरोना वायरस से घबराये नहीं इस की दवा भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा ग्रंथों में वसाका नाम से वर्णित है और लक्षणों के आधार पर कोरोना वायरस काआयुर्वेदिक इलाज निम्न हैं   कोरोना वायरस *कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण ० वायरस क्या होता हैं 1. तेज बुखार 2. बुखार के बाद खांसी का आना 3. बेचैनी, सिरदर्द और मुख्य रूप से श्वसन संबंधी परेशानी महसूस होना भारतीय लोगों को कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसके रोग के लक्षणों का वर्णन हमारे प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में दिया हुआ है आयुर्वेद में दवा का नाम वसाका (अरडूसा)  नाम से उपलब्ध है। *आयुर्वेदिक इलाज  आयुर्वेद के सभी कफ सिरफ में वसाका का उपयोग होता है इसलिए आप किसी भी कंपनी का आयुर्वेदिक कफ सिरफ ले सकते है।   *आयुर्वेदिक इलाज  (1) गोजिव्हादि क्वाथ 10 ग्राम,  (2)महासुदर्शन चूर्ण 01 ग्राम,  (3)गिलोय की हरी ताजा लकड़ी 12 ईंच बड़ी,  (4)तुलसी पत्र 5 - 7,  (5)कालीमिर्च 3 - 4, (6) सोंठ पाऊडर 1 ग्राम,  (7)अडुसा के ताजा पत्र 4 - 5, (8) हल्दी पाउडर 1 से

पंचनिम्ब चूर्ण :: शास्त्रोक्त आयुर्वेद औषधी

इस लेख में मैं आपको शास्त्रोक्त आयुर्वेद औषधी "पंचनिम्ब चूर्ण " के बारें में जानकारी देंगे । पंचनिम्ब चूर्ण ::: शास्त्रोक्त आयुर्वेदिक औषधी  पंचनिम्ब चूर्ण  पंचनिम्ब चूर्ण के  घटक द्रव्य   :: १. नीम छाल २.नीम फूल ३.नीम पत्ती ४.हरड़  ५.बहेड़ा  ६.आँवला ७.शुण्ठी या सौंठ ८.मरिच  ९. पिप्पली  १०.ब्राम्ही ११.गोखरू १२.शुद्ध भल्लाटक १३.चित्रक १४.विड़ंग १५.वराहीकंद १६.लौहभस्म १७.गिलोय १८.हरिद्रा (हल्दी)   १९.दारूहरिद्रा २०.बाकुची २१.अश्वगंधा २२.शर्करा  २३.कूठ २४.इन्द्रजौ  २५.पाठा २६.आसनकाष्ठ क्वाथ  २७.  खदिरछाल क्वाथ २८.पंचनिम्ब क्वाथ २९.भृंगराज स्वरस ३०.नीम पत्ती क्वाथ          उपयोग ::: पंचनिम्ब चूर्ण त्वचा रोगों की सर्वोत्तम शास्त्रीय आयुर्वेद औषधी हैं यह निम्न रोगों का प्रभावी रूप से शमन करती हैं  १.कुष्ठ २.महाकुष्ठ ३.पित्ती उछलना  ४.एलर्जी ५.दाद ६.ख