संदेश

फ़रवरी, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारत में सड़क दुर्घटनाएँ कारण और समाधान [ROAD ACCIDENT]

चित्र
 सड़क दुर्घट़ना का दृश्य #भारत में सड़कों के माध्यम से होनें वाला माल एँव यात्री परिवहन का क्षेत्र सर्वाधिक  हैं,जहाँ सम्पूर्ण यात्री परिवहन का 87% तथा माल परिवहन का 65% सड़कों के माध्यम से पूरा होता हैं.किन्तु इस मामलें का दूसरा स्याह पक्ष सड़कों पर बढ़ती वाहन दुर्घट़नाओं से जुड़ा हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड़़ ब्यूरों के आकंड़ो की मानें तो भारत में सड़क दुर्घट़नाओं में प्रतिवर्ष 1.50 लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं.और लगभग इतनें ही अपंग हो जातें हैं.बढ़ती सड़क दुर्घट़नाओं केे कारण भारत सड़क दुर्घट़नाओं की वैश्विक राजधानी (world capital) बनता जा रहा हैं. दुनियाभर में उपलब्ध वाहनों में भारत की हिस्सेदारी मात्र एक प्रतिशत हैं किन्तु दुनियाभर में होने वाले सड़क हादसों में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की हैं । भारत में प्रत्येक घंटे 17 व्यक्ति सड़क दुर्घटना में काल के गाल में समा जाते हैं । इन बढ़ती दुर्घट़नाओं के कई कारण हैं जैसें # कारण :: #1.नशा करके वाहन चलाना :: भारत में होनें वाली सड़क दुर्घट़नाओं में 75% दुर्घट़नाएँ किसी न किसी प्रकार का नशा करके वाहन चलानें से होती है

पश्चिमी संरक्षणवाद और ब्रिक्स [BRICS]

ब्रिक्स [BRICS] क्या हैं ::: ब्रिक्स की स्थापना सन् 2009 में हुई थी.यह ब्रिक्स विश्व के पाँच देशो का संगठन हैं,जिसमें सम्मिलित हैं, ब्राजील,रूस,इंड़िया, चायना और दक्षिण अफ्रीका.इन राष्ट्रों के प्रथम अक्षरों से इस संगठन का नाम BRICS पड़ा.आरम्भ  में इस संगठन में केवल चार ही देश थें,तत्पश्चात 2010 में दक्षिण अफ्रीका को सम्मिलित कर इसकी सदस्य संख्या पाँच हो गई. इतिहास ::: ब्रिक संगठन की उत्पत्ति के पीछे गोल्ड़मैन सेच बैंक की 2003 में प्रकासित रिपोर्ट "Dreaming with BRICS : The path to 2050" को माना जाता हैं,जिसमें इन देशों की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को एक दूसरें के पूरक मानकर इनके मध्य सहयोग की भावना पर प्रकाश डाला गया था. इसी रिपोर्ट की भावना से प्रेरित होकर सन् 2008 में चार राष्ट्रों (ब्राजील,रूस,इंड़िया, चायना) के विदेश मंत्रीयों का सम्मेलन हुआ जिसमें निर्णय लिया गया कि ये देश नियमित शिखर सम्मेलन कर मिलते रहेंगें. प्रथम सम्मेलन ::: ब्रिक्स का प्रथम शिखर सम्मेलन जून 2009 में रूस के शहर येकैटिरनबर्ग में आयोजित किया गया था.जिसमें ब्राजील के राष्ट्रपति लुई इ

भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र [BHAGVAN SHRI RAM]

चित्र
 Shri ram #भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र रामायण या रामचरित मानस सेकड़ों वर्षों से आमजनों द्धारा पढ़ी और सुनी जा रही हैं.जिसमें भगवान राम के चरित्र को विस्तारपूर्वक समझाया गया हैं,यदि हम थोड़ा और गहराई में जाकर राम के चरित्र को समझे तो सामाजिक जीवन में आनें वाली कई समस्यओं का उत्तर उनका जीवन देता हैं जैसें ● आत्मविकास के 9 मार्ग #१.आदर्श पुत्र ::: श्री राम भगवान अपने पिता के सबसे आदर्श पुत्र थें, एक ऐसे समय जब पिता उन्हें वनवास जानें के लिये मना कर रहें थें,तब राम ही थे जिन्होनें अपनें पिता दशरथ को सूर्यवंश की परम्परा बताते हुये कहा कि रघुकुल रिती सदा चली आई | प्राण जाई पर वचन न जाई || एक ऐसे समय जब मुश्किल स्वंय पर आ रही हो  पुत्र अपनें कुल की परंपरा का पालन करनें के लिये अपने पिता को  कह रहा हो यह एक आदर्श पुत्र के ही गुण हैं. दूसरा जब कैकयी ने राम को वनवास जानें का कहा तो उन्होनें निसंकोच होकर अपनी सगी माता के समान ही कैकयी की आज्ञा का पालन कर परिवार का  बिखराव होनें से रोका. आज के समय में जब पुत्र अपनें माता - पिता के फैसलों

WHAT IS AIDS। एड्स क्या है । एचआईवी और एड्स में क्या अंतर है । एड्स और समाज

चित्र
#1.एड्स क्या है [WHAT IS AIDS]   विश्व एड्स दिवस एड्स का पूरा नाम एक्वायर्ड़ इम्यूनों डेफिसेएन्सी सिंड्रोंंम Acquired immuno deficiency syndrome हैं. यह वायरसजनित रोग हैं,जिसमें शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र इतना कमज़ोर हो जाता हैं,कि सामान्य बीमारी भी उपचार के द्धारा ठीक नही होती हैं. अत:एड्स कोई बीमारी नही हैं,बल्कि बीमारीयों से लड़नें की शरीर की प्राकृतिक क्षमता का हा्स हैं.और ऐसी अवस्था में व्यक्ति साधारण बीमारी के भी चपेट़ में आकर मृत्यु को प्राप्त हो जाता हैं. #2.एच.आई.वी.[H.I.V.] ::: एड्स के लियें जिम्मेदार वायरस का नाम HIVहैं.इसका पूरा नाम ह्यूमन इम्यूनोंडिफिसिएंसी वायरस (Human immunodeficiency virus) हैं.इस वायरस की खोज 1983 में फ्रांस के लक मोंटेगनियर नामक scientist ने की थी.  HIV VIRUS HIV वायरस भी दो प्रकार का होता हैं :: • HIV - 1 • HIV - 2 हमारें शरीर में टी - लिम्फोसाइट नामक प्रतिरक्षी कोशिकाएँ होती हैं,यह कोशिकाएँ रोगाणुओं से शरीर की रक्षा करती हैं.किन्तु जब HIV कोशिकाँए शरीर में प्रवेश करती हैं,तो टी - लिम्फोसाइट कोशिका की सतह पर स्

हाइपोसलाइवेशन यानि लार का कम बनना

हाइपोसलाइवेशन यानि लार का कम बनना लार मनुष्य शरीर की कार्यपृणाली को सुचारू चलानें मे महत्वपूर्ण योगदान देती हैं.क्योंकि इसके माध्यम से अाहार का पाचन बड़ी सरलता से होता हैं.किन्तु यदि लार का बनना हमारें मुँह  में कम हो जाता हैं,या लार ग्रन्थिया पर्याप्त मात्रा में लार का उत्पादन नही कर पाती हैं,तो इस अवस्था को हाइपोसलाइवेशन कहते है.इस बीमारी के कई लक्षण हैं,जैसे #लक्षण ::: १.मुँह का सुखना . २.बोलचाल में तकलीफ़ होना ३.खाने - पीनें ,निगलने में परेशानी होना. ४.मुँह में सक्रंमण होना. ५. बार - बार छाले होना. #कारण ::: १.लार ग्रन्थियों का अपर्याप्त विकास जिसकी वजह से छोटी उम्र से ही यह समस्या पैदा हो जाती हैं. २.लार ग्रन्थियों में होनें वाला कोई जीवाणुजनित संक्रमण जिससे लार बनना बंद हो जाती हैं. ३.कोई विशेष दवाईयों के प्रभाव की वजह से भी लार बनना बंद हो सकती हैं. ४.कोई बीमारी के प्रभाव से भी  लार उत्पादन की प्रक्रिया बाधित होती हैं,जैसे गठिया रोग में अधिकांशत: देखा गया हैं. ५.बार - बार होनें वाला डिहाइड्रेशन लार उत्पादन में कमी पैदा कर देता हैं. ६.बच

सामान्य अध्ययन { GENERAL KNOWLEDGE}

1. Kanchenjunga is the highest mountain peak in India it is situated on the border between  India and Nepal. 2. Razia sultan  was the first and the last woman ruler of Delhi. 3.The lowest layer of earth's atmosphere is  Troposphere. 4.Rain drops are spherical due to  surface tension. 5.Soft water can be easily identified by its characteristic of  Forms lather with soap. 6. Sulphur dioxide  is responsible for acid rain. 7.The working principal of washing machine is  Centrifugation. 8.Soil PH of acidic soil can be improved by  Adding lime. 9. Venus  is the hottest planet of our solar system. 10.The largest gland in the body is  Liver. 11. Uranium, plutonium and Radium  is a radioactive material. 12.  Malala Yousafzai , a Noble laureate was shot by Taliban to silence her fight against Right to girl education. 13. The author of world famous Harry potter series is  Jk Rowling. 14.The term Hypoxia refers to  Lack of oxygen. 15.mc mohan line demarcates the boundary between 

मधुमक्खी पालन एक लाभदायक व्यवसाय [Honeybee]

चित्र
 मधुमक्खी पालन(एपीकल्चर) जिस प्रकार से शहद की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं,उसकी पूर्ति के लिये मधुमक्खी पालन (एपीकल्चर) एक लाभप्रद व्यवसाय बन गया हैं.यदि हम उचित विधि अपनाकर मधुमक्खी पालन को अपनायें तो न केवल मधुमक्खी पालन से लाभ कमा सकते हैं,बल्कि फसलों और फूलों की पैदावार भी  बढ़ा सकते हैं क्योंकि मधुमक्खी फसलों का परागण की दर तीव्र कर देती हैं.आईयें जानतें मधुमक्खी पालन के बारें में #1.शहद निर्माण की प्रक्रिया ::: मधुमक्खी एक साथ समूह में रहती हैं, प्रत्येक मधुमक्खी का काम बँटा रहता हैं जैसे एक समूह में एक रानी मधुमक्खी, लगभग 100 नर मधुमक्खी तथा 20 से 60 हजार नपुसंक श्रमिक मधुमक्खीयाँ होती हैं. श्रमिक मधुमक्खी फूलो से रस व पराग मुहँ में भरकर लाती हैं,व छत्ते पर आकर मुहँ खाली कर देती हैं,कुछ मधुमक्खीयाँ अपने मुख से रस को ऊपर निचें करती रहती हैं,फलस्वरूप रस गाढ़ा हो जाता हैं,इन मधुमक्खीयों  के शरीर से एक इनवर्ट नामक एंजाइम निकलता हैं,जिसके फलस्वरूप शहद मीठा हो जाता हैं.लगभग 100 ग्राम शहद बनानें में मधुमक्खी को 1 लाख बार फूलों के चक्कर लगानें पड़ते हैं. #मधुमक्खी

LOGISTIC EXCHANGE MEMORANDUM OF AGGREMENT {लेमोआ}

लेमोआ का पूरा नाम क्या हैं :::: लेमोआ का पूरा नाम लाजिस्टिक एक्सचेंज मेमोंरेंड़म आफ एग्रीमेंट़ (logistic exchange memorandum of aggrement) हैं. इसके बारें में विस्तारपूर्वक चर्चा करें ::: लेमोआ भारत और अमेरिका के बीच होनें वाला सैन्य सुरक्षा समझोता हैं,जिसमें भारत और अमेरिका की सेनायें एक दूसरें की सुरक्षा आवश्यकताओं के मद्देनजर एक दूसरे के आर्मी बेस,नेवी बेस और एयर बेस का उपयोग कर सकेगें.जिससे एक दूसरे की सुरक्षा आवश्यकताएँ पूरी हो सकें. समझोतें के रणनितिक पहलू  यह समझोता भारत के लिये भी उतना महत्व रखता हैं,जितना अमेरिका के लिये क्योंकि दक्षिणी एशिया में चीन का दबदबा और आक्रमकता लगातार बढ़ रही हैं.चाहे दक्षिणी चीन सागर को लेकर अन्तराष्ट्रीय पंचाट के फेसले के खिलाफ जाना हो या पाकिस्तान अधिक्रत कश्मीर से गुजरनें वाले इकाँनामिक कारिडोर को लेकर भारत को चेतावनी देना हो,चीन अपने मंसूबे साफ कर चुका हैं,और यदि भारत को सम्प्रभु राष्ट्र के रूप में चीन की चुनोंतीयों से निपट़ना हैं,तो अमेरिका जैसे मज़बूत सुरक्षा साझीदार का होना अत्यन्त आवश्यक हैं.इस समझोते के अन्तर्गत दोनों देश

महान भारतभूमि के आदर्श विचार [MAHAN BHARATBHUMI KE Aadarsh vichar]

दोस्तों मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति हैं,यह बात सदियों से हमारें पूर्वज कहते आये हैं,और आज के समय में भी हम इस बात को मानतें हैं,मनुष्य ने अपने शक्तिशाली दिमाग की बदोलत पूरें विश्व की भौगोलिक सीमाओं को अनेक साम्राज्यों में विभाजित किया और इन साम्राज्यों पर शासक बन शासन किया =============================================== भारत का वीर सपूत चन्द्रशेखर आजाद होली पर्व स्वास्थ्य का पर्व =============================================== शासक बनने के साथ ही मनुष्य अंहकारों की प्रतिमूर्ति बन बैठा  और विनम्रता,सादगी ,सरलता,दया जैसे शब्द धिरें - धिरें विस्म्रत होकर अंहकार,राग,द्धेष,हिंसा ने मन मस्तिष्क पर शासन करना शुरू कर दिया. बुद्ध,महावीर ने दया,करूणा,प्रेम,विनम्रता,अहिंसा जैसे शब्दों को  अपने आचरण में उतारकर जगत प्रसिद्धि दिलाई वही अंहकार, हिंसा,राग,द्धेष जैसे शब्द भारत पर आक्रमण करनें और यहाँ साम्राज्य स्थापित करनें वालें आक्रान्ताओं के साथ आकर आम जनमानस में फैलें. वैदिक कालीन आक्रान्ताओं,से लगाकर आधुनिक ब्रिटिश आक्रान्ताओं ने भारत में अंहकार ,हिंसा, राग,द्धेष को आम जनमानस

सूक्ष्म लघु और मध्यम उघोग [MSME]

#क्या हैं MSME  सूक्ष्म लघु और मध्यम उघोग अधिनियम  2006,   के अनुसार सूक्ष्म, लघु,और मध्यम उघोग की तीन श्रेणी बनाई गई हैं,जिनमें मुख्यत दो श्रेणी बनाई गई हैं 1.,सेवा 2 . विनिर्माण . #सूक्ष्म उघोग 25 लाख रूपये के निवेश वाले उघोग को सूक्ष्म उघोग के रूप में मान्यता प्रदान की गई है.   #लघु उघोग  25 लाख से 5 करोड़ रूपये वाले उघोग को लघु उघोग के रूप में अधिनियमित किया गया हैं.                 ● मधुमक्खी पालन एक लाभदायक व्यवसाय #मध्यम उघोग  5 करोड़ से 10 करोड़ रूपयों तक निवेश वाले उघोग मध्यम उघोग के रूप में पहचानें जातें हैं. सेवा क्षेत्र के उघोगों में रूपये 10 लाख तक सूक्ष्म, 10 लाख से 2 करोड़ तक लघु,तथा 2करोड़ से 5 करोड़ तक निवेश वाले उघोग मध्यम उघोग कहलातें हैं. भारत की अर्थव्यवस्था की तेजी का प्रमुख आधार और मंदी के दौर में भी अर्थव्यवस्था  को संभालने वाला प्रमुख आधार MSME ही हैं देश के कुल निर्यात का 45 प्रतिशत इसी उघोग से आता हैं.साथ ही लगभग 7 करोड़ कार्यबल को रोजगार प्रदान करता हैं. #समस्या  ::::   वित्तीय समस्या इस क्षेत्र की बड़ी समस्या हैं,star

नक्सलवाद और आतंकवाद

भारत की आज़ादी के समय से ही आंतरिक और बाहरी सुरक्षा चुनोंतिया भारत के समक्ष विधमान रही हैं.कितनी सरकारे आकर चली गई,कितनी ही आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से सम्बंधित जाँच दल जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी परन्तु भारत की सुरक्षा चुनोंतियाँ कम होनें के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं,आईयें जानतें हैं इन सुरक्षा चुनोंतियों के बारें में विस्तार से नक्सलवाद ::: सन् 1975 में पश्चिम बंगाल के छोटे से गाँव नक्सलवाड़ी से शुरू हुआ ये आंदोलन भारत में सबसे लम्बें समय तक चलनें वाले हिंसक आन्दोंलन में से एक माना जाता हैं.वर्तमान में भारत के 11 राज्य और 165 जिले इसकी चपेट में हैं.नक्सलवादी अपनी माँगों के समर्थन में हर साल 1500 से 2000 सुरक्षा बलों की जान ले लेते हैं.छत्तीसगढ़,उड़ीसा के बड़े भू भाग में इन्होनें अपनी समानांतर सरकार स्थापित की हुई हैं.जहाँ नक्सलवादी कानून ही चलता हैं.लेकिन सरकारें इस आंदोलन को कानून और व्यवस्था का सवाल माननें की बजाय शोषण और विकास की वंचना से उपजा रोष ही मानती चली आ रही हैं.इस सम्बंध में दो बुनियादी सवाल उठतें हैं. 1. विकास की वंचना से उपजा रोष हैं,तो आजादी के 70 वर्षों बा

Rapo rate Reserve Rapo rate and cash reserve ratio

रेपो दर (Repo rate)  जिस दर पर रिज़र्व बैंक अन्य  बैंकों को नकदी उपलब्ध करवाता हैं,उस दर को रेपो दर कहा जाता हैं. यदि बाज़ार में नकदी की कमी हो जाती हैं तो बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक से उधार लेकर उस पर रिज़र्व बैंक को ब्याज अदा करतें हैं.इस ब्याज की दर की घोषणा रिज़र्व बैंक समय समय पर अपनी मोद्रिक नितियों के माध्यम से करता हैं. रेपो दर के अधिक होनें या कम होनें का सीधा सम्बंध बैंक के ग्राहकों द्धारा लिये गये लोन से हैं.यदि रेपो दर अधिक होगी तो बैंक भी ग्राहकों से अधिक ब्याज वसूलेंगें.तथा ब्याज दर बढ़ी हुई रहेगी. नक्सलवाद और आतंकवाद रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo rate)  जिस दर पर रिज़र्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों से उधार लेता हैं.उस दर को रिवर्स रेपोदर कहतें हैं.यह रेपो दर का विपरित हैं.  रिज़र्व बैंक को जब यह समाधान हो जाता हैं कि बाज़ार में नकदी का प्रवाह अधिक हो गया हैं,और इससे मुद्रास्फीति होनें की संभावना हैं,तो वह बाज़ार से नकदी उठाने की कार्यवाही करनें लगता हैं. जिससे मँहगाई नियत्रिंत होती हैं. नकद आरक्षी अनुपात (cash reserve ratio) प्रत्येक बैंक को सुरक्षा