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अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सावधान : कोरोनाकाल में कार में बेठते ही कभी न करें ये काम

सावधान : कोरोनाकाल कार में बेठते ही कभी न करें ये काम भारत में कार रखना एक समय उच्च वर्ग का स्टेटस सिंबल बन गया था, किन्तु आज के कोरोनाकाल के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो कार दैनिक जरूरत का एक अंग बन गई है क्योंकि कोरोनावायरस के संक्रमण के मद्देनजर हर कोई सार्वजनिक परिवहन के बजाय निजी वाहन को ही वरीयता देने लगा है।  गर्मी और कोरोनाकाल है और कार घर के बाहर या पार्किंग में 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तापमान में  खड़ी खड़ी भट्टी बन जाती हैं, और यदि हमें कहीं जानों हो तो कार में बैठते ही Air-conditioner चालू कर देते हैं , स्वास्थ के दृष्टिकोण से यह बिल्कुल भी उचित नहीं है आईए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए • कार के अंदर की अधिकांश संरचना प्लास्टिक से निर्मित होती हैं जब कार के शीशे चढ़े हो और कार 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में घर के बाहर खड़ी होती हैं तो कार के अंदर का तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता हैं जो किसी भी प्लास्टिक संरचना को वाष्पित करने के लिए पर्याप्त होता है,50 डिग्री सेल्सियस तापमान में कार के अंदर लगे प्लास्टिक से बैंजीन नामक  जहरीली और कैंसर कारक गैस तथा प्ल

घमोरियां मिटाने के घरेलू नुस्खे

घ मोरियां मिटाने के घरेलू नुस्खे गर्मीयां आते ही कई लोगों को घमोरियां इस तरह परेशान करने लगती हैं कि इनके कारण सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित होने लगती हैं। किंतु यदि समय रहते घमोरियों का घरेलू उपचार कर लिया जाए तो ये बहुत आसानी से ठीक हो जाती हैं। घमोरियां घमोरियां होने का कारण घमोरियां गर्म और नम वातावरण के कारण होती हैं गर्मीयों में  त्वचा की श्वेद ग्रंथियों से निकला पसीना जब लम्बें समय तक त्वचा पर रहता है तो नमी, और गर्मी के कारण छोटी छोटी फुंसियां बन जाती हैं जिन्हें चिकित्सकीय भाषा में मिलिरिया कहते हैं।  घमोरियां  मिटाने के घरेलू नुस्खे 1.ऐलोवेरा  एलोवेरा  घमोरियां मिटाने का सबसे बढ़िया प्राकृतिक उपचार है, घमोरियां होने पर समान मात्रा में एलोवेरा जेल और  गुलाब जल लेकर इन्हें मिला लें और नहाने से 30 मिनिट पहले घमोरियों पर लगा लें तत्पश्चात नहा लें, किंतु ध्यान रहे नहाने में ग्लिसरीन साबुन ही उपयोग करें। 2.बर्फ या ठंडा पानी आइस क्यूब या ठंडे पानी को पालिथीन में भरकर घमोरियों पर 15 - 20 मिनट तक सिकाई करें ऐसा करने से घमोरियां धीरे - धीरे कम होकर कुछ समय बाद स्वत कम हो जाएगी। 3.मिट्टी

Immunotherapy: कैंसर उपचार की नई तकनीक

immunotherapy इम्यूनोथेरेपी क्या है इम्यूनोथेरेपी Immunotherapy कैंसर के उपचार की नवीनतम जैविक तकनीक है जिसमें मनुष्य के प्रतिरोधक क्षमता को कैंसर कोशिकाओं से लड़ने हेतू कृत्रिम रूप से बढ़ा दिया जाता हैं। ताकि प्रतिरोधक कोशिकाएं (T-cell) कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर समाप्त कर सकें। इम्यूनोथेरेपी में प्रयुक्त पदार्थ मनुष्य के शरीर से ही निकाल कर उपचार किया जाता है। इम्यूनोथेरेपी से न केवल प्रथम स्टेज बल्कि चोथी अवस्था तक के सभी प्रकार के कैंसर का निदान सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इम्यूनोथेरेपी के द्वारा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के दो तरीके होते हैं 1.रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं (T-cell) को शरीर से बाहर निकाल कर लेब में मोडिफाइड किया जाता हैं और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता हैं। 2.कैंसर रोगी के शरीर में विशेष रूप से तैयार एंटीबॉडी Antibody पंहुचा कर कैंसर कोशिकाओं को समाप्त किया जाता है। कैंसर कोशिकाएं कैंसर इम्यूनोथेरेपी के प्रकार कैंसर इम्यूनोथेरेपी चार प्रकार की होती हैं 1.T-cell ट्रांसफर थेरेपी या एडाप्टिव सेल थेरेपी adoptive cell therapy T-cell ट्रांसफर थेरेपी या एडाप्टिव सेल थेरेपी में

निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार

निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार  निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार जानने से पहले आईए जानतें है निम्न रक्तचाप क्या होता है  निम्न रक्तचाप क्या होता है  एक सामान्य व्यक्ति का रक्तचाप 120/80 mmhg यानि सिस्टोलिक रक्तचाप 120 mmhg और डायसिस्टोलिक 80 mmhg होता हैं। यह एक आदर्श स्थिति मानी जाती हैं किन्तु जब सिस्टोलिक रक्तचाप 90 mmhg और डायसिस्टोलिक 60  mmhg होता हैं तो इस स्थिति को निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन  कहते हैं।  निम्न रक्तचाप के क्या लक्षण होते हैं  • चक्कर आना • शरीर में कमजोरी आना • हाथ पांव में कमजोरी महसूस होना • आंखों से कम दिखाई देना • शरीर का तापमान कम होना • सिरदर्द होना • उल्टी होना • प्यास अधिक लगना • त्वचा ढीली पढ़ना • त्वचा में पीलापन • मानसिक अवसाद में रहना • सांस बहुत गहरी और अनियमित चलना • बातचीत करने बहुत बोझिल लगना निम्न रक्तचाप के कारण 1.शरीर में पानी और खनिज लवणों की कमी यदि शरीर में पानी और खनिज लवणों जैसे सोडियम पोटेशियम आदि की कमी हो जाती हैं तो शरीर का रक्तचाप कम हो जाता है। सोडियम पोटेशियम जैसे खनिज तत्व रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते ह

कोरानाकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल तो इन बातों की गांठ बांध लें

  कोरोनाकाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कर रहे हैं इस्तेमाल तो इन बातों की गांठ बांध लें प्रथ्वी पर जब से इंसानों का अस्तित्व है महामारीयां भी तभी से इंसानों को चुनौती देती आ रही हैं विश्व युद्ध के बाद यदि किसी ने धरती पर जनसंख्या का सबसे अधिक सफाया किया हैं तो वह महामारी ही है ।  चाहें वह सन् 1918 का स्पेनिश फ्लू हो या सन् 1994 का सूरत प्लेग अब यह अलग बात है कि इंसान महामारीयों पर नियंत्रण करने में अधिकांश समय सफल रहा किन्तु कुछ बीमारीयां इंसानी अस्तित्व के लिए इतनी अधिक चुनोतीपूर्ण साबित हुई कि इनसे निपटने के इंसानी प्रयास नाकाफी साबित होने लगे। कोविड -19 भी इसी प्रकार की एक महामारी है जो अपने स्वरूप में तेजी परिवर्तन लाकर वैक्सीनेशन रुपी इंसानी प्रयासों को नाकाफी साबित करने में लगी है, वुहान से निकलकर अब तक इस बीमारी के वायरस ने नए नए रुप धारण कर लिए हैं जैसे ब्रिटेन स्ट्रेन, दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन, ब्राजील स्ट्रेन आदि । महामारीयों को फैलने से रोकने के लिए किए गए कुछ प्रयास सदैव इंसानों के हाथ में रहें हैं किन्तु इंसान ने इन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया ऐसा ही एक प्रयास हम पब्लिक ट्रा

Hopshoot : दुनिया का सबसे मंहगा फल

 Hopshoot दुनिया का सबसे मंहगा फल भारत में आजकल एक पौधा बहुत चर्चा में हैं इस पौधे का नाम है हाप hop और इस पौधे पर जो फल या कह लें फूल लगता है जिसका नाम हापशूट Hopshoot है। उसकी कीमत है एक लाख रुपए किलो जी हां सही पढ़ा आपने एक लाख रुपए किलो। हापशूट्स   दुनिया का सबसे मंहगा फल   हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि हापशूट्स Hopshoot दुनिया का सबसे मंहगा फल क्यों है?  तो इसका भी हम आपको जवाब दे देते हैं , Hopshoot अपनी मादकता, सुगंध,और औषधीय गुणों के कारण यूरोपीय,अमेरिकन देशों में इतना अधिक लोकप्रिय हैं कि लोग हापशूट को खरीदने के लिए 1 हजार यूरो प्रति किलो यानि भारतीय मुद्रा में तकरीबन 80 हजार से एक लाख रुपए आसानी से खर्च कर देते हैं।  हापशूट का फल,तना, जड़ सबकुछ जटिल बीमारियों को ठीक करने का सामर्थ्य रखते हैं। हापशूट के बीज बियर के स्वाद और इसकी सुगंध को मादक बनाने के लिए भी प्रयोग किए जाते  है। हापशूट हापशूट भांग Cannabaceae कुल का पौधा है जिसका बाटनिकल नाम  botanical name of hops  Humulus lupulus हैं। हापशूट का फल वास्तव में लतारुपी पौधों में लगने वाले एक प्रकार के फूल है ,हापशूट का मूल उद्