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पतंजलि मधुग्रिट : एक वैज्ञानिक विश्लेषण

पतंजलि मधुग्रिट : एक वैज्ञानिक विश्लेषण 

Medically reviewed by. Dr. P. K. Vyas Ayurvedachary 
Dr. N. K. Nagar M.D.Physician 

मधुग्रिट पतंजलि आयुर्वेद का उत्पाद हैं, पतंजलि के अनुसार मधुग्रिट पहले के उनके ही उत्पाद मधुनाशिनी वटी के मुकाबले अधिक वैज्ञानिक कसोटी पर जांचा और परखा गया हैं तो आईए जानतें हैं पतंजलि मधुग्रिट को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से

पतंजलि मधुग्रिट, patanjali Madhugrit


Patanjali Madhugrit ingredients


1.चन्द्रप्रभा वटी 

चन्द्रप्रभा वटी आयुर्वेद की शास्त्रोक्त दवा हैं जो डायबिटीज, और मूत्र संस्थान के रोगों के लिए आयुर्वेदाचार्यो में बहुत लोकप्रिय हैं. चन्द्रप्रभा वटी के बारें में आयुर्वेद में लिखा है

चन्द्रप्रभेति विख्याता सर्वरोगप्रणाशिनी

 अर्थात चन्द्रप्रभा वटी सभी प्रकार के रोगों को जड़ से समाप्त करती हैं.

चन्द्रप्रभा वटी मात्र एक ही औषधि नहीं हैं बल्कि यह विभिन्न प्रकार की औषधियों का मिश्रण हैं.

पतंजलि मधुग्रिट की एक टेबलेट में 200 मिलीग्राम चन्द्रप्रभा वटी होती हैं, आईए जानतें हैं चन्द्रप्रभा वटी में मौजूद घटकों के बारें में


1.हरड़ 
Patanjali Madhugrit ingredients

हरड़ का वैज्ञानिक नाम Terminalia chebula  हैं इसमें बहुत सारे केमिकल मौजूद होते हैं जिनका स्वास्थ्य के लिए लाभकारी प्रभाव हैं जैसे

Chebulinic acid 

National Center for biotechnology information के अनुसार हरड़ में मौजूद chebulinic acid एंटी कैंसर गुणधर्म दर्शाता हैं जो डायबिटीज के कारण होने वाले किसी भी प्रकार के कैंसर को रोकता हैं.

Amino acid 

अमीनो एसिड मधुमेह के कारण क्षतिग्रस्त होने वाली कोशिकाओं की मरम्मत करता हैं जिससे डायबिटिक न्यूरोपैथी से बचाव होता हैं.

2 बहेड़ा Terminalia officinalis

 बहेड़ा में मौजूद beta sitosterol डायबिटीज के कारण ह्रदय में जमा होने वाले कोलेस्ट्रॉल को कम करता है.


3.आंवला Emblica officinalis

आंवला विटामिन सी का प्रमुख स्त्रोत हैं जो डायबिटीज के कारण होने वाले कमज़ोर प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाए रखता हैं.

आंवला में फ्लेविन नामक तत्व होता हैं जो टाइप 1 डायबिटीज को ठीक करने में मदद करता हैं.

4 शोधित लोह भस्म Iron oxide

लोह भस्म या आयरन आक्साइड का उपयोग शरीर में खून की कमी और डायबिटीज के कारण पैदा हुई कमजोरी को दूर करने के लिए होता हैं.

5 हल्दी Curcuma longa

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन रक्त में उपस्थित शर्करा का स्तर कम करता हैं.

2.शुद्ध शिलाजीत Asphaaltum punjabianum 

 पतंजलि मधुग्रिट में शुद्ध शिलाजीत 50 मिलीग्राम में होता आ. शिलाजीत आयुर्वेद चिकित्सा में रसायन औषधि हैं जो शरीर को बल प्रदान करती हैं और किडनी को मजबूत रखती हैं

आयुर्वेद में शिलाजीत के बारे में लिखा गया है

शिलाजं कटु तिक्तोष्णं कटुपाकं रसायनम् छेद योगवशिष्ठ सन्ति कसमे हाश्मशर्करा:मूत्रकृच्छ क्षय श्वास वाताशार्सि च पाण्डुताम् अपस्मारं तथोन्मादं शोथकुष्टोदरक्रिमीन 


 शिलाजीत में eligic acid  मौजूद होता हैं जो खून में मौजूद ग्लूकोज का स्तर घटाता हैं. 


3. गिलोय Tinosspora cordifolia

अमृताया:रस:क्षौद्रयुक्त:सर्वप्रमेहजित् 

अर्थात गिलोय सभी प्रकार के मधुमेह को ठीक करती हैं.

Giloy


मधुग्रिट में 100 मिलीग्राम गिलोय के तने का पावडर होता हैं. गिलोय का तना Magnoflorine, Palmetine, Jatrorrhizine), tannins, cardiac glycosides, flavonoids, saponins नामक केमिकल से समृद्ध होता हैं जो शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाते हैं. 

 गिलोय में मौजूद Barberin नामक केमिकल खून में शर्करा के स्तर को नियंत्रित बनाए रखने में मदद करता हैं.

4. चिरायता Swertia chirayita 

मधुग्रिट में चिरायता 50 मिलीग्राम होता हैं. जो एंटी डायबिटीक गुणधर्म दर्शाता हैं.

चिरायता में मौजूद pichierenol, swerchirin नामक रासायनिक तत्व पैनक्रियाज की बीटा कोशिकाओं से इंसुलिन के उत्पादन के नियमित करता हैं.

5. अश्वगंधा  Withania somnifera 


मधुग्रिट में 25 मिलीग्राम अश्वगंधा जड़ मौजूद होती हैं अश्वगंधा की जड़ में somniferan नामक केमिकल होता हैं जो डायबिटीक न्यूरोपैथी से बचाता है.

अश्वगंधा में मौजूद phytosterol भोजन के Glycemic index को कम करता हैं जिससे भोजन में से शर्करा धीरे धीरे खून में घुलती हैं.

अश्वगंधा शरीर को बलशाली बनाकर कामवासना जागृत करता हैं डायबिटीज के कारण शरीर की ताकत और कामवासना में कमी आने लगती हैं.


6.शतावर Asparagus racemose 

मधुग्रिट में 25 मिलीग्राम शतावर की जड़ होती हैं.

शतावर में मौजूद sapogenin, shatavarin, saponins जैसे तत्व मौजूद होते हैं जो पैनक्रियाज की बीटा कोशिकाओं से इंसुलिन के स्त्राव को बढाते हैं.

7 . इन्द्रायण Citrullus Colocynthis

इन्द्रायण की 10 मिलीग्राम जड़ मधुग्रिट में मौजूद होती हैं. इन्द्रायण में मौजूद flavonoid C glycoside मधुमेह से बचाता है और मधुमेह के कारण पैदा हुई किडनी संबंधित बीमारियों से बचाता हैं.
इन्द्रायण


इन्द्रायण की जड़ में मौजूद एल्कलॉइड और केमिकल hyperglycemia से बचाते हैं.

8. करेला Momordica charanta

पतंजलि मधुग्रिट में 50 मिलीग्राम करेला पावड़र मिला हुआ होता हैं . 

पतंजलि मधुग्रिट में मौजूद करेला पावड़र में Polypeptide-p नामक तत्व प्रचुरता से पाया जाता हैं जो मानव इंसुलिन के समान ही होता हैं और जो अग्नाशय  में प्राकृतिक रूप से इंसुलिन बनना बंद हो जाने पर मानव इंसुलिन की तरह ही कार्य करता हैं. इस तरह पतंजलि मधुग्रिट टाइप 1 डायबिटीज के उपचार के लिए लाभदायक है.

गोली बनाने के लिए आवश्यक तत्व 


Gum Acacia Arabica) 8 Mg,
Talcum (Hydrated Magnesium Silicate) 8 Mg,
MCC (Microcrystalline Cellulose) 16 Mg,
Croscarmellose Sodium (Sodium Carboxymethyle Cellulose) 8 Mg


पतंजलि मधुग्रिट के साइड इफेक्ट्स

• पतंजलि मधुग्रिट हाइपरग्लासिमिया के उपचार में इतनी प्रभावी सिद्ध नहीं हुई हैं यदि इंसुलिन थेरेपी चल रही हैं या मधुमेह की एलोपैथिक दवाईयां लम्बें समय से चल रही हैं तो पतंजलि मधुग्रिट उनको प्रतिस्थापित नहीं कर पाई हैं. हाँ समानांतर रूप से लेने पर पतंजलि मधुग्रिट जरूर प्रभावी सिद्ध हो रही हैं.

• गर्भवती महिलाओं पर इसके ओर अधिक अध्ययन की आवश्यकता हैं.

• खाली पेट पतंजलि मधुग्रिट लेने से चक्कर और उल्टी हो सकती हैं.

• कभी कभी कुछ लोगों को पतंजलि मधुग्रिट लेने के बाद सिरदर्द होता हैं.

पतंजलि मधुग्रिट का उपयोग कैसे करें

2 गोली सुबह शाम भोजन के बाद गुनगुने जल के साथ या फिर वैधकीय परामर्श से.

पतंजलि मधुग्रिट की कीमत

पतंजलि मधुग्रिट के 60 गोली वाले एक पैक की कीमत 300 रूपये हैं.

सन्दर्भ

• https://www.ncbi.nlm.nih.gov
• https://www.webmd.com

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