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शुक्रवार, 25 नवंबर 2016

तनाव प्रबंधन Stress management

 


आजकल की भागती दोड़ती जीवनशैली में हर व्यक्ति इतना तनाव में जी रहा हैं,कि व्यक्ति का सामाजिक, पारिवारिक जीवन संकट़ग्रस्त सा हो गया हैं.यह तनाव कई कारणों से पैदा हो रहा हैं, जैसें असफलता,व्यापार में घाटा,प्रतिस्पर्धा,किसी प्रियजन का बिछड़ना आदि कहनें का तात्पर्य यही कि तनाव हर आमो - ख़ास के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका हैं.एक सर्वेक्षण के मुताबिक दुनिया की 33% आबादी गंभीर तनाव से गुजर रही हैं,और इसमें उन लोगों का प्रतिशत एक तिहाई हैं,जो समाज के शीर्ष पर हैं.




 लोग तनाव से निपट़ने के लिये तरह - तरह की गोली दवाईयों को भी आजमातें हैं,किन्तु तनाव आनें पर उसका प्रबंधन करना सीख लिया जावें तो शायद मनुष्य बिना दवा गोली के बेहतर और लम्बा जीवन जी सकता हैं.

 

#1.ऊँ के उच्चारण द्धारा तनाव प्रबंधन :::

अमेरिका भारत सहित अनेक देशों में ऊँ ध्वनि उच्चारण के मन मस्तिष्क पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया हैं,और इसके नतीजें उत्साह जनक रहें.अमेरिका में 2500 तनावग्रस्त व्यक्तियों को सुबह - शाम 20 बार गहराई से ऊँ उच्चारण करवाया गया ऐसा लगभग 6 माह तक लगातार किया गया 6 माह पश्चात इनके मस्तिष्क की मेंपिंग की गई जिसमें पाया गया कि ऊँ उच्चारित करनें वालें प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में आक्सीजन का स्तर बढ़ गया जिससे उन हार्मोंनों के सक्रिय होनें में मदद मिली जो मूड़ को बेहतर बनातें हैं.
अत: तनाव दूर करनें में ऊँ का उच्चारण किसी चमत्कार से कम नहीं हैं,यह बात हमारी रिषी - मुनि वर्षों से कहतें आयें हैं.ऊँ का उच्चारण तनाव को घट़ाने के अलावा हमारें आसपास के वातावरण को स्पंदित कर सकारात्मक बनाता हैं.
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#2.रंगों के द्धारा तनाव प्रबंधन :::

भारतीय समाज और संस्कृति रंगों के बिना अधूरी हैं,और इसका scientific कारण भी हैं,कि रंग मनुष्य को प्रफुल्लित कर मस्तिष्क को तरोताजा रखतें हैं.जैसें
० सफेद रंग असीम शांति प्रदान करता हैं.
लाल रंग ऊर्जा का संचार करता हैं.
हरा जीवन में खुशियों के संचार का रंग हैं.
केशरिया त्याग और बलिदान सीखाता हैं.
तो जब भी जीवन तनाव में हो इन रंगों को अपनें पहनावें में सम्मिलित कर इन रंगों से प्रेरणा अवश्य ग्रहण करें.

स्वस्थ सामाजिक जीवन के 3 पीलर

#3.ख़ुशबू द्धारा तनाव प्रबंधन :::

हर आदमी ख़ुशबू पसंद करता हैं,चाहे वह किसी भी धर्म,जाति,समाज या सम्प्रदाय को मानता हो अत: तनाव की स्थिति में अपनी मनपसंद प्राकृतिक ख़ुशबू को अपनें कपड़ो ,घरों और अपनी मनपसंद वस्तुओं में रखकर देखिये तनाव छूमतंर हो जायेगा.

#4.सकारात्मक चिंतन द्धारा तनाव प्रबंधन :::

तनाव के समय मनुष्य का मन - मस्तिष्क सबसे ज्यादा नकारात्मक होता हैं.ऐसी हालात में चिंतन भी नकारात्मक ही होगा ,वास्तव में नकारात्मक चिंतन से आयु,स्वास्थ, तेज क्षीण हो जातें हैं.अत: कहा जाता हैं,कि दुख : में भगवत स्मरण करना चाहियें, अर्थात सकारात्मक चिंतन करना चाहियें."महात्मा गाँधी" कहा करते थे कि यदि मेंरा मन उदास होता हैं, तो में हमेशा उस व्यक्ति की कल्पना करता हूँ जो दीन - हीन हैं,और समाज के अन्तिम छोर पर खड़ा हैं.ऐसा सोचनें से मैं पुन: उस व्यक्ति के कल्याण में जुट़ जाता हूँ.
'हरिवंशराय बच्चन' अपनी कविता के माध्यम से संदेश देतें हैं,कि " कोशिश करनें वालों की कभी हार नहीं होती " अत : इन महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा ग्रहण कर सकारात्मक चिंतन करें.

#5.ख़ान पान द्धारा तनाव प्रबंधन :::

कुछ खाद्य पदार्थ हमारे मस्तिष्क में शांति और स्फूर्ति का संचार करते हैं जैसे काजू,बादाम,अखरोट,अंजीर,अलसी हरी सब्जिया और ताजा मौसमी फल इन्हें अपनें खानें की आदतों में जरूर शामिल करें साथ ही नशा और तम्बाकू से दूर रहे.नशा करने और तम्बाकू के सेवन से शरीर में आक्सीजन का स्तर घटता हैं,जो अंतत : तनाव बढ़ानें में मदद करता हैं.

#6.पर्यटन के द्धारा तनाव प्रबंधन :::

कुछ जगह ऐसी होती हैं,जहाँ पहुँचते ही मस्तिष्क तरोताजा होकर सारें तनाव दूर हो जातें हैं,जैसे हील स्टेशन या कोई समुद्री किनारा या फिर कोई धार्मिक स्थान ,वैसे भी देखा गया हैं,कि जो लोग नियमित रूप से घूमनें जातें हैं उनका स्वास्थ और आयु सदैव उनका साथ लम्बें समय तक निभातें हैं.

#7.योग द्धारा तनाव प्रबंधन :::

योगिक क्रियाएँ जैसें कपालभाँति, अनुलोम - विलोम,प्राणायाम और भ्रामरी करनें से तनाव कभी भी मनुष्य के साथ नही रहता हैं.यह बात अनेक शोधों द्धारा साबित हो चुकी हैं.गहरी श्वास लेकर यदि हम अपना ध्यान उन आती जाती श्वास पर केन्द्रित कर कल्पना करें की प्रत्येक अन्दर जानें वाली श्वास हमारी रगो में जाकर असीम शांति प्रदान कर रही हैं, साथ ही प्रत्येक बाहर जानें वाली श्वास जीवन से निराशा दुख को बाहर निकाल रही हैं.यह प्रयोग तनाव घटानें का अचूक उपाय हैं.

# 8. गेंद द्धारा तनाव प्रबंधन :::

रबर की छोटी बाल जो कि कई शारीरिक कसरतों में प्रयोग की जाती हैं,तनाव से निपट़नें का सबसे सरल और सुरक्षित तरीका हैं,हाथ से बाल को बार - बार दबानें से नसों पर दबाव पड़ता हैं,जिससे नसे फैल जाती हैं,और आक्सीजन का अधिक प्रवाह नसों में होता हैं,यह आक्सीजन मस्तिष्क में जाकर तनाव को कम करनें में मदद करती हैं.
बाल को दबानें से एक्यूप्रेशर भी हो जाता हैं,क्योंकि ये हथेली के कई पाइंट पर दबाव डालकर आंतरिक आराम दिलाती हैं.

# 9.संगीत द्धारा तनाव प्रबंधन ::

संगीत की खोज मानव ने अपने खाली समय में मनोरंजन के लिये ही की थी,और वास्तव में संगीत ने मानव मन को सदैंव प्रफुल्लित ही किया हैं.यदि तनाव की अवस्था में मनपसंद संगीत सुना जाये तो शरीर से कार्टीसोल हार्मोंन का स्तर कम हो जाता हैं,जो तनाव उत्पन्न करने वाला प्रमुख हार्मोंन हैं.

जापान के शोधकर्ताओं के मुताबिक यदि आप तनाव में हैं,ओर कोई भावनात्मक फिल्म देखतें हैं,तो तनाव के स्तर में जबर्दस्त कमी दर्ज होती हैं.




प्रदूषित होती नदिया(River) कही सभ्यताओं के अंत का संकेत तो नही

विश्व की तमाम सभ्यताएँ नदियों के किनारें पल्लवित हुई हैं,चाहे मेसोपोटोमिया हो या हड़प्पा यदि नदिया नही होती तो न ये सभ्यताएँ होती और ना ही...