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सितंबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पर्यटन स्थल ग्वालियर और ओरछा [ PARYATAN STHAL GWALIOR AUR ORCHA]

 पर्यटन स्थल ग्वालियर और ओरछा   पर्यटन स्थल                   ।।। ग्वालियर ।।। ग्वालियर मध्यप्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित एक एतिहासिक नगर हैं । यहाँ अनेक राजवंशों ने राज किया जिनमे प्रतिहार , कछवाह और तोमर वंश विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इन राजवंशो ने राजप्रसाद ,मन्दिर,और स्मारकों को बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था । इसके अतिरिक्त अनेक कवियों ,संगीतकारों ,और साधु संतों ने अपने योगदान से इस नगर को अधिकाधिक समृद्धिऔर सम्पनता दी । आज यह नगर भारत के प्रमुख शहरों में शुमार किया जाता हैं जीवन की स्पंदन और हलचल से ओतप्रेत यह नगर देशी विदेशी पर्यटकों के लिये सदैव आकर्षण का केन्द्र रहा हैं । ●ग्वालियर का इतिहास ::: आठवी शताब्दी में सूरज सेन नामक राजा यहाँ राज करता था । वह एक बार वह भयंकर बीमारी से ग्रस्त हो गया अनेक वैधों से इलाज करवाने के बाद भी जब वह निरोग नही हुआ तो वह ग्वालिपा नामक एक साधु की शरण में गया यह साधु एकांतवास में जीवन व्यतीत करता था । साधु की कृपा से सूरज सेन निरोग हो गया कृतज्ञता स्वरूप सूरज सेन ने इस नगर का नामकरण उन्ही के नाम पर कर दिया । ग्वालि

🚩 उज्जैन के दर्शनीय स्थल। UJJAIN KE DARSHNIY STHAL

उज्जैन के दर्शनीय स्थल UJJAIN KE DARSHNIY STHAL परिचय ::: उज्जैन भारत के मध्यप्रदेश राज्य में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पौराणिक और ऐतिहासिक नगर हैं । इस नगर को अवन्तिका,कनकश्रृंगा,,उज्जयिनी,प्रतिकल्पा,कुमुदवती,पद्मावती,अमकावती ,कुशस्थली,भोगवती,विशाला  आदि पौराणिक नामों से जाना जाता हैं । उज्जैन के दर्शनीय स्थल में ऐसे कई विश्व प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं जिनके दर्शन हेतु देश विदेशों से लाखों श्रद्धालु आते हैं । वर्तमान उज्जैन 75 डिग्री 50 अंश पूर्व देशांतर व 23 डिग्री 11 अंश उत्तरी अक्षांश पर क्षिप्रा नदी के दाहिनें तट पर समुद्र से 1698 फुट की ऊँचाई पर मालवा के पठार पर स्थित हैं  । प्राचीन उज्जैन नगरी वर्तमान उज्जैन के उत्तर में स्थित गढ़कालिका क्षेत्र में स्थित थी । सूर्य के ठीक नीचें की स्थिति उज्जैन के अलावा संसार के अन्य किसी स्थान की नही हैं । इसके अक्षांश व सूर्य की कांति दोनों 24 अक्षांश हैं । आइये जानते हैं उज्जैन के दर्शनीय स्थल के बारे में 1.महाकाल मंदिर  🚩  महाकाल  महाकाल भारत भर में फैले 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक ज्योर्तिलिंग हैं ।य

18 वे एशियाई खेल 2018 में भारत के पदक 🥇🥈🥉 विजेता खिलाडी

इंडोनेशिया में आयोजित 18 वे एशियाई खेलों में भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास का अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया हैं । भारत ने तीनों पदकों को मिलाकर कुल 69 पदक प्राप्त किये हैं ,इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सन 1951 नई दिल्ली एशियाई खेलों में आया था तब भारत ने कुल 51 पदक प्राप्त किये थे । इंडोनेशिया में हुए 18 वे एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण ,रजत और कांस्य पदक विजेता खिलाडी जिन्होंने अपने प्रदर्शन से भारत का मान बढ़ाया हैं । 18 वे एशियाई खेल 2018 में भारत के पदक विजेता खिलाडी::: 🏅स्वर्ण पदक 🏅 प्राप्तकर्ता खिलाड़ी और टीम 1.🏅बजरंग पुनिया 🏅  Bajrang punia खेल👉कुश्ती  बजरंग पुनिया ने 18 वे एशियाई खेलों में कुश्ती प्रतियोगिता में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। बजरंग पुनिया ने फ्री स्टाइल कुश्ती के  65 किलोग्राम भारवर्ग में खेलतें हुए फाइनल मुकाबले में जापान के पहलवान दाइची तकतानी को 11 के मुकाबले 18 अंको से पटखनी देते हुए स्वर्ण पदक अपने कब्जे में किया । बजरंग पुनिया ने सन 2014 में हुए इंचियोन एशियाई खेलों में भी 61 किलोग्राम भारवर्ग कुश्ती प्रति