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मार्च, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

33 रोगों पर प्रभावी विंन्ध्य हर्बल के फार्मूले [ # 33 Rogo par prabhavi Vindhya Herbal ke farmule]

 Vindhya Herbal # 1अर्श (Piles) रोग के लिये प्रभावी कैप्सूल # विन्ध्य बेलगूदा कैप्सूल #विन्ध्य पंचसकार कैप्सूल # विन्ध्य  बहेड़ा कैप्सूल, # विन्ध्य त्रिफला कैप्सूल,  #विन्ध्य वैश्वानर कैप्सूल,  #विन्ध्य त्रिफला गुग्गल कैप्सूल. ० विटामीन D आयुर्वैदिक औषधि सूचि यहाँ देखियें ० अरहर के औषधीय प्रयोग ० प्याज के बारें में यहाँ जानें ० गिलोय के फायदे ० निर्गुण्डी # 2अनिद्रा के लिये # # विन्ध्य सर्पगंधा कैप्सूल,  #विन्ध्य जटामासी कैप्सूल,  #विन्ध्य स्ट्रेस - ५ कैप्सूल. #3.अम्लपित्त (Acidity) के लिये # # विन्ध्य एंटासिड़ कैप्सूल,  #विन्ध्य यष्टीमधु कैप्सूल,  #विन्ध्य अविपत्तिकर कैप्सूल,  #विन्ध्य शंखभस्म कैप्सूल. what is Guggul #4.उदर रोग (ग्रहणी, रक्तातिसार,अतिसार)# # विन्ध्य एन्टीडायरल - ५०० कैप्सूल, #विन्ध्य अशोक कैप्सूल,  #विन्ध्य रास्नापत्ति कैप्सूल,  #विन्ध्य कूडाछाल कैप्सूल, #विन्ध्य विल्वादि कैप्सूल, #विन्ध्य शंखभस्म कैप्सूल, #विन्ध्य दाडिमाष्टक कैप्सूल, #विन्ध्य बेलगूदा

Tuberculosis: लक्षण, कारण और भारत में टीबी के आंकड़े

ट्यूबरकुलोसिस क्या हैं  Tuberculosis या क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी हैं.जो एक व्यक्ति से दूसरें व्यक्ति तक सम्पर्क के माध्यम से प्रसारित होती हैं.       ट्यूबरकुलोसिस यह एक जीवाणु (Bacteria) से होनें वाला रोग हैं,इस जीवाणु का नाम Microbacterium Tuberculosis हैं. # टी.बी.का इतिहास :: टी.बी.दुनिया की सबसे प्राचीन बीमारियों में से एक मानी गई हैं,जिसका वर्णन ॠग्वेद,अथर्ववेद ,चरक संहिता सुश्रुत संहिता आदि ग्रंथों में बड़ें विस्तारपूर्वक अलग-अलग नामों से मिलता हैं. किसी ग्रंथ में इसे राजयोग,किसी में यक्ष्मा तो किसी में बालसा,क्षय तपेदिक आदि नामों से संबोंधित किया गया हैं. शिव पुराण में वर्णन हैं,कि दक्ष प्रजापति ने अपने जमाई को क्रोध में आकर क्षय रोग से पीड़ित होनें का श्राप दिया था. मनुष्यों में ट्यूबरकुलोसिस के साक्ष्य इजिप्ट की ममीज् में मिलें हैं,इन ममीज् का काल 2400 से 3000 ईसा पूर्व का माना जाता हैं. इसके पूर्व यह बीमारी जँगली भैंसों में पाई जाती थी,ऐसा माना जाता हैं,कि जंगली भैंसों से ही टीबी की बीमारी मनुष्यों में फैली थी. इसका आधुनिक नाम ट्यूबरकुलो

संथाल विद्रोह 1856 - 1858 [Santhal Revolt 1856 - 1858]

 सिद्धू और कान्हू # संथाल विद्रोह 1856-1858 संथाल जनजाति (Santhal Tribe) अत्यंत शांतिपूर्ण रूप से मिदनापुर,हजारीबाग,वीरभूमि क्षेत्रों में निवासरत थी.किंतु सन्  1793 ई.की कार्नवालिस संहिता के द्धारा इन लोगों की जमीन ज़मीदारों एँव साहूकारों के कब्जें में चली गई.जिस पर संथाल जनजाति राजमहल की पहाड़ियों पर बस गई. अपनी मेहनत के बल पर इन्होंनें यहाँ जँगल साफ कर और पहाड़ काटकर खेती करना शुरू किया ही था कि साहूकारों एँव ज़मीदारों ने यहाँ भी इन्हें पैसा बाँटकर ब्याज वसूलना शुरू कर दिया. सिद्धू और कान्हू नामक नौजवान संथालों ने जब देखा कि उँची ब्याज दर की वज़ह से संथाल अपनी उपज ,पशु,खेत बेचकर भी साहूकारों और ज़मीदारों का ऋण नहीं लोटा पा रहें हैं,तो उन्होंनें इस अन्याय के विरूद्ध पुलिस और न्यायालय में अपील की परंतु इन्होंनें भी ज़मीदारों एँव साहूकारों का पक्ष लिया. चारों तरफ से परेशान संथालों ने सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में विद्रोह का रास्ता अपनाया. इन्होंनें संथालों के साथ मिलकर राजमहल और बीरभूमि के बीच सम्पर्क खत्म कर दिया और संथाल राज्य के लिये अंग्रेज पुलिस अधिकारि

न्यूरो एंड़ोक्राइन ट्यूमर [Neuro Endocrine Tumour] #

  न्यूरों एंड़ोक्राइन ट्यूमर (Neuro Endocrine Tumour) एक प्रकार का ट्यूमर हैं. यह ट्यूमर मनुष्य की उन अंत:स्त्रावी ग्रंथी में होता हैं,जिनका कार्य हार्मोंन उत्पादन करना और उस हार्मोंन को रक्त के माध्यम से शरीर के दूसरें भागों में पहुँचाना होता हैं. # यह ट्यूमर शरीर के किन हिस्सों को प्रभावित करता हैं ? यह ट्यूमर शरीर के हार्मोंन उत्पादित करनें करनें वाली अंतस्त्रावी ग्रंथियों जैसें पेट,आंत ,फेफड़ें,मस्तिष्क आदि की कोशिकाओं में पैदा होता हैं. # न्यूरो एंडोक्राइन कितनें प्रकार का होता हैं? न्यूरो एंड़ोक्राइन ट्यूमर 3 प्रकार के होतें हैं ::: #१.फियोक्रोमा साइटोमा (Fiocroma Cytoma) #२.मर्केल सेल (Merkel Cell) #३.न्यूरो एंड़ोक्राइन कार्सिनोमा (Neuro Endocrine Carcinoma) # क्या यह जानलेवा बीमारी हैं ? यह ट्यूमर जानलेवा भी हो सकता हैं और नहीं भी हो सकता हैं.चिकित्सक परीक्षण उपरांत ही यह बता सकतें हैं कि संबधित ट्यूमर बिनाइन ( जो ट्यूमर बिना किसी वृद्धि के शरीर में पड़ा रहता हैं) हैं या मैलिंग्नेट ( जो लगातार वृद्धि कर शरीर के दूसरें अंगों तक फैल जाता

इंग्लैंड़ की क्रांति [England's revolution] #

Satish Vyas - England's Revolution, Industrial Revolution, Charles Ii इंग्लैंड की क्रांति # इंग्लैंड़ की क्रांति #🚩 सन् 1685 ई.में इंग्लैंड़ के राजा जेम्स चार्ल्स द्धितीय (James Charles Second) की निरकुंशता एँव अत्याचार से त्रस्त होकर इंग्लैंड़ की आमजनता और संसद ने जैम्स द्धितीय को पदच्युत कर संसद की प्रभुसत्ता को स्थापित किया.तथा इसके लिये जो प्रयास किये गये उन्हें इंग्लैंड़ की क्रांति, गौरवपूर्ण क्रांति या वैभवपूर्ण क्रांति कहा जाता हैं. #क्रांति के कारण # # जैम्स द्धितीय द्धारा केथोलिक धर्म का प्रचार और बहुसँख्यकों की उपेक्षा # इंग्लैंड़ में एलफिंस्ट़न (Elfisten) धर्मावलम्बीयों बहुसंख्यक थे.जबकि जैम्स द्धितीय केथोलिक था.उसनें केथोलिक धर्मावलम्बीयों के लियें चर्च (Church) बनवाया और पोप (Pop)को इंग्लैंड़ बुलाकर उनका सम्मान कर बहुसंख्यकों को केथोलिक धर्म के नियम माननें के लिये मज़बूर किया. फलस्वरूप बहुसंख्यकों के मन में जैम्स द्धितीय के प्रति घृणा उत्पन्न हो गई और उसका विरोध कर पदच्युत करनें का सफल प्रयास किया. # टेस्ट  अधिनियम की समाप्ति # टेस

Madhya Pradesh public service commission pre exam General studies paper First 2018 #

 Mono m.p.psc Q.1# with which religion is KALIKA puran associated ? (A).Vaishnavism (B). Shaktism (C).Buddhism (D).Jainism Q.2#.In ancient period, which Varna was also called as 'Sarrhavaha'? (A). Brahman (B). Kshatriya (C). Vaishya (D).Shudra Q.3#.The ancestors of shungas originated from (A). Magadha (B).prayag (C). Ujjain (D). Saurashtra Q.4#.The successor of SHER SHAH was (A).Shujaat Khan (B). Islam shah (C).Feroz shah (D).Muhammad shah adil Q.5#.Where was the western Presidency situated in the early period of the East India Company ? (A). Surat (B).Satara (C).Bombay (D).Panaji Q.6#."The British empire is rotten to the core,corrupt in every direction and tyrannical and mean"This statement wasade by ? (A).Sister Nivedita (B).Savitribai phule (C).Annie Besant (D).Bal Gangadhar Tilak Q.7#.Who coined the slogan 'Quit india ? (A).Mahatma Gandhi (B).Pt.Jawaharlal Nehru