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जीवनसाथी के साथ नंगा सोना चाहिए या नही

 जीवनसाथी के साथ नंगा सोना चाहिए या नही

इंटरनेट पर जानी मानी विदेशी health website जीवनसाथी के साथ नंगा होकर सोने के फायदे बता रही है लेकिन क्या भारतीय मौसम और आयुर्वेद मतानुसार मनुष्य की प्रकृति के हिसाब से जीवनसाथी के साथ नंगा सोना  फायदा पहुंचाता है आइए जानें विस्तार से

जीवनसाथी के साथ नंगा सोना, पार्टनर के साथ नंगा सोना, नंगे होने के फायदे,


1.सेक्स करने के बाद नंगा सोने से नींद अच्छी आती हैं


यह बात सही है कि सेक्सुअल इंटरकोर्स के बाद जब हम पार्टनर के साथ नंगा सोते हैं तो हमारा रक्तचाप कम हो जाता हैं,ह्रदय की धड़कन थोड़ी सी थीमी हो जाती हैं और शरीर का तापमान कम हो जाता है जिससे बहुत जल्दी नींद आ जाती है। 

भारतीय मौसम और व्यक्ति की प्रकृति के दृष्टिकोण से देखें तो ठंड और बसंत में यदि कफ प्रकृति का व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ नंगा होकर सोयेगा तो उसे सोने के दो तीन घंटे बाद ठंड लग सकती हैं । शरीर का तापमान कम होने से हाथ पांव में दर्द और सर्दी खांसी और बुखार आ सकता हैं । अतः कफ प्रकृति के व्यक्ति को सेक्सुअल इंटरकोर्स के एक से दो घंटे बाद तक ही नंगा सोना चाहिए।

वात प्रकृति के व्यक्ति को गर्मी और बसंत में पार्टनर के साथ नंगा होकर सोने में कोई परेशानी नहीं होगी , बरसात में वात प्रकृति के व्यक्ति यदि नंगा सोता है तो उसे जोड़ों में दर्द,पेट में दर्द की समस्या हो सकती हैं।

पित्त प्रकृति का व्यक्ति गर्मी, बरसात और ठंड में  आसानी से पार्टनर के साथ नंगा होकर सो सकता हैं ।


• वात पित्त और कफ प्रकृति के लक्षण

2.त्वचा स्वस्थ रहती है


अनेक health specialist शोध रिपोर्ट के आधार पर दावा करते हैं कि पार्टनर के साथ नंगा सोना त्वचा को स्वस्थ और सेंसेटिव रखता है लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि यह सारे अध्ययन अधिकांशतः यूरोपियन या अमेरिका में होते हैं जहां साल के अधिकांश समय औसत तापमान शून्य डिग्री से भी निचे रहता है । भारत के दृष्टिकोण से जहां तापमान बहुत उतार चढ़ाव और मौसम बहुत ही विभिन्नता वाला होता  हैं क्या सही होगा ।


पित्त प्रकृति का व्यक्ति यदि बरसात  के मौसम में सुबह तीन बजे के बाद पार्टनर के साथ नंगा सोता है तो उसे त्वचा में खुजली या पित्तीयां उछल सकती हैं क्योंकि वातावरण की नमी और सुबह की ठंडक त्वचा को संवेदनशील बना देती हैं । 

वात और कफ प्रकृति के व्यक्ति को त्वचा से संबंधित कोई समस्या नहीं होगी और इनकी त्वचा में यदि कोई घाव हैं तो वह जल्दी ठीक हो जाता हैं।


3.तनाव समाप्त हो जाता हैं


जीवनसाथी के साथ नंगा सोने का यह सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण फायदा हैं। आप किसी भी प्रकृति के हो यदि आप अत्यधिक तनाव में हैं और आत्महत्या के विचार मन में आ रहें हैं तो अन्य छोटी स्वास्थ समस्या को नजरंदाज कर जीवनसाथी के साथ नंगा सोना शुरू कर दें, तनाव कम होगा , तनाव कम होने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और ह्रदयरोग की आशंका कम हो जाती हैं।


4.वजन घटता है


यदि आपका वजन बहुत अधिक है और लाख कोशिश के बाद भी कम नहीं हो रहा है तो जीवनसाथी के साथ नंगा सोना शुरू कर दें यदि 4 घंटे रोज सोते हैं तो शरीर ठंडा होने पर अधिक ऊर्जा की आवश्यकता महसूस करता हैं और अधिक केलोरी बर्न करता है। 

अब यहां भी शरीर की प्रकृति की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं अब प्रकृति के व्यक्ति का वजन बहुत तेजी से कम होता है वात प्रकृति के व्यक्ति का वजन मध्यम स्तर से कम होता है और कफ प्रकृति के व्यक्ति का तेजी से कम होता है ।


5.योनि मार्ग का संक्रमण कम होता हैं


योनि की प्राकृतिक संरचना इस प्रकार से बनी होती हैं कि इसमें से लगातार तरल पदार्थ निकलता रहता है योनि का यह तरल पदार्थ एसिडिक प्रकृति का होता है जिसका ph 4 से 5 के बीच होता हैं और किसी भी प्रकार के vaginal infection से लड़ने के लिए यह Ph value पर्याप्त होती हैं। जब किसी कारणवश vagina ki ph value कम हो जाती हैं तो vaginal infection बढ़ जाता हैं ।


जब महिला पार्टनर के साथ लम्बे समय तक नंगा सोती हैं उनकी योनि सीधे हवा के संपर्क में आने से सुखी बनी रहती हैं फलस्वरूप योनि मार्ग में मोजूद फंगल इन्फेक्शन और अन्य bacterial vaginal infection तेजी से कम होता है और वेजाइनल मेडिसिन का असर भी तेजी से होता हैं ।

ऐसी महिलाएं जो पित्त और कफ प्रकृति की है उनका वेजाइनल इन्फेक्शन बहुत तेजी से कम होता है । 


6.स्तनों का आकार बढ़ता है


जो महिलाएं 35 साल की उम्र तक की है और उनके स्तन बहुत छोटे हैं और लाख कोशिश के बाद भी बड़े नहीं हो रहें हैं तो अपने पार्टनर के साथ नंगा सोना शुरू कर दें, नंगा सोने से स्तन के ऊतक पार्टनर के छूने या शरीर के साथ टच होने से इनमें रक्त का प्रवाह बढ़ता है लम्बे समय तक ऐसा करने से स्तन बड़े हो जाते हैं। 

7.कामेच्छा बढ़ती है

जो पुरुष और महिलाएं कामेच्छा की कमी से जूझ रहे हैं वे यदि नंगा होकर सोते है तो पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिला में आक्सीटोसिन का स्तर बढ़ जाता हैं फलस्वरूप दोनों की कामेच्छा बढ़ जाती हैं। 

एक अध्ययन के मुताबिक एक पांच साल से अधिक वैवाहिक जीवन वाले समूह को लगातार दो महिनों तक नंगा होकर सोने को कहा गया तथा दूसरे समूह को सामान्य रुप से कपड़े पहनकर सोने को कहा गया।

 दो महीने बाद इनके अनुभवों को नोट किया गया तो पहले वाले समूह ने बीच के सात आठ दिन छोड़कर प्रत्येक रोज सहवास किया जबकि दूसरे समूह ने दो महिनों में 20 से 25 दिन ही सहवास किया । इसमें भी पहले वाले समूह ने कभी कभी एक से अधिक बार सहवास किया जबकि दूसरे समूह ने कभी ऐसा नहीं किया।


8.लिंग का आकार बढ़ता है


यदि पुरुष नंगा सोने से पहले लिंग पर तिल ,सरसों या नारियल तेल की मालिश करता है तो लिंग में रक्त संचार बढ़ जाता है और जब लिंग जीवनसाथी के शरीर से बार बार सम्पर्क में आता है तो रक्त  सामान्य स्तर से अधिक बना रहता है जिससे लिंग का आकार बढ़ने लगता हैं।


9.गर्भावस्था के समय जीवनसाथी के साथ नंगा सोना चाहिए या नहीं


गर्भावस्था के दौरान यदि स्त्री जीवनसाथी के साथ नंगा सोती है तो शरीर में आक्सीटोसीन और प्रोजेस्टोरोन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है । जिससे गर्भपात की आशंका समाप्त हो जाती हैं और प्रसव बिना सिजेरियन के हो जाता है । किंतु गर्भवती स्त्री को जीवनसाथी के साथ नंगा सोने से पूर्व अपने गायनेकोलॉजिस्ट से परामर्श अवश्य प्राप्त कर लेना चाहिए।

आयुर्वेद मतानुसार पित्त प्रकृति की स्त्री यदि नंगा होकर होती हैं तो उसे  हाथ पांव में ठंडा जबकि पूरे शरीर में गरम महसूस होने की समस्या हो सकती हैं । 

कफ और वात प्रकृति की स्त्री अपने आपको हल्का महसूस करेंगी ।


नंगा सोने पूर्व क्या सावधानी रखनी चाहिए


• कभी भी एकदम से पूरे कपड़े उतार कर सोने से शुरुआत न करें बल्कि धीरे-धीरे कपड़े कम कर सोना शुरू करें जैसे पहले बनियान या ब्रा निकालकर सोएं उसके बाद निचे के अंतःवस्त्र निकाले और अंत में सारे कपड़े निकाले ।

• नंगा सोने से पूर्व आयुर्वेद चिकित्सक से अपना प्रकृति परीक्षण अवश्य कराएं।

•  जहां निजता का अभाव हो वहां नंगे न सोएं।

• यदि साथ में छोटा बच्चा होता है तो भी नंगे होने से बचें।


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