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PH LEVEL क्या हैं

PH LEVEL क्या हैं ?

Body ph
 Ph level
pH का पूरा नाम potential hydrogen हैं.यह पदार्थों के क्षारीय या अम्लीय होनें की माप हैं.इसकी स्केल 0 से 14 तक निर्धारित हैं. 0 से 7 pH मान वाले पदार्थ एसिड़ प्रकृति के होतें हैं.जबकि 7 से 14 के बीच वालें पदार्थ एल्कलाइन प्रकृति को प्रदर्शित करतें हैं.बिल्कुल 7 की माप दर्शानें वालें पदार्थ उदासीन  (nutral) होतें हैं.

#एसिडिक पदार्थ कोंन - कोंन से हैं ?


काँफी,चाय, सफेद चावल,मूँगफली, कृत्रिम शक्कर,वाइन,चीज,कोला ,बाजरा,ज्वार ,काजू,अलसी,तिल,अचार

#एल्केलाइन पदार्थ कोंन - कोंन से हैं ?


सेब,पालक,मशरूम,गाजर,निम्बू, आंवला, आडू, खीरा , बादाम, खरबूजा, तुलसी , बैंकिंग सोडा,मसूर, कद्दू, केला, नारियल, अंजीर, अंगूर, खजूर, दूध, संतरा, नासपाती, अंकुरित अनाज, चुकंदर, पत्ता गोभी, गोभी, गाजर, प्याज, मूली, टमाटर, पालक,  आलू व परवल
निम्बू अम्लीय होता है लेकिन यह पेट में जाने के बाद एल्कलाइन गुण दर्शाता हैं।

#उदासीन पदार्थ कोंन - कोंन से हैं ?


पानी,दूध,मक्खन,खाद्य तेल आदि.

#शरीर के लियें pH का कितना महत्व होता हैं



हमारें शरीर का सामान्य ph मान 7.35 से 7.40 तक होता हैं,जोकि थोड़ा क्षारीय प्रकृति को दर्शाता हैं. यदि इस स्थिति में परिवर्तन हो जायें तो शरीर में बीमारींयाँ भी पैदा होनें लगेगी.मान लीजिये शरीर की pH  value 7 से कम हो जायें तो वज़न बढ़ना,कैंसर, एसीडीटी, पेट में छाले आदि बीमारी पैदा हो जावेगी. यदि pH value 7 से ज्यादा हो जावें तो यह अवस्था एल्कोसिस कही जाती हैं और इसमें तनाव, कब्ज, अर्श, अस्थमा, एलर्जी जैसे रोग पैदा हो जातें हैं.

जब भी कभी शरीर का pH मान असंतुलित हो हमें pH के मान के हिसाब से  एल्कलाइन और क्षारीय पदार्थों का सेवन करना चाहियें.


एसिडोसिस किसे कहते हैं ?

हमारे शरीर का पीएच मान संतुलित होने पर शरीर की सारी जैविक गतिविधि व्यवस्थित तरीके से संचालित होती हैं किन्तु यदि शरीर का पीएच मान बहुत कम हो जाता है तो उसे एसिडोसिस Acidosis कहते हैं।

एल्कोसिस किसे कहते हैं ?

जब शरीर का पीएच मान सामान्य से बहुत अधिक हो जाए तो उसे एल्कोसिस Alkosis कहते हैं।


घर पर शरीर की पीएच वेल्यू की जांच कैसे करें ?

घर पर शरीर के पीएच वेल्यू की जांच करने के लिए लिटमस पेपर विधि अपनाई जाती है आईए जानते हैं घर पर पीएच वेल्यू की जांच कैसे करें

1.सबसे पहले मेडिकल स्टोर से लिटमस पेपर खरीद लें।

2.लिटमस पेपर को मुंह से निकलने वाली लार से भिगो लें।

3.भीगें हुए लिटमस पेपर को कुछ समय के लिए परिणाम के लिए रख दें।

4.यदि लिटमस पेपर का रंग हरा हो जाता है तो इसका मतलब होता है कि आपका शरीर का पीएच मान 6 से 7.5 के बीच है,यह अवस्था शरीर की सामान्य या संतुलित पीएच मान को दर्शाती है।

5.यदि लिटमस पेपर का रंग नीले रंग में परिवर्तित हो जाता है तो इसका मतलब है आपके शरीर का पीएच मान 7 से बहुत अधिक है और यह अत्यधिक एल्कलाइन प्रकृति है। यह एल्कोसिस होता हैं।

6.यदि लिटमस पेपर का रंग पीला हो जाता है तो इसका मतलब है शरीर का पीएच मान 7 से बहुत कम है और यह एसिडोसिस होता हैं।

















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