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साइकिल चलाने के 17 फायदे ।17 Benefits of cycling in hindi

17 Benefits of cycling in hindi साइकिल चलाने के 17 फायदे

 



साइकिल चलाना स्वास्थ के दृष्टिकोण से बहुत फायदेमंद होता हैं।  साइकिल चलाने के स्वास्थ पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने वाले जितने भी शोध हुए हैं उन सभी में साइकिल चलाने के फायदे ही बताते हैं तो आईए जानते हैं साइकिल चलाने के फायदे के बारें में

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साइकलिंग


1 अस्थमा में साइकिल चलाने के फायदे


क्या आप जानते हैं  सुबह सुबह प्रतिदिन 13 किलोमीटर साइकिल चलाने से अस्थमा के दौरे की तीव्रता कम होकर अस्थमा नियंत्रण में आ जाता हैं और अस्थमा के लिए उपयोग होने वाले इन्हेलर पर निर्भरता घट जाती हैं ।


एक शोध  दो आयुवर्ग का समूह बनाकर किया गया इस आयु वर्ग में 25 - 25 के समूह में युवा और बुजुर्ग व्यक्ति सम्मिलित थें,एक आयुवर्ग में 19 से 45 वर्ष के अस्थमा पीड़ित रोगी थे तो दूसरे वर्ग में 45 से 60 वर्ष के अस्थमा पीड़ित रोगी थें। 

इन दोनों समूह को प्रतिदिन 13 किलोमीटर साइकिल सुबह सुबह चलाने को कहा गया और जब एक माह बाद इनके आंकड़े जांचें गये तो आश्चर्यजनक परिणाम मिलें ।


19 से 45 वर्ष वाले आयुवर्ग में सम्मिलित 15 लोगों ने कहा कि साइकिल चलाने के आठ से 15 दिनों के बाद उनकी सांस लेने की गहराई बढ़ गई है और साइकिल चलाने से पहले उनको दिन में तीन चार बार इन्हेलर लेना पड़ता था किन्तु अब एक से दो बार ही हो गया है । जबकि 10 लोगों ने कहा कि पहले उन्हें साइकिल चलाने के दौरान ही अस्थमा के दौरे आते थे और इन्हेलर लेना पड़ता था  किन्तु अब साइकिल चलाने के दौरान और बाद में भी दिन में मात्र एक बार ही इन्हेलर की जरूरत पड़ती हैं ।


45 वर्ष से 60 वर्ष वाले समूह के 20 व्यक्तियों ने कहा कि साइकिल चलाने से उनके फेफड़ों में बलगम बनना कम हो गया और अब उन्हें बलगम पतला करने वाली दवाईयों की जरूरत बहुत कम पड़ती हैं । 

5 व्यक्तियों ने कहा कि साइकिल चलाने से उन्हें अस्थमा नियंत्रण करने वाली दवाईयों की बहुत ही कम ज़रुरत पड़ती हैं ।


2 शरीर को डिटाक्स करनें में साइकिल चलाने के फायदे


यदि आप सुबह-शाम मिलाकर प्रतिदिन 20 किलोमीटर साइकिल चलातें हैं तो शरीर,त्वचा और फेफड़ों में मौजूद अनेक प्रदूषित तत्व बाहर निकल जातें हैं। और इन प्रदूषित तत्वों से होने वाली बीमारियों से बचाव हो जाता हैं ।  

इसी प्रकार साइकिल चलाने से शरीर का  तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता हैं साथ ही खून का तापमान भी बढ़ता है खून का यह बढ़ा हुआ तापमान धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल को पिघलाकर शरीर से बाहर निकाल देता हैं । जिससे ह्रदयरोग होने की संभावना नहीं होती हैं।


3 रीढ़ की हड्डी से संबंधित बीमारियों में साइकिल


जिन लोगों को आफिस में कम्प्यूटर पर लम्बे समय तक बैठना पड़ता है और इस कारण रीढ़ की हड्डियों से संबंधित समस्या हैं,जिन लोगों को स्पांडलाइटिस हैं, साईटिका हैं, यदि ये लोग साधारण M शेप हेंडल वाली साइकिल इंडोर या आउटडोर में प्रतिदिन एक घंटा चलाते हैं तो इस प्रकार की बीमारीयां बहुत जल्दी ठीक होती हैं। और यदि ये बीमारीयां नहीं है तो  होने की संभावना बहुत कम रह जाती हैं । 


4 मासिक धर्म की अनियमितता में साइकिल


ऐसी महिलाएं जिनका मासिक धर्म बहुत अनियमित रहता है और लम्बे उपचार के बाद भी ठीक नहीं हो रहा हैं यदि वे प्रतिदिन 25 किलोमीटर स्पोर्ट्स साइकिल चलातीं हैं तो मासिक धर्म की अनियमितता समाप्त होकर जननतंत्र मज़बूत बनता है । 

जिन महिलाओं को मासिक धर्म से पहले पेडू और पेट में दर्द की समस्या रहती हैं वे यदि 10 किलोमीटर प्रतिदिन गियर वाली साइकिल लोड गियर के साथ चलाती हैं तो उन्हें दर्द में बहुत आराम मिलता हैं । एक निश्चित समय तक लगातार साइकिल चलाने के बाद 10 में से 8 महिलाओं को माहवारी शुरू होने से पूर्व होने वाले दर्द में पूर्ण राहत मिली जबकि दो महिलाओं में दर्द की तीव्रता पहले के मुकाबले आधी रह गई ।




5 मूत्राशय की गड़बड़ी में साइकिल


जिन बुजुर्गों को बार बार पेशाब आता हो, पेशाब बूंद बूंद कर टपकता हो, प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ी हुई हो ऐसे बुजुर्ग यदि स्पोर्ट्स साइकिल थोड़े मुश्किल रास्तों पर चलाने का प्रयास करें। यदि प्रतिदिन पांच किलोमीटर साइकिल भी ऐसे रास्ते पर बुजुर्ग विशेषज्ञ के साथ चलातें हैं तो आपरेशन से बचा जा सकता है ।


6 स्तंभन शक्ति बढ़ाने में सहायक साइकिल


जिन महिलाओं और पुरुषों को सेक्स में शर्म मात्र इस कारण आती हैं कि वे अपने पार्टनर को खुश नहीं कर पातें हैं या बहुत जल्दी स्खलित हो जाते हैं ऐसे लोगों के लिए साइकिल चलाना किसी वरदान से कम नहीं है । किंगल एक्सरसाइज से दुगना फायदा साइकिल चलाने से मिलता हैं ।

जो लोग इस प्रकार की समस्या से ग्रस्त हैं वे प्रतिदिन 15 किलोमीटर स्पोर्ट्स साइकिल चलाएं ऐसा करने से लिंग और योनि की स्खलन के लिए उत्तरदायी मांसपेशियां मजबूत होती हैं और सेक्स के दौरान बहुत जल्दी स्खलित नहीं होती हैं। 




मोटापा कम करने में सक्षम साइकिल


जो लोग प्रतिदिन सुबह शाम 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से डेढ़ घंटा साइकिल चलातें हैं उनके शरीर की अतिरिक्त चर्बी बहुत तेजी से कम होती हैं। 

एक शोध के अनुसार जिन लोगों का वजन 90 से 133 किलो के बीच था ऐसे 20 लोगों को प्रतिदिन 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से डेढ़ घंटा साइकिल इंडोर और आउटडोर किसी भी प्रकार से चलाने को कहा गया  दो महीने बाद इनका वजन फिर से नापा गया जिसके नतीजे उत्साहित करने वाले थे,बीस में से 18 लोगों के वजन में 10 से 14 किलो की कमी दर्ज हुई जबकि दो लोगों का वजन 5 से 7 किलो तक कम हुआ । 

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि साइकिल बढ़ते वजन को बहुत तेजी से कम कर सकतीं हैं ।


8 कमर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में साइकिल


महिलाओं में शादी के बाद या बच्चों के जन्म के बाद कमर का आकार बहुत तेजी से बढ़ता है और तमाम उपाय के बाद भी कमर का घेरा कम नहीं होता हैं,ऐसी महिलाएं प्रतिदिन 20 किलोमीटर साइकिल लोड गियर के साथ चलाएं तो कमर का आकार एक से दो महिने बाद 1 से 3 सेंटीमीटर तक कम हो जाता हैं ।


9 इंसुलिन निर्माण में सहायक साइकिल


मधुमेह में अग्नाशय में इंसुलिन का निर्माण धीरे-धीरे कम होकर बिल्कुल बंद हो जाता हैं ऐसे में कृत्रिम इंसुलिन के सहारे रहना पड़ता हैं, यदि मधुमेह रोगी लम्बे समय तक कृत्रिम इंसुलिन से बचना चाहते हैं तो प्रतिदिन साइकिल चलाएं।

साइकिल अग्नाशय की कार्यप्रणाली को सुधारकर इंसुलिन निर्माण की प्रक्रिया को सुचारू करती हैं,इस कारण इंसुलिन का निर्माण बंद नहीं होता हैं । और मधुमेह रोगी को बहुत कम दवाईयों की जरूरत पड़ती हैं ।


10 साइकिल चलाने वाला मजबूत इरादों वाला होता हैं


क्या आप जानते हैं साइकिल चलाने वाला व्यक्ति मजबूत इरादों और जीवन में संघर्ष करने वाला होता है। मैं आज तक जीतनें भी साइकिल चलाने वाले व्यक्तियों से मिला हूं,उन सब में एक बात बहुत आम होती हैं और वो यह कि वह सब बहुत मजबूत इरादों और संकल्प शक्ति के धनी होतें हैं। 

साइकिल चलाने वाले व्यक्तियों ने संघर्ष कर सफलता प्राप्त की होती हैं , बच्चों को पढ़ाना,घर परिवार की जिम्मेदारी ये लोग बहुत दम-खम के साथ निभातें हैं और दूसरों को भी इसी दम-खम के साथ संघर्ष की प्रेरणा देते हैं । जीवन के प्रति इनका दृष्टिकोण बहुत सकारात्मक होता हैं । इन लोगों में ऋण लेकर घी पीनें वाली प्रवृत्ति नहीं होती हैं ।


साइकिल  तमाम तरह के ट्रेफिक जाम के बावजूद  जब सभी बड़े वाहन रुकें रहते हैं से टेढ़े मेढे रास्तों से होकर अपना गंतव्य स्थल पर पंहुच जाती हैं उसी प्रकार से साइकिल चलाने वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व भी होता हैं जो तमाम बाधाओं के बावजूद अपना रास्ता स्वयं ढूंढ लेता है । शोधों के मुताबिक ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि साइकिलिंग करने वालों के दिमाग में उन लोगों के मुकाबले   खून और आक्सीजन 40 प्रतिशत अधिक पंहुचता हैं जो साइकिलिंग नहीं करते हैं ।


11 पेट संबंधित बीमारियों में साइकिल


जिन लोगों को पेट से संबंधित तकलीफ़ बहुत होती हैं, भोजन नहीं पचता, एसीडिटी होती हैं , कब्ज बना रहता है, ऐसे लोग यदि सुबह शाम 5 किलोमीटर साइकिल चलातें हैं तो ये समस्याएं दूर होती हैं। 


12 वीकेंड पर साइकिल चलाने के फायदे


जो लोग वीकेंड पर साइकिल के साथ लम्बी लम्बी यात्राएं करतें हैं, साइकिल लेकर प्राकृतिक स्थलों पर जातें हैं, ऐसे लोगों में तनाव का स्तर उन लोगों की अपेक्षा बहुत कम पाया जाता हैं जो वीकेंड पर साइकलिंग नहीं करते । 

वीकेंड पर साइकलिंग करने वाले लोग जब काम पर लोटते हैं तो अपने आप को तरोताजा और हल्का महसूस करते हैं । ये लोग आफिस में खुशमिजाज, सहयोगी के साथ विनम्र और काम बिगड़ने पर भी सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाले होते हैं ‌

वीकेंड पर साइकलिंग करने वालों के जीवन का वीकेंड भी लम्बा और निरोगी रहता है । 


13 साइकिल चलाने से Innovative idea आते हैं


जो लोग साइकिल चलाने से पहले एक घंटा मौन रहते हैं और साइकिल चलाने के दौरान भी यदि बिना बोले,बिना गाना सुने साइकलिंग करते हैं तो ऐसे व्यक्ति इतने unique आइडिया आते हैं कि यदि व्यक्ति इन innovative ideas पर जी जान लगाकर काम शुरू कर दें तो इतिहास के पन्नों पर अपना नाम लिखवा सकता हैं । 


मैंने विश्व की सबसे प्रसिद्ध साइकिल प्रतियोगिता टूर डी फ्रांस Tour de France में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के अनेक इंटरव्यू सुने हैं ये प्रतिभागी अलग अलग प्रष्ठभूमियों वाले थे जैसे किसी की प्रष्ठभूमि विज्ञान की है,किसी की इंजीनियरिंग की, किसी की आर्ट्स की आदि,इन लोगों को अपनी रुचि के अनुसार डूर डी फ्रांस प्रतियोगिता के बीच जो विचार आया वह विचार दुनिया का सबसे innovative idea होता हैं । इतना Innovative idea तो संयुक्त राष्ट्र संघ की बहस,  किसी रिसर्च सेंटर,या शोधकर्ताओं के दिमाग में भी पैदा नहीं होता हैं ।




14 पर्यावरण मित्र साइकिल


एक व्यक्ति प्रतिवर्ष अपने घर से आफिस और आफिस से घर आनें जाने में हजारों लीटर पेट्रोल डीजल फूंक देता हैं ,पेट्रोल डीजल से निकलने वाले कार्बन कण, जहरीले तत्व और जहरीले गैसे मानव के साथ धरती की सेहत बिगाड़ रहे हैं ।विश्व भर में प्रतिवर्ष करोड़ों लोग प्रदूषण के कारण बीमार हो जातें हैं और राष्ट्र का अरबों रुपया इनके स्वास्थ को ठीक करने में खर्च हो जाता हैं किंतु फिर भी लाखों लोग काल के गाल में समा जातें हैं,यदि हम कुछ दिन स्वेच्छा से साइकिल चलाना शुरू कर दें तो आर्थिक और मानव संसाधनों की इस बर्बादी को रोका जा सकता है ।


15 साइकिल चलाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं


साइकिल चलाने से पांव,पेट और हाथों की मांसपेशियां मजबूत और लचीली हो जाती हैं । जिससे चोंट लगने पर भी इन मांसपेशियों में खिंचाव नहीं होता हैं । मजबूत मांसपेशियों का मतलब होता हैं शरीर जल्दी बुढ़ापे की और नहीं जायेगा।


16 साइकिल के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत


साइकिल चलाने का सीधा मतलब है "आत्मनिर्भर भारत"की ओर कदम बढ़ाना ,आज की तारीख में भारत उपयोग होने वाला 85 प्रतिशत पेट्रोलियम पदार्थ विदेशों से आयात करना पड़ता हैं,इन पेट्रोलियम पदार्थों के लिए प्रतिवर्ष अरबों रुपए विदेशों को देने पड़ते हैं अर्थात राष्ट्र का पैसा विदेशों में जा रहा हैं, सोचों यदि यह पैसा यदि राष्ट्र में ही रहता है तो भारत की उन्नति में यहां के लोगों की दशा सुधारने में कितना उपयोगी होगा। 


17 अनिद्रा की समस्या में साइकिल


जिन लोगों की रातें करवटें बदलते हुए गुजरती हैं उनको मेरी सलाह है प्रतिदिन 10 किलोमीटर साइकिल चलाना शुरू कर दें। यदि प्रतिदिन 10 किलोमीटर साइकिल चलातें हैं तो नींद गहरी और पर्याप्त मात्रा में आती हैं । 

यूनिवर्सिटी ऑफ जार्जिया ने साइकिल के नींद पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया और बताया कि साइकिल चलाने से दिमाग का नींद लाने वाला भाग सक्रिय होकर  उन एंजाइम का निर्माण करता हैं जो नींद लाने के लिए उत्तरदायी होते हैं ।


नोट = साइकिल चलाने से पूर्व चिकित्सक से इस बात की सलाह जरूर लें , कि आप साइकिल चलाने के लिए फीट है या नहीं











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