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Laxmi vilas ras Nardiy ke fayde in Hindi लक्ष्मीविलास रस नारदीय के फायदे

Laxmi vilas ras nardiy


लक्ष्मीविलास रस नारदीय laxmi vilas ras nardiy आयुर्वेद चिकित्सा Ayurveda chikitsa में प्रयोग की जानें वाली सर्वमान्य औषधी हैं । लक्ष्मीविलास रस नारदीय के फायदे laxmi vilas ras KE fayde बतानें से पूर्व हम इस औषधी के बारें में चर्चा करना चाहेंगें ।

लक्ष्मीविलास रस नारदीय laxmi vilas ras nardiy के बारें में भैषज्य रत्नावली में लिखा हैं

प्रोक्त:प्रयोगराजोअयं नारदेन महात्मना। रसो लक्ष्मीविलासस्तु वासुदेवे जगत्पतौ।। अभ्यासाद यस्य भगवान लक्षनारीषु वल्लभ:।।


अर्थात रसों में श्रेष्ठ लक्ष्मीविलास रस स्वंय स्वंय जगतपति वासुदेव ने उत्पन्न किया हैं और इसके सेवन से भगवान लक्ष्मी नारायण बन गये । यानि यह रस सेवन करनें वाला रोगी व्यक्ति रोगमुक्त होकर भगवान लक्ष्मी नारायण जैसा जीवन व्यतीत करता हैं ।



लक्ष्मीविलास रस के घटक :::



१. अभ्रक भस्म Abhrak bhasm


२.शुद्ध गंधक Shudh gandhak



३.शुद्ध पारा shudh para



४.ताम्र भस्म Tamr bhasm



५.कपूर kapur


६.जायफल Jayfal


७.जावित्री javitri


८.विधारा बीज vidhara beej 


९. शुद्ध धतूरा बीज shudh dhatura beej


१०.भांग बीज Bhang beej 


११.विधारीकंद vidhari kand



१२.शतावरी shatavari


१३.नागबला nag bala



१४.अतिबला Ati bala 


१५.गोखरू Gokhru


१६.निकुला बीज Nikula beej 



१७.पान पत्र स्वरस pan patr svras


 

लक्ष्मीविलास रस नारदीय के फायदे Laxmi Vilas ras nardiy ke fayde :::



लक्ष्मीविलास रस नारदीय रसायन हैं जो तीनों दोषों वात ,पित्त और कफ का शमन करता हैं ।


#श्वास रोग पर 


लक्ष्मीविलास रस नारदीय को प्रवाल पिष्टी त्रिकटु और शहद के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता हैं ।



#भंगदर पर उपयोग :::



त्रिफला trifala churn के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता हैं ।



#राजयक्ष्मा या क्षय रोग पर :::



मांसरस के साथ 



#अर्श रोग पर :::



छाछ के साथ 



#आमवात पर :::


एरंड तैल व गुग्गुल के साथ 



#कुष्ठ रोगों पर 



खैर छाल के साथ 


#प्रमेह या मधुमेह रोगों पर :::



आँवला रस के साथ


#मैथुन शक्ति बढानें के लिये :::


ब्राम्ह रसायन अथवा च्वनप्राश के साथ



#स्त्री रोग :::



पुष्यानुग चूर्ण के साथ


#कटिशूल या पार्श्वशूल 


महारास्नासप्तक क्वाथ के साथ



#वातव्याधि 



निर्गुण्ड़ी क्वाथ के साथ


#आमवात 



एरण्ड तेल के साथ


#नाड़ीव्रण



छाछ या दही के साथ 





# सन्निपातज ज्वर में



दूध के साथ या शहद के साथ












वायरल इंफेक्शन में लक्ष्मी विलास रस के फायदे 




लक्ष्मी विलास रस वायरल इंफेक्शन से होने वाले बुखार में बहुत प्रभावकारी आयुर्वेदिक औषधि है, चिकित्सकीय परामर्श से यदि लक्ष्मी विलास रस की एक एक गोली सुबह शाम सेवन की जाए तो वायरल इंफेक्शन समाप्त हो जाता हैं। अनेक शोधों के मुताबिक लक्ष्मी विलास रस वायरल इंफेक्शन पर मॉडर्न एलोपैथी दवाइयों से भी ज्यादा प्रभावशाली ओषधी है।







#लक्ष्मी विलास रस इन बैक्टेरियल इंफेक्शन 



विभिन्न प्रकार के बैक्टेरियल इंफेक्शन Bacterial infection पर लक्ष्मी विलास रस अद्भुत लाभ प्रदान करता हैं । आधुनिक शोधों और आयुर्वेद चिकित्सा महावद्यालयों के क्लिनिक परिणामों ने यह सिद्ध किया है की लक्ष्मी विलास रस की प्रतिदिन 125 मिली ग्राम की मात्रा शहद के साथ लेने से सभी प्रकार के बैक्टेरियल इंफेक्शन से सुरक्षा प्रदान करता हैं।









#मात्रा 


वैधकीय परामर्श से 




















० अमरुद में पाए जाने वाले पौषक तत्व




० मोतियाबिंद क्या होता हैं




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० वात पित्त कफ प्रकृति के लक्षण



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