Healthy lifestyle news सामाजिक स्वास्थ्य मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य उन्नत करते लेखों की श्रृंखला हैं। Healthy lifestyle blog का यही उद्देश्य है व्यक्ति healthy lifestyle at home जी सकें

26 फ़र॰ 2021

औषधीय गुण से भरपूर है गेंदा ।Genda

 औषधीय गुण से भरपूर है गेंदा  


गेंदा भारत की धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, पारिवारिक आदि न जानें कितनी दिनचर्या में रचा बसा हुआ है,हर समारोह,रिती रिवाज, धार्मिक कार्य गेंदा फूल के बिना अधूरा है या यूं कह लो "बिन गेंदा सब सूना"

गेंदा फूल बिना जाति धर्म,पंथ,सम्प्रदाय, में भेदभाव किए जन्म से लेकर श्मसान तक मनुष्य का साथ निभाता हैं ।

 गुलाब फूलों का राजा है तो गेंदा फूल प्रधानमंत्री हैं । यदि गेंदा के औषधीय गुण की बात करें तो 3 से 4 फ़ीट तक बढ़ने वाला यह पौधा बहुत सी बीमारियों को जड़ मूल से समाप्त कर देता हैं ।  तो आईए जानते हैं गेंदा के औषधीय गुण के बारे में

  
  
गेंदा के औषधीय गुण
गेंदा




गेंदा का संस्कृत नाम


पुष्पा,झंडु


गेंदा का हिंदी प्रचलित नाम

हजारी,गुल जाफरी,मखमली

गेंदा का अंग्रेजी नाम

Marigold 


गेंदा का वैज्ञानिक नाम

Tagetes 


आजकल गेंदा फूल की 150 से ज्यादा प्रजाति प्रचलन में हैं किंतु हम यहां मूल देशी गेंदा की प्रजाति के औषधीय गुण की चर्चा करेंगें



आयुर्वेद मतानुसार गेंदा की प्रकृति


गेंदे की पत्ती,तना और जड़ तीखी, कड़वी, कसैली, इसका फल और फल मधुर होता हैं ।


गेंदा के औषधीय गुण


बुखार में गेंदा के औषधीय गुण


यदि बहुत तेज बुखार हो और हाथ पैरों में जलन हो रही हो तो गेंदा फूल का रस निकालकर हाथ पैरों और सिर पर मालिश करें । चाहें तो गेंदा फूल का रस निकालकर फ्रीजर में बर्फ बना लें और इसकी ठंडी पट्टी सिर पर रखें। बहुत लाभदायक है ,आजमाया हुआ अद्भूत देशी, घरेलू नुस्खा है ।



मिर्गी रोगी में गेंदा


मिर्गी आनें पर गेंदा फूल का रस दो दो बूंद दोनों नाक में डालें, इसके अलावा प्रतिदिन जैविक विधि से तैयार गेंदा की जड़ पीसकर 3 ग्राम शहद के साथ सुबह शाम सेवन करें ।


अवसाद को दूर करने में


मन अवसाद में हो, कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा हैं तो गेंदा फूल से अपने बेडरूम, बैठने की टेबल, आदि सभी जगहों पर सजावट करें । दो चार गेंदा फूल को रात को पीनें वाले पानी में डालकर सुबह यह पानी पी लें, मन प्रसन्न और शांत रहने लगेगा । 

गेंदा फूल का तेल इत्र की भांति लगाने से भी मन प्रसन्नचित रहता है।

जानें मानें अमेरिकी व्यक्तित्व जेमी बैरेट जिन्होंने फूलों की उपयोगिता और उनसे होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में कई जागरूकता अभियान चलाएं हैं का मानना है कि फूलों को विटामिन एफ कहना चाहिए क्योंकि ये हमारी भावनात्मक सेहत और मानसिक क्षमता को बढ़ाते हैं और हमें तनाव से मुक्ति दिलाते हैं।



• तनाव प्रबंधन के उपाय

खून बढ़ाने में


गेंदा की पत्तियां खून बढ़ाती है , इसके लिए गेंदा की साफ पत्तियां पीसकर रस निकाल लें,इस रस को सुबह-शाम एक-एक चम्मच सेवन करें ।


मांसपेशियों की जकड़न दूर करने में


गठिया, सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस, जोड़ों का दर्द आदि में गेंदा की पत्तियों का रस निकालकर प्रभावित भाग पर हल्दी और गेरु मिट्टी मिलाकर गर्म करले और बांध लें, बहुत आराम मिलेगा । इसके अलावा गेंदे के तेल की मालिश दर्द प्रभावित जगह पर करने से आराम मिलता हैं ।




खूनी बवासीर का इलाज


रासायनिक खाद कीटनाशक दवा के बिना इस्तेमाल जैविक विधि से तैयार गेंदा फूल की पंखुड़ियों को आग पर भून लें,इन भूनी हुई पंखुड़ियों को रात को सोने से पहले 3 ग्राम का लें, खूनी बवासीर की  दवा है जो बहुत लाभदायक है । 

कानदर्द में लाभदायक गेंदा


गेंदे के फूल या पत्तों का रस एक दो बूंद कान में डालने से कानदर्द में आराम मिलता हैं ।


 दाद खाज खुजली की दवा गेंदा

एसएल इंस्टीट्यूट मुरादाबाद और पीपीएन कालेज कानपुर के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के रिसर्च के अनुसार गेंदा फूल में पायरेथ्रम नामक प्राकृतिक किटनाशक मौजूद रहता हैं।

गेंदे के पत्तों का रस निकालकर दाद खाज खुजली पर कपूर, नारियल तेल के साथ लगाएं। लगाने की विधि 30 मिलीलीटर मात्रा में गेंदे के पत्तों का रस, समान मात्रा में नारियल तेल और दो तीन कपूर की गली अच्छी तरह मिलाकर सुबह-शाम लगाएं ।


गेंदा फूल को पानी में उबालकर ,इस पानी से स्नान करने से खुजली समाप्त होती हैं ।

गेंदा फूल का रस शरीर पर लगाने से जहरीले कीड़े और मच्छर शरीर से दूर रहतें हैं।


स्तनों की सूजन


यदि किसी कारणवश स्तनों में सूजन और दर्द हो रहा हैं तो इसके पत्तों का रस स्तनों पर लगाएं बहुत जल्दी दर्द और सूजन से आराम मिलेगा ।

• how to increase breast size in Hindi

माइग्रेन में


गेंदा फूल को सुखाकर चूर्ण बना लें ,इस चूर्ण में सरसों तेल मिलाकर सिर में मालिश करें । 


दांतो के दर्द में


गेंदा के बीस पच्चीस पत्तें 250 मिलीलीटर पानी में ,पानी 100 मिलीलीटर होने तक उबालें । गुनगुना होनें पर कुल्ला करें दांत दर्द बंद हो जाता हैं ।


खांसी और अस्थमा में


गेंदे के पके बीज 3 ग्राम को एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें । खांसी और अस्थमा में श्वास नली की सूजन कम होती हैं ।


मस्तिष्क के लिए


गेंदे के फूलों के बीच स्थित भाग जिसे गेंदे की बाटी कहतें हैं को निकालकर रोज चार पांच की मात्रा में खाने से मस्तिष्क मजबूत बनता है,स्मरण शक्ति बढ़ती है, डिमेंशिया से बचाव होता है और ब्रेन हैमरेज की संभावना कम होती हैं ।

वीर्य गाढ़ा करने हेतू उपाय


गेंदे की जड़ 3 ग्राम और गाय का घी 3 ग्राम मिलाकर रात को भोजन करने के बाद गुनगुने पानी से लें ,वीर्य गाढ़ा होकर ,बिस्तर पर टाइम बढ़ता है ।


शरीर पर पड़ने वाले oxidative stress के लिए


अधिक तनाव, अनियमित दिनचर्या, अधिक मीठा, अधिक नमकीन अधिक फैट, जंक फूड, तम्बाकू, धूम्रपान, शराब आदि के सेवन से शरीर के अंगों पर एक तरह का oxidative stess पड़ता है। इस आक्सीडेटिव तनाव को गेंदा की सहायता से कम किया जा सकता है।

गेंदे के फूल को बारिक काटकर,दही या छाछ में मिला लें इसमें स्वादनुसार सैंधा नमक और थोड़ा सा शहद मिला लें प्रतिदिन भोजन के पीनें से शरीर पर पड़ने वाले आक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद मिलती हैं ।


धूम्रपान छोड़ने के बेहतरीन तरीके

सौन्दर्य प्रसाधन के रुप में


मुल्तानी मिट्टी में पानी की जगह गेंदे के फूलों का रस मिलाकर चेहरे,और गर्दन पर लगाएं और सूखने पर पानी से धो लें, चेहरे की छाईंया,कालापन, झुर्रियां और बढ़ती उम्र के प्रभाव समाप्त हो जातें हैं ।


स्तन में कसावट लाने का उपाय


यदि बढ़ती उम्र या अन्य किसी कारणवश स्तनों में ढीलापन आ गया है तो 100 ग्राम मुल्तानी मिट्टी में गेंदे के 100 ग्राम सूखे बीज  पीसकर मिला लें और पानी में मिक्स कर और स्तनों पर लगाएं । सूखने पर धो लें ,यह प्रयोग लगातार चार हफ्तों तक करें। स्तन सुडोल, आकर्षक और उभरे हुए हो जाएंगे ।

भोजन में अरुचि को कैसे दूर करें

यदि भोजन में अरुचि हो रही है तो गेंदा फूल का शरबत बनाकर सुबह-शाम पीएं,भोजन में अरुचि समाप्त होकर खुलकर भूख लगेगी । दाल सब्जी और चावल का स्वाद बढ़ाने के लिए इन्हें बनाते समय इसमें एक दो फूल गेंदे के डाल सकते हैं । भोजन की खूशबू बढ़ जाएगी ।

फटी त्वचा का इलाज

गेंदा की पत्ती का रस  और मोम को मिलाकर गर्म कर लें,हल्का गर्म होने पर इसे फटी एड़ियों,फटी त्वचा,फंटे होंठ पर लगाएं ,  त्वचा फटना बंद होकर मुलायम और कोमल बन जाएगी।





[ नोट : औषधीय प्रयोग के लिए रासायनिक खाद, कीटनाशक से मुक्त पूर्णतः जैविक विधि से तैयार गेंदा का प्रयोग करें]














कोई टिप्पणी नहीं:

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages

SoraTemplates

Best Free and Premium Blogger Templates Provider.

Buy This Template