गुरुवार, 18 जून 2020

लहसुन के फायदे और नुकसान benifits of garlic in Hindi

लहसुन के फायदे benefit of garlic in Hindi

लहसुन के फायदे benefit of garlic in Hindi




लहसुन के फायदे lahsun ke fayde से संपूर्ण चिकित्सा जगत प्राचीन काल से ही परिचित है आधुनिक चिकित्सा के जनक हिप्पोक्रेट्स ले लहसुन का प्रयोग औषधि के रूप में किया है। 



प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा ग्रंथ चरक संहिता में भी लहसुन के औषधीय गुणों lahsun ke oshdhiy guno के बारे में विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है।



भारत चीन के बाद लहसुन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। भारत से लहसुन विश्व के कई देशों में निर्यात की जाती है।


लहसुन alliaceae कुल का पौधा है जो प्याज की श्रेणी में आता है। लहसुन जमीन के अंदर पैदा होती है और पकने के बाद इसकी कलियां उपयोग की जाती है।



लहसुन में एलिसिन, प्रोटीन, एंजाइम, विटामिन बी, सैलेनिन, फ्लेवोनॉयड्स और फायबर प्रचुरता से पाए जाते हैं‌ । 








1.लहसुन के फायदे benefit of garlic in Hindi :::





वाशिंगटन विश्वविद्यालय में हुए एक शोध का नतीजा है कि लहसुन में पाया जाने वाला   डायलिल "सल्फाइड"वायरस द्वारा बनाए जाने वाली परत को तोड़ देता है जिसे वायरस का शरीर में फैलाव नियंत्रित किया जा सकता है । लहसुन के संबंध में यह शोध जनरल ऑफ एंटीमाइक्रोबॉयल कीमोथेरेपी में प्रकाशित हुआ था। अतः लहसुन का नियमित सेवन करने से वायरस से बचाव होता है।




उच्च रक्तचाप ह्रदय रोग जैसी समस्याओं में लहसुन बहुत चमत्कारिक औषधि है लगातार लहसुन का सेवन करने से न केवल रक्तचाप नियंत्रित होता है बल्कि एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होता है। 




लहसुन में मौजूद एलीसिन एंटीबैक्टीरियल तत्व है जो शरीर में उपस्थित संक्रमण को समाप्त कर देता है और यदि संक्रमण नहीं है तो संक्रमण से शरीर की सुरक्षा करता है।




लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी वृद्धावस्था की समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं साथ ही बुढ़ापे की प्रक्रिया धीमी करते हैं।





लगभग 3 ग्राम लहसुन की मात्रा में 1% विटामिन सी पाया जाता है विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और टूटे हुए ऊतकों की मरम्मत का कार्य करता है





भारत के ग्रामीण भागों में महिलाएं लहसुन की कलियों की माला बनाकर बच्चों को पहनाती है ऐसा बच्चे को खतरनाक बैक्टीरिया और अन्य संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए किया जाता है यह पूरी तरह से वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित है लहसुन में मौजूद सल्फाइड़ एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी का होता है और इसकी गंध से अनेक प्रकार के दूसरे वायरस मर जाते हैं ।




प्राचीन रोम में ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का प्रदर्शन सुधारने के लिए लहसुन खाने की सलाह दी जाती थी और लहसुन तेल से शरीर की मालिश करवाई जाती थी ताकि खिलाड़ी मजबूत और हष्टपुष्ट बन सके ।




ताजे लहसुन की गलियों में सल्फर नामक तत्व प्रचुरता से मौजूद रहता है जोकि दाद खाज खुजली और अन्य‌ त्वचा रोगों की रामबाण दवा है। 



लहसुन का नियमित रूप से सेवन लिवर किडनी फेफड़ों को लेड़ कार्बंन कण आदि प्रदूषक तत्वों से सुरक्षित रखता है यह शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है ।



एक बैटरी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों पर लहसुन के प्रयोग से यह बातचीत हुई की लहसुन का नियमित सेवन करने वाले कर्मचारियों में लेड़ जैसी खतरनाक  धातु का स्तर उन कर्मचारियों से 19% तक कम पाया गया जो लहसुन का नियमित सेवन नहीं करते हैं।






लहसुन की विशेष गंध मस्तिष्क के उन भागों को सक्रिय कर देती हैं जो याददाश्त बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होते हैं ।‌ अतःलहसुन की गंध से याददाश्त तेज होती है।









2. लहसुन के औषधीय गुण :::




प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथ चरक संहिता में लहसुन के औषधीय गुणों के बारे में वर्णन करते हुए लिखा है 



क्रिमिकुष्ठकिलासन्घोवातघ्नोगुल्मनाशन:।स्निग्धश्चोष्णच्शवृष्यश्चलशुन:कटुकोगुरु:।।


अर्थात लहसुन पेट की कृमी, कुष्ठ, वातव्याधि को दूर करता है। लहसुन प्रकृति में ऊष्ण, वृष्य,कटु,और भारी होता है ।







3. लहसुन रात में खाने के फायदे :::




लहसुन की लगभग 3 ग्राम मात्रा में 1% सेलिनियम पाया जाता है सेलिनियम स्त्री और पुरुषों की काम शक्ति को बढ़ाता है ।


काम शक्ति बढ़ाने के लिए रात को सोने से 2 घंटे पहले लहसुन को भोजन के साथ या लहसुन की चटनी के रूप में खाया जा सकता है।





लहसुन स्त्रियों की बांझपन की समस्या भी समाप्त करता है इसके लिए 3 ग्राम कच्चा लहसुन सोने से पूर्व खाएं ।








4. भूने लहसुन के गुण bhune lahsun ke gun :::




एक अध्ययन में यह बात प्रमाणित हुई है कि जो व्यक्ति नियमित अंतराल से भूने लहसुन का सेवन करता है उसे सर्दी खासी और बुखार होने की समस्या उन लोगों की अपेक्षा बहुत कम होती है जो इसका सेवन नहीं करते हैं।




भूने लहसुन की एक कली सर्दी खांसी और बुखार होने पर लगातार तीन दिन तक देने से सर्दी खांसी और बुखार की समस्या समाप्त हो जाती है ।




सर्दियों में भुने हुए लहसुन की एक दो कलियां प्रतिदिन खाने से ठंड से बचाव हो जाता है ।






5. महिलाओं के लिए लहसुन के फायदे :::




लहसुन की चटनी और लहसुन का सब्जी में इस्तेमाल उन महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है जो मीनोपॉज की समस्या से ग्रसित है। लहसुन ऐसी महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर  से बढ़ा देता है । जैसे मीनोपॉज की समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका कम हो जाती है।





यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन UTI होने पर दो गिलास पानी में 3-4 लहसुन की कलियां डालकर उबाल लें ठंडा होने जाने पर इस पानी से योनि य को धो ले ।प्रकार योनि धोने से योनि में मौजूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। 





6. शहद और लहसुन के फायदे :::




वैज्ञानिक शोधों और अध्ययन से यह बात अब तक प्रमाणित नहीं हुई हैं  कि शहद और लहसुन के फायदे एक साथ लेने पर क्या होते हैं लेकिन आयुर्वेद मतानुसार शहद योग वाही होता है अर्थात शहद जिस किसी पदार्थ के साथ मिलता है वह उसी पदार्थ के गुण ग्रहण कर लेता है ।






7. लहसुन के फायदे बालों के लिए 




लहसुन के तेल को बालों की जड़ों में लगाने से बाल काले और चमकदार बनते हैं साथ ही और रुसी ,खुश्की की समस्या समाप्त होती है।



लहसुन का तेल बालों में लगाने से‌ जुए मर जाती है ।








8. मोटापा दूर करने में लहसुन के फायदे ::



लहसुन गर्म प्रकृति की होती है यह गर्म प्रकृति शरीर से अतिरिक्त चर्बी को जलाने का काम करती है अतः ऐसे लोग जो शीतल प्रकृति के हैं और मोटे हो उनको लहसुन का सेवन करना चाहिए ।







9. कान दर्द में लहसुन के फायदे :::



कान दर्द की समस्या होने पर लहसुन का तेल या सरसों के तेल में 3‌-4‌ लहसुन की कलियां गर्म कर हल्का ठंडा हो जाने पर  प्रभावित कान में डालें, कुछ समय के प्रयोग के पश्चात कान दर्द‌ की समस्या समाप्त हो जाती है ।






10. रेडियोएक्टिव विकिरण से बचाव :::




लहसुन का नियमित सेवन रेडियोएक्टिव विकिरण से बचाव करता है जिससे कैंसर होने की संभावना समाप्त हो जाती है। मोबाइल टावर ठीक करने वाले और अस्पतालों  में एक्स रे मशीन एम आर आई मशीन के साथ काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी यदि लहसुन का नियमित सेवन करें तो वह रेडियोएक्टिव विकिरण के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं।








11. टैकीकार्डिया में लहसुन के फायदे :::



लहसुन में पोटेशियम, सोडियम और मैग्निशियम उच्च मात्रा में पाए जाते हैं इन तत्वों की कमी से टैकीकार्डिया होने की संभावना रहती है यदि लहसुन का सेवन नियमित रूप से किया जावे तो इन तत्वों की कमी से होने वाले टैकीकार्डिया से बचाव होता है।






12.  लहसुन के पत्तों‌‌ के फायदे :::




लहसुन के ताजे हरे पत्तों में फाइबर पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहता है यह फाइबर आंतों और पेट की सफाई कर कब्ज से निजात दिलाता है। उसके लिए लहसुन के ताजे हरे पत्तों की सब्जी बना कर खाना चाहिए।



लहसुन के पत्तों की सब्जी नपुंसकता दूर करती हैं और शरीर में प्राकृतिक  यौन उत्तेजना पैदा करती हैं अतः यौन दुर्बलता से ग्रसित व्यक्ति को लहसुन के ताजे पत्तों की सब्जी बनाकर अवश्य खाना चाहिए।




लहसुन के सूखे पत्तों को भंडारित अनाज में रखने से अनाज में घुन नहीं लगती हैं ।




लहसुन के पत्तें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण वाले होते हैं । यदि किसी के नाखून फंगस की वजह से भद्दे हो जाए तो लहसुन के पत्तों या लहसुन की कली का पेस्ट बनाकर प्रभावित भाग पर लगाने से आराम मिलता हैं ।




13. लहसुन उत्तम प्राकृतिक कीटनाशक भी माना जाता है ::



भारत में प्राकृतिक खेती करने वाले कई किसान लहसुन, नीम की निंबोली और छाछ मिलाकर प्राकृतिक कीटनाशक बनाते हैं यह  कीटनाशक रासायनिक कीटनाशकों के मुकाबले बहुत किफायती, मानव स्वास्थ्य का रक्षक और फसलों को कीटों से बचाने वाला साबित हुआ है। 






14. लहसुन के सूखे पत्तों के धुए से मच्छर भाग जाते हैं :



लहसुन के सूखे पत्तों का दुआ करने से मलेरिया फैलाने वाले मच्छर संक्रामक बीमारी फैलाने वाली मक्खियां  कीट पतंगे और टिड्डी दल तुरंत भाग जाते हैं।







15.लहसुन के नुकसान ::





लहसुन प्रकृति में गर्म होता है अतः जिन लोगों को पेट में तकलीफ, एसिडिटी, पेट में अल्सर जैसी समस्या हो उन लोगों को लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए ।




लहसुन के सेवन के बाद सांस में से बदबू आती है अतः लहसुन सेवन का समय ऐसा रखा जाना चाहिए जब आपको कहीं आना जाना नहीं हो ।



लहसुन की गंध बहुत तीव्र होती हैं अतः ऐसे व्यक्ति जिनको तेज गंध से एलर्जी हो अस्थमा की समस्या हो, माइग्रेन की समस्या हो को लहसुन का सेवन चिकित्सक के परामर्श के पश्चात ही करना चाहिए ।




लहसुन का सेवन व्यक्ति को उम्र, वजन ,शारीरिक क्षमता और प्रकृति के अनुरूप ही करना चाहिए ज्यादा मात्रा में लहसुन का सेवन करने से उल्टी, दस्त,चक्कर आना और पेट दर्द की समस्या पैदा हो जाती है इसीलिए लहसुन सेवन से पूर्व अपने डाइटिशियन या चिकित्सक का परामर्श अवश्य करें





16. लहसुन कब खाना चाहिए 





वैसे तो लहसुन 12 माह खाई जाती है परंतु शीत ऋतु में खाई हुई लहसुन बहुत उत्तम औषधि मानी जाती है।  कई लोग शीत ऋतु में लहसुन का अचार बनाकर खाते हैं , कई लोग लहसुन को भूनकर खाते हैं। कई लोग लहसुन को सब्जी में डालकर और चटनी बनाकर उपयोग करते हैं। 


लहसुन रात में या दिन में कब खाना चाहिए इस पर भी लोग प्रश्न करते हैं , वास्तव में लहसुन खाने का सबसे उत्तम समय वही है जो आपके शरीर की प्रकृति है। अर्थात आपका शरीर वात प्रधान  है ,या कफ प्रधान है या पित्त प्रधान है ,भूना हुआ लहसुन वात प्रकृति वालों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।  शहद मिला हुआ लहसुन पित्त प्रकृति वालों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है ,इसी प्रकार कफ प्रकृति वालों के लिए तेल में चला हुआ लहसुन श्रेष्ठ माना जाता है ।





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