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निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार

निम्न रक्तचाप क्या होता है 

एक सामान्य व्यक्ति का रक्तचाप 120/80 mmhg यानि सिस्टोलिक रक्तचाप 120 mmhg और डायसिस्टोलिक 80 mmhg होता हैं। यह एक आदर्श स्थिति मानी जाती हैं किन्तु जब सिस्टोलिक रक्तचाप 90 mmhg और डायसिस्टोलिक 60  mmhg होता हैं तो इस स्थिति को निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन  कहते हैं। 


निम्न रक्तचाप के क्या लक्षण होते हैं 

• चक्कर आना

• शरीर में कमजोरी आना

• हाथ पांव में कमजोरी महसूस होना

• आंखों से कम दिखाई देना

• शरीर का तापमान कम होना

• सिरदर्द होना

• उल्टी होना

• प्यास अधिक लगना

• त्वचा ढीली पढ़ना

• त्वचा में पीलापन

• मानसिक अवसाद में रहना

• सांस बहुत गहरी और अनियमित चलना

• बातचीत करने बहुत बोझिल लगना

निम्न रक्तचाप के कारण


1.शरीर में पानी और खनिज लवणों की कमी

यदि शरीर में पानी और खनिज लवणों जैसे सोडियम पोटेशियम आदि की कमी हो जाती हैं तो शरीर का रक्तचाप कम हो जाता है। सोडियम पोटेशियम जैसे खनिज तत्व रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

हमारे शरीर में सामान्य सोडियम का स्तर 135 से 145 मिलीइक्विलेंट पर लीटर (mEq/L) हैं, जबकि पोटेशियम का सामान्य स्तर 3.6 and 5.2 millimoles per liter (mmol/L) होता है ,इस स्तर से कम सोडियम पोटेशियम होने पर निम्न रक्तचाप हो जाता हैं। 

इसी प्रकार दस्त उल्टी या अन्य किसी कारणवश शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं तो निम्न रक्तचाप की समस्या पैदा हो जाती हैं।

2.विटामीन और आयरन की कमी

विटामीन बी 12 लाल रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ रखता है यदि विटामिन बी 12 की कमी हो जाती हैं तो रक्त कोशिकाएं अस्वस्थ होकर व्यक्ति को एनिमिया हो जाता हैं फलस्वरूप पर्याप्त मात्रा में खून नहीं होने से व्यक्ति निम्न रक्तचाप से ग्रसित हो जाता हैं।

3.ह्रदय वाल्व में समस्या होने पर

यदि ह्रदय के वाल्व में समस्या हो जाती हैं या ह्रदय की मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है तो ह्रदय की खून पंप करने की क्षमता कम हो जाती हैं और व्यक्ति निम्न रक्तचाप से पीड़ित हो जाता है।

4.गर्भावस्था के कारण

गर्भावस्था में स्त्री का रक्तसंचार तंत्र सक्रिय होकर हैं रक्त भ्रूण की ओर अधिक प्रवाहित होता हैं जिससे स्त्री का रक्तचाप कम हो जाता है।

5.रक्तस्त्राव के कारण

शरीर में से अधिक मात्रा में रक्त निकलने के कारण रक्त कम होकर रक्तचाप कम हो जाता हैं,ऐसा किसी दुर्घटना, आपरेशन या ऐसी बीमारी जिनमें आंतरिक रक्तस्राव हो सकता हैं जैसे डेंगू के कारण हो सकता हैं।


6.सदमा लगने के कारण

 अचानक कोई बुरी खबर सुनकर मस्तिष्क में सदमा लगा जाता हैं फलस्वरूप रक्तचाप कम हो जाता है।

7.दवाईयों के कारण

उच्च रक्तचाप,पार्किसन, तनाव, हाइपोथायरायडिज्म, एड्रीनलीन की समस्या, में उपयोग की जाने वाली दवाओं तथा एनेस्थीसिया दिए जाने के कारण भी निम्न रक्तचाप हो सकता है।

इसके अलावा vaccination वैक्सीनेशन, कैंसर के उपचार में प्रयोग की जाने वाली इम्यूनोथेरेपी Immunotherapy के कारण भी रक्तचाप कम हो जाता हैं।


निम्न रक्तचाप के कारण क्या समस्या हो सकती है

• अचानक से चक्कर आ सकते हैं जिससे व्यक्ति गिरकर चोटिल हो सकता है।

• ब्रेन स्ट्रोक और डिमेंशिया हो सकता है।

• किडनी, लिवर और शरीर के अन्य दूसरे अंग काम करना बंद कर सकते हैं।

• गर्भस्थ शिशु का मस्तिष्क और अन्य दूसरे अंग अविकसित रह सकते हैं।

• लगातार निम्न रक्तचाप रहने से व्यक्ति अवसाद में चला जाता हैं।

निम्न रक्तचाप का घरेलू उपचार

• चिकित्सक की सलाह से अपना सोडियम और पोटेशियम लेवल पता करें यदि यह कम है तो डायटिशियन की सलाह पर नमक की दैनिक मात्रा बढ़ा दें।

• अश्वगंधा,विराजित,केसर या हल्दी दूध में मिलाकर सुबह-शाम पीना चाहिए

• च्यवनप्राश एक चम्मच दूध के साथ रात को सोते समय लें

• ऐसी चीजें जो ब्लड प्रेशर लो करती हो जैसे भांग,गांजा, आदि नही ले।

• अनार, चुकंदर, बाजरा , उड़द , सोया व्यंजन, टमाटर,गाजर,ब्रोकली भोजन में शामिल करें।

• दाल सब्जी में हींग, कालीमिर्च, दालचीनी और सोंठ डालकर बघार लगाएं ।

• अधिक मैदायुक्त चीजें भोजन में न लें।

• स्विमिंग, साइकलिंग, रनिंग जैसी शारीरिक गतिविधियों में भाग लें।

• दिन में 10 से 12 गिलास पानी अवश्य पीएं।

• पसीना अधिक आता है तो दिन में एक या दो बार ORS, निम्बू पानी या नारियल पानी पीना चाहिए।

बीपी लो होने पर तुरंत क्या करना चाहिए

यदि किसी का बीपी अचानक से लो हो जाता है तो सब लोग घबराहट में आ जाते है किंतु ऐसे समय पर शांत रहकर चिकित्सा मिलने तक कुछ उपाय कर लेना चाहिए जैसे

1. सबसे पहले मरीज को पीठ के बल लेटने को कहें

2.इसके बाद पैरों को उठाकर, इनके निचे दो तकिए रख दें

3.पांच मिनट तक मरीज को ऐसे ही लेटने को कहें

4.ऐसा करने से खून का प्रवाह टांगों से ह्रदय और सिर की ओर होने लगता हैं और रक्तचाप में बढ़ोतरी हो जाती हैं।

• मरीज को चाय या कॉफी बनाकर पीलाएं

• ग्लूकोज या ORS पीने को दें



निम्न रक्तचाप के लिए योग


1.पवनमुक्तासन


कैसे करतें हैं - पीठ के बल लेटकर
पवनमुक्तासन


• सबसे पहले दोनों पैरों को बिना मोड़ें धीरे-धीरे श्वास भरकर उठाएं 60 डिग्री पर लाकर दोनों पैरों को उठाना रोकें

• इसके पश्चात चित्र में दर्शाए अनुसार पैरों को मोड़ लें

• अब चित्रानुसार दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ लें

• श्वास छोड़ते हुए सिर को ऊपर उठाकर मुंह को घुटनों से स्पर्श कराएं

• 30 सेकेंड तक इसी स्थिति में रहें

• अब जिस प्रकिया द्वारा योग की शुरुआत की थी उसी के द्वारा एक एक कर सामान्य स्थिति में लोट आएं

• कुछ देर शरीर को आराम दें और पुनः यह प्रक्रिया दोहराएं

• शुरू में एक दो बार करें बाद में समय आपकी सुविधा अनुसार बढ़ाते चलें 


2.शलभासन

कैसे करते हैं - पेट के बल लेटकर
निम्न रक्तचाप के लिए योग
शलभासन


• सबसे पहले चित्रानुसार लेटकर दोनों हाथों की मुट्ठी बना लें और जांघ के पास रखें

• चित्रानुसार श्वास लेते हुए पांव ऊपर करें

• अब दोनों तलवों को मिलाकर पांव मिला लें और पांव में खिंचाव पैदा करें

• कुछ देर इसी स्थिति में रहें और फिर पुनः पहले की अवस्था में लोट आएं


3.धनुरासन

कैसे करते हैं - पेट के बल लेटकर
धनुरासन


• चित्रानुसार दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर दोनों हाथों से श्वास भरकर पकड़े

• कुछ समय श्वास रोककर रूकें तत्पश्चात श्वास धीरे-धीरे छोड़कर पुनः पहले वाली अवस्था में आ जाएं

• सुविधा अनुसार इस क्रिया को तीन चार बार दोहराएं


4.भुजंगासन

कैसे करते हैं - पेट के बल लेटकर
भुजंगासन


• चित्रानुसार श्वास खींचते हुए धीरे धीरे शरीर को उठाएं

• श्वास लेते हुए कुछ सेकंड तक इसी अवस्था में बने रहे

• धीरे धीरे पुनः पहले वाली अवस्था में आ जाएं


निम्न रक्तचाप के लिए प्राणायाम


कपालभाति प्राणायाम


• सबसे पहले ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं

• आंखों को बंद कर कंधों को ढीला छोड़ दें

• तेजी से श्वास भरें और छोड़ें यह क्रिया प्रतिमिनिट 60 बार करें

• प्रतिदिन धीरे-धीरे अभ्यास को बढ़ाते हुए पांच मिनट तक लें जाएं




• उच्च रक्तचाप का आयुर्वेदिक इलाज








 

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