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दुनिया का सबसे मंहगा फल कौंन सा हैं

 दुनिया का सबसे मंहगा फल


भारत में आजकल एक पौधा बहुत चर्चा में हैं इस पौधे का नाम है हाप hop और इस पौधे पर जो फल या कह लें फूल लगता है जिसका नाम हापशूट Hopshoot है। उसकी कीमत है एक लाख रुपए किलो जी हां सही पढ़ा आपने एक लाख रुपए किलो। हापशूट्स दुनिया का सबसे मंहगा फल हैं।


बहुत कम लोग जानते हैं कि हापशूट्स Hopshoot दुनिया का सबसे मंहगा फल क्यों है? 

तो इसका भी हम आपको जवाब दे देते हैं , Hopshoot अपनी मादकता, सुगंध,और औषधीय गुणों के कारण यूरोपीय,अमेरिकन देशों में इतना अधिक लोकप्रिय हैं कि लोग हापशूट को खरीदने के लिए 1 हजार यूरो प्रति किलो यानि भारतीय मुद्रा में तकरीबन 80 हजार से एक लाख रुपए आसानी से खर्च कर देते हैं।

 हापशूट का फल,तना, जड़ सबकुछ जटिल बीमारियों को ठीक करने का सामर्थ्य रखते हैं। हापशूट के बीज बियर के स्वाद और इसकी सुगंध को मादक बनाने के लिए भी प्रयोग किए जाते  है।
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हापशूट



हापशूट भांग Cannabaceae कुल का पौधा है जिसका बाटनिकल नाम  botanical name of hops Humulus lupulus हैं।

हापशूट का फल वास्तव में लतारुपी पौधों में लगने वाले एक प्रकार के फूल है ,हापशूट का मूल उद्गम स्थान यूरोप हैं लेकिन इसके बढ़ते महत्व को देखते हुए आजकल यह पूरी दुनिया में उगाया जाता हैं ‌। तो आईए जानते हैं हापशूट के औषधीय गुणों के बारे में


1.हापशूट के लाभ कैंसर में

नवीनतम शोधों के मुताबिक हापशूट में एक्टिव बायो एसिड ह्यूमोलोंस humolones और ल्यूपोलोंस lupulones ,जेंथोंलोंस प्रचुरता से पाया जाता हैं ‌। यह तत्व कोलोन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर की कोशिकाओं को मार देता हैं । और इसके सेवन से प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना समाप्त हो जाती हैं।

2.तनाव समाप्त करता हैं

हापशूट भांग के कुल का होने के कारण खाने वाले को नशा देता है, लेकिन हापशूट का सीमित मात्रा में उपयोग औषधि बन जाता हैं। शोध के मुताबिक यदि इसके पत्तों की चाय बनाकर रात को सोने से पहले पीने से तनाव समाप्त हो जाता हैं।

3.हापशूट के लाभ माइग्रेन में

हापशूट में पाए जाने वाला सक्रिय तेल मस्तिष्क की नशों में खिंचाव कम कर माइग्रेन में आराम पहुंचाता है। प्राचीन काल से ही चीन और यूरोप के लोग हापशूट के पत्तों का तकिया बनाकर ऐसे लोगों को सोने के लिए देते हैं जिन्हें माइग्रेन, डिमेंशिया और अनिद्रा की बीमारी है।

शोधकर्ताओं के अनुसार हापशूट में मौजूद जेंथोहूमोल xanthohumol मस्तिष्क की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है इस प्रकार बुढ़ापे में हापशूट का सेवन पार्किसन और एल्जाइमर से बचाता है।

4.श्वसन तंत्र से संबंधित बीमारियों में हापशूट के लाभ

हापशूट के पत्तों की भाप और इसमें मौजूद एंटी बेक्टेरियल सुगंधित तेल श्वसन तंत्र से संबंधित बीमारियों जैसे अस्थमा, खांसी और एलर्जी में आराम पहुंचाता है। 

चीन में सदियों से हापशूट का प्रयोग ट्यूबरकलोसिस के इलाज में हो रहा है। ब्रिटिश शोधकर्ताओं के मुताबिक हापशूट की एंटी बेक्टेरियल प्रापर्टी टीबी के बेक्टेरिया का सफाया कर देती हैं, हालांकि इस संबंध में अभी और शोध की आवश्यकता है।


5.मेनोपाज में हापशूट के लाभ

हापशूट में मौजूद केमिकल होपीन की संरचना मानव एस्ट्रोजन के समान होता है । अतः ऐसी महिलाएं जो मेनोपॉज से गुजर रही है यदि वे हापशूट का सेवन शुरू कर दें तो मेनोपॉज की वजह से होने वाले हार्मोनल बदलाव को नियंत्रित कर सकती हैं। 

शोधकर्ताओं के अनुसार हापशूट खाने वाली महिलाएं एस्ट्रोजन थैरेपी जैसी जटिल प्रक्रिया से बच सकती हैं।और menopause की वजह से होने वाले अधिक रक्तस्राव की  समस्या से बच सकती है।


5.वजन कम करने में हापशूट के लाभ

हापशूट में मौजूद फ्लेवनॉयड्स शरीर के मेटाबॉलिज्म रेट को नियंत्रित कर अतिरिक्त चर्बी को पिघलाता हैं, जिससे मोटापा तेजी से कम होता हैं।

5.गंजापन में हापशूट के लाभ

हापशूट का तना, पत्तों और फल को सुखाकर और फिर इसका पेस्ट बनाकर गंजे सिर पर लगाने से गंजे सिर पर फिर से बाल आने लगते हैं। रिसर्च पेपर्स में छपे लेखों के अनुसार हापशूट में मौजूद सक्रिय तेल सिर के रोमछिद्रों को खोलकर मृत कोशिकाओं Dead skin cells को हटा देता हैं और नवीन कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करता है जिससे नए बाल आने की प्रक्रिया तेजी से शुरू होती है।

हापशूट को सिर में लगाने से डेंड्रफ की समस्या का समाधान भी बहुत सरलता से होता हैं।


6.एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण

प्राचीन काल से ही इसके रस को सूजन कम करने के लिए शरीर के विभिन्न भागों पर लगाया जाता है । इसका रस चोंट, घाव, मसूड़ों की सूजन,गठिया और शरीर पर आने वाली  अन्य प्रकार की सूजन को बहुत तेजी से कम करता है।

7.शीघ्रपतन में हापशूट के लाभ

हापशूट में मौजूद तेल पुरुष जननांगों की संवेदनशीलता को कम कर देता है फलस्वरूप पुरुष में लम्बे समय तक सेक्स करने पर भी शीघ्रपतन premature ejaculation नहीं होता हैं।

8.दिमाग को शांत रखता है

हापशूट दिमाग की नसों को आराम प्रदान कर मस्तिष्क को शांत रखता है । ऐसे खेल जहां दिमाग शांत और एकाग्रचित्त करने की आवश्यकता होती है जैसे शतरंज निशानेबाजी आदि में हापशूट खिलाड़ी के प्रदर्शन को सुधारता है ।

हापशूट attention deficit-hyperactivity disorder (ADHD) के इलाज में भी प्रमुखता से प्रयोग किया जाता है

9.एसिडिटी में राहत प्रदान करता है

हापशूट स्वाद में कड़वा होता हैं और इसकी प्रकृति क्षारीय होती हैं । इसके सेवन से पेट में एसिड कम हो जाता हैं और एसिडिटी,खट्टी डकारें,पेट फूलना आदि में राहत मिलती हैं।

10.मूत्र की रुकावट में

हापशूट खाने के बाद पेशाब बार बार होती हैं अतः जिन लोगों को प्रोस्टेट या अन्य कारणों से मूत्र की रुकावट होती हैं वे हापशूट का सेवन करें तो मूत्राशय बहुत शीघ्र खाली हो जाता है।

11.स्त्रीयों का दूध बढ़ाने में हापशूट के लाभ

हापशूट में पाया जाने वाला तत्व ल्यूपिन स्त्री के स्तनों की दूध नलिकाओं को उत्तेजित कर अधिक दूध निर्माण को प्रोत्साहित करता हैं।

12.एंटी एजिंग क्रीम

हापशूट के रस और इसके तेल से बनने वाली स्कीन क्रीम पूरी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है क्योंकि इसमें पाई जाने वाली एंटी एजिंग प्रापर्टी त्वचा को जवान और चमकदार बनाए रखती हैं। 

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