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बाजरा पोषणीय महत्व का अनुपम खाद्य पदार्थ

बाजरे का परिचय :::





बाजरा मोटे अनाज के अन्तर्गत आता हैं.यह दिखनें में गोल रंग में हल्का सफेद होता हैं.भारत और दुनिया के अनेक देशों की यह प्रमुख खाद्य फसल हैं.जिसे मनुष्य और जानवर बड़े चाव से खातें हैं.बाजरा एक संतुलित आहार हैं.
खाद्य अनाज
 बाजरा





प्रकृति :::




यह शीतल,स्वाद में मधुर ,पचनें में आसान होता हैं.




पोषणीय महत्ता :::




प्रोटीन.      वसा       रेशा            फास्फोरस

11.6gm.   5gm.     1.2gm.            296mg




पोटेशियम.       कैल्सियम.        मैग्निशियम

   307mg.           45 mg.               137 mg




 सल्फर.            लोहा.             सोड़ियम. 

 147mg          8.0mg.          10.9 mg






 कापर.              जिंक.               मैगनीज. 

1.06 mg.           3.1 mg.              1.15 m





मालिब्ड़ेनम.       कैलोरी        कैरोटीन.  

 0.069 mg.         361 kc.     13micro mg





थायमिन.        राइब्लोफ्लेविन.     नायसिन

0.33 mg.            0.25 mg.             2.3 mg





फोलिक एसिड़

  14.7 mg.                              (प्रति100gm)






उपयोग :::







:::  बाजरा भारत के कई हिस्सों जैसे राजस्थान,गुजरात ,मध्यप्रदेश हरियाणा आदि राज्यों में बड़े चाव से खाया जाता हैं.कई ज़गह ये खाद्य  पदार्थ से बढ़कर सांस्कृतिक,धार्मिक रिति रिवाज का अंग बन चुका हैं,जैसे राजस्थान में शादी,पारिवारिक आयोजनों में इसके बने व्यंजन ही कुल देवता को अर्पित कर आयोजन सम्पन्न होता हैं









::: बाजरा वसा का बहुत अच्छा स्रोंत हैं,अत: कुपोषण से ग्रस्त शिशुओं को बाजरे की थूली (porridge) बनाकर उसमें घी मिलाकर सेवन करवानें से कुपोषण मिट़ जाता हैं.





::: दूधारू पशुओं,भारवाही पशुओं के लिये बाजरा या इसकी चरी विशेष और महत्वपूर्ण हैं,क्योंकि इसके सेवन से दूधारू पशुओं को दूध अधिक उतरता है.वहीं भारवाही पशुओं को बल प्राप्त होता हैं.






::: गर्भवती स्त्रीयों को प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात इसका अवश्य सेवन करना चाहियें क्योंकि इसमें मोजूद आयरन,प्रोटीन, कैल्सियम, और फास्फोरस माँ और शिशु को खून,हड्डीयों की कमज़ोरी, और प्रोटीन की कमी से बचाता हैं.










० तुलसी






::: यह रक्त को साफ करता हैं.इसमें उपस्थित सल्फर त्वचा संबधित समस्या जैसे फोड़े फुंसियाँ, और मुहाँसे को समाप्त कर देता हैं.




::: आँखों को स्वस्थ मज़बूत और सुड़ोल बनानें में बाजरा बहुत उपयोगी होता हैं.अत:अंकुरित बाजरा सुबह के नाश्ते में अवश्य शामिल करें.




::: बाजरे का आटा,जौ का आटा,चावल का आटा 4:3:1 में मिलाकर इसे गर्मीयों में पानी मिलाकर सेवन करनें से लू ( heat stroke) में बहुत आराम मिलता हैं.चाहे तो स्वादानुसार नमक शक्कर मिला सकते हैं.




:::  यदि हड्डीयों से संबधित समस्या हो तो बाजरा की रोटी दूध के साथ सेवन करें.




::: आपरेशन के पश्चात स्वास्थ लाभ ले रहे हो तो इसकी थूली (porridge) सम्पूर्ण आहार के रूप ली जा सकती हैं.
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० बरगद पेड़ के फायदे

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