शुक्रवार, 21 अगस्त 2015

PET CARE AND AYURVEDA


हम मे से कई लोगों को पालतू जानवरों का शोक होता हैं. और ये जानवर हमारें घर का हिस्सा बन जातें हैं, कई लोग इनके बीमार होनें पर परेशान हो जातें हैं.और सीधे वेटनरी अस्पताल दोड़ते हैं, यदि हम इन जानवरों की सही देखभाल करें तो इन्हें लम्बें समय तक स्वस्थ रख सकते हैं. प्राचीन काल में जब कोई पालतू जानवर बीमार हो जाता तो ऐसे ही आयुर्वैदिक उपचार के द्वारा उन्हें शीघ्र स्वस्थ कर लिया जाता था.आईयें जानतें हैं कुछ उपचार-::
१.यदि घरेलू जानवर को जुँए किलनियाँ हो जावें तो नीम पत्तियाँ, एलोवेरा गुदा, निम्बू रस,आवँला, को मिलाकर नहलानें से पहलें पूरे शरीर में लगा दे फिर नहला दे.
२.यदि खुजली हो तो गंधक रसायन एक गोली रोज दे.
३.कभी- कभी pet's को सर्दी खाँसी हो जाती हैं ऐसे मे तुलसी, अदरक,लोंग, अडूसा,काली मिर्च,हल्दी, गुड़,को मिलाकर पानी मे उबाल लें इसे ठंडा कर एक कप सुबह शाम पीलावें ऐसा तीन दिनों तक करें हर बार नया काढ़ा बनायें.
४. कभी- कभी घर पर अधिक समय बंद रखनें से pet's के पाँव मुड़ जातें हैं ऐसी अवस्था मे अश्वगंधा चूर्ण और महानारायण तेल का सेवन एक-एक चम्मच सुबह शाम दूध के साथ करवाते रहें.
५. गर्मीयों में कुत्तों को गर्मी अधिक लगती हैं ऐसे समय मे इन्हें दूध में मिलाकर हर दूसरे दिन तीन चम्मच चंदनासव दे.
नोट- वैघकीय परामर्श आवश्यक
Svyas845@gmail.com

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