गुरुवार, 13 अगस्त 2015

HEADACHE AND AYURVEDA

 सिरदर्द एक आम समस्या हैं जिसका सामना हर एक व्यक्ति को करना पड़ता हैं.अनेक बार व्यक्ति इस रोग का सामना करता हैं परन्तु अधिकांश व्यक्ति इसे गंभीर रोग नहीं मानतें  दर्द निवारक लेकर फिर भूल जातें हैं कि कभी सिर दर्द हुआ था.फिर अगली बार जब दर्द होता हैं तब फिर दर्द निवारक की शरण में यह क्रम चलता रहता हैं. अब आईयें जानते हैं वास्तविकता सिर दर्द शरीर में होनें वाली कई आन्तरिक बीमारीयों का सूचक हैं इनमे शामिल हैं :-

१. कब्ज
२.गैस
३.गठिया 
४.उच्च रक्तचाप
५.मानसिक रोग
६. अर्श

यदि सिरदर्द को गंभीर मानकर इसका समुचित प्रबंधन कर लिया जावें तो हम उपरोक्त बीमारींयों को आने से रोक सकतें हैं.आईयें जानते हैं उपचार-:

१. सिरसूलादि वज्र रस,त्रिफला, शंख वटी,वत्सनाभ ,हल्दी, मिस्री,को मिलाकर शहद के साथ एक चम्मच रोज ले.
२.गोघ्रत को दो- दो बूंद नाक में सोते वक्त ड़ाले.
३. बरगद पेड़ का दूध एक बूँद बतासे में मिलाकर हर आठवें दिन सेवन करें.
४.  योगिक क्रियाएँ कपालभाँति, भ्रामरी अनुलोम-विलोम करें. 
५.  जल पर्याप्त मात्रा में पीयें.
६. कम से कम १०१ बार ' ऊँ' का उच्चारण करें.
  नोट:- वैघकीय परामर्श आवश्यक हैं.
Svyas845@gmail.com

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