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Jatyadi oil

  1. Jatyadi oil :::

#Content :::

० Chameli pati.

० Neem patti.

० Patolpatra.

० Karanjpatti.

० Mulethi (Glycyrrihiza glabra).

० koot.

० Haldi.

० Daruhaldi (Berber is aristata).

० kutki (picrorhiza kurroa)
० majeetha.

० Kamal.

० Lodra.

० Harad (Terminalia bellerica).

० Nelkamal (Nelumbo nucifera).

० Neelathotha.

० Sariva.

० karanjseed.

० Till tel and other.


#Indication :::

० Kacchu.

० sphotka.

० Nazi vrana.

० sastraprahara.

० Dagdha varana.

० Santa nakha ksata.

० Dusra varana.

० Also use in healing wound,ulcers, skin disease, eruptions in piles,fistula.

#Dosage :::


local application on the affected part as directed by physician .


० पंचनिम्ब चूर्ण









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गेरू के औषधीय प्रयोग

गेरू के औषधीय प्रयोग गेरू के औषधीय प्रयोग   आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें । गेरु भी उसी श्रेणी की   आयुर्वेदिक औषधी   हैं। जो सामान्य मिट्टी   से   कहीं अधिक   इसके   विशिष्ट गुणों के लिए जानी जाती हैं। गेरु लाल रंग की मिट्टी होती हैं। जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्रा में मिलती हैं। इसे गेरु या सेनागेरु कहते हैं। गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं । गेरू का संस्कृत नाम  गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं । गेरू का लेटिन नाम  गेरू   silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं । गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं । गेरू के औषधीय प्रयोग 1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को कम करने वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लिय

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