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CHANDANASAVA,KANAKASAV

1.chandanasava :::



चन्दनासव इत्येष शुक्रमेहविनाशन:|बलपुष्टिकरो हृद्धो वह्सन्दीपन: पर : ||

content :::


० chandan (santalum alhum).


० nagarmodha (Cyprus rotundus).


० manjisth (Rubia cordifolia).


० priangu ( callicarpa macrophylla)


० munaka ( vitis vinifera).


० Neelkamal (Nelumbo nucifera).



० Dhaiphool (Woodfordia fruticosa)


० lal chandan.


० Mochras.


० patolpatra.


० Rashna.


० mulethi.


० pittapapada.


० Kachoor.


० Amachhal.


० Kanchanarchhal.


० peepalchhal.


० Bargadchhal.


० chirayata.

Indication :::



It has diuretic and refrigerant action. It makes urine alkaline and therefore is useful in burning micturition.It is useful in dysuria,oliguria and urinary calculus.



It provides symptomatic relief in gonorrhoea and syphilis as it reduces dysaria,burning micturition and pus.

It's another uses:::

० Harmaturia.

० general debility.

० Spermatorrhsea.

० Leucorrhoea.

Dosage :::


As directed by the physician
.



 2.Kanakasav :::


content :::



० Shuddha Dhatura ( Datura metel)


० Bharangi ( clerodendrum serratum).


० munaka ( vitis vinifera).


० Nagkeshar ( media ferrea).


० pippli ( piper longum).


० Dhaiphool ( Woodfordia fruticosa)


० Talispatra.


० honey.


० Saunth.


० mulethi.


० Adusa.


० Sugar.

Indication :::



० Bronchial asthma.


० cough.


० Tuberculosis.


० chronic fever.


० Rakta - pitta.

Dosage :::



as directed by the physician.





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