मंगलवार, 27 सितंबर 2016

कांकायन वटी,kankayan vati,

कांकायन वटी (kankayan vati) :::


कांकायन वटी आयुर्वैद चिकित्सा में अपना अनुपम स्थान रखती हैं. इसके बारें में एक श्लोक हैं, कि
कांकायनेन शिष्येभ्य : शस्त्रक्षाराग्निभिर्विना |भिषग्जितमिति प्रोक्तं श्रेष्ठमशोविकारिणाम् ||

बथुआ


घट़क (content) :::


० हरड़ (Terminalia chebula).

० कालीमिर्च (piper nigrum) .

० सौंठ ( Zingiber officinale).

० जीरा ( cuminum cyminum).

० पीपलीमूल (piper longum).

 ०  चव्य 

० चित्रक (plumbago zeylanica).

० शुद्ध भिलावा (semecarpus anacardium).

० यवक्षार (potasil carbonas).

उपयोग (uses):::


० खूनी बवासीर (bleeding piles).

० कब्ज (constipation).

० एसीडीटी (acidity).

० ग्रहणी ( bawl disesease).

मात्रा ( Dosage):::


पानी या छाछ के साथ वैघकीय परामर्श से.





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