शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे बताइए

Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे बताइए



लोध्रासव के घटक Lodhrasav ke ghtak

Lodhrasav ke fayde
 लोध्रासव के फायदे


1.लोध्र lodhra 


2.मूरवा murva 


3.शटी shati


4.वायविडंग vayvidang


5.भारंगी bharngi


6.तंगर tangar


7.व्यग्रनखी vygrnkhi


8.नागरमोथा nagarmotha


9.कुटज kujaj


10.कूठ kuth



11.सुपारी supari



12.प्रियगु priygu



13.अतिविशा ativisha



14.चित्रक chitrak



15.इन्द्ररुणी indrruni



16.दालचीनी dalchini



17.छोटी ईलायची choti ilaichi



18.तेजपत्र tejpatr



19.नागकेशर nagkeshar



20.चिरायता chirayta



21.कुटकी kutki




22.यवानी yvani



23.पुष्करमूल pushakarmul



24.पाठा patha



25.ग्रंथी granthi



26.चव्य chavy 



27.हरड़ harad 



28.बहेड़ा bheda 



29.आंवला aanvla 



30.पानी Pani 



31.शहद shahad 




Lodhrasav ke fayde लोध्रासव के फायदे




मूत्राशय रोग में 



लोध्रासव मूत्र मार्ग से संबंधित बीमारी की सर्वमान्य आयुर्वेदिक औषधि है । रुक रूक कर पैशाब होना,पैशाब में जलन होना, बार बार पैशाब आना,पैशाब करने के बाद भी पैशाब की इच्छा होना । 


उपरोक्त बीमारियों में लोध्रासव 10 मिलीलीटर प्रतिदिन सुबह शाम भोजन से पहले लेना चाहिए ।





गर्भाशय विकारों में 



बार बार गर्भपात होना, गर्भाशय में गांठें होना,अनियमित मासिक धर्म होना,श्वेत प्रदर होना, urinary tract infection होना, आदि विकारों के लिए लोध्रासव बहुत उपयोगी आयुर्वेदिक औषधि है । 


इस औषधि के सेवन से गर्भाशय मजबूत होकर बीमारियों से बचा रहता हैं ।




लीवर संबंधी रोगों में



पीलिया,लीवर सिरोसिस, लीवर का सिकुड़ना आदि रोगों में लोध्रासव बहुत असरकारी प्रभाव दिखाती हैं ।

हेपिटाइटिस सी के बारे में जानकारी



मधुमेह में



लोध्रासव मधुमेह के कारण होने वाली परेशानियों जैसे अत्यधिक प्यास लगना, अंगो का सुन्नपन,को दूर कर रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करती हैं ।




अर्श रोग में 



लोध्रासव के नियमित सेवन से अर्श रोग में लाभ मिलता हैं । तथा गुदा द्वार से खून आना ,गुदा मार्ग में जलन होना जैसी समस्याओं से छूटकारा मिलता हैं ।




मोटापा कम करने में




मोटापा कम करने के लिए लोध्रासव बहुत उत्तम आयुर्वेदिक औषधि हैं ।  इस औषधि के सेवन से बदन छरहरा और सुडौल बनता हैं ।




भोजन में अरुचि


भोजन में अरुचि होना, भोजन नहीं पचना आदि समस्याओं में लोध्रासव बहुत अच्छा कार्य करती हैं । इसके सेवन से पाचक रस सही मात्रा में बनता हैं।





० वात पित्त और कफ प्रकृति के लक्षण










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