रविवार, 5 जनवरी 2020

पारस पीपल के औषधीय गुण

पारस पीपल के औषधीय गुण Paras pipal KE ausdhiy gun :::

My
पारस पीपल
 पारस पीपल

पारस पीपल का  वर्णन :::




पारस पीपल पीपल वृक्ष के समान होता हैं । इसके पत्तें पीपल के पत्तों के समान ही होतें हैं ।पारस पीपल के फूल paras pipal KE phul  भिंड़ी के फूलों के समान घंटाकार और पीलें रंग के होतें हैं । सूखने पर यह फूल गुलाबी रंग के हो जातें हैं इन फूलों में पीला रंग का चिकना द्रव भरा रहता हैं । 


पारस पीपल के  फल paras pipal ke fal खट्टें मिठे और जड़ कसैली होती हैं ।


पारस पीपल का संस्कृत नाम 



पारस पीपल को संस्कृत  में गर्दभांड़, कमंडुलु ,कंदराल ,फलीश ,कपितन और पारिश कहतें हैं। 


पारस पीपल का हिन्दी नाम 


पारस पीपल को हिन्दी में पारस पीपल ,गजदंड़ ,भेंड़ी और फारस झाड़ के नाम से जाना जाता हैं ।



पारस पीपल का अंग्रजी नाम Paras pipal ka angreji Nam :::



पारस पीपल का अंग्रेजी नाम paras pipal ka angreji nam "Portia tree "हैं ।


पारस पीपल का लेटिन नाम Paras pipal ka letin Nam :::



पारस पीपल का लेटिन paras pipal ka letin nam नाम Thespesia populcea हैं ।


पारस पीपल की प्रकृति 


आयुर्वेद मतानुसार पारस पीपल मधुर ,स्निग्ध ,और वात पित्त विकारों को हरने वाला होता हैं ।  



पारस पीपल के औषधीय गुण paras pipal KE ausdhiy gun :::


चर्म रोगों में पारस पीपल के औषधीय गुण



दाद खाज ,खुजली  होनें पर पारस पीपल के पके हुये फलों को जलाकर राख बना लें इस राख को नारियल तेल के साथ मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगानें से दाद खाज और खुजली मिटती हैं।   


ठंड के दिनों में चलनें वाली सूखी खुजली के लिये पारस पीपल के फलों का रस लगानें से खुजली मिट जाती हैं ।


पुरानें अतिसार में पारस पीपल के औषधीय गुण 



पारस पीपल की छाल paras pipal ki chal 100 ग्राम  कूटकर आधा लीटर पानी में तब तक उबलना चाहिये जब तक की पानी आधा न रह जायें ।


इस क्वाथ को 10 - 10 ML सुबह शाम पिलानें से पुरानें अतिसार में आशातीत लाभ प्राप्त होता हैं । 





संधिशोध में पीपल के औषधीय गुण :::


घुटनों कोहनी और शरीर के अन्य भागों की संधियों में सूजन और दर्द होनें पर पारस पीपल के पत्तों को गर्म कर प्रभावित स्थान पर बाँधने से दर्द और सूजन में राहत मिलती हैं ।


पारस पीपल का पौधा भी संधिवात में उपयोगी होता हैं, इसके लिए पारस पीपल के पौधा के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए




मूत्राशय की सूजन में पारस पीपल Paras peepal


पारस पीपल की छाल paras pipal ki chal का क्वाथ और इसके बीजों से बना तेल मूत्राशय की सूजन में देनें पर मूत्राशय की सूजन तुरंत उतर जाती हैं । 



नशा छुडवानें में पारस पीपल के औषधीय गुण 


किसी भी प्रकार का नशा छुडाना nasha chudana हो तो पारस पीपल की छाल और अर्जुन  की छाल Arjun ki chal को समान मात्रा में पीसकर एक - एक चम्मच सुबह शाम पानी के साथ सेवन करनें से किसी भी प्रकार के नशे की लत छुट जाती हैं ।

पेट दर्द में पारस पीपल के औषधीय गुण


पारस पीपल के पत्तों या इसकी छाल का क्वाथ बनाकर पीलानें से पेट दर्द में बहुत शीघ्र आराम मिलता हैं । 



सिरदर्द में पारस पीपल के औषधीय गुण ::



पारस पीपल के तनें को या ताजे फलों को पीसकर सिरदर्द में लेप करनें से सिरदर्द में अतिशीघ्र आराम मिलता हैं ।


कीडे मकोडों के विष पर पारस पीपल के औषधीय गुण


कीड़े मकोड़े के काटनें पर या शरीर के ऐसे स्थान जहाँ कीडे मकोड़े के काटनें पर फफोले पड़ गये हो वहाँ  इसके फलों से निकलने वाले पीले रस को लगानें से बहुत आराम मिलता हैं ।


० तुलसी


० योगा


० जवान होता भारत बुढ़ाता जनस्वास्थ्य



० बैंगन के फायदे



० सालिड़ बनों इंड़िया



० ह्रदयघात के प्रकार


० पंचनिम्ब चूर्ण


० W.H.O.के अनुसार भारत में कैंसर के आँकड़े


० निर्गुण्डी


० एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन



० कब्ज का आयुर्वेदिक इलाज



० पंचकर्म क्या हैं



० कद्दू के औषधीय गुण



० अश्वगंधा


० रोटावायरस टीकाकरण



०पंचकोसी यात्रा उज्जैन



० बरगद पेड़ के फायदे





० मुंह का कैंसर




० तनाव क्या हैं





० दशमूल क्वाथ के फायदे





० अमरूद में पाए जाने वाले पौषक तत्व




० दही के फायदे




० बांस के औषधीय गुण



० गंधक के औषधीय गुण

लेबल:

0 टिप्पणियाँ:

टिप्पणी पोस्ट करें

सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]

<< मुखपृष्ठ