गुरुवार, 16 फ़रवरी 2017

LOGISTIC EXCHANGE MEMORANDUM OF AGGREMENT {लेमोआ}

लेमोआ का पूरा नाम क्या हैं ::::


लेमोआ का पूरा नाम लाजिस्टिक एक्सचेंज मेमोंरेंड़म आफ एग्रीमेंट़ (logistic exchange memorandum of aggrement) हैं.

इसके बारें में विस्तारपूर्वक चर्चा करें :::

लेमोआ भारत और अमेरिका के बीच होनें वाला सैन्य सुरक्षा समझोता हैं,जिसमें भारत और अमेरिका की सेनायें एक दूसरें की सुरक्षा आवश्यकताओं के मद्देनजर एक दूसरे के आर्मी बेस,नेवी बेस और एयर बेस का उपयोग कर सकेगें.जिससे एक दूसरे की सुरक्षा आवश्यकताएँ पूरी हो सकें.

समझोतें के रणनितिक पहलू 

यह समझोता भारत के लिये भी उतना महत्व रखता हैं,जितना अमेरिका के लिये क्योंकि दक्षिणी एशिया में चीन का दबदबा और आक्रमकता लगातार बढ़ रही हैं.चाहे दक्षिणी चीन सागर को लेकर अन्तराष्ट्रीय पंचाट के फेसले के खिलाफ जाना हो या पाकिस्तान अधिक्रत कश्मीर से गुजरनें वाले इकाँनामिक कारिडोर को लेकर भारत को चेतावनी देना हो,चीन अपने मंसूबे साफ कर चुका हैं,और यदि भारत को सम्प्रभु राष्ट्र के रूप में चीन की चुनोंतीयों से निपट़ना हैं,तो अमेरिका जैसे मज़बूत सुरक्षा साझीदार का होना अत्यन्त आवश्यक हैं.इस समझोते के अन्तर्गत दोनों देशों के विमान,जहाज ,पनडुब्बीयाँ एक दूसरें की जल सीमा में या जहाँ सेनिक बेड़ें हैं वहाँ रूककर ईधन लें सकतें हैं,मरम्मत कर सकते हैं या अन्य साजों सामान लें सकतें हैं.अमेरिका के लिये भी यह समझोता उतना ही महत्वपूर्ण हैं,जितना की भारत के लिये क्योंकि एक तो दक्षिण एशिया में चीन को भारत के साथ मिलकर "काऊन्टर " किया जा सकता हैं,और दूसरा अमेरिकी सैन्य साजों सामान के लियें एक बड़ा बाज़ार ढूंढा जा सकता हैं.क्योंकि भारत निश्चित रूप से भविष्य में अपनी सुरक्षा ज़रूरतों को नये सिरे से रेखांकित करनें वाला हैं.और इसमें भविष्य की आधुनिक टेक्नोंलाजी भी शामिल होगी जिसे दोनों देश मिलकर ही विकसित कर सकतें हैं.

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