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आलू में पाए जाने वाले पौषक तत्वों का वर्णन और आलू के फायदे

आलू में पाए जाने वाले पौषक तत्वों का वर्णन और आलू के फायदे

  #1.परिचय::-


आलू वैश्विक,और संतुलित खाद्य  फसल हैं,जो कि चावल,गेंहूँ ,मक्का के बाद उपभोग के मामलें में चौथें स्थान पर हैं.आलू का वानस्पतिक नाम सोलेनम ट्यूबोरोसम हैं.यह सोलोनेसी परिवार का सदस्य हैं.आलू जमीन के अन्दर कंद रूप में मिलता हैं.आलू की फसल के लियें कम तापक्रम आवश्यक हैं.


आलू, Potato

 



#2.आलू में पाए जाने वाले पौषक तत्व



प्रति 100 ग्राम आलू में पायें जानें वाले पौषक तत्व


नमी    प्रोटीन.     वसा.     खनिज़ पदार्थ.  रेशा.

7.5g. 1.6gm.   0.1g.        0.6 gm.    0.4g



कार्बोहाइड्रेट.    कैलोरी.   कैल्सियम. मैग्निशियम


22.6 gm.         17 gm.   10 gm.  20 gm. 



आक्जैलिक अम्ल.  निकोटिनिक अम्ल.  विटा.c


      20 gm.                 1.2 gm.         17 mg



फास्फोरस.     लोहा.    सोड़ियम.   पोटेशियम.

    44 mg.     0.7.         1.9 mg.    247 mg 



कापर.   सल्फर.   थायमिन.  क्लोरिन. राइबोफ्ले.

0.02mg.3.0.       10 mg.    0.1 mg.   0.01


3.आलू खाने से क्या फायदा होता है


आलू में पायें जानें वालें उपरोक्त पौषक तत्व इसके महत्व का स्वंय वर्णन करतें हैं,यदि आलू के उपरोक्त गुणों का आमजन को पता हो तो यह बड़ी सँख्या लोग इसके व्यापक उपयोग की अग्रसर हो सकतें हैं. आईयें जानतें हैं,इसके कुछ महत्वपूर्ण उपयोग के बारें में


1. आलू के छीलकें को पीसकर उसमें समान मात्रा में शहद मिला लें इस मिश्रण को सुबह शाम एक-एक चम्मच ऐसे बच्चें के दें जो बोलनें में तुतलाता हों.


2.आलू के छिलकों को फेंकनें की बजाय उपयोग की हुई चाय पत्तियों के साथ मिलाकर गार्डन में उपयोग करें आर्गेनिक खाद ( organic) तैयार हैं.


3.आलू को पीसकर  नीम तेल मिला लें तथा चर्म रोगों में प्रयोग करें.इसमें मोजूद गंधक (sulphur) चर्म रोगों की उत्तम दवा हैं.


4.आलू में रेशा (fibre) बहुतायत में पाया जाता हैं,जो कब्ज (constipation) का रामबाण इलाज हैं,इसके लियें आलू को उबालकर उसमें काला नमक मिलाकर प्रयोग करें.


5. कच्चें आलू का रस निकालकर चेहरें पर लगायें  और दस मिनिट़ बाद चेहरा धो लें ये नुस्खा उत्तम सौन्दर्यवर्धक और आँखों के निचें का कालापन मिट़ानें वाला माना जाता हैं.


6.आलू में पाया जानें वाला vitamin c इसें सम्पूर्ण खाद्य पदार्थ बनाता हैं,जो कि अन्य खाद्य फसलों जैसें गेंहू,चावल,मक्का में नहीं पाया जाता हैं.अत: आलू का समुचित प्रयोग कुपोषण (malnutrition) को समाप्त करता हैं.


7. आलू में पाया जानें वाला vitamin c पायरिया और मुख दुर्गंध में अत्यधिक लाभदायक हैं,इसके लियें कच्चें आलू को खूब चबा-चबाकर खाना चाहियें.


8.बाल काले करनें का प्राकृतिक तरीका :::यदि आपके बाल असमय सफेद हो रहें हों तो आलू के छिलके उतारकर उन्हें 10 - 12 मिनिट़ पानी में उबालें,उबालनें के बाद पानी निकाल दे और इन छिलकों का पेस्ट बनालें.


नहानें के आधा घंटें पहलें इस पेस्ट को बालों में गहराई तक लगाकर मसाज करें,इसके पश्चात बाल धो लें.यह उपाय हफ्तें में दो या तीन बार करनें से बाल फिर से कालें होनें लगेगें.


9.फंगल इन्फेक्शन होनें पर कच्चे आलू को फंगल प्रभावित भाग पर गंधक के साथ मिश्रण बनाकर लगानें से फंगल इंफेक्शन में आराम मिलता हैं ।

10.आलू निम्न रक्तचाप के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता हैं क्योंकि इसमें मौजूद सोडियम, पोटेशियम व्यक्ति का रक्तचाप सामान्य बनाए रखने में मदद करता हैं।


#4.आलू के सम्बंध में आमजन में व्याप्त भ्रान्तियाँ                                        



1.आलू खानें से मोटापा बढ़ता हैं:- यह पूर्णत: भ्रामक और मिथ्या बात हैं,क्योंकि आलू में मात्र 0.1 प्रतिशत fat होता हैं,जो किसी भी रूप में मोटापा बढ़ानें में सहायक नहीं होता हैं,बल्कि वास्तविकता में potato chips को पकानें में जो डीप फ्राई मेथड उपयोग की जाती हैं,वहीं मोटापे के लिये उत्तरदायी होती हैं.


2.ह्रदय रोगी ( heart patient) और ड़ायबीटीज (Diabetes) के मरीज़ को आलू नहीं खाना चाहियें:- आलू में कैलोरी (calorie) की मात्रा प्रति 100 gm आलू में मात्र 17 gm होती हैं,जो इसे low calorie खाद्य पदार्थ बनाती हैं,इस दृष्टिकोण से आलू उपरोक्त रोगीयों के लियें सुरक्षित खाद्य पदार्थ हैं.


3. आलू खानें से दिमाग कम काम करता हैं:-आलू में पर्याप्त मात्रा में विटामिन,खनिज़ और दूसरें महत्वपूर्ण पदार्थ पायें जातें जो मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में पोषण प्रदान करतें हैं.
4.आलू खानें के बाद गैस बहुत बनती हैं:- चूँकि आलू में रेशा पाया जाता हैं,अत: यह रेशा आंतों में स्थित कुपित वायु को शरीर से बाहर निकाल देता हैं,अत: जिन लोगों की पेट़ की सफाई नहीं होती हैं,उन लोगों में यह समस्या होती हैं.वास्तव में यह समस्या नहीं होकर आँतों की सफाई हैं,जिसे आलू करता हैं.

#5.आलू में पाया जाने वाला हरा तत्व

आलू के हरें भाग में सेलोनिन ,alkaloid पाया जाता हैं,अत: इन आलूओं का प्रयोग खानें में नहीं करना चाहियें.


FAQ

प्रश्न - आलू का मूल जन्म स्थान कोंन सा हैं। 

उत्तर :: आलू का मूल जन्म स्थान अमेरिका माना जाता हैं। जहां तक आलू की खेती की बात है लगभग 2100 वर्ष पूर्व पेरू में आलू की खेती प्रारंभ हुई थी। उस समय आलू को papos नाम से जाना जाता था ।

Q.भारत में आलू कब आया था ?

Ans.भारत में आलू आनें का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है लगभग सत्रहवीं शताब्दी में पुर्तगाली व्यापारी जब भारत आए थे उस समय वे अपने साथ आलू लेकर आए थे। 





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