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Traditional Tibetan medicine - SOWA - RIGPA , method of sowa rigpa treatment

Introduction of  Traditional Tibetan medicine - SOWA - RIGPA 


"Sowa-Rigpa" means Science of Heal ing in Bhoti language, it is popularly known as Amchi or Tibetan medicine in In dia. Sowa-Rigpa is one of the oldest, Living and well documented medical tradition of the world with its origin to Bhagwan Bud dha in India. 
SOWA Rigpa, traditional Tibetan medicine
Medicine Buddha

It has been popularly practice in Himalayan regions through out central Asia. In India it has been popularly practice in Ladakh, Himachal Pradesh, Arunachal Pradesh, Sikkim, Darjeeling and now in Ti betan settlements all over India. 

Sowa Rigpa was formally incorporated under AYUSH Ministry after its formal recogni tion by amendment to the Indian Medicine Central Council Act, 1970 in 2010 and it be came the 6th recognised AYUSH system of medicines.

Healthy and unhealthy body 


According to Sowa-Rigpa, a healthy body is typified as a state of balance of three hu mors (Nespa-sum), seven physical constitu ents (Luszungs- Idun) and three excretions (Trima-sum) in the body with complete harmony of five aggregates (five senses). 
SOWA RIGPA
Depicting healthy and unhealthy body 


The three humors are air (rlung) bile (mkrispa) and phlegm (padkan) which is further divided into fifteen type of hu mors. Seven physical constituents are nu tritional essence, blood, muscle tissue, fat tissue, bone tissue, bone marrow and re generative fluid; the three excretions are stool, urine and sweat. Healthy and un healthy state of body is largely dependent on the balance and imbalance of these twenty-five elements due to proper diet and behavioral patterns.

Method of Diagnosis in Sowa Rigpa 


A physician of Sowa-Rigpa employs three main tool for diagnosing a patient i.e. visual diagnosis, diagnosis by touch and diagnosis by questioning. Visual diagnosis comprises of two main methods of tongue examination and Urinalysis.
Sowa Rigpa, Despiting root of Diagnosis
Depicting root of Diagnosis 


 Various diseases can be diag nosis by checking the nature, color and smoothness etc. of the tongue; urine can be analyzed on three different stages of fresh urine, while it is cooling down and when it is cold by looking at its color, speed of discolor ing, vapor, odor, bubbles, sediments etc.

Diagnosis by touch is represented by the ad vanced technique of pulse examination fol lowed by touching the body for temperature and smoothness etc. Pulse is the most impor tant and major diagnostic tool in Sowa-Rigpa, which is explained. Questioning is another mode of diagnosing a patient; history of case, present condition, family back ground and changes in body etc. are main questions to be asked.

Method of Sowa Rigpa Treatment 


The methods of treatments have four major sections of diet, behavior, medicine and ac cessory/external therapies. Right admini stration of these four sections is very impor tant for treating a patient in an appropriate manner.
Sowa Rigpa, depicting root of treatment
Depicting root of treatment 


 Minor ailments can be treated with proper regulation of diet and behavior only, a patient with medium state of condition can be treated with medicine like decoction, powder, pills, purgatives, emetics etc. and in advanced stages disease can be cured by ap plication of accessory/ external therapies like moxabustion, venesection, fomentation, massage, surgery etc. 

It has been already mentioned above in the outline of disease that all the disorder can be condensed into three humors, accordingly the treatment of disease are also possible under three humor basis. Buddhist rituals and mantra also plays a very important role in the treatment of disease and in pharmaceutical process etc.

Where is situated National Institute of sowa rigpa 

National Institute of sowa rigpa is situated Leh.

National Institute of sowa rigpa address

National Institute of sowa rigpa

Ministry of Ayush, Government of India

Behind Head Post Office Skalzangling,Leh.U.T. Ladakh -194101

National Institute of sowa rigpa email address


nrisr.leh@gmail.com

National Institute of sowa rigpa Phone/Fax number

01982-252449 and 251448

Refrance:: ministry of Ayush Government of India

Author:: Dr.S.K.Vyas
                    B.N.Y.S.




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