बुधवार, 15 अगस्त 2018

आयुष्मान भारत प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Yojna) या मोदीकेयर (Modicare)

                           ।।। आयुष्मान भारत या प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना योजना क्या है ।।।

आयुष्मान भारत योजना ,प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना मोदीकेयर
 Ayushman yojna


आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमन्त्री जन आरोग्य योजना (PM -JY) स्वास्थ्य देखभाल से सम्बंधित भारत सरकार की योजना हैं। इस योजना के माध्यम से अधुसूचित परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक द्वितीयक ओर तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य देखभाल सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।

यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के रूप में संचालित होगी ,यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना होगी।इसकी  व्यापकता को देखते हुए इसे  "मोदीकेयर " या प्रधानमंत्री जनस्वास्थ्य सुरक्षा योजना भी कहा जा रहा हैं।

इस योजना में केन्द्र और राज्यों का वित्तीय अंशदान क्रमशः 60 : 40 का रहेगा।



                                     ।।। उद्देश्य ।।।



1.भारत में 80%  लोग बीमार होने पर खर्च अपनी जेब से करते हैं ,यह खर्च या तो उनकी बचत में से होता हैं या किसी से उधार लेकर होता हैं ।
 इस प्रकार के स्वास्थ्य खर्च के कारण लगभग 60 लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे चले जाते हैं । इन लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य देखभाल सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण जीवन की गारंटी देना योजना का प्रमुख उद्देश्य हैं ।

                                   

                  ।।। आयुष्मान भारत योजना की विशेषता ।।।


1.आयुष्मान भारत योजना में  शामिल परिवार को पैसा बीमा कम्पनी या ट्रस्ट के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।


2.योजना पूरी तरह से कैशलेस मोड पर संचालित होगी अर्थात लाभार्थी परिवार को अस्पताल में भर्ती होने व डिस्चार्ज होने पर नकद राशि नहीं देना पड़ेगी।


3. इस योजना में देश की लगभग 50% आबादी यानि 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।


4.लाभार्थियों का चयन समाजिक आर्थिक जनगणना में चिन्हित डी एक से डी सात ( डी 6 को छोड़कर)  से किया जायेगा ।
इसके अलावा असंगठित श्रमिकों ओर गरीब रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्ति योजना के लिए पात्र होंगे।


5.इस योजना में शामिल परिवार के आकार और सदस्यों की आयु के मामलों में कोई बंधन नहीं रखा गया हैं।


6.इस योजना के अंतर्गत देशभर में लगभग 1.50 लाख 'स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र' की स्थापना की जायेगी ।



7. इस योजना में अस्पताल में भर्ती होने के पहले ओर बाद के खर्चों को भी कवर किया गया हैं।

8.बीमा लेने के प्रथम दिन से ही सक्रिय हो जायेगा अर्थात बीमा लेने के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर समस्त खर्च बीमा कम्पनी या ट्रस्ट उठाएगा।

9. योजना के अधीन लगभग 1350 प्रकार की बीमारियों के उपचार की व्यवस्था हैं ।

10. योजना लागू होने के बाद गम्भीर बीमारियों की जद में आने से देश की बड़ी आबादी बच जायेगी क्योंकि प्राथमिक स्तर पर बीमारियों का बेहतर इलाज हो सकेगा।

11. इस योजना में मरीज के अस्पताल में भर्ती होने ओर इलाज शुरू करने के लिये बीमा कंपनी या ट्रस्ट की अनुमति तुरन्त मिल जायेगी जिससे दावों के भुगतान में समस्या पैदा नहीं होंगी।
       

                            ।।। योजना क्रियान्वयन इकाई ।।।



    इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये जिलों में " जिला क्रियान्वयन इकाई " का गठन किया जायेगा जिसमें निम्न लोग सम्मिलित होंगे 

1. अध्यक्ष ,  जिला मलेरिया अधिकारी

2. सदस्य,जिला स्वास्थ्य अधिकारी या आर. एम. ओ.

3.  सदस्य, संक्रमण रोग विशेषज्ञ

4. सदस्य ,ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर

5.जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम नर्स

यह समिति योजना का प्रचार प्रसार करने के साथ ,योजना से सम्बंधित प्रशिक्षण प्रदान  करेगी । इसके अलावा यह समिति

1.दवाओं, चिकित्सा उपकरण की  उपलब्धता सुनिश्चित करेगी ।

2. आयुष्मान भारत योजना में शामिल निजी अस्पतालो के साथ समन्वयन स्थापित करेगी ।

3.केन्द्र और राज्य सरकार से निर्देश लेकर योजना का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

4.जिला स्तर पर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

5.समय समय पर जिला मेडिकल बोर्ड की बैठक आयोजित करवायेगी ।

6.बीमा कंपनी, लाभार्थी और अस्पताल के बीच कड़ी के रूप में " आयुष्मान मित्र" तैनात किये जाएंगे।जो योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।

7.इस योजना से के लिए हेल्पलाइन भी जारी की गयी हैं जिसके नम्बर 14555 और 1800111565 हैं ।

8.इस योजना का एक नारा भी हैं """ स्वास्थ्य आपका साथ हमारा """"


                                   ।।। आलोचना ।।।

1.इस योजना के आलोचकों का मानना हैं कि भारत मे स्वास्थ्य से सम्बंधित अनेक सरकारी योजनायें बड़े पैमाने पर संचालित की जा रही हैं ओर इन योजनाओं के माध्यम से लाखों करोड़ रुपया ख़र्च किया जा रहा हैं । ऐसे में नई योजना लाने की बजाय पहले से संचालित योजनाओं को ओर बेहतर बनाया जा सकता था । 

2.आयुष्मान भारत योजना बहुत वृहद योजना हैं और इस अनुरूप अस्पतालो का संस्थागत ढांचा बहुत कमजोर है।

3.लाभार्थियों का चयन सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के आधार पर किया जायेगा ,यह सूची सन 2011 के बाद अद्यतन नहीं हैं।

4.योजना के अंतर्गत बीमारियों के पैकेज की व्यवस्था होनी चाहिये थी,यानि हृदय रोग  इतना खर्च,किडनी रोग पर इतना खर्च आदि 

5.इस योजना के लागू होने के बाद पूर्व सरकारों द्वारा शुरू कई महत्वपूर्ण स्वास्थ योजना जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जो कि बहुत सफ़ल योजना मानी जाती हैं पर प्रभाव पड़ेगा।

6.कुछ अन्य जानकारों का मानना है कि इस योजना में प्रतिवर्ष दीये जाने वाले 5 लाख रुपये बढ़ते स्वास्थ्यगत ख़र्च को देखते हुए एक परिवार की आवश्यकता के लिये बहुत कम है।

7.आयुष्मान भारत योजना से सम्पूर्ण देश की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहिए था इसके लिये सक्षम लोगों के लिये कुछ अंशदान का प्रावधान रखा जा सकता था ।

8.आयुष्मान भारत योजना की सफलता पूरी तरह राज्यों की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती हैं , योजना के शुरू होने के पूर्व कई राज्यों ने इस योजना को लेकर ढ़ीला ढाला रुख अपनाया हैं।


■एक देश एक चुनाव पर यहां पढ़ें

             
भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद का मात्र 1.5% ही स्वास्थ्य पर खर्च करता हैं, जबकि अमेरिका, जापान,चीन और कई यूरोपीय देश अपनी GDP का 6 से लगाकर 18 प्रतिशत तक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं पर ख़र्च करते हैं। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार आम भारतीय अपने स्वास्थ्य खर्च का 42% सिर्फ़ दवाइयों पर ही ख़र्च कर देता हैं ,जबकि विकसित देशों में इस ख़र्च का अधिकांश भाग सरकारों द्वारा वहन किया जाता हैं।

ऐसे में आयुष्मान भारत योजना निश्चित रूप में भारत के लोगों का स्वास्थ्य सुधारने में मिल का पत्थर साबित होंगी।









                               

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