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सामान्य अध्ययन 7 (General knowledge 7)

#1.सिन्धु सभ्यता के स्थल,खोजकर्ता, वर्ष एँव नदी तट़ :::


#(अ) हड़प्पा (Haddapa) :::

हड़प्पा नामक स्थल पर खोजकार्य सन् 1921 में  दयाराम साहनी ने किया था. यह स्थल रावी नदी के तट़ पर अवस्थित हैं.यूनानी लोग हड़प्पा में कपास पैदा होनें के कारण इसे  सिण्ड़न कहतें थें.

# (आ) मोहनजोदड़ों (Mohanjodado) :::


मोहनजोंदड़ों सिन्धु नदी के तट पर अवस्थित हैं.इस स्थल के खोजकर्ता राखलदास बनर्जी हैं.जिन्होंनें सन् 1922 में इस स्थल को खोजा था.

इस स्थल पर बड़े - बड़े स्नानागार मिलें हैं.

# (इ) कालीबंगा (Kalibanga) :::

यह स्थल सन् 1953 में उत्खनित हुआ. इसके उत्खननकर्ता बी.बी.लाल और अमलानंद घोष थे.यह स्थल घग्घर नदी के तट़ पर अवस्थित हैं.

कालीबंगा की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह हैं,कि यहाँ यग्यीय वेदी और चूड़िया प्राप्त हुई हैं.

# (ई) चन्हुदड़ों (chanhudado) :::

यह स्थल सिन्धु नदी के तट़ पर अवस्थित हैं.जहाँ उत्खनन कार्य एन.सी.मजूमदार द्धारा सन् 1931 में किया गया.

# (उ) रोपड़ (Ropad) :::


यह स्थल सतलज नदी के तट़ पर स्थित हैं.जँहा उत्खनन कार्य सन् 1953  यग्यदत्त शर्मा के निर्देशन में हुआ था.

# (ऊ) लोथल (Lothal) :::

लोथल गुजरात राज्य में स्थित हैं.यह स्थल भोगवा नदी के तट़ पर स्थित हैं.यहाँ यग्यीय वेदी और डाँकयार्ड प्राप्त हुआ हैं.इस स्थल पर उत्खनन कार्य ए.आर.राव के निर्देशन में सन् 1957 में हुआ था.


# (ए) सुत्कागेनड़ोर (Sutkagendor) :::

सिन्धु सभ्यता के इस स्थल की खोज ओरेन स्टाइल और जार्ज ड़ेल्स ने सन् 1927 और 1962 में की थी.यह स्थल दाश्त नदी के तट़ पर अवस्थित हैं. 

# (ऐ) सुरकोट़डा (Surkotada) :::


इस स्थल के उत्खननकर्ता जगतपति जोशी थे.जिन्होंनें सन् 1964 में यहाँ उत्खनन कार्य किया.

# (ओ) आलमगीरपुर (Alamgiepur) :::


 यह स्थल हिण्ड़न नदी के तट़ पर अवस्थित हैं.इस स्थल पर उत्खनन कार्य सन् 1958 में यग्यदत्त शर्मा द्धारा किया गया था.

# (औ) बनवाली (Banvali) :::


इस स्थल का उत्खनन आर.एस.बिष्ट ने सन् 1973 में किया था.

# (अं) रंगपुर (Rangpur) :::

यह हड़प्पा कालीन स्थल भादर नदी के तट़ पर अवस्थित था.इस स्थल का उत्खनन कार्य एम.एस.वत्स ने 1931 और 1953 में किया था.

# (अ:) कोटदीजी (Kotdiji ) :::


सिन्धु नदी के तट़ पर अवस्थित यह स्थान सन् 1955 में उत्खनित हुआ था.यहाँ के उत्खननकर्ता फ़जल अहमद खाँ थे.


# 2 मध्यकाल के प्रमुख धार्मिक आंदोलन और सम्प्रदाय :::


1.चिश्ती सम्प्रदाय :::


इस सम्प्रदाय के संस्थापक मुइनुद्दीन चिश्ती थे.इस सम्प्रदाय का कालक्रम 1190 ई.माना जाता हैं.यह सम्प्रदाय सूफी मत को मानने वाला था.

2.सुहारावर्दी सिलसिला :::


यह भी सूफीवाद को माननें वाला प्रमुख धार्मिक सम्प्रदाय था.जिसके संस्थापक बहाउद्दीन जकारिया ने इसकी स्थापना  1250 ई.में की थी.

3.फिरदौसिया सम्प्रदाय :::


इस सम्प्रदाय की स्थापना 14 वी शताब्दी में सरफुद्दीन याहिया  ने की थी.यह सम्प्रदाय भी सूफी मत को माननें वाला था.

4.धर्मदासी सम्प्रदाय :::


15 वी शताब्दी में सामाजिक, धार्मिक कुरूतियों के विरूद्ध व्यापक जन चेतना का संचार किया था.इस सम्प्रदाय के प्रवर्तक संत कबीरदास थे.

5.महदवी आन्दोंलन :::


सैयद मुहम्मद महदी द्धारा प्रवर्तित यह आन्दोंलन 15 वीं शताब्दी का प्रमुख धार्मिक सुधार आन्दोलन था.

6.शत्तारी सम्प्रदाय :::


अब्दुला शत्तारी द्धारा प्रवर्तित यह आन्दोंलन 15 वी शताब्दी में चलाया गया था.यह भी सूफीवाद को माननें वाला आंदोंलन था.

7.कादिरी सिलसिला :::

सूफीवाद को माननें वाला यह आंदोंलन शेख अब्दुल कादिर द्धारा चलाया गया था.


8.निपख आन्दोंलन :::

यह 16 वी शताब्दी का प्रमुख आंदोंलन था.जो संत दादू दयाल द्धारा चलाया गया था.

9.सिक्ख धर्म :::


16 वी शताब्दी में गुरूनानक ने इस धर्म की स्थापना की थी.

10.हरिकीर्तन मंड़ली :::


इस सम्प्रदाय के संस्थापक चैतन्य महाप्रभु थे. 16 वीं शताब्दी का यह प्रमुख धार्मिक आंदोंलन था.

11.रोशनिया आंदोंलन :::


मियां बाजिद अंसारी के नेतृत्व में चलाया गया यह प्रमुख आंदोंलन था. जो 16 वी शताब्दी में चलाया गया था.

12.पुष्टि मार्ग :::


यह आन्दोंलन भी 16 वीं शताब्दी में  वल्लभाचार्य द्धारा चलाया गया था.

13. बारकरी सम्प्रदाय :::


16 वीं शताब्दी में एकनाथ द्धारा चलाया गया प्रमुख आंदोंलन था.

14.नक्शबंदी सिलसिला :::


ख़्वाजा बाकी विल्लाह द्धारा 17 वीं शताब्दी में चलाया गया प्रमुख सूफी आंदोंलन था.

15.धारकरी सम्प्रदाय :::


रामदास द्धारा 17 वी शताब्दी में चलाया गया आंदोंलन था.

#3.प्रमुख दर्शन एँव उनके प्रवर्तक :::


  क्र.           नाम दर्शन.                  प्रवर्तक

  1.              बौद्ध दर्शन.                   गौतम बुद्ध

  2.               जैन दर्शन.                    महावीर

  3.              आजीवक.             मक्खलिगोशल

  4.              अक्रियावाद.           पूरण काश्यप 

  5.            निस्य पदार्थवाद.      पकुध काच्यान

  6.               अद्धैतवाद.            शंकराचार्य  

  7.              विशिषटाद्धैत.        रामानुजाचार्य

  8.                द्धैताद्धैत.             निम्बकाचार्य    

  9.                शुद्धाद्धैत.            वल्लभाचार्य. 

 10.                पाशुपत.               लकुलिश. 


# 4.मौर्योंत्तरकालीन साहित्य और साहित्यकार  :::


क्र.            नाम साहित्य          साहित्यकार    

1.                महाभाष्य.                पतंजलि

2.                मनुस्मृति                     मनु

3.               याग्वल्क स्मृति           याग्यवल्क

4.                चरक संहिता                चरक

5.                नाट्यशास्त्र                  भाष्य

6.                 कामसूत्र                    वात्स्यायन

7.                 मृच्छकटिक.               शूद्रक

8.                स्वप्नवासवदत्ता             भास

9.                बुद्धचरित.                   अश्वघोष

10.               सौन्दरानंद.                 अश्वघोष

11.              गाथासप्तशती                हाल

12.              बृहत्कथा                      गुणाढ्य


# 4.मुगलकाल में भारत में कारखाना स्थापित करनें वालें यूरोपीय व्यापारी ::::


क्र.        स्थापित कारखाना          देश


1.          कोचिन 1503 ई.                 पुर्तगाल

2.         मुसलीपट्टम 1605 ई.             ड़च

3.           सूरत 1608 ई.                   अंग्रेज

4.           ट्रंकबार 1620 ई.                डेनमार्क

5.            सूरत 1688 ई.                   फ्रांसीसी

                                          

# 5.1857 के स्वतंत्रता समर के प्रमुख केन्द्र और नेतृत्वकर्ता ::::


क्र.            विद्रोह केन्द्र        नेतृत्वकर्ता


1.                  दिल्ली            बहादुर शाह ज़फर

2.                लखनऊ.         बेगम हजरत महल

3.                 कानपुर             नाना साहाब

4.                  झाँसी              रानी लक्ष्मीबाई

5.               इलाहबाद.         लियाकत अली

6.               बनारस               सेना ,जनता

7.                 बिहार.             कुँवरसिंह

8.                पंजाब.             आम जनता

9.                बरेली                बख्त खाँ


#6. महत्वपूर्ण एक्ट़ और कानून ::::


क्र.           एक्ट/कानून.    अंग्रेज अधिकारी


1.          रेग्यूलेटिंग एक्ट़               वारेन हेस्टिग
                (1773)

2.       पिट्स इंड़िया एक्ट़              वारेन हेस्टिंग
                (1784).                                 

3.         चार्टर एक्ट़                       लार्ड़ मिंट़ों
              (1813).                                           

4.        सती प्रथा कानून.            विलियम बेंट़िंग
              (1829).                                           

5.          चार्ट़र एक्ट़                   विलियम बेंट़िंग
               (1833).                

6.           चार्टर एक्ट़                   लार्ड़ ड़लहौजी
                (1853)

7.         विधवा पुनर्विवाह.           लार्ड़ ड़लहौजी
                (1856)



# 7. स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख क्रांतिकारी घट़नाँए ::::


क्र.            घट़ना          क्रांतिकारी का नाम


1.        एमस्ट्र ,रेंड़ हत्या          चापेकर बंधु

2.         अलीपुर कांड़    प्रफुल्ल चाकी खुदीराम बोस

3.         जैक्सन हत्या             अनंत कन्हेरे

4.      कर्नल वाइली हत्या         मदनलाल धींगरा

5.        दिल्ली बम कांड़           बसंत कुमार ,रास बिहारी

6.        काकोरी ट्रेन कांड़         अशफाक उल्ला,रामप्रसाद बिस्मिल

7.        साण्ड़र्स कांड़              भगतसिंह

8.         शस्त्रागार ड़केती         सूर्यसेन

9.         ड़ायर हत्याकांड़           ऊधमसिंह


#8.विटामिनों के नाम ,कमी से रोग ::::


विटामिन.         नाम.          कमी से रोग


  B¹                  थायमिन.            बेरी - बेरी

  B²                 राइबलोफ्लेविन.    कीलोसीस

  B5.              निकोटिनिक अम्ल.    पेलाग्रा

  B6.               पायरीडाँक्सीन.      पेशिय ऐंठन

  B3.              पैन्टाथिनिक अम्ल.     चर्म रोग

  H.                    बायोटिन.             बाल गिरना

  B12.              साइनों कोबलामाइन.  रक्त कमी

  A.                 रेट़िनाल.                 रंतौंधी

  D.                कोलिकैल्सिफैराल. हड्डी कमज़ोर

  E.                टोकोफेराँल.           प्रजनन  दोष

  K.          नैप्थाक्वीनोन    रक्त स्कंदन नही होता

    


# 9. वायरस (virus) द्वारा पैदा होनें वाली बीमारींयाँ ::::



क्र.                वायरस.          बीमारी


1.                   H.I.V.              एड्स

2.                   वेरिओला          चेचक

3.                   वैरिसेला           चिकनपाक्स

4.                   राइनों               सर्दी जुकाम

5.                   हरपीज.            हरपीज

6.                  आरबों              ड़ेंगू

7.                  रहेब्ड़़ों               रेबीज 


  प्रश्न 1.  परमाणु में कितनें कण उपस्थित रहतें हैं ?

उत्तर = परमाणु में तीन कण अवस्थित रहतें हैं.जिनके नाम निम्नानुसार हैं,

१.इलेक्ट्रान .
२ प्रोटान .
३. न्यूट्रान .

प्रोट़ान और न्यूट्रान परमाणु के नाभिक (Nucleus) में स्थित रहते हैं.जबकि इलेक्ट्रान परमाणु के नाभिक के बाहर रहता हैं.

प्रोट़ान एक धनावेषित कण होता हैं,इलेक्ट्रान पर रिणावेषित charge होता हैं.जबकि न्यूट्रान आवेषविहिन कण होता हैं.अर्थात इस पर न तो धनावेश होता हैं और ना ही रिणावेश.

प्रश्न २.परमाणु संरचना की खोज किसनें की थी ?

उत्तर = बोर और रदरफोर्ड़ ने सन् 1913 में परमाणु संरचना की खोज की थी.

प्रश्न ३.इलेक्ट्रान प्रोटान और न्यूट्रान की खोज किसनें की थी ?

उत्तर= सबसे पहले जे.जे.थामसन ने इलेक्ट्रान की खोज सन् 1897 में की थी.जबकि प्रोट़ान और न्यूट्रान की खोज क्रमश : रदरफोर्ड़ (1919) और जैम्स चैड़विक (1932) ने की थी.


प्रश्न ४.LASER का पूरा नाम क्या हैं ?

उत्तर = Light Amplification by Stimulated Emission of Rediotion.


प्रश्न ५. जीवाश्म ग्रह किसे कहा जाता हैं ?

उत्तर = चन्द्रमा

प्रश्न ६.चंद्रमा पर जानें वालें यान का नाम क्या था ?

उत्तर = अपोलो


प्रश्न ७.प्रथ्वी का द्रव्यमान चंद्रमा के द्रव्यमान का कितनें गुना हैं ?

उत्तर = 81 गुना

प्रश्न ८.टाइटन किसका उपग्रह हैं ?

उत्तर = चंद्रमा

प्रश्न ९.सबसे बड़ा ग्रह कोन सा हैं ?

उत्तर = बृहस्पति (Jupiter)
               






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  गिलोय के फायदे GILOY KE FAYDE गिलोय का संस्कृत नाम क्या हैं ? गिलोय का संस्कृत नाम गुडुची,अमृतवल्ली ,सोमवल्ली, और अमृता हैं । गिलोय का हिन्दी नाम क्या हैं ? गिलोय GILOY का हिन्दी नाम 'गिलोय,अमृता, संशमनी और गुडुची हैं । गिलोय गिलोय का लेटिन नाम क्या हैं ? गिलोय का लेटिन नाम Tinospra cordipoolia (टिनोस्पोरा  कोर्ड़िफोलिया ) गिलोय की पहचान कैसें करें ? गिलोय सम्पूर्ण भारत वर्ष में पाई जानें वाली आयुर्वेद की सुप्रसिद्ध औषधी हैं । Ayurveda ki suprasiddh oshdhi hai यह बेल रूप में पाई जाती हैं, और दूसरें वृक्षों के सहारे चढ़कर पोषण प्राप्त करती हैं । गिलोय के पत्तें दिल के (Heart shape) आकार के होतें हैं।  गिलोय का तना अंगूठे जीतना मोटा और प्रारंभिक   अवस्था में हरा जबकि सूखनें पर धूसर हो जाता हैं । गिलोय के फूल छोटे आकार के और हल्का पीलापन लियें गुच्छों में लगतें हैं । गिलोय के फल पकनें पर लाल रंग के होतें हैं यह भी गुच्छों में पाये जातें हैं । गिलोय में पाए जाने वाले पौषक तत्व 1.लोह तत्व : 5.87 मिलीग्राम 2.प्रोटीन : 2.3

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]  म.प्र.भारत का ह्रदय प्रदेश होनें के साथ - साथ नदी,पहाड़,जंगल,पशु - पक्षी,जीव - जंतुओं के मामलें में देश का अग्रणी राज्य हैं.  river map of mp प्रदेश में बहनें वाली सदानीरा नदीयों ने प्रदेश की मिट्टी को उपजाऊ बनाकर सम्पूर्ण प्रदेश को पोषित और पल्लवित किया हैं.यही कारण हैं कि यह प्रदेश "नदीयों का मायका" उपनाम से प्रसिद्ध हैं. ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण नदियाँ प्रदेश में प्रवाहित होती हैं,जिनकी चर्चा यहाँ प्रासंगिक हैं. #१.नर्मदा नर्मदा म.प्र.की जीवनरेखा कही जाती हैं.इस नदी के कि नारें अनेक  सभ्यताओं ने जन्म लिया . #उद्गम  यह नदी प्रदेश के अमरकंटक जिला अनूपपुर स्थित " विंध्याँचल " की पर्वतमालाओं से निकलती हैं. नर्मदा प्रदेश की सबसे लम्बी नदी हैं,इसकी कुल लम्बाई 1312 किमी हैं. म.प्र.में यह नदी 1077 किमी भू भाग पर बहती हैं.बाकि 161 किलोमीटर गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में बहती हैं. नर्मदा प्रदेश के 15 जिलों से होकर बहती हैं जिनमें शामिल हैं,अनूपपुर,मंड़ला,डिंडोरी,जबलपुर,न

पारस पीपल के औषधीय गुण

पारस पीपल के औषधीय गुण Paras pipal KE ausdhiy gun ::: पारस पीपल के औषधीय गुण पारस पीपल का  वर्णन ::: पारस पीपल पीपल वृक्ष के समान होता हैं । इसके पत्तें पीपल के पत्तों के समान ही होतें हैं ।पारस पीपल के फूल paras pipal KE phul  भिंड़ी के फूलों के समान घंटाकार और पीलें रंग के होतें हैं । सूखने पर यह फूल गुलाबी रंग के हो जातें हैं इन फूलों में पीला रंग का चिकना द्रव भरा रहता हैं ।  पारस पीपल के  फल paras pipal ke fal खट्टें मिठे और जड़ कसैली होती हैं । पारस पीपल का संस्कृत नाम  पारस पीपल को संस्कृत  में गर्दभांड़, कमंडुलु ,कंदराल ,फलीश ,कपितन और पारिश कहतें हैं।  पारस पीपल का हिन्दी नाम  पारस पीपल को हिन्दी में पारस पीपल ,गजदंड़ ,भेंड़ी और फारस झाड़ के नाम से जाना जाता हैं ।   पारस पीपल का अंग्रजी नाम Paras pipal ka angreji Nam ::: पारस पीपल का अंग्रेजी नाम paras pipal ka angreji nam "Portia tree "हैं । पारस पीपल का लेटिन नाम Paras pipal ka letin Nam ::: पारस पीपल का लेटिन paras pipal ka letin nam नाम Thespesia

भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र [BHAGVAN SHRI RAM]

 Shri ram #भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र रामायण या रामचरित मानस सेकड़ों वर्षों से आमजनों द्धारा पढ़ी और सुनी जा रही हैं.जिसमें भगवान राम के चरित्र को विस्तारपूर्वक समझाया गया हैं,यदि हम थोड़ा और गहराई में जाकर राम के चरित्र को समझे तो सामाजिक जीवन में आनें वाली कई समस्यओं का उत्तर उनका जीवन देता हैं जैसें ● आत्मविकास के 9 मार्ग #१.आदर्श पुत्र ::: श्री राम भगवान अपने पिता के सबसे आदर्श पुत्र थें, एक ऐसे समय जब पिता उन्हें वनवास जानें के लिये मना कर रहें थें,तब राम ही थे जिन्होनें अपनें पिता दशरथ को सूर्यवंश की परम्परा बताते हुये कहा कि रघुकुल रिती सदा चली आई | प्राण जाई पर वचन न जाई || एक ऐसे समय जब मुश्किल स्वंय पर आ रही हो  पुत्र अपनें कुल की परंपरा का पालन करनें के लिये अपने पिता को  कह रहा हो यह एक आदर्श पुत्र के ही गुण हैं. दूसरा जब कैकयी ने राम को वनवास जानें का कहा तो उन्होनें निसंकोच होकर अपनी सगी माता के समान ही कैकयी की आज्ञा का पालन कर परिवार का  बिखराव होनें से रोका. आज के समय में जब पुत्र अपनें माता - पिता के फैसलों