गुरुवार, 3 मई 2018

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]


म.प्र.भारत का ह्रदय प्रदेश होनें के साथ - साथ नदी,पहाड़,जंगल,पशु - पक्षी,जीव - जंतुओं के मामलें में देश का अग्रणी राज्य हैं.
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प्रदेश में बहनें वाली सदानीरा नदीयों ने प्रदेश की मिट्टी को उपजाऊ बनाकर सम्पूर्ण प्रदेश को पोषित और पल्लवित किया हैं.यही कारण हैं कि यह प्रदेश "नदीयों का मायका" उपनाम से प्रसिद्ध हैं.

ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण नदियाँ प्रदेश में प्रवाहित होती हैं,जिनकी चर्चा यहाँ प्रासंगिक हैं.

#१.नर्मदा


नर्मदा म.प्र.की जीवनरेखा कही जाती हैं.इस नदी के किनारें अनेक  सभ्यताओं ने जन्म लिया .

#उद्गम 


यह नदी प्रदेश के अमरकंटक जिला अनूपपुर स्थित " विंध्याँचल " की पर्वतमालाओं से निकलती हैं.

नर्मदा प्रदेश की सबसे लम्बी नदी हैं,इसकी कुल लम्बाई 1312 किमी हैं.

म.प्र.में यह नदी 1077 किमी भू भाग पर बहती हैं.बाकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में बहती हैं.

नर्मदा प्रदेश के 15 जिलों से होकर बहती हैं जिनमें शामिल हैं,अनूपपुर,मंड़ला,डिंडोरी,जबलपुर,नरसिंहपुर,रायसेन,होशंगाबाद,सिहोर,हरदा,देवास,खंडवा,खरगौन,बड़वानी,धार और अलीराजपुर जिला सम्मिलित हैं.

नर्मदा विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत मालाओं के बीच से रिफ्ट घाटी (v shape) में बहती हैं.

# सहायक नदीयाँ


नर्मदा की कुल 41 सहायक नदी हैं जो नर्मदा के दाँयें और बाँयें तट़ से नर्मदा से मिलती हैं.

दाँये तट से मिलनें वाली सहायक नदीयाँ


हिरन,तिन्दोली,बनास,चन्द्रकेशर,कानर,बरना,उरी हथनी आदि

बाँयें तट से मिलनें वाली नदीयाँ


शेर,शक्कर,दूधी,मान,बरनार,बंजर,तवा,गंजाल,छोटी तवा,कु्ंदी,देव और गोई आदि 

नर्मदा नदी धुँआधार जलप्रपात ,कपिलधार जलप्रपात, दुग्धधारा जलप्रपात, सहस्त्रधारा जल प्रपात,मंधार जलप्रपात और दरदी जलप्रपात बनाती हैं.



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#अपवाह


नर्मदा का अपवाह 93,180 वर्ग किमी हैं.नर्मदा अपवाह की दृष्टि से भारत की पाँचवी सबसे बडी नदी हैं.

#.नर्मदा पर स्थित परियोजनाएँ 


• सरदार सरोवर परियोजना : यह परियोजना म.प्र.,राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र की संयुक्त परियोजना हैं.

• रानी अँवतीबाई सागर परियोजना जबलपुर म.प्र.

• इन्दिरा सागर परियोजना (पुनासा)खंडवा 

#.समापन


नर्मदा म.प्र.से होती हुई खम्बात की खाड़ी (गुजरात) में गिरनें से पहलें एश्चुरी बनाती हैं.

नर्मदा पूर्व से पश्चिम की ओर बहनें वाली नदी हैं.


#२.चम्बल नदी (Chambal river)


चम्बल मध्यप्रदेश की दूसरी सबसे बडी नदी हैं.इसका प्राचीन नाम चर्मावती हैं.


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# उद्गम


चम्बल नदी इन्दौर के निकट जानापाव पहाड़ी से निकलती हैं.यह स्थान विंध्याँचल पर्वतमालाओं में  854 मीटर ऊँचाई पर स्थित हैं.

इस नदी की लम्बाई 965 किमी हैं.

यह नदी म.प्र.के उज्जैन, रतलाम,मंदसौर,नीमच,धार और इन्दौर जिलों से होकर बहती हैं.


# सहायक नदीयाँ


कालीसिंध,पार्वती,क्षिप्रा और बनास


# चम्बल नदी पर स्थित परियोजनायें :::


चम्बल नदी पर मध्यप्रदेश की प्रथम जलविधुत परियोजना गाँधी सागर नाम से बनायी गई हैं,जो नीमच के निकट स्थित हैं.

इसी प्रकार जवाहर सागर कोटा के पास और राणा प्रताप सागर चित्तौड़गढ़ के पास स्थित जलविधुत और सिंचाई परियोजना हैं.

चम्बल नदी पर स्थित यह परियोजनायें म.प्र.और राजस्थान की संयुक्त परियोजना हैं.

चम्बल नदी पर चूलिया जलप्रपात स्थित हैं जिसकी ऊँचाई 18 मीटर हैं.

# समापन


चम्बल नदी उत्तर पूर्व की ओर बहते हुये इटावा (उत्तर प्रदेश) के निकट यमुना नदी में मिल जाती हैं.यह नदी गंगा नदी तंत्र में सम्मिलित हैं.

यमुना नदी से मिलनें से पूर्व इस नदी ने अवनालिका अपरदन के द्धारा प्रदेश के भिंड़ मुरेना क्षेत्रों में गहरें खड्ड निर्मित किये हैं जो एक समय डाकूओं की शरणस्थली बन गये थे और कानून व्यवस्था की समस्या बन गये थे.


# ३.सोन नदी


सोन नदी प्रदेश की तीसरी बडी नदी हैं जिसकी कुल लम्बाई 780 किमी हैं.

# उद्गम


सोन नदी नर्मदा नदी के उद्गम स्थल (अमरकंटक) के निकट से निकलती हैं.विंध्याँचल पर्वत में यह स्थल नर्मदा के उद्गम स्थल से तीन किलोमीटर के अँदर स्थित हैं.

सोन नदी का अपवाह क्षेत्र 17_990 वर्ग किमी हैं.


# सोन नदी पर स्थित परियोजना


सोन नदी पर म.प्र.,उत्तर प्रदेश और बिहार की संयुक्त परियोजना " बाणसागर"स्थित हैं.

शहडोल जिलें में देवलोद बाँध इसी नदी पर बना हैं.


# समापन


सोन नदी मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश और बिहार में बहती हुई पटना के पास दीनापुर में गंगा नदी में मिल जाती हैं.

# ४.ताप्ती नदी ( Tapti river)


ताप्ती प्रदेश की चौथी बड़ी नदी हैं .जिसकी कुल लम्बाई 724 किमी हैं.

यह नदी नर्मदा के समानांतर बहती हुई म.प्र.की दक्षिणी सीमा निर्धारित करती हैं.बुरहानपुर ताप्ती नदी के तट पर बसा प्रदेश का प्रमुख नगर हैं.

# उदगम


ताप्ती बेतूल जिले के मुल्ताई के निकट से उद्गमित होती हैं.

# सहायक नदीयाँ


पूरणा,बाघुड़,गिरना,बोरी,और शिवा ताप्ती की सहायक नदीयाँ हैं.


# समापन


यह नदी सूरत के निकट  अरब सागर (खम्बात की खाड़ी) में समाहित हो जाती हैं.


# ५.बेतवा


बेतवा प्रदेश की पाँचवी बड़ी नदी हैं,जो मालवा के पूर्वी भाग का जल लेकर बहती हैं.इस नदी की लम्बाई 380 किमी हैं.

यह म.प्र.के विदिशा,सागर,गुना और टीकमगढ़ जिलो में बहती हैं.साँची नगर इसी नदी के किनारें पर बसा हैं.

# उदगम


बेतवा नदी रायसेन जिले के कुमरा गाँव के निकट विंध्याँचल पर्वतमालाओं से निकलती हैं.

# सहायक नदियाँ


बीना,धसान,सिंध,देनवा,मालिनी,सुखतवा,कालीभीत

# बेतवा पर स्थित परियोजना


महारानी लक्ष्मीबाई परियोजना (माताटीला बाँध)

भांडेर नहर और हलाली नहर

# समापन


बेतवा उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के पास यमुना नदी में मिल जाती हैं.

# ६.क्षिप्रा नदी ( kshipra river)


क्षिप्रा नदी 195 किमी लम्बी नदी हैं,इस नदी के किनारें उज्जैन बसा हुआ हैं,जहाँ प्रति बारह वर्ष में " सिंहस्थ " मेला आयोजित होता हैं.

# उदगम


क्षिप्रा इन्दौर के निकट " काकडी बल्डी "नामक स्थल से निकलती हैं.

# सहायक नदी


खान और गंभीर


# समापन


क्षिप्रा देवास,उज्जैन, रतलाम,मंदसौर जिलों में बहती हुई चम्बल नदी में मिल जाती हैं.

# ७.तवा नदी ( Tava river)


यह नदीं पंचमढ़ी स्थित महादेव पर्वत से निकलती हैं.


# तवा पर स्थित परियोजना


तवा परियोजना ( होशंगाबाद),इस परियोजना से 3.33 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती हैं.

# समापन


नर्मदा नदी में ( होशंगाबाद में)

# ८.बैनगंगा नदी ( Benganga river)


बैनगंगा प्रदेश के दक्षिण भाग में प्रवाहित होनें वाली महत्वपूर्ण नदी हैं.जो सिवनी और बालाघाट जिले में प्रवाहित होती है.इस नदी का वर्धा नदी से जब संगम होता हैं तो उसे " प्राणहिता " के नाम से जाना जाता हैं.

# उदगम


परसवाड़ा पठार जिला सिवनी से

# वैनगंगा पर निर्मित परियोजनायें

संजय सरोवर परियोजना (अपर वैनगंगा) इस परियोजना से सिवनी और बालाघाट जिले की 1.03 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होती हैं.

# ९.कैन नदी ( Ken river)


कैन नदी को शुक्तिमति,दिर्णावती भी कहा जाता हैं.

# उदगम


विंध्याँचल पर्वत से निकलती हैं.

# समापन


कटनी,पन्ना और बांदा (उ.प्र.) जिलों से होती हुई गोदावरी नदी में मिल जाती हैं.


#१० सिंध नदी ( Sindh river)


सिंध नदी सिंरोज (गुना) से निकलकर उ.प्र.में जाकर यमुना नदी में मिल जाती हैं.

# ११.कालीसिंध नदी ( Kalisindh river)


कालीसिंध नदी की लम्बाई 150 किमी हैं.यह नदी गर्मीयों के समय सूख जाती हैं.इसी बात को दृष्टिगत रखतें हुये म.प्र.शासन ने इस नदी को नर्मदा नदी से जोड़नें की योजना की रूपरेखा बनाई हैं.

सोनकच्छ नगर इस नदी के तट पर बसा हुआ हैं


# उदगम


यह नदी देवास जिले के बागली नगर के समीप से निकलती हैं.

# समापन


राजस्थान में चम्बल नदी में मिल जाती हैं.


# १२.पार्वती नदी ( Parvari river )


यह नदी कालीसिंध नदी के समानांतर बहती हैं.

# उदगम


सिहोर जिले के आष्टा नगर के समीप से निकलती हैं.इस नदी के किनारें आष्टा,शाजापुर और राजगढ़ नगर बसे हुये हैं.

# समापन


चम्बल नदी में मिल जाती हैं.

#१३. कूनो नदी ( Kuno river )


इस नदी की लम्बाई 180 किमी हैं.

# उदगम


शिवपुरी पठार से निकलती हैं.


# कूनो पर निर्मित परियोजनायें


इस नदी पर केन बहुउद्देश्यीय परियोजना निर्मित हैं,जो छतरपुर और पन्ना जिलें को सिंचित करती हैं.इससे 50 मेगावाट बिजली उत्पादन भी होता हैं.

यह परियोजना म.प्र.और उ.प्र.की संयुक्त परियोजना हैं.

# समापन


चम्बल नदी में मिल जाती हैं.

#१४. वर्धा नदी ( vardha river)


यह नदी वर्धन शिखर बैतूल से निकलती हैं.

# समापन


चम्बल नदी में

#१५.शक्कर नदी ( sakkar river )


यह नदी अमरवाड़ा जिला छिंदवाड़ा से निकलती हैं.

# समापन


चम्बल नदी में मिल जाती हैं.

# १६.गार नदी ( Garr river )


लखनादोन जिला सिवनी से निकलती हैं और नर्मदा नदी में मिल जाती हैं.

# १७.टोंस नदी ( Tons river )


सतना जिले में स्थित कैमूर पहाड़ी से उदगम तथा उत्तर प्रदेश में गंगा नदी में मिल जाती हैं.


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