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लाडली लक्ष्मी योजना।LADLI LAXMI YOJNA

#1.लाड़ली लक्ष्मी योजना क्या हैं ?


लाड़ली लक्ष्मी मध्यप्रदेश शासन द्धारा बालिकाओं की स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन लानें के लियें सन् 2006 में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना हैं.

#2. योजना के उद्देश्य


• बालिकाओं के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक धारणा बनाना.

• बालिकाओं की जन्म दर में सुधार लाना.

• बालिकाओं की शैक्षिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाकर उन्हें समाज में पहचान दिलाना.

• जन्म से ही बालिकाओं के बेहतर भविष्य की आधारशीला रखना.

• बालिका भ्रूण हत्या को हतोत्साहित करना.

#3. योजना के लिये नोड़ल विभाग


महिला और बाल विकास विभाग ,मध्यप्रदेश

#4. लाड़ली लक्ष्मी योजना की पात्रता शर्तें


• इस योजना का लाभ 1 जनवरी,सन् 2006 के बाद जन्मी बालिकाओं को मिलेगा.

• बालिका के माता - पिता म.प्र.के मूल निवासी होना चाहियें.

• यह योजना दो संतान तक ही सीमित हैं यदि प्रथम संतान बालिका हो तो द्धितीय संतान होनें के बाद माता - पिता में से किसी एक को परिवार नियोजन करवाना अनिवार्य होगा.

• द्धितीय संतान के जन्म से एक वर्ष पूर्व प्रथम बालिका का आवेदन प्रस्तुत करना होगा.

• यदि द्धितीय संतान बालिका हैं तो वह भी इस योजना का लाभ उठाने की पात्रता रखती हैं बशर्तें बालिका के माता- पिता में से किसी एक ने परिवार नियोजन करवा लिया हो.

• इस योजना का लाभ लेनें वाली बालिका के माता - पिता आयकर दाता नहीं होना चाहियें.

• यह योजना गोद ली हुई बालिका संतान के लिये भी परंतु अभिभावक को इसका प्रमाण देना होगा.

• यदि जुडवाँ बालिकाओं का जन्म होता हैं,तो उस दशा में सभी जुडवाँ बालिकाओं को योजना का लाभ मिलेगा.

• योजना का लाभ प्राप्त करनें हेतू बालिका के जन्म से एक वर्ष के भीतर आवेदन आवेदन करना होगा.

• यदि किसी कारणवश बालिका के जन्म के प्रथम वर्ष के भीतर आवेदन नहीं कर पायें हो तो दूसरें वर्ष में आवेदन जिला कलेक्टर को करना होगा.

• माता - पिता की मृत्यु होनें की दशा में लाड़ली लक्ष्मी योजना में आवेदन करनें की छूट पाँच वर्ष होगी.

#5. आवेदन कहाँ करना होगा


संबधित गाँव या वार्ड़ के आंगनवाड़ी केन्द्र पर आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को.

#6. योजना का विवरण


• लाड़ली लक्ष्मी योजना में लाभार्थी बालिका के नाम पर शासन पाँच साल तक प्रतिवर्ष 5,000 रूपयों के " राष्ट्रीय बचत पत्र " खरीदता हैं.

• बालिका जब कक्षा 6 उत्तीर्ण करती हैं तब 2,000 हजार रूपयें बालिका को प्रदान किये जातें हैं.

• कक्षा 9 में प्रवेश करनें पर बालिका को धनराशि प्रदान की जाती हैं.

• बालिका के 18 वर्ष की होनें पर एकमुश्त 1 लाख रूपये बालिका को प्रदान किये जातें हैं.


# 7.योजना की समीक्षा


लाड़ली लक्ष्मी बालिकाओं की उन्नति,समृद्धि और विकास की योजना हैं.इस योजना ने बालिकाओं की स्कूलों में नामाकंन दर को बढ़ाया हैं.

इस योजना से प्रभावित होकर अनेक राज्यों ने इस योजना से मिलती जुलती या इसी तरह की योजना शुरू की हैं.

जहाँ एक ओर यह योजना बालिकाओं के विकास की योजना हैं वही दूसरी और इस योजना की कुछ मूलभूत खामियाँ भी हैं जैसें

• योजना में बालिका के नाम से पाँच वर्ष में 30 हजार रूपयों के बचत पत्र खरीदें जातें हैं,बालिका जब कक्षा 6 में प्रवेश करती हैं,तो उसे मात्र 2 हजार ही प्रदान किये जातें हैं.इसके पश्चात कुछ राशि कक्षा 9 में प्रवेश करनें पर प्रदान की जाती हैं.इस तरह उसकी सम्पूर्ण प्राथमिक,माध्यमिक और 12 वी तक की पढ़ाई के दोंरान मात्र दो बार ही राशि मिल पाती हैं.जबकि वास्तविकता में बालिका को प्राथमिक,माध्यमिक और उच्च स्तरीय कक्षाओं के दोरान निरंतर छात्रवृत्ति मिलना चाहियें.

लाड़ली लक्ष्मी योजना नें प्रदेश में बालिका जन्म के प्रति आमजनों के दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन उत्पन्न किया हैं.ऐसी योजना सम्पूर्ण देश भर में लागू की जानी चाहियें.


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