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सामान्य अध्ययन विभिन्न राज्यों की मुख्य परीक्षा हेतू [GENRAL KNOWLEDGE FOR VARIOUS STATE MAIN EXAM]

#१.विज्ञान (Science) किसे कहतें हैं ?

उत्तर = क्रमबद्ध एँव विशिष्ट ज्ञान को विज्ञान कहतें हैं.विज्ञान से तात्पर्य ऐसे विशिष्ट ज्ञान से हैं,जिसका परीक्षण और प्रयोग संभव हो और इसके आधार पर भविष्यवाणी की जा सकें.विज्ञान के सिद्धांत सार्वदेशिक और सार्वकालिक होतें हैं.

#२.प्रकाश वर्ष (Light year) किसे कहते हैं ? तथा इसका मात्रक क्या हैं ?

उत्तर = प्रकाश (Light) द्धारा एक वर्ष में तय की गई दूरी को प्रकाश वर्ष कहतें हैं.
प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक हैं.
प्रकाश द्धारा निर्वात में चली गई दूरी 9.46×10¹5 मीटर होती हैं.

#३.खगोलीय इकाई किसे कहतें हैं ?
उत्तर = प्रथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी को एक खगोलीय इकाई कहते हैं.प्रथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी 1.496×10¹¹ मीटर होती हैं.

#४.केल्विन (Kelvin) किसका मात्रक हैं ?
उत्तर =केल्विन ताप का मात्रक हैं.
सामान्य वायुमंड़लीय दाब पर गलते बर्फ के ताप तथा उबलते जल के ताप के 100 वें भाग को एक केल्विन कहतें हैं.

#५.एम्पियर किसका मात्रक हैं ?
उत्तर = विधुत धारा मापनें का मात्रक एम्पियर हैं.1एम्पियर वह विधुत धारा हैं,जो निर्वात में 1 मीटर की दूरी पर स्थित दो सीधे,लम्बें व समानांतर तारों में प्रवाहित होनें पर ,प्रत्येक तार की प्रति मीटर लम्बाई पर तारों के बीच 2×10-7 न्यूटन का बल उत्पन्न करती हैं.

#६.ज्योति तीव्रता का मात्रक क्या हैं ?
उत्तर = केन्ड़िला

#७.गति (Motion) किसे कहतें हैं ? यह कितनें प्रकार की होती हैं ?
उत्तर = कुछ वस्तुओं में समय के साथ परिवर्तन होता हैं,जबकि कुछ समय के सापेक्ष स्थिर रहती हैं.उदाहरण के लिये रोड़ पर चलती कार समय के साथ गतिमान हैं.जबकि मेज पर रखी किताब समय के साथ वही स्थिर रहती हैं.

अर्थात गति समय के साथ वस्तु की स्थिति में परिवर्तन का नाम हैं.


## गति 3 प्रकार की होती हैं —:


#1.स्थानांतरीय गति (Translator motion)

जब कोई वस्तु सीधी सरल रेखा में गतिशील होती हैं.तो उसकी यही गति स्थानांतरीय गति कहलाती हैं.इसे रेखीय भी कहतें हैं.
उदाहरण के लिये सीधे मार्ग पर चलती कोई मोटर गाड़ी या रेल.

स्थानांतरीय गति में मूल बिंदू से दाँयी और की दूरी धनात्मक और बाँयी और की ॠणात्मक होती हैं.

                      स्थानांतरीय गति
                      ----------०---------
                        -         →      +

#2.घूर्णन गति (Rotatory motion) :::

जब कोई वस्तु अपने निश्चित अक्ष के चारों और घूमता हैं,तो उसकी यह गति घूर्णन गति कहलाती हैं.
उदाहरण के लिये प्रथ्वी का सूर्य के चारों ओर घूमना.
                             

#3.कम्पनीय गति (vibratory motion):::

जब कोई वस्तु किसी निश्चित बिंदु के आस - पास गति करती हैं,तो यह कम्पनीय गति होती हैं.
उदाहरण के लिये घड़ी के लोलक का अपनी बीच स्थिति से दोंनों ओर दोलन करना.

#८.गुरूत्वीय त्वरण किसे कहते हैं ?

उत्तर = प्रथ्वी के गुरूत्वाकर्षण के कारण प्रत्येक वस्तु जो प्रथ्वी की ओर गिर रही हैं,उसमें एक नियत त्वरण आरोपित हो जाता हैं.जिसे गुरूत्वीय त्वरण कहतें हैं.इसे g से प्रदर्शित करतें हैं.

इसका मान 9.8 मीटर / सेकेण्ड़ ² होता हैं.

#९.न्यूटन की गति का प्रथम नियम क्या हैं ?

उत्तर = न्यूटन के गति विषयक प्रथम नियमानुसार यदि कोई वस्तु विरामवस्था में हैं या समान गति से गतिशील हैं तो इसकी विरामवस्था या गतिशीलता में तभी परिवर्तन होता हैं,जब उस पर कोई बाह्य बल आरोपित किया जाता हैं.

इस नियम के दैनिक जीवन में अनेक उदाहरण देखे जातें हैं,जैसे बस में बेठे मुसाफिर गाड़ी के यकायक चलने पर पिछे की ओर गिर जातें हैं.

इसका कारण यह हैं,कि गाड़ी के चलने पर शरीर का निचला हिस्सा उसके साथ गतिशील होता हैं,जबकि ऊपरी हिस्सा विराम अवस्था में रहता हैं.जब यकायक गाड़ी चलती  हैं,तो यात्री पिछे की ओर गिर जातें हैं.

न्यूटन के गतिविषयक प्रथम नियम को " गेलिलियो का जड़त्व " का नियम भी कहतें हैं.

#१०.न्यूटन का गतिविषयक द्धितीय नियम क्या हैं ?
उत्तर = इस नियमानुसार किसी वस्तु पर आरोपित बल ,उस वस्तु के द्रव्यमान तथा उसमें बल की दिशा में उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता हैं.

यदि किसी वस्तु पर F बल आरोपित करनें पर उसमें बल की दिशा में a त्वरण उत्पन्न होता हैं.यदि वस्तु का द्रव्यमान M हो तो द्धितीय नियमानुसार

            F = M×a

#११.न्यूटन की गतिविषयक तीसरा नियम क्या हैं ?
उत्तर = न्यूटन के गति के तीसरे नियमानुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर तथा विपरित दिशा में उतनी ही प्रतिक्रिया होती हैं.
जब कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु पर बल लगाती हैं,तो दूसरी वस्तु भी उतना ही बल प्रथम वस्तु पर आरोपित करती हैं.

उदाहरण के लिये वस्तु A पर आरोपित बल (पिंड़ B द्धारा) Fab हैं,तथा पिंड़ B पर (पिंड़ Aद्धारा) आरोपित बल FBA हैं.तब न्यूटन के गति के तीसरे नियमानुसार

                        fab = FBA

गति के तीसरे नियम के दैनिक जीवन में अनेक उदाहरण देखने को मिलतें हैं जैसे राकेट का आगे बढ़ना,बन्दूक से गोली छोड़ने पर पिछे की ओर झटका लगना.

#१२.पास्कल का नियम क्या हैं ?

उत्तर = पास्कल के नियमानुसार यदि गुरूत्वीय प्रभाव को
 शून्य माना जाये तो संतुलन की अवस्था में किसी द्रव के भीतर प्रत्येक स्थान पर समान दाब रहता हैं.

यदि गुरूत्वीय प्रभाव को शून्य नही माना जाये तो समान गहराई पर स्थित बिंदुओं पर एक समान दाब रहता हैं.हाइड्रोलिक ब्रेक और हाइड्रोलिक लिफ्ट पास्कल के नियम पर ही आधारित हैं.

#१३. मोंत के कुएँ वाले खेल में मोटर साइकिल सवार मोंत के कुएँ के चारों ओर घूमता हैं,लेकिन गिरता नहीं हैंं ? क्यों ?

उत्तर = जब कोई पिंड़ किसी वृत्तीय मार्ग पर चलता हैं,तो उस पर मार्ग के केन्द्र की ओर एक बल लगता हैं,जिसे अभिकेन्द्रीय बल कहतें हैं.न्यूटन की गति के तीसरे नियमानुसार इस बल के विपरीत और बराबर मात्रा में एक प्रतिक्रिया बल भी लगता हैंं,जिसे अपकेन्द्रीय बल कहतें हैं.

इन दोंनों बलों के आपस में प्रतिक्रिया से मोटर साइकिल सवार मौंत के कुएँ में स्थिर रह कर मोटर साइकिल चलाता हैं,व गिरता नहीं हैं.


#१४.अंतर्राष्टरीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण(IAEA) का संक्षिप्त परिचय दें ?

उत्तर = अंतर्राष्टरीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण की स्थापना 29 जुलाई 1957 को हुई थी.
इसका मुख्यालय विएना (आस्ट्रिया) में हैं

इस संगठन का मुख्य उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा परमाणु ऊर्जा को तेज गति से व्यापक बनाना हैं.


#१५.संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के बारें में बताइये ?

उत्तर = UNHCR की स्थापना 1948 में हुई थी एँव इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विट्जरलेंड़) में हैं.
यह संयुक्त राष्ट्र का आनुषांगिक संगठन हैं.

इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों की सहायता और पुनर्वास करना हैं,जिन्हें युद्ध,आपातकाल या अन्य वजहों से अपनी मातृभूमि छोड़ना पड़ी हैं.


#१६.एमनेस्टी इंटरनेशनल के बारें में बताइये ?

उत्तर = एमनेस्टी इंटरनेशनल मानव अधिकारों की सुरक्षा के लिये कार्य करनें वाला अंतर्राष्ट्रीय संगठन हैं.इसकी स्थापना ब्रिटिश वकील पीटर बेरेसन द्धारा समाचार पत्रों में मानवाधिकारों के लिये 28 मई,1961 को की गई अपील के साथ माना जाता हैं.

इसका मुख्यालय लंदन में स्थित हैं.

#१७.रेड़क्रास के बारें में बताईये ?
उत्तर = युद्ध या आपदा के समय पीड़ित मानवता की सेवा के लिये 1863 में इस संगठन की स्थापना की गई थी.
इस संगठन की स्थापना में जे.एच.दुनांत का नाम अग्रणी हैं.
इसका मुख्यालय जेनेवा (स्विट्जरलेंड़) में स्थित हैं.

#१८.अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन (Interpol) का मुख्यालय कहाँ हैं ? तथा इसके क्या काम हैं ?

उत्तर = इंटरपोल का मुख्यालय लियोंससरवरलरकससययसवववन्ंेोोोों (फ्रांस) में स्थित हैं.यह संगठन सदस्य देशों की पुलिस गतिविविधियों के समन्वय हेतू 1923 में गठित किया गया था.


#१९.पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (OPEC) के बारें में बताईयें ?

उत्तर = organisation of petroleum Exporting Countries यानि ओपेक की स्थापना 1960 में बगदाद में हुये सम्मेलन के परिणामस्वरूप हुई थी.

इसके संस्थापक राष्ट्र ईरान,इराक,कुवैत,सऊदी अरब तथा वेनुजुएला हैं.वर्तमान में इस संगठन में अल्जीरिया,इक्वाडोर,गैबन,इंड़ोनेशिया, लीबिया,नाइजीरिया,कतर,तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसें राष्ट्र जुड़ गये हैं.

इस संगठन का मुख्यालय वियना (आस्ट्रिया) में हैं.

ओपेक देशों का प्रमुख उद्देश्य पेट्रोलियम निर्यात करनें वाले राष्ट्रों का हित संरक्षण.
तेल की कीमत में स्थिरता रखना तथा समय समय पर अपने हित संवर्धन हेतू निति निर्धारण करना हैं.


#२०.कोलम्बों प्लान (Colombo Plan) क्या हैं ?

उत्तर =नये - नये स्वतंत्र हुये एशियाई राष्ट्रों के आर्थिक विकास हेतू सहायता उपलब्ध करानें हेतू इस संगठन की स्थापना 1950 की गई थी.
इसका मुख्यालय कोलम्बों में हैं.


#२१.वर्णांधता (Color blindness) क्या हैं ?

उत्तर = यह एक आनुवांशिक रोग हैं,जिसमें रोगी को लाल एंव हरा रंग पहचाननें में परेशानी होती हैं.इस बीमारी से अधिकांशत: पुरूष प्रभावित होता हैं.क्योंकि स्त्रीयाँ इस रोग की वाहक होती हैं.

स्त्रीयों में यह रोग तभी होता हैं,जब इसके दोंनों गुणसूत्र (XX) प्रभावित हों.लेकिन यह संभावना 100 में मात्र 0.9% ही होती हैं.

#२२.टर्नर सिंड्रोम क्या हैं ?

उत्तर = यह स्त्रीयों में होंनें में आनुवांशिक रोग हैं.जिसमें इसमें शरीर अल्पविकसित,कद छोटा तथा वक्ष चपटा होता हैं.जननांग अल्पविकसित होता हैं,जिससे स्त्रीयाँ बांझ होती हैं.

#२३.मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कोंन - सी होती हैं ? इसका संक्षिप्त परिचय दें ?

उत्तर =यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि हैं.

यह शरीर के दाँयी ओर स्थित होता हैं,जिसका वज़न 1.5 से 2 किग्रा होता हैं .

#२४.एश्चुरी (Esturine) क्या हैं ? भारत की कौंन सी नदियाँ एश्चुरी बनाती हैं ?

उत्तर = नदिंया अपनें स्त्रोंत से निकलकर जब सागर में गिरती हैं,तो नदी के मार्ग में अवरोध आनें से नदियाँ अनेक संकरी और लम्बी निक्षेप आकृति का निर्माण करती हैं,जिन्हें एश्चुरी (ज्वारनदमुख) कहा जाता हैं.

भारत की ताप्ती और नर्मदा नदिंया ज्वारनदमुख या एश्चुरी बनाती हैं.

#२५.ज्यूजेन (Zeugen) किस क्रिया के फलस्वरूप निर्मित स्थलाकृति हैं ?
उत्तर = ज्यूजेन मरूस्थलीय भागों में पवन के अपरदानात्मक कार्यों से निर्मित स्थलाकृति होती होती हैं.

मरूस्थलीय भागों में कठोर चट्टानों के ऊपर कोमल चट्टानें चढ़ी रहती हैं.ये कोमल चट्टानें पवन द्धारा कटती रहती हैं.जिससे इनके बीच पतली सी घाटीयों का निर्माण हो जाता हैं.

ये चट्टानें दवात के ढ़क्कन की भाँति दिखाई देती हैं.

#२६.लोएस क्या होतें हैं ?

उत्तर = मरूस्थलीय क्षेत्रों से पवन द्धारा बालू के महिन कणों को उड़ाकर कई सौ किलोमीटर दूर मैदानी भागों में जमाव को लोएस कहा जाता हैं.

ऐसे जमावों का लोएस नाम जर्मनी में स्थित लोएस नामक गाँव पर पड़ा जहाँ ऐसी लोएस मिट्टी का बहुतायत पाया जाता हैं.

#२७.मच्छरों को मारनें के लिये जल से भरे खुले गड्डों में घासलेट डालनें की सलाह दी जाती हैं क्यों ?

उत्तर = पानी भरे गड्डें में घासलेट (केरोसिन) डालनें पर जल का पृष्ठ तनाव कम हो जाता हैं,जिसकी वजह से जल की सतह की झिल्ली टूट जाती हैं.

जब मच्छर इस पानी पर बैंठतें हैं,तो डूबकर मर जातें हैं.यही कारण हैं,कि मच्छर प्रभावित इलाकों में जल से भरे खुले गड्डों में केरोसिन डालनें की सलाह दी जाती हैं.

#२८.आर्कमड़ीज का सिद्धांत क्या हैं ?

उत्तर = जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूरी या आधी डुबोई जाती हैं,तो डुबोनें पर वस्तु के भार में कमी प्रतीत होती हैं तथा वस्तु के भार में यह आभासी कमी उसके द्धारा हटाये गये द्रव के भार के बराबर होती हैं.


#२९.वायुमण्ड़ल की सबसे निचली परत कौंन सी होती हैं ?


उत्तर = वायुमण्ड़ल की सबसे निचली परत क्षोभमंड़ल (Troposphere) के नाम से जानी जाती हैं.इसका अन्य नाम परिवर्तन मंड़ल या संवहन मंड़ल हैं.

इस मंड़ल की ऊँचाई अलग - अलग होती हैं,ध्रुवीय क्षेत्रों में इस मंड़ल की ऊँचाई 6 से 8 किमी तक होती हैं,जबकि भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में इसकी ऊँचाई 18 किमी तक होती हैं.

मौंसम परिवर्तन सम्बधित घट़नाएँ इसी मंड़ल में होती हैं.

#३०. समताप मण्ड़ल की खोज किसनें की थी ?इसके बारें में बताईयें ?

उत्तर = समताप मण्ड़ल की खोज सन् 1902 में टीजरेंस डि बार्ट ने की थी.यह क्षोभमंड़ल के ऊपर स्थित परत हैं,जिसकी ऊँचाई 50 किमी तक पाई जाती हैं.

समताप मण्ड़ल में तापमान प्राय : अपरिवर्तित और शांत रहता हैं .

#३१.लोहा प्रकृति में किस रूप में पाया जाता हैं ?


उत्तर = लौहा प्रकृति में शुद्ध रूप में नहीं पाया जाता हैं.यह अयस्क के रूप में मिलता हैं,जिसको कोयला और चूना पत्थर के साथ मिलाकर गलाया जाता हैं,व कच्चा लोहा प्राप्त किया जाता हैं.

लोहें के अयस्कों के नाम इस प्रकार हैं ==

१.मेग्नेटाइट

२.हेमेटाइट

३.लिमोनाइट

४.सिड़ेराइट

इनमें मेग्नेटाइट और हेमेटाइट सर्वाधिक उत्तम किस्म का लोह अयस्क होता हैं.

#३२.बुशमैन (Bushman) जनजाति कहाँ निवास करती हैं ? इसके सामाजिक जीवन के बारें में बताईये ?

उत्तर =दक्षिण अफ्रीका के उत्तर- पश्चिम भाग,कालाहारी मरूस्थल ,बासुतालैंड़ एँव जाम्बिया में निवास करनें वाली और आखेट़क जनजाति बुशमैन कहलाती हैं.

बुशमैन अकेले या किसी सम्बंधी के साथ जहरीले बाण लेकर शिकार करनें निकलतें हैं,ये वर्ष के बारह महिनों खानाबदोश रहतें हैं.ये कंद मूल,मांस,फल,चींटी,कीड़े - मकोंड़े बड़े चाव से खातें हैं.

इनके परिवार में उम्र में सबसे बड़ा व्यक्ति परिवार का मुखीया होता हैं.

#३३.चीन की सीमा को स्पर्श करनें वालें भारतीय राज्य कोंन से हैं ?


उत्तर = १.जम्मू कश्मीर
           २.अरूणाचल प्रदेश
           ३.सिक्किम
           ४.उत्तराखंड़
           ५.हिमाचल प्रदेश


 #३४.बांग्लादेश की सीमा को स्पर्श करनें वालें राज्य कौंन - कौंन से हैं ?
उत्तर = १.मिजोरम
           २.मेघालय
           ३.असम
           ४.त्रिपुरा 
           ५.पश्चिम बंगाल

       

#३५.हिमोफिलिया (Haemophillia) रोग के बारें में बताईये ?


उत्तर = हिमोफिलिया (Haemophillia) एक आनुवांशिक रोग हैं,जिसमें किसी व्यक्ति को रक्तस्त्राव बंद नहीं होता हैं.

सामान्य व्यक्ति को यदि चोंट़ लग जाए तो 2 - 4 मिनिट में रक्त का थक्का बनकर रक्तस्त्राव बंद हो जाता हैं,परंतु हेमोफिलिक व्यक्ति में कुछ प्रोटीन की कमी के कारण रक्त बहता रहता हैं और उचित उपचार नही मिलनें पर व्यक्ति की मौंत हो जाती हैं.

यह लिंग सहलग्नक रोग हैं,जिसमें स्त्रीयाँ वाहक होती हैं.


#३६.रक्तवर्ग की खोज किसनें की थी ?


उत्तर = रक्तवर्ग की खोज लैण्ड़स्टीनर ने 1902 की थी.
रक्तवर्ग चार प्रकार के होतें हैं A,AB,B,तथा O 

सन् 1940 में लैण्ड़स्टीनर तथा वीनर ने रीसस बंदर में रक्त के एक प्रकार एंटीजन का पता लगाया जिसे Rh Factor कहा गया जिन व्यक्तियों में यह तत्व उपस्थित होता हैं,उसे Rh positive कहा जाता हैं.तथा जिसमें अनुपस्थित होता हैं उसे Rh Negative कहा जाता हैं.

#३७.क्लीनेफेल्टर सिंड्रोम (Klinefelter Syndrome) क्या होता हैं ?

उत्तर = यह आनुवांशिक रोग हैं,जिसमें मनुष्यों में गुणसूत्रों की संख्या 46 के स्थान पर 47 हो जाती हैं.यह रोग पुरूषों में होता हैं.इसमें वृषण अल्पविकसित होकर स्तन स्त्रीयों के समान हो जातें हैं.ये पुरूष नपुसंक होतें हैं.

#३८.वायुमण्ड़ल में उपस्थित गैसों का प्रतिशत बताईये ?

उत्तर = 

१.नाइट्रोजन = 78.03 %
२.आक्सीजन= 20.99%
३.आर्गन.      = 0.93%
४.कार्बन डाइआक्साइड़ = 0.03%
५.हाइड्रोजन. = 0.01%
६.नियाँन.      = 0.0018%
७.हीलियम = 0.0005%
८.क्रिप्टान = 0.0001%
९.जिनाँन = 0.000,005%
१०.ओजोन = 0.000,0001%

#३९. किसी ग्रह पर वायुमण्ड़ल की उपस्थिति किस बात पर निर्भर करती हैं ?


उत्तर = किसी ग्रह पर वायुमण्ड़ल होना या न होना उस ग्रह के पलायन वेग पर निर्भर करता हैं.यदि पलायन वेग का मान बहुत अधिक हैं,तो उस ग्रह पर सघन वायुमण्ड़ल होगा,यदि पलायन वेग कम हैं,तो वहाँ वायुमण्ड़ल अनुपस्थित रहेगा.

उदाहरण के लिये प्रथ्वी पर पाये जानें वाली हल्की से हल्की गैंस  जैसें हाइड्रोजन को 500k ताप पर गर्म करनें पर 2.6 किमी/सेकंड़ का औसत वेग प्राप्त होता हैं,जो प्रथ्वी के पलायन वेग 11.2 किमी / सेकंड़ से काफी कम होता हैं.

जबकि चन्द्रमा पर औसत पलायन वेग 2.4 किमी /सेकंड़  होता हैं.यहाँ गैसों का औसत वेग कही अधिक होता हैं फलस्वरूप गैस के अणु वहाँ के वातावरण में नही ठहर पाते और पलायन कर जातें हैं.

#४०. यूनिसेफ (UNICEF) के बारें में बताईये ?

उत्तर = अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष यानि यूनिसेफ संयुक्त राष्ट्र का आनुषांगिक संगठन हैं,जिसकी स्थापना 1946 में हुई थी .

इस संगठन का मुख्य उद्देश्य कल्याणकारी कार्यों जैसे स्वास्थ और पोषण के माध्यम से बालकों की दशा को उन्नत करना हैं.

इसके अतिरिक्त बाढ़,भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदा के समय शिशु और माताओं की सहायता करना हैं.इस संस्था का मुख्यालय न्यूया्र्क मे हैं

#४१.एशियाई विकास बेंक (ADB) का मुख्यालय कहाँ हैं ? ये क्या कार्य करती हैं ?

उत्तर = एशियाई विकास बेंक का मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में हैं.

सन् 1967 में स्थापित इस बेंक का मुख्य उद्देशय सदस्य देशों को रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराना हैं.

#४३.अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का गठन कब हुआ था ? इसके क्या कार्य हैं ?

उत्तर = अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना सन् 1919 में राष्ट्र संघ के एक अंग के रूप में हुई थी. सन् 1946 में यह संयुक्त राष्ट्र का अंग स्वीकार किया गया .

इसका प्रमुख उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों के श्रमिकों की स्थिति में सुधार करना,श्रमिकों का जीवन स्तर उन्नत करना और सामाजिक शांति बनाये रखना हैं.

इस संगठन का मुख्यालय जेनेवा (स्विट्जरलेंड़) में हैं.

#४४.मानव शरीर में रक्त प्लेटलेट्स या थ्राम्बोंसाइट्स का क्या काम हैं ?

उत्तर = रक्त प्लेटलेट्स का महत्वपूर्ण कार्य शरीर के कटे हुये भाग पर जमा होकर रक्त का थक्का बनानें में मदद करना हैं.जिससे रक्तस्त्राव नहीं हो मानव शरीर में इनकी संख्या 2 से 5 लाख प्रति घन मिमि.रूधिर होती हैं.


#४५.भारत में स्थित हिमालयीन दर्रों के नाम बताईयें ?

उत्तर = 


१.जम्मू कश्मीर में स्थित हिमालयीन दर्रे :::


##१.काराकोरम दर्रा

##२.बुर्जिल दर्रा

##३.जोजिला दर्रा

##४.पीर पंजाल दर्रा

##५.बनिहाल दर्रा

#२.उत्तराखंड़ में स्थित हिमालयीन दर्रें :::


#१.निति दर्रा

#२.माना दर्रा

३.हिमाचल प्रदेश में स्थित दर्रे :::

#१.बड़ाचाला दर्रा

#२.रोहतांग दर्रा

#३.शिपकीला दर्रा

४.सिक्किम में स्थित हिमालयीन दर्रे :::


#१.नाथूला दर्रा


१६ संस्कारों के बारें में जानें



० मध्यप्रदेश सामान्य अध्ययन









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गेरू के औषधीय प्रयोग गेरू के औषधीय प्रयोग   आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें । गेरू भी उसी श्रेणी की आयुर्वेद औषधी हैं । जो सामान्य मिट्टी से कही अधिक इसके विशिष्ट गुणों के लियें जानी जाती हैं । गेरू लाल रंग की की मिट्टी होती हैं जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्र में मिलती हैं । इसे गेरू या सेनागेरू भी कहतें हैं । गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं । गेरू का संस्कृत नाम  गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं । गेरू का लेटिन नाम  गेरू   silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं । गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं । गेरू के औषधीय प्रयोग 1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को रोकनें वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लिय

एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन क्या हैं

#1.एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन क्या हैं ?  एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली से अभिप्राय यह हैं,कि मृदा उर्वरता को बढ़ानें अथवा बनाए रखनें के लिये पोषक तत्वों के सभी उपलब्ध स्त्रोंतों से मृदा में पोषक तत्वों का इस प्रकार सामंजस्य रखा जाता हैं,जिससे मृदा की भौतिक,रासायनिक और जैविक गुणवत्ता पर हानिकारक प्रभाव डाले बगैर लगातार उच्च आर्थिक उत्पादन लिया जा सकता हैं.   विभिन्न कृषि जलवायु वाले क्षेत्रों में किसी भी फसल या फसल प्रणाली से अनूकूलतम उपज और गुणवत्ता तभी हासिल की जा सकती हैं जब समस्त उपलब्ध साधनों से पौध पौषक तत्वों को प्रदान कर उनका वैग्यानिक प्रबंध किया जाए.एकीकृत पौध पोषक तत्व प्रणाली एक परंपरागत पद्धति हैं. ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// यहाँ भी पढ़े 👇👇👇 विटामिन D के बारें में और अधिक जानियें यहाँ प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना ० तम्बाकू से होनें वाले नुकसान ० कृषि वानिकी क्या हैं ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// #2.एकीकृत पोषक त

Ayurvedic medicine list । आयुर्वैदिक औषधि सूची

Ayurvedic medicine list  [आयुर्वैदिक औषधि सूची] #1.नव ज्वर की औषधि और अनुसंशित मात्रा ::: १.त्रिभुवनकिर्ती रस  :::::   १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संजीवनी वटी       :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. ३.गोदन्ती मिश्रण.    :::::     १२५ से २५० मि.ग्रा. #2.विषम ज्वर ::: १.सप्तपर्ण घन वटी  :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. २.सुदर्शन चूर्ण.        :::::     ३ से ६ ग्रा.   # 3 वातश्लैष्मिक ज्वर ::: १.लक्ष्मी विलास रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संशमनी वटी          :::::  ५०० मि.ग्रा से १ ग्रा. # 4 जीर्ण ज्वर :::: १. प्रताप लंकेश्वर रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.महासुदर्शन चूर्ण.     :::::   ३ से ६ ग्राम ३.अमृतारिष्ट              :::::    २० से ३० मि.ली. # 5.सान्निपातिक ज्वर :::: १.नारदीय लक्ष्मी विलास रस. :::::  २५० से ५०० मि.ग्रा. २.भूनिम्बादि क्वाथ.      ::::: १०से २० मि.ली. #6 वातशलैष्मिक ज्वर :::: १.गोजिह्यादि क्वाथ.      ::::: २० से ४० मि.ली. २.सितोपलादि चूर्ण.       ::

karma aur bhagya [ कर्म और भाग्य ]

# 1 कर्म और भाग्य   कर्म आगे और भाग्य पिछे रहता हैं अक्सर लोग कर्म और भाग्य के बारें में चर्चा करतें वक्त अपनें - अपनें जीवन में घट़ित घट़नाओं के आधार पर निष्कर्ष निकालतें हैं,कोई कर्म को श्रेष्ठ मानता हैं,कोई भाग्य को ज़रूरी मानता हैं,तो कोई दोनों के अस्तित्व को आवश्यक मानता हैं.लेकिन क्या जीवन में दोनों का अस्तित्व ज़रूरी हैं ? गीता में श्री कृष्ण अर्जुन को कर्मफल का उपदेश देकर कहतें हैं.     " कर्मण्यें वाधिकारवस्तें मा फलेषु कदाचन " अर्थात मनुष्य सिर्फ कर्म करनें का अधिकारी हैं,फल पर अर्थात परिणाम पर उसका कोई अधिकार नहीं हैं,आगे श्री कृष्ण बतातें हैं,कि यदि मनुष्य कर्म करतें करतें मर  जाता हैं,और इस जन्म में उसे अपनें कर्म का फल प्राप्त नहीं होता तो हमें यह नहीं मानना चाहियें की कर्म व्यर्थ हो गया बल्कि यह कर्म अगले जन्म में भाग्य बनकर लोगों को आश्चर्य में ड़ालता हैं, ]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]][]]]]]][[[[[[[]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]] ● यह भी पढ़े 👇👇👇 ● आत्मविकास के 9 मार्ग ● स्वस्थ सामाजिक जीवन के 3 पीलर

गिलोय के फायदे । GILOY KE FAYDE

  गिलोय के फायदे GILOY KE FAYDE गिलोय का संस्कृत नाम क्या हैं ? गिलोय का संस्कृत नाम गुडुची,अमृतवल्ली ,सोमवल्ली, और अमृता हैं । गिलोय का हिन्दी नाम क्या हैं ? गिलोय GILOY का हिन्दी नाम 'गिलोय,अमृता, संशमनी और गुडुची हैं । गिलोय गिलोय का लेटिन नाम क्या हैं ? गिलोय का लेटिन नाम Tinospra cordipoolia (टिनोस्पोरा  कोर्ड़िफोलिया ) गिलोय की पहचान कैसें करें ? गिलोय सम्पूर्ण भारत वर्ष में पाई जानें वाली आयुर्वेद की सुप्रसिद्ध औषधी हैं । Ayurveda ki suprasiddh oshdhi hai यह बेल रूप में पाई जाती हैं, और दूसरें वृक्षों के सहारे चढ़कर पोषण प्राप्त करती हैं । गिलोय के पत्तें दिल के (Heart shape) आकार के होतें हैं।  गिलोय का तना अंगूठे जीतना मोटा और प्रारंभिक   अवस्था में हरा जबकि सूखनें पर धूसर हो जाता हैं । गिलोय के फूल छोटे आकार के और हल्का पीलापन लियें गुच्छों में लगतें हैं । गिलोय के फल पकनें पर लाल रंग के होतें हैं यह भी गुच्छों में पाये जातें हैं । गिलोय में पाए जाने वाले पौषक तत्व 1.लोह तत्व : 5.87 मिलीग्राम 2.प्रोटीन : 2.3

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]  म.प्र.भारत का ह्रदय प्रदेश होनें के साथ - साथ नदी,पहाड़,जंगल,पशु - पक्षी,जीव - जंतुओं के मामलें में देश का अग्रणी राज्य हैं.  river map of mp प्रदेश में बहनें वाली सदानीरा नदीयों ने प्रदेश की मिट्टी को उपजाऊ बनाकर सम्पूर्ण प्रदेश को पोषित और पल्लवित किया हैं.यही कारण हैं कि यह प्रदेश "नदीयों का मायका" उपनाम से प्रसिद्ध हैं. ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण नदियाँ प्रदेश में प्रवाहित होती हैं,जिनकी चर्चा यहाँ प्रासंगिक हैं. #१.नर्मदा नर्मदा म.प्र.की जीवनरेखा कही जाती हैं.इस नदी के कि नारें अनेक  सभ्यताओं ने जन्म लिया . #उद्गम  यह नदी प्रदेश के अमरकंटक जिला अनूपपुर स्थित " विंध्याँचल " की पर्वतमालाओं से निकलती हैं. नर्मदा प्रदेश की सबसे लम्बी नदी हैं,इसकी कुल लम्बाई 1312 किमी हैं. म.प्र.में यह नदी 1077 किमी भू भाग पर बहती हैं.बाकि 161 किलोमीटर गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में बहती हैं. नर्मदा प्रदेश के 15 जिलों से होकर बहती हैं जिनमें शामिल हैं,अनूपपुर,मंड़ला,डिंडोरी,जबलपुर,न

पारस पीपल के औषधीय गुण

पारस पीपल के औषधीय गुण Paras pipal KE ausdhiy gun ::: पारस पीपल के औषधीय गुण पारस पीपल का  वर्णन ::: पारस पीपल पीपल वृक्ष के समान होता हैं । इसके पत्तें पीपल के पत्तों के समान ही होतें हैं ।पारस पीपल के फूल paras pipal KE phul  भिंड़ी के फूलों के समान घंटाकार और पीलें रंग के होतें हैं । सूखने पर यह फूल गुलाबी रंग के हो जातें हैं इन फूलों में पीला रंग का चिकना द्रव भरा रहता हैं ।  पारस पीपल के  फल paras pipal ke fal खट्टें मिठे और जड़ कसैली होती हैं । पारस पीपल का संस्कृत नाम  पारस पीपल को संस्कृत  में गर्दभांड़, कमंडुलु ,कंदराल ,फलीश ,कपितन और पारिश कहतें हैं।  पारस पीपल का हिन्दी नाम  पारस पीपल को हिन्दी में पारस पीपल ,गजदंड़ ,भेंड़ी और फारस झाड़ के नाम से जाना जाता हैं ।   पारस पीपल का अंग्रजी नाम Paras pipal ka angreji Nam ::: पारस पीपल का अंग्रेजी नाम paras pipal ka angreji nam "Portia tree "हैं । पारस पीपल का लेटिन नाम Paras pipal ka letin Nam ::: पारस पीपल का लेटिन paras pipal ka letin nam नाम Thespesia

भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र [BHAGVAN SHRI RAM]

 Shri ram #भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र रामायण या रामचरित मानस सेकड़ों वर्षों से आमजनों द्धारा पढ़ी और सुनी जा रही हैं.जिसमें भगवान राम के चरित्र को विस्तारपूर्वक समझाया गया हैं,यदि हम थोड़ा और गहराई में जाकर राम के चरित्र को समझे तो सामाजिक जीवन में आनें वाली कई समस्यओं का उत्तर उनका जीवन देता हैं जैसें ● आत्मविकास के 9 मार्ग #१.आदर्श पुत्र ::: श्री राम भगवान अपने पिता के सबसे आदर्श पुत्र थें, एक ऐसे समय जब पिता उन्हें वनवास जानें के लिये मना कर रहें थें,तब राम ही थे जिन्होनें अपनें पिता दशरथ को सूर्यवंश की परम्परा बताते हुये कहा कि रघुकुल रिती सदा चली आई | प्राण जाई पर वचन न जाई || एक ऐसे समय जब मुश्किल स्वंय पर आ रही हो  पुत्र अपनें कुल की परंपरा का पालन करनें के लिये अपने पिता को  कह रहा हो यह एक आदर्श पुत्र के ही गुण हैं. दूसरा जब कैकयी ने राम को वनवास जानें का कहा तो उन्होनें निसंकोच होकर अपनी सगी माता के समान ही कैकयी की आज्ञा का पालन कर परिवार का  बिखराव होनें से रोका. आज के समय में जब पुत्र अपनें माता - पिता के फैसलों