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पशुओं तथा कुक्कुट हेतू टीकाकरण [Vaccination] तालिका

# पशुओं हेतू टीकाकरण तालिका :::

# संक्रामक रोगों के टीके

# रोग का नाम :::

ख़ुरपका - मुँहपका 

# टीके का नाम :::

F.M.D.vaccine

# टीकाकरण का समय:::

 सितम्बर से जनवरी 

# टीका लगानें का स्थान :::


त्वचा के निचें

# टीके लगानें की आयु व समय अंतराल

  
प्रथम टीका 4 - 6 माह तदोपरांत प्रत्येक 6 माह 


# रोग का नाम :::

ब्लेक क्वार्टर (लंगड़ा बुखार)

# टीके का नाम :::

B.Q.vaccine

# टीकाकरण का समय :::

मई - जून

# टीका लगानें का स्थान :::

त्वचा के निचें माँसपेशी में

# टीके लगानें की आयु व समय अंतराल :::

प्रथम टीका 6 माह पर तदेपरांत प्रत्येक वर्ष माह मई - जून में

# रोग का नाम :::

एच.एस.(H.S.),गलघोंटू 

# टीके का नाम :::

H.S.Vaccine

# टीकाकरण का समय

मई - जून

# टीका लगानें का स्थान:::

त्वचा अथवा माँसपेशी में

# टीका लगानें की आयु तथा समय अंतराल :::

प्रथम टीका 6 माह पर तदोपरांत प्रत्येक वर्ष मई - जून में

# रोग का नाम :::

एन्थ्रेक्स 

# टीके का नाम :::

स्पोर वैक्सीन

# टीका लगानें का समय:::

मई - जून

# टीका लगानें का स्थान:::

गर्दन पर माँसपेशियों में

# टीका लगानें की आयु तथा समय अंतराल:::

प्रथम टीका 6 माह पर तदोपरांत माह मई जून में

# एक से अधिक संक्रामक रोगों के संयुक्त टीके :::

# रोग का नाम :::

H.S.B.Q.(गलघोंटू व लंगड़ा बुखार का संयुक्त टीका)

# टीकाकरण का समय:::

6 माह की उम्र में

# टीका लगानें का स्थान :::

त्वचा के निचें अथवा माँसपेशी में


# टीका लगानें की आयु तथा समय अंतराल :::

प्रत्येक वर्ष

# रोग का नाम :::

खुरपका,मुँहपका एंव गलघोंटू का संयुक्त टीका 

# टीकाकरण का समय :::

4 माह की उम्र में

# टीका लगानें का स्थान :::

त्वचा के निचें अथवा माँसपेशी में

# टीका लगानें की आयु तथा समय अंतराल :::

प्रत्येक वर्ष

# रोग का नाम :::

खुरपका,मुँहपका,गलघोंटू और लंगड़ा बुखार का संयुक्त टीका 

# टीकाकरण का समय :::

चार माह की उम्र में

# टीका लगानें का स्थान :::

त्वचा के निचें अथवा माँसपेशी में

# टीका लगानें की आयु तथा समय अंतराल:::

प्रत्येक वर्ष

# रोग का नाम :::

ब्रूवैक्स (संक्रमित गर्भपात)

# टीकाकरण का समय :::

4 - 8 माह की उम्र में केवल बछियों को

# टीका लगानें का स्थान :::

त्वचा के निचें अथवा माँसपेशी में

# टीका लगानें की आयु तथा समय अंतराल :::

जीवन में एकबार


# कुक्कुट़ हेतू टीकाकरण तालिका :::


# कमर्शियल ब्राँयलर हेतू :::


# बीमारी का नाम :::

मैरेक्स रोग 

# टीके का नाम :::

मैरेक्स का टीका

# टीकाकरण का समय :::

0 दिन 

# टीका लगानें की विधि :::

0.2 मि.ली.अंत: त्वचा में हेचरी में ही लगाया जाता हैं

# बीमारी का नाम :::

रानीखेत रोग

# टीके का नाम :::

लसोटा बी - 1 टीका

# टीकाकरण का समय :::

4 - 10 दिन 

# टीका लगानें की विधि :::

ड्रापर द्धारा आँखों में या नाक में बूँद ड़ालतें हैं.


# बीमारी का नाम :::

गंबोरो रोग

# टीके का नाम :::

गंबोरो का टीका

# टीकाकरण का समय :::

18 - 21 दिन

# टीका लगानें की विधि :::

ड्रापर द्धारा आँखों में या पीनें के पानी द्धारा


# रोग का नाम :::

रानीखेत रोग 

# टीके का नाम :::

लसोटा बूस्टर टीका

# टीकाकरण का समय :::

28 - 33 दिन

# टीका लगानें की विधि :::

ड्रापर द्धारा आँखों में नाक में बूँद डालतें हैं,या पीनें के पानी द्धारा

# कमर्शियल लेयर हेतू टीकाकरण :::


# रोग का नाम :::

मैरेक्स रोग 

# टीके का नाम :::

मैरेक्स का टीका 

# टीकाकरण का समय :::

0 दिन

# टीका लगानें की विधि :::

0.2 ml त्वचा में

# रोग का नाम :::

रानीखेत रोग

# टीके का नाम :::

लसोटा बी- 1 टीका

# टीकाकरण का समय :::

4 - 10 दिन

# टीका लगानें की विधि :::

ड्रापर द्धारा आँखों में या नाक में बूँद डालतें हैं.


# रोग का नाम :::

गंबोरो रोग

# टीके का नाम :::

गंबोरो का टीका

# टीकाकरण का समय :::

18 से 21 दिन 


# टीका लगानें की विधि :::

ड्रापर द्धारा आँखों में या पीनें के पानी द्धारा

# रोग का नाम :::

आई.बी.रोग

# टीके का नाम :::

आई.बी.का टीका

# टीकाकरण का समय :::

28 - 33 दिन

# टीका लगानें की विधि :::

ड्रापर द्धारा आँखों में

# रोग का नाम :::

रानीखेत रोग

# टीके का नाम :::

लसोटा बूस्टर

# टीकाकरण का समय :::

5 - 6 सप्ताह

# टीका लगानें की विधि :::

आँखों में बूँद द्धारा या पीनें के पानी द्धारा

# रोग का नाम :::

रानीखेत रोग

# टीके का नाम :::

आर.2 बी.टीका

# टीकाकरण का समय :::

8 - 9 सप्ताह

# टीका लगानें की विधि:::

माँसपेशी में

# रोग का नाम :::

कुक्कुट़ चेचक रोग 

# टीके का नाम :::

चेचक का टीका

# टीकाकरण का समय :::

10 - 11 सप्ताह

# टीका लगानें की विा :::

पंख में 

# रोग का नाम :::

आई.बी.रोग

# टीके का नाम :::

आई. बी.बूस्टर

# टीका लगानें का समय :::

14 - 16 सप्ताह

# टीका लगानें की विधि :::

आँखों में बूँद द्धारा

# रोग का नाम :::

कुक्कुट़ चेचक

# टीके का नाम :::

चेचक बूस्टर

# टीकाकरण का समय :::

16 - 17 सप्ताह

# टीका लगानें की विधि:::

पंख में सुई द्धारा

# रोग का नाम :::

रानीखेत

# टीके का नाम :::

रानीखेत कील्ड

# टीकाकरण का समय:::

18 - 19 सप्ताह

# टीका लगानें की विधि :::

त्वचा में सुई द्धारा

# रोग का नाम :::

गंबोरो

# टीके का नाम :::

गंबोरो लाइव टीका

# टीकाकरण का समय :::

19 - 20 सप्ताह

# टीका लगानें की विधि :::

त्वचा में सुई द्धारा

# रोग का नाम :::

रानीखेत

# टीके का नाम :::

लसोटा टीका ,आई.बी.टीका

# टीकाकरण का समय :::

40 सप्ताह

# टीका लगानें की विधि :::

पीनें के पानी में मिलाकर

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गेरू के औषधीय प्रयोग

गेरू के औषधीय प्रयोग गेरू के औषधीय प्रयोग   आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें । गेरु भी उसी श्रेणी की   आयुर्वेदिक औषधी   हैं। जो सामान्य मिट्टी   से   कहीं अधिक   इसके   विशिष्ट गुणों के लिए जानी जाती हैं। गेरु लाल रंग की मिट्टी होती हैं। जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्रा में मिलती हैं। इसे गेरु या सेनागेरु कहते हैं। गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं । गेरू का संस्कृत नाम  गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं । गेरू का लेटिन नाम  गेरू   silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं । गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं । गेरू के औषधीय प्रयोग 1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को कम करने वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लिय

टीकाकरण चार्ट [vaccination chart] और संभावित प्रश्न

 टीकाकरण चार्ट # 1.गर्भावस्था के समय टीकाकारण ::: गर्भावस्था की शुरूआत में Titnus का पहला टीका टी.टी - 1. टी.टी -1 के चार सप्ताह बाद टी.टी.-2 यदि पिछली गर्भावस्था में टी.टी - 2 दिया गया हैं,तो केवल बूस्टर दीजिए. # टीके की मात्रा ,कैसें और कहाँ दें 0.5 ml.मात्रा प्रशिक्षित व्यक्ति द्धारा ऊपरी बांह की मांसपेशी में. # महत्वपूर्ण गर्भावस्था के 36 सप्ताह हो गयें हो तो मात्र टी.टी.- बूस्टर देना चाहियें.  टीकाकरण का दृश्य # 2.शिशुओं के लियें टीकाकरण  #जन्म के समय ::: 1. B.C.G.  =     0.1 ml बाँह पर त्वचा के निचें. 2.हेपेटाइटिस बी.=  0.5 ml मध्य जांघ के बाहरी हिस्सें पर मांसपेशी में 3.o.p.v.या oral polio vaccine = दो बूँद मुहँ में . ०  जानिये पोलियो क्या होता हैं ? #6 सप्ताह पर ::: 1.हेपेटाइटिस बी. = 0.5 ml 2.D.P.T. = 0.5 ml मध्य जांघ का बाहरी हिस्सें में माँसपेशियों में. 3.o.p.v.या oral polio vaccine. #10 सप्ताह पर ::: 1.हेपेटाइटिस बी. 2.D.P.T. 3.o.p.v. #14 सप्ताह पर ::: 1.हेपेटाइटिस बी. 2.D.P.T. 3.o.p.v.   #9 से 12 माह

काला धतूरा के फायदे और नुकसान kala dhatura ke fayde aur nuksan

धतूरा भगवान शिव का प्रिय पौधा है। भगवान शिव धतूरा अपने मस्तिष्क पर धारण करते हैं और जो लोग धतूरा भगवान शिव को अर्पण करते थे वे उन्हें मनचाहा आशीष प्रदान करते हैं। धतूरा भी कई प्रकार का होता है जैसे काला धतूरा, सफेद धतूरा, पीला धतूरा आदि। आज हम आपको "काला धतूरा के फायदे और नुकसान kala dhatura ke fayde aur nuksan" के बारे में बताएंगे।  काला धतूरा के फायदे और नुकसान आयुर्वेद आयुर्वेद चिकित्सा में काला धतूरा बहुत महत्वपूर्ण औषधि के रूप में बहुत लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है । धतूरा बहुत ही जहरीला फल होता है , प्रकृति में गर्म और भारी होता है। काला धतूरा का वैज्ञानिक नाम काला धतूरा का वैज्ञानिक नाम धतूरा स्ट्रामोनियम DHATURA STRAMONIUM है । अंग्रेजी में इसे डेविल्स एप्पल Devil's apple, डेविल्स ट्रम्पेट Devil's trumpet के नाम से जाना जाता है। संस्कृत में इसे दस्तूर, मदन, उन्मत्त ,शिव प्रिय महामोधि, कनक आदि नाम से जानते हैं। काला धतूरा की पहचान कैसे करें  काला धतूरा के पत्ते नोक दार ,डंठल युक्त और बड़े आकार के होते हैं। काला धतूरा के फूल घंटी