Coronavirus: जानिए कौंन सा ब्लड़ ग्रुप वाला व्यक्ति सबसे कम संक्रमित होता है

 Coronavirus:  जानिए कौंन सा ब्लड़ ग्रुप वाला व्यक्ति सबसे कम संक्रमित होता है

कोरोनावायरस और इसकी मनुष्य पर घातकता को लेकर पूरी दुनिया में रोज नए नए शोध हो रहे हैं ,इन शोधों के अंतिम नतीजों को लेकर अनेक विशेषज्ञों में मतभेद हो सकते हैं लेकिन चिकित्सक इन शोध नतीजों का प्रयोग तब तक करते हैं जब तक कि इन शोधों को खारिज करने वाली नई शोध नहीं आ जाती,ऐसा ही एक शोध ब्लड़ ग्रुप को लेकर हुआ है जिसमें बताया गया है कि o ब्लड़ ग्रुप वाले लोगों में कोरोनावायरस संक्रमण की घातकता कम होती हैं ।

चीन के वुहान शहर में जहां से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला था। यहां के एक शोधकर्ता वुआ ने वुहान के तीन बड़े अस्पतालों में 2100 लोगों पर शोध कर बताया कि ब्लड़ ग्रुप ओ कोरोनावायरस से सबसे कम संक्रमित होता है, यदि संक्रमित हो भी गया तो  इस ब्लड़ ग्रुप के लोगों में रोग के गंभीर होने की संभावना बहुत कम होती हैं । जबकि ब्लड़ ग्रुप ए,बी और एबी के कोरोनावायरस से संक्रमित होने की अधिक संभावना रहती और संक्रमण के बाद इस ब्लड़ ग्रुप के व्यक्ति गंभीर होने की संभावना ब्लड़ ग्रुप ओ के मुकाबले अधिक होती हैं।

इसी प्रकार का एक अध्ययन इटली और स्पेन में हुआ है स्पेन के शोधकर्ता एंग्री फ्रैंकलिन ने 1980 ऐसे कोरोना मरीजों का DNA विश्लेषण कर बताया जो Respiratory system failure के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे उन्होंने अपने अध्ययन के दौरान पाया कि ब्लड़ ग्रुप ओ की मृत्यु दर अन्य ब्लड़ ग्रुप जैसे ए,बी,और एबी के मुकाबले कम थी । हालांकि इसमें कुछ अन्य पैरामीटर जैसे मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि को ध्यान में नहीं रखा गया था जिस पर विशेषज्ञों में मतभेद हैं ।


कुछ ब्लड़ ग्रुप के कोरोनावायरस से अधिक संक्रमित होने का क्या कारण हो सकता है 
Coronavirus कौंन सा ब्लड़ ग्रुप सबसे अधिक संक्रमित हो सकता है

कोरोनावायरस के कुछ ब्लड़ ग्रुप को अधिक संक्रमित करने पर एक जेनेटिक कंपनी 23 एंड मी ने एक विस्तृत रिसर्च के माध्यम से प्रकाश डाला कि आखिर क्यों एक खास ब्लड़ ग्रुप कम और अन्य ब्लड़ ग्रुप अधिक संक्रमित हो रहें हैं,इस कंपनी ने 750,000 लाख लोगों के ब्लड़ ग्रुप का अध्ययन कर बताया कि

• ब्लड़ ग्रुप ए में पाया जानें शुगर एंटीजन ए, एंटीजन बी के प्रति एंटीबाडी बनाता हैं।

• ब्लड़ ग्रुप बी में पाया जानें वाला शुगर एंटीजन बी, एंटीजन ए के प्रति एंटीबाडी बनाता हैं।

• चूंकि ब्लड़ ग्रुप ओ में कोई एंटीजन नहीं होता अतः यह ए और बी एंटीजन के प्रति एंटीबाडी बनाता है।

इसका यह अर्थ है कि ब्लड़ ग्रुप ओ वाले व्यक्तियों में एंटीजन की अनुपस्थिति के कारण अन्य ब्लड़ ग्रुप वाले व्यक्तियों जैसे ए और बी की अपेक्षा 25 प्रतिशत कम ब्लड़ क्लाटिंग होती हैं इसे वान विलबोर्ड फेक्टर vwf कहते हैं । कोविड़ 19 में मृत्यु का एक बड़ा कारण श्वसन प्रणाली में रक्त का थक्का बनने के कारण होने वाली आक्सीजन की कमी और घातक न्यूमोनिया होता है।

यदि ब्लड़ ग्रुप ओ वाला कोविड़ पाजिटीव व्यक्ति किसी ब्लड़ ग्रुप बी वाले व्यक्ति के सामने खांसेगा तो ब्लड़ ग्रुप बी वाले व्यक्ति में एंटीबाडी  बी की अनुपस्थिति में वायरस अधिक घातक होकर ब्लड़ ग्रुप बी वाले व्यक्ति को प्रभावित करेगा ।इसी प्रकार यदि कोई ब्लड़ ग्रुप ए वाला कोविड़ पाजिटीव व्यक्ति किसी ब्लड़ ग्रुप ओ वाले व्यक्ति के सामने खांसेगा तो ब्लड़ ग्रुप ओ में मौजूद एंटीबाडी ए बी की उपस्थिति के कारण वायरस व्यक्ति को अधिक बीमार नहीं करेगा । 

इस रिसर्च थ्योरी पर विशेषज्ञों में मतभेद हैं और यह कोई अंतिम परिणाम नहीं है इस विषय पर और अधिक शोध की आवश्यकता है ।
















टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

टीकाकरण चार्ट [vaccination chart] और संभावित प्रश्न

गेरू के औषधीय प्रयोग

पारस पीपल के औषधीय गुण