बुधवार, 18 मार्च 2020

यम और नियम ,आसन,प्राणायाम, मुद्रा और बंध शट क्रिया और ध्यान के सैद्धान्तिक पक्ष Theoretical aspects of yam niyam aasan pranayama,mudra bndha, and shat kriya in Hindi

# यम और नियम yam aur niyam

kapalbhanti
 yoga poses


यम और नियम योग की आधारभूत क्रियाएँ हैं जिनके बिना अन्य यौगिक क्रियायें मनचाहा परिणाम नही देगी ।


यम और नियम द्धारा व्यहवार पर स्वनियत्रंण किया जाता हैं जिससे एक स्वस्थ्य दृष्टिकोण विकसित होता हैं ।


यम और नियम द्धारा  सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण के लिये हमारें दिमाग को तैयार किया जाता हैं । 



यम और नियम  क्रमश:  पंच नैतिक और पंच उद्धविकासीय निरीक्षण हैं ।



#आसन Aasan in Hindi



आसन संस्कृत शब्द "असी" से लिया गया हैं । जिसका अर्थ हैं "बैठना"


यौगिक क्रिया में आसन शरीर की एक विशेष अवस्था हैं जो शरीर को संतुलित करनें के लियें किया जाता हैं । आसन द्धारा शरीर की सभी क्रियाएँ लयबद्ध रूप चलती हैं ।


आसन द्धारा शारीरिक और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती हैं ।




#प्राणायाम Pranayama in Hindi



प्राणायाम दो शब्दों से मिलकर बना हैं प्राण + आयाम  


प्राण का मतलब हैं मनुष्य को जीवित रखनें वाली जीवन शक्ति ।

प्राण के बिना मनुष्य निष्प्राय हैं जब तक प्राण रहेगा तब तक शरीर भी रहेगा जहाँ प्राण निकला वहाँ शरीर भी नष्ट़ हो जाता हैं ।


आयाम का मतलब होता हैं विस्तार करना 


इस प्रकार प्राणायाम वह यौगिक क्रिया हैं जो जीवनशक्ति को विस्तारित करती हैं । प्राणायाम के माध्यम से श्वास प्रक्रिया को नियंत्रित कर जीवनशक्ति को विस्तारित किया जाता हैं । 


प्राणायाम करनें से जीवन लम्बा और रोगरहित होता हैं ,मस्तिष्क की सारी प्रक्रियाएँ सुचारू रूप से चलती हैं तथा मस्तिष्क इस प्रकार तैयार होता हैं कि हर परिस्थिति में संतुलन स्थापित कर सकें ।



#मुद्रा और बंध Mudra and bandh in Hindi



मुद्रा और बंध यौगिक क्रियाओं के प्रकार हैं जिसके द्धारा ऐच्छिक और अनेच्छिक मांसपेशियों पर अपनी इच्छानुसार नियंत्रण रखा जाता हैं । मुद्रा और बंध के द्धारा शरीर की ऊर्जा का प्रवाह शरीर के सभी भागों में एकसमान बनाया जाता हैं । 

मुद्रा और बंध यौगिक क्रियाओं से शरीर के आंतरिक अंग मज़बूत बनतें हैं ।


प्राणायाम के दौरान जो मुद्रा प्रयोग की जाती हैं उसे बंध कहतें हैं । बंध के माध्यम से शरीर की ऊर्जा एक भाग से दूसरें भाग तक प्रवाहित की जाती हैं ।





#शट क्रिया 



शट क्रिया या शट कर्म सम्पूर्ण शरीर का शुद्धीकरण करनें वाली  6 क्रियाएँ हैं । इन क्रियाओं में पानी,हवा,रूई की रस्सी,कपडे के माध्यम से शरीर को शुद्ध किया जाता हैं ।


ये शट क्रियायें हैं नेति, धोती,बस्ती,नौली ,त्राटक और कपालभाँति


# नेति 


नेति क्रिया में नासा छिद्रों को पानी के माध्यम से धोया जाता हैं तथा रूई की रस्सी के माध्यम साफ किया जाता हैं ।



#धोती क्रिया 



धोती क्रिया में अमाशय को धोकर साफ किया जाता हैं । 



#बस्ती क्रिया 



Colon साफ करनें की क्रिया को बस्ती क्रिया कहा जाता हैं इस विधि में विशेष औषधियों का प्रयोग कर colon को साफ किया जाता हैं ।



#नौली क्रिया



नौली क्रिया पेट की मांसपेशियों को मज़बूत करनें के लियें की जाती हैं ।




#त्राटक 



आँखों को एकबिन्दु पर स्थिर रख शुद्धिकरण किया जाता हैं ।




#कपालभाँति 



कपालभाँति द्धारा फेफड़ों को शुद्ध किया जाता हैं ।




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