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health and fitness का हैं ध्यान तो होली पर मत करना ये 5 काम

दोस्तों हमारें पूर्वजों नें त्योहार इसलियें बनायें ताकि व्यक्ति समाज और परिवार के साथ घुलमिल कर समाज और परिवार के वातावरण को healthy बना सकें ।

होली भी ऐसा ही त्योंहार हैं जो सभी गिलें शिकवें भूलाकर समाज के सभी वर्गों को भाईचारें के साथ रंगबिरंगी जिंदगी जीनें का संदेश देता हैं ।


किंतु कई लोग त्योंहार को त्योंहार की तरह न मनाकर इसे नशे और हुल्लड़ करतें हैं जिससे स्वंय का स्वास्थ्य तो खराब होता ही हैं दूसराें को भी परेंशानी होती हैं ।
 

दोस्तों होली ऐसी मनायें जिससे समाज के साथ स्वंय की health and fitness बनी रहें और व्यक्ति समाज और देश की economy और खुशहाली में अपना 100% योगदान दें सकें ।


आईयें जानतें हैं उन 5 सावधानी के बारें में जो  होली Holi से रंगपंचमी तक आपको रखनी हैं ।

० सतरंगी खान पान का महत्व




#1 खाली पेट़ नशा 



कई लोग होली पर बिना कुछ खायें पियें घर से निकलतें हैं ,ये लोग सुबह से ही शराब का पेग sharab ka peg छलकाना शुरू करतें हैं तो फिर जब तक होश रहता हैं तब तक शराब पितें हैं । 


खाली पेट शराब पिनें से मस्तिष्क की कोशिकाएँ सिकुड़ना शुरू हो जाती हैं फलस्वरूप व्यक्ति की सोंच विचार की क्षमता नष्ट़ हो जाती हैं ।  व्यक्ति लम्बें समय तक खाली पेट नशें में रहता हैं तो याददाश्त चली जाती हैं , और व्यक्ति पागल हो जाता हैं , शराब के ज्यादा सेवन से पागलपन का शिकार हुयें लोगों की याददाश्त लम्बें इलाज के बाद भी वापिस नहीं आती हैं । 


इस प्रकार एक उत्पादक और स्वस्थ्य व्यक्ति अस्वस्थ होकर अपनी health and fitness को खराब करता ही हैं राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य संरचना को निचें ले जाता हैं ।




#2.हुल्लड़ता न करें :::


हमारें देश में सुबह - सुबह तो होली का रंग शांत और व्यवस्थित रहता हैं किन्तु जैसें - जैसें लोगों की टोलियाँ जमा होती हैं नशे का रंग जमनें लगता हैं,होली होली न होकर हुल्लड युवाओं की भीड़ में तब्दील हो जाती हैं । ये हुल्लड़ करतें युवा स्त्रीयों से बदसलूकी करतें ,बुजुर्गों को परेशान करतें , कालोंनी में खड़ी कारों में तोड़फोड़ करतें हैं । फलस्वरूप कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा हो जाती हैं ।


कई जगह दूसरें समुदायों के व्यक्ति को उनकी इच्छा के विपरीत रंग लगा दिया जाता हैं फलस्वरूप रंगों का यह त्योंहार साम्प्रदायिकता के रंग में रंग जाता हे़ैं । यह स्थिति healthy society के लियें बहुत ही खतरनाक हैं ।


होली रंगों और भाईचारें के साथ समाज के सभी वर्गों का सम्मान सिखाती हैं न कि हुल्लड़ता।

 प्रेम और सम्मान के साथ हर कोई रंग में रंगना पसंद करेगा और आपकों भी मोहब्बत के रंगों में सरोबार करेगा ।





#3.केमिकल मिलें रंगों से होली :::




होली के त्योंहार में हर किसी की इच्छा सामनें वालें को ऐसा रंग लगानें की होती हैं जो रंग लम्बें समय तक न छूटें ऐसे में लोग खतरनाक केमिकलयुक्त रंगों से होली खेलनें से गुरेज नही करतें हैं । 


केमिकलयुक्त रंगों से होली खेलनें ये रंग त्वचा को नुकसान पहुँचातें हैं फलस्वरूप त्वचा में एलर्जी और त्वचा के ऊतकों को नुकसान पहुँचनें से त्वचा हमेशा के लिये खराब हो जाती हैं ।

केमिकलयुक्त रंग यदि आँखों में चलें जायें आँखों का कार्निया हमेशा के लिये क्षतिग्रस्त हो जाता हैं इसी प्रकार केमिकलयुक्त रंग पेट में चलें जातें हैं तो आँतों और पेट की भीतरी दीवारों पर छालें बना देतें हैं । इन छालों से उल्टी और दस्त की समस्या हो जाती हैं ।





#4.तला हुआ खाना :::



होली पर तला हुआ भोजन जैसें समोसे कचोरी सेंव पूरी आदि का सेवन अधिक होता हैं । ये तला हुआ भोजन रंगों और शराब के साथ पेट में चला जाता हैं तो पेट के पाचक एसिड़ के साथ मिलकर पेट की समस्या पैंदा करता हैं ।


अत: होली खेलतें समय प्रयास यह करें तले हुये भोजन के साथ रंगों और शराब का मैल न हो ।




#5.कोरोना वायरस covid - 19 



आजकल पूरी दुनिया में कोरोना वायरस corona virus का खौफ़ फैला हुआ हैं । अत: होली खेलतें समय कुछ सावधानी जरूर रखें जैसें


१.बीमार व्यक्ति को होली का रंग न लगायें ।


२.सर्दी खाँसी बुखार हैं तो होली खेलनें से परहेज करें ।


३.पर्याप्त मात्र में पानी पीकर बाहर निकलें और समय - समय पर पानी पीतें रहें इससे निर्जलीकरण dehydration नहीं होगा और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनी रहेंगी ।


४.होली खेलनें के लियें गीलें रंगों की बजाय सूखे रंगों का प्रयोग करें क्योंकि गीलें रंगों में बीमारी के वायरस जिन्दा रह सकतें हैं । जो बीमारी का संक्रमण फैलातें हैं ।


उपरोक्त 5 बातों का ध्यान रखकर आप अपनी health and fitness बरकरार रख सकतें हैं ।




० तनाव क्या हैं



० वात पित्त कफ प्रकृति के लक्षण


० केला एक सम्पूर्ण आहार

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