बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के नाम "कोवाइड़ - 19" के नामकरण में इतनी तेजी क्यों दिखाई

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन w.h.o.ने कोराना वायरस को नया नाम "कोवाइड़ - 19" नाम दिया हैं । इस वायरस के चीन से फैलनें और महामारी बननें के मात्र 40 दिनों में नया नाम देनें के पिछे मुख्य कारण चीन जैसें शक्तिशाली राष्ट्र का विश्व स्वास्थ्य संगठन पर दबाव डालना कहा जाय या फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन की बीमारी फैलनें के प्रति सतर्कता क्योंकि यदि इस वायरस का नाम चीन के साथ जुड़ जाता तो यह चीन की अर्थव्यवस्था,यहाँ के स्वास्थ्य तंत्र और संस्कृति को बहुत गहरे और लम्बे समय  तक प्रभावित करता ।


इसके अलावा चीन के प्रति सम्पूर्ण विश्व का एक नकारात्मक दृष्टिकोण बनता वह अलग क्योंकि इसके पूर्व जापान में फैले  बुखार को जापानी बुखार के नाम से पुकारें जानें की वजह से सम्पूर्ण विश्व में जापान की छवि बहुत  नकारात्मक बन चुकी हैं ।


किसी महामारी के नामकरण के पिछे विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन क्या हैं ?




सन् 2015 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ मानक तय किये थे जिसमें कहा गया था की यदि विश्व के देशों में कही महामारी फैलती हैं तो इस बीमारी का नामकरण इस प्रकार होना चाहियें जिससे वह देश जहाँ से वह बीमारी फैली हैं उस देश ,शहर ,क्षेत्र का नाम बीमारी के नामकरण में में नही प्रदर्शित नही होना चाहियें ।


बीमारी के नामकरण में  ऐसे किसी पशु ,पक्षी या मानवीय समुदाय का नाम भी सम्मिलित नही होना चाहियें जिससे की उस प्रजाति का अस्तित्व खतरें में हो जायें ।


corona virus
 covid 19

कोवाइड़ - 19 नामकरण कैसे दिया गया ?


कोरोना वायरस का नया नाम w.h.o.ने कोवाइड़ - 19 दिया हैं । इसमें 

कोरोना से CO,

वायरस से VI,

डिसीज से D, 

और नये वायरस के प्रसार वर्ष सन् 2019 से 19 लिया गया हैं । इस तरह यह नया "COVID -19 " नाम दिया गया ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्धारा नया नाम रोग के कारक,रोग के लक्षणों, रोग के पड़ने वाले प्रभाव ,पीडित वर्ग आदि के आधार पर दिया जाता हैं । जिससे रोग का वैज्ञानिक नामकरण संभव हो सकें ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्धारा इस बार कोवाइड़ - 19 के नामकरण में इस बार जल्दी करनें की एक वज़ह यह भी रही की यदि लम्बें समय तक एक बड़े क्षेत्र में फैली महामारी नामकरण नही किया जाता हैं तो अनेक अवैज्ञानिक और ऐसे नाम प्रसार में आ जातें हैं जो देश,संस्कृति और प्रजाति को सम्पूर्ण विश्व में बदनाम करते हैं ।


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