बुधवार, 5 जून 2019

5 जून का राशिफल

.               *।। ॐ  ।।*
    🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩
📜««« *आज का पंचांग* »»»📜
कलियुगाब्द..........................5121
विक्रम संवत्.........................2076
शक संवत्............................1941
मास.....................................ज्येष्ठ
पक्ष......................................शुक्ल
तिथी.................................द्वितीया
दोप 12.01 पर्यंत पश्चात तृतीया
रवि.................................उत्तरायण
सूर्योदय.............प्रातः 05.41.00 पर
सूर्यास्त.............संध्या 07.09.34 पर
सूर्य राशि...............................वृषभ
चन्द्र राशि..............................वृषभ
नक्षत्र....................................आर्द्रा
रात्रि 09.50 पर्यंत पश्चात पुनर्वसु
योग.......................................गंड
रात्रि 02.10 पर्यंत पश्चात वृद्धि
करण...................................कौलव
दोप 12.01 पर्यंत पश्चात तैतिल
ऋतु......................................ग्रीष्म
दिन....................................बुधवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*
05 जून सन 2019 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
दोपहर 12.25 से 02.05 तक ।

🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-*
*वृषभ*
04:27:43 06:26:01
*मिथुन*
06:26:01 08:39:20
*कर्क*
08:39:20 10:55:08
*सिंह*
10:55:08 13:06:36
*कन्या*
13:06:36 15:16:54
*तुला*
15:16:54 17:31:09
*वृश्चिक*
17:31:09 19:46:57
*धनु*
19:46:57 21:52:15
*मकर*
21:52:15 23:39:07
*कुम्भ*
23:39:07 25:12:25
*मीन*
25:12:25 26:43:21
*मेष*
26:43:21 28:23:48

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा - यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

☸ शुभ अंक..........................5
🔯 शुभ रंग..........................हरा

💮 चौघडिया :-
प्रात: 05.45 से 07.24 तक लाभ ।
प्रात: 07.24 से 09.04 तक अमृत ।
प्रात: 10.43 से 12.23 तक शुभ ।
दोप 03.42 से 05.22 तक चंचल ।
सायं 05.22 से 07.01 तक लाभ ।
रात्रि 08.22 से 09.42 तक शुभ ।

📿 *आज का मंत्र* :-
।। ॐ गौरीतनयाय नम: ।।

🎙 *सुभाषितम्* :-
दीपो यथाल्पोऽपि तमांसि हन्ति
लवोऽपि रोगान् हरते सुधायाः ।
तृणं दहत्याशु कणोऽपि चाग्नेः
धर्मस्य लेशोऽप्यमलः तथां हः ॥
अर्थात :-
दिया छोटा हो तो भी अंधकार दूर करता है, अमृत की एकाध बूँद रोगों का निवारण करती है, अग्नि का तिन्का घास को जला देता है । वैसे हि लेशमात्र धर्म भी पाप को जला देता है ।

🍃 *आरोग्यं :*-
*गिलोय के औषधीय गुण : -*

*3. अपच -*
पाचन संबंधी समस्याओं जैसे कि कब्ज़, एसिडिटी या अपच से परेशान रहते हैं तो गिलोय आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। गिलोय का काढ़ा, पेट की कई बीमारियों को दूर रखता है। इसलिए कब्ज़ और अपच से छुटकारा पाने के लिए गिलोय का रोजाना सेवन करें।
आधा से एक चम्मच गिलोय चूर्ण को गर्म पानी के साथ रात में सोने से पहले लें। इसके नियमित सेवन से कब्ज़, अपच और एसिडिटी आदि पेट से जुड़ी समस्याओं से जल्दी आराम मिलता है। 

⚜ *आज का राशिफल :-*

🐏 *राशि फलादेश मेष :-*
*(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)*
अपने पराक्रम से कोई बड़ा कार्य कर पा सकते हैं। स्वयं पर विश्वास कर भरपूर प्रयास करें। धन प्राप्ति सुगम होगी। सुख के साधनों पर व्यय होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेगा। निवेश से मनोनुकूल लाभ होगा। 

🐂 *राशि फलादेश वृष :-*
*(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*
फालतू खर्च होगा। नेत्र पीड़ा हो सकती है। घरेलू कार्यों में व्यस्तता रहेगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। प्रमाद न करें।

👫 *राशि फलादेश मिथुन :-*
*(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)*
शारीरिक कष्ट की आशंका है। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती हैं। विवाद में हिस्सा न लें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ होने की संभावना है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी बड़ी समस्या से निजात मिल सकती है।

🦀 *राशि फलादेश कर्क :-*
*(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*
किसी बड़े खर्च के होने की संभावना है। किसी भी तरह की बहस में हिस्सा न लें। किसी भी अपरिचित की बातों में न आएं। पुराना रोग उभर सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। शत्रु शांत रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें।

🦁 *राशि फलादेश सिंह :-*
*(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*
ऐश्वर्य के साधनों की प्राप्ति पर व्यय हो सकता है। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। किसी व्यावसायिक यात्रा की योजना बन सकती है। निवेश से लाभ होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नए काम मिलेंगे। उत्साह बना रहेगा। बाहरी सहयोग मिलेगा। 

👩🏻‍🦱 *राशि फलादेश कन्या :-*
*(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*
घर-बाहर प्रसन्नता व उत्साह से कार्य कर पाएंगे। आर्थिक उन्नति के लिए नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। आय में वृद्धि होगी। नए काम मिलेंगे, प्रयास करें। विरोध होगा। प्रमाद न करें। 

⚖ *राशि फलादेश तुला :-*
*(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)*
पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। विवेक का प्रयोग करें। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। छोटी-मोटी यात्रा हो सकती है। शारीरिक कष्ट की आशंका है। अज्ञात भय रहेगा। जल्दबाजी न करें।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-*
*(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी अनहोनी की आशंका रह सकती है। कुसंगति से हानि होगी, बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी विवाद में भाग न लें। किसी के उकसाने में न आएं, धैर्य रखें। 

🏹 *राशि फलादेश धनु :-*
*(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)*
शत्रुभय रहेगा किंतु शत्रु शांत‍ रहेंगे। चोट व रोग से बचें। स्वाभिमान को चोट पहुंचे, ऐसा कार्य न करें। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। सरकारी दफ्तरों में अटके कार्य पूर्ण होंगे। रोजगार में वृद्धि मनोनुकल होगी। 

🐊 *राशि फलादेश मकर :-*
*(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)*
वाणी में हल्के हंसी-मजाक करने से बचें। शत्रुओं का पराभव होगा। सुख के साधन जुटेंगे। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त लाभदायक रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। कोई बाधा संभव है। निवेश से लाभ होगा।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-*
*(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*
किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन मिल सकता है। परीक्षा व साक्षात्कार इत्यादि में सफलता प्राप्त होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। संगीत इत्यादि में रुचि रहेगी। प्रमाद न करें। 

🐠 *राशि फलादेश मीन :-*
*(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*
मेहनत अधिक व लाभ में कमी होगी। बनते काम बिगड़ सकते हैं। किसी बुरी खबर के मिलने से खिन्नता रहेगी। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। आय में कमी होगी। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी बिलकुल न करें। 

☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।*

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

प्रदूषित होती नदिया(River) कही सभ्यताओं के अंत का संकेत तो नही

विश्व की तमाम सभ्यताएँ नदियों के किनारें पल्लवित हुई हैं,चाहे मेसोपोटोमिया हो या हड़प्पा यदि नदिया नही होती तो न ये सभ्यताएँ होती और ना ही...