गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

आज की भविष्यवाणी

उज्जैन
 महाकाल दर्शन
.               *।। ॐ  ।।*
    🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩
📜««« *आज का पंचांग* »»»📜
कलियुगाब्द.........................5121
विक्रम संवत्........................2076
शक संवत्...........................1941
मास......................................चैत्र
पक्ष....................................शुक्ल
तिथी....................................षष्ठी
दोप 02.39 पर्यंत पश्चात सप्तमी
रवि................................उत्तरायण
सूर्योदय............प्रातः 06.10.22 पर
सूर्यास्त............संध्या 06.45.10 पर
चंद्रोदय............प्रातः 10.36.41 पर
चंद्रास्त.............रात्रि 12.23.43 पर
सूर्य राशि...............................मीन
चन्द्र राशि............................मिथुन
नक्षत्र...............................मृगशीर्ष
प्रातः 10.21 पर्यंत पश्चात आर्द्रा
योग..................................शोभन
दोप 03.28 पर्यंत पश्चात अतिगण्ड
करण.................................तैतिल
दोप 02.39 पर्यंत पश्चात गरज
ऋतु...................................बसंत
दिन..................................गुरुवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*
11 अप्रैल सन 2019 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल :-*
दोपहर 02.01 से 03.34 तक ।

🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-*
मीन 04:52:36 06:23:32
मेष 06:23:32 08:03:58
वृषभ 08:03:58 10:02:15
मिथुन 10:02:15 12:15:34
कर्क 12:15:34 14:31:23
सिंह 14:31:23 16:42:50
कन्या 16:42:50 18:53:08
तुला 18:53:08 21:07:23
वृश्चिक 21:07:23 23:23:12
धनु 23:23:12 25:28:29
मकर 25:28:29 27:15:21
कुम्भ 27:15:21 28:48:40

🚦 *दिशाशूल :-*
*दक्षिणदिशा -*
यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

☸ शुभ अंक....................2
🔯 शुभ रंग.................पीला

✡ *चौघडिया :-*
प्रात: 06.13 से 07.46 तक शुभ
प्रात: 10.53 से 12.27 तक चंचल
दोप. 12.27 से 02.00 तक लाभ
दोप. 02.00 से 03.34 तक अमृत
सायं 05.07 से 06.41 तक शुभ
सायं 06.41 से 08.07 तक अमृत
रात्रि 08.07 से 09.34 तक चंचल |

📿 *आज का मंत्र :-*
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कात्यायनायै नम: ||

एतत्ते वदनं सौम्यम् लोचनत्रय भूषितम्। 
पातु नः सर्वभीतिभ्यः कात्यायिनी नमोsस्तुते।।

📢 *सुभाषितम् :-*
देयं भो ह्यधने धनं सुकृतिभिः नो सञ्चितं सर्वदा
श्रीकर्णस्य बलेश्च विक्रमपते रद्यापि कीर्तिः स्थिता ।
आश्चर्यं मधु दानभोगरहितं नष्टं चिरात् सञ्चितम्
निर्वेदादिति पाणिपादयुगलं घर्षन्त्यहो मक्षिकाः ॥
अर्थात :-
निर्धन को धन देना चाहिए क्यों कि सत्पुरुषों ने कदापि उसका संचय नहीं किया, (देखो) श्री कर्ण, बलि और विक्रम की कीर्ति आज तक स्थिर रही है । (दूसरी ओर) आश्चर्य है कि मधुमक्खीयों ने मधु का दीर्घकाल तक केवल संचय ही किया, न तो उसका दान किया और न उपभोग !

🍃 *आरोग्यं :-*
*बेल के औषधीय गुण -*

16. बेल के बीजों के तेल से मालिश करने से वात विकारों को दूर किया जा सकता है। 

17. बेल के फूलों को पीसकर पानी में मिलाकर, छानकर थोड़ा-थोड़ा सेवन करने से उलटी की समस्या से छुटकारा मिलता है। 

18. कच्ची बेल के फल के टुकड़े करके पानी में उबालकर, छानकर उस पानी से कुल्ले व गरारे करने से मुंह के छाले दूर होते हैं। 

19. पित्त की समस्या होने पर रोगी को बेल का मुरब्बा खिलाने से बहुत लाभ होता है।  

20. बेल की जड़ को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बना लें। यह काढ़ा उन्माद के रोगियों बहुत लाभ देता है।

⚜ *आज का राशिफल :-*

🐏 *राशि फलादेश मेष :-*
*(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)*
यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। धनहानि भी आशंका है। पहले की गई मेहनत का फल अब मिल सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। धनार्जन होगा।

🐂 *राशि फलादेश वृष :-*
*(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*
सुख के साधनों पर व्यय होगा। किसी मामले की चिंता बनी रहेगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा।

👫 *राशि फलादेश मिथुन :-*
*(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)*
किसी भी प्रकार से धनहानि की आशंका है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व जुएं से दूर रहें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही हो सकता है। 

🦀 *राशि फलादेश कर्क :-*
*(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*
अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। कोई पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कार्य में विलंब हो सकता है। आय बनी रहेगी। 

🦁 *राशि फलादेश सिंह :-*
*(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। नया कार्य मिल सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा। पार्टनरों से मतभेद दूर होंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। 

👩🏻‍🦱 *राशि फलादेश कन्या :-*
*(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*
कोई बड़ा कार्य हो सकता है। नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। यात्रा लंबी व सुखद हो सकती है। जल्दबाजी न करें। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। विवाद न करें। 

⚖ *राशि फलादेश तुला :-*
*(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)*
विवेक का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। कोर्ट-कचहरी के रुके कार्यों में गति आएगी। किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। व्यय होगा। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। कुसंगति से बचें। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-*
*(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*
किसी पुरानी व्याधि के उठने की आशंका है। काम में विलंब होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। 

🏹 *राशि फलादेश धनु :-*
*(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)*
चिड़चिड़ापन रह सकता है। थकान व कमजोरी महसूस करेंगे। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। सरकारी कामकाज में सफलता प्राप्त होगी। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। धनार्जन होगा। 

🐊 *राशि फलादेश मकर :-*
*(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)*
ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। पैतृक संपत्ति से लाभ की संभावना है। कारोबार मुनाफे में वृद्धि होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या की आशंका है। सावधानी रखें। शरीर कष्ट संभव है। 

🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-*
*(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*
व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। जल्दबाजी से समस्या बढ़ सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन आ सकती है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर में प्रसन्नता रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। 

🐠 *राशि फलादेश मीन :-*
*(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी भी प्रकार की बहस में हिस्सा न लें। दु:खद समाचार प्राप्ति की आशंका है। भागदौड़ रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। 

☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।*

*।। शुभम भवतु ।।*

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय*  🚩🚩

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रदूषित होती नदिया(River) कही सभ्यताओं के अंत का संकेत तो नही

विश्व की तमाम सभ्यताएँ नदियों के किनारें पल्लवित हुई हैं,चाहे मेसोपोटोमिया हो या हड़प्पा यदि नदिया नही होती तो न ये सभ्यताएँ होती और ना ही...