सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

333 NEET SOLVED QUESTIONS IN HINDI

प्रश्न 1. प्राणी उत्तकों को कितनें भागों में वर्गीकृत किया गया हैं ?

उत्तर :: प्राणी ऊतकों को चार भागों में वर्गीकृत किया गया हैं । 1.उपकला ऊतक 2.संयोजी ऊतक 3.पेशी ऊतक 4.तंत्रिका ऊतक

प्रश्न 2.देह (body) का बाहरी भाग कोंन से ऊतक द्वारा निर्मित होता हैं ?

उत्तर :: उपकला ऊतक द्वारा

प्रश्न 3.उपकला ऊतक कितनें प्रकार के होते हैं ?

उत्तर :: 1.सरल उपकला ऊतक 2.संयोजी उपकला ऊतक

प्रश्न 4.रक्त वाहिकाओं की भित्ति तथा फेफड़े के वायु कोष किस प्रकार के ऊतक से बने होते हैं ?

उत्तर :: शल्की उपकला ऊतक

प्रश्न 5. हमारी त्वचा किस प्रकार के ऊतक से निर्मित होती हैं ?

उत्तर :: संयुक्त उपकला ऊतक


प्रश्न 6. वृक्कों की नलिकाओं और ग्रन्थियों की वाहिनियों में पाया जाने वाला ऊतक कोंन सा हैं ?

उत्तर :: घनाकार उपकला ऊतक

प्रश्न 7.ऊतकों में 3 प्रकार की संधि पायी जाती हैं । इनके नाम क्या हैं ?

उत्तर :: दृढ़, आसन्जी और अन्तराली सन्धि


प्रश्न 8. हमारा रक्त किस प्रकार का ऊतक हैं ?

उत्तर :: संयोजी ऊतक

प्रश्न 9.केंचुए की भारतीय किस्म जो सामान्य रूप से पायी जाती हैं । 

उत्तर :: फेरीटिमा (pheretrima) और लम्ब्रिकस (Lumbricus)

प्रश्न 10. फेरीटिमा केंचुए का रक्त परिसंचरण तन्त्र किस प्रकार का होता हैं ?

उत्तर :: बन्द रक्त परिसंचरण तन्त्र तथा रुधिर कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन रक्त प्लाज्मा में घुल जाता हैं ।


प्रश्न 11.केंचुए में श्वशन किस तरह से होता हैं ?

उत्तर :: केंचुए में    विशिष्ट श्वशन तंत्र नही पाया जाता हैं । श्वसन (गैस) विनिमय शरीर की  आर्द्र सतह से उनकी रुधिर धारा में सम्पन्न होता हैं ।

प्रश्न 12.काकरोच किस वर्ग में आता हैं ?


उत्तर :: फ़ायलम आर्थोपेेडॉ के इंसेक्टआ वर्ग में


प्रश्न 13.तिलचट्टे में किस प्रकार का रक्त परिसंचरण तन्त्र पाया जाता हैं ?

उत्तर :: खुला रक्त परिसंचरण तन्त्र

प्रश्न 14.तिलचट्टे का सिर काटने के बाद भी यह सात दिनों तक जीवित रहता हैं ,क्यों ?

उत्तर :: तिलचट्टे का तंत्रिका तन्त्र सम्पूर्ण शरीर में फैला हुआ होता हैं जबकि मस्तिष्क में तंत्रिका तंत्र का कुछ ही भाग रहता हैं यही कारण हैं कि यह मस्तिष्क कट जाने के कई दिनों बाद भी जिंदा रहता हैं ।

प्रश्न 15.तिलचट्टे में पश्चान्तृ और मध्यांतृ के सन्धि स्थल पर 100 से 150 नलिकाएं होती हैं जिन्हें कहते हैं ?

उत्तर :: मेलपिगी नलिकाएं

प्रश्न 16.मेढ़क किस वर्ग से सम्बंधित हैं तथा भारत में पायी जानें वाली मेढ़क की सामान्य किस्म कोंन सी हैं ?

उत्तर :: मेढ़क कशेरुक संघ के वर्ग एम्भीबिया से सम्बंधित हैं । भारत में पायी जाने वाली मेढ़क की सामान्य किस्म " राना टिग्रिना " हैं ।

प्रश्न 17.शीत निष्क्रियता ( hibernation) और ग्रीष्म निष्क्रियता (aestvation)  के दौरान मेढ़क श्वसन कैसे करता हैं ?

उत्तर :: त्वचा द्वारा


प्रश्न 18.पेरिप्लेनेटा अमेरिकाना किसका सामान्य नाम हैं ?

उत्तर :: काकरोच


प्रश्न 19.केंचुए में कितनी जोड़ी शुक्राणु धानी पायी जाती हैं ?

उत्तर :: चार जोडी 


प्रश्न 20. तिलचट्टे में कितने अंडाशय पाये जाते हैं ?

उत्तर :: दो ,जो कि उदर के दूसरे से छठवें खण्ड के पीछे स्थित होते है ।

प्रश्न 21.तिलचट्टे में उदर कितने खण्ड में विभाजित होता हैं ?

उत्तर :: दस खण्ड में

प्रश्न 22. केंचुए में वृक्क कितने प्रकार के होते हैं ?

उत्तर :: 3 प्रकार के 1.पटल 2.अध्यावर्णीय 3. ग्रसनीय


प्रश्न 23. मनुष्य का तंत्रिका तंत्र कितने भागों में विभाजित होता हैं ?

उत्तर :: 1.केंद्रीय तंत्रिका तंत्र 2.परिधीय तंत्रिका तंत्र


प्रश्न 24. तंत्रिका तंत्र के कितने भाग होते हैं ?

उत्तर :: 1.सेल बॉडी 2.डेन्द्राइट 3. एक्सान 

प्रश्न 25. तंत्रि कोशिका में माइलिन आवरणों के बीच अंतरपाये जाते हैं ,उन्हें क्या कहते हैं ?

उत्तर :: रेनवियर के नोड

प्रश्न 26. तंत्रिका आवेगों का एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संचरण किसके द्वारा होता हैं ?

उत्तर :: सिनेप्सिस द्वारा

प्रश्न 27.सिनेप्सिस कितने प्रकार के होते हैं ?

उत्तर :: दो प्रकार के 1.विधुत सिनेप्सिस 2.रासायनिक सिनेप्सिस

प्रश्न 28.सिनेप्टिक दरार किसे कहते हैं ?

उत्तर :: रासायनिक सिनेप्स पर ,पूर्व एवँ पश्चिम सिनेप्टिक न्यूरॉन की झिल्लियां द्रव से भरी दीवार द्वारा पृथक होती हैं, जिसे सिनेप्टिक दरार कहते हैं ।

प्रश्न 29.मस्तिष्क के कितने भाग होते हैं ?

उत्तर :: 3 भाग 1.अग्र मस्तिष्क 2.मध्य मस्तिष्क 3.पश्च मस्तिष्क

प्रश्न 30.अग्र मस्तिष्क बना होता हैं ?

उत्तर :: 1.सेरिब्रम 2.थैलेमस और 3.हाइपोथेलेमस


प्रश्न 31. शरीर के तापमान का नियंत्रण ,खानपान की अनुभूति किस मस्तिष्क के कार्य हैं ?

उत्तर :: हाइपोथेलेमस

प्रश्न 32.उत्तेजना, खुशी,गम और भय का नियमन किस मस्तिष्क द्वारा होता हैं ?

उत्तर :: हाइपोथेलेमस

प्रश्न 33.कार्पोरा क्वाड्रिजेमिन क्या हैं ?

उत्तर :: मध्य मस्तिष्क के चार लोबनुमा उभार

प्रश्न 34.पश्च मस्तिष्क के भाग हैं ?

उत्तर :: पश्च मस्तिष्क पोंस,अनुमस्तिष्क और मध्यांश      ( medula obligata)

प्रश्न 35.श्वसन, हृदय परिसंचारी प्रतिवर्तन और पाचक रसों का स्त्रावण मस्तिष्क के किस भाग द्वारा नियंत्रित होता हैं ?

उत्तर :: मध्यांश (medula obligata)

प्रश्न 36. नेत्र की दीवार तीन परतों की बनी होती हैं बाहरी परत क्या कहलाती हैं ?

उत्तर :: घने संयोजी ऊतकों से बनी यह परत स्कलेरा (श्वेत पटल) कहलाती हैं ।

प्रश्न 37.कोराइड (रक्त पटल) क्या हैं ?

उत्तर :: नेत्र की मध्य पटल

प्रश्न 38.प्रकाश ग्राही कोशिकाएं कितने प्रकार की होती हैं ?

उत्तर :: दो प्रकार की शलाका और शंकु

प्रश्न 39.कार्निया और लेंस के बीच की दूरी क्या कहलाती हैं ?

उत्तर :: एक्वस लेंस (जलीय कोष्ठ)


प्रश्न 40.टेम्पोरस, मेलियस, इंकस,और यूस्टेकीयन किसके भाग हैं ?


उत्तर :: कर्ण

प्रश्न 41.तन्त्रिका तन्त्र के सम्बंध में न्यूरोट्रांसमीटर क्या है ?

उत्तर :: रासायनिक सिनेप्स पर आवेगों के संचरण में भाग लेने वाले रसायन न्यूरोट्रांसमीटर कहलाते है ।

प्रश्न 42.रक्त में प्ला्ज्मा की मात्र्रा कितनी होती हैं ?


उत्तर :: 55%

प्रश्न 43. प्लाज्मा में उपस्थित प्रोटीन का नाम क्या हैं ?

उत्तर :: फैब्रिनोजन, ग्लोब्युलिन और एल्बीयूमिन प्लाज्मा में उपस्थित मुख्य प्रोटीन हैं ।

प्रश्न 44.फैब्रिनोजिन, ग्लोब्युलिन और एल्बुमिन के कार्य क्या हैं ?

उत्तर :: फैब्रिनोजन रक्त का थक्का बनाने, ग्लोब्युलिन का उपयोग शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र में तथा एल्बुमिन का उपयोग परासरणी सन्तुलन के लिए होता हैं ।

प्रश्न 45. एक स्वस्थ मनुष्य में एरीथ्रोसाइट (लाल रक्त कणिकाएं) की सँख्या कितनी होती हैं ?

उत्तर :: 5 से 5.5 मिलियन प्रति घन मिमी

प्रश्न 46. इरिथ्रोसाइट की औसत आयु में कितनी होती हैं ? तथा इनकी आकृति कैसी होती हैं ?

उत्तर :: इरिथ्रोसाइट की औसत आयु 120 दिन होती हैं ,तथा यह उभयावतल दिखाई देती हैं ।

प्रश्न 47.इरिथ्रोसाइट (RBC) तथा ल्यूकोसाइट (WBC) में केन्द्रक की क्या स्थिति होती हैं ? 

उत्तर :: इरिथ्रोसाइट (RBC) में केन्द्रक का अभाव होता हैं जबकि ल्यूकोसाइट (WBC)में केन्द्रक उपस्थित रहता हैं ।


प्रश्न 48. श्वेत रक्त कणिकाएं (WBC) कितने प्रकार की होती हैं ?

उत्तर :: दो प्रकार की कनिकाणु (गरेनुलोसाइट) तथा अ कनिकाणु (एग्रेनुलोसाइट) 
प्रश्न 49.ग्रेन्यूलोसाइट कितने प्रकार की होती हैं ?

उत्तर:: 3 प्रकार की न्यूट्रोफिल, बेसोफिल तथा इओसोनोफिल
प्रश्न 50.अकणकोशिकाओं (एग्रेन्यूलोसाइट) के प्रकार हैं ?

उत्तर :: लिम्फोसाइट और मोनोसाइट

प्रश्न 51.किस रक्त समूह में एंटीबॉडी अनुपस्थिति होते हैं ?

उत्तर :: रक्त समूह AB

प्रश्न 52.किस रक्त समूह में एंटीजन अनुपस्थित रहता हैं ?

उत्तर :: O रक्त समूह पर

प्रश्न 53.रक्त तथा कोशिकाओं के मध्य खनिज,गैस और पोषण पदार्थों का आदान प्रदान किसके माध्यम से होता हैं ?

उत्तर :: लसिका (ऊतक द्रव) के माध्यम से

प्रश्न 54.मगरमच्छ, पक्षियों तथा स्तनधारियों में हृदय कितने कक्षों का होता हैं ?

उत्तर :: चार कक्षों का का दो आलिंद तथा दो निलय

प्रश्न 55.मानव हॄदय के सम्बंध में " अंतर आलिनदी" क्या काम करता हैं ?

उत्तर ::  बायें और दायें आलिंद को अलग करती हैं ।

प्रश्न 56.हॄद निकास क्या है ?

उत्तर :: हॄद निकास प्रत्येक मिनिट प्रत्येक निलय द्वारा रक्त की मात्रा बाहर निकालने को कहते हैं ।

प्रवाह आयतन को हृदय दर से गुणा करने पर हॄदय निकास निकलता हैं ।

प्रश्न 57.हॄद चक्र के दौरान 'लब ' 'डब' ध्वनि के बारे में बताएं ?

उत्तर :: लब ध्वनि त्रिवलनी तथा द्विवलनी कपाट के बंद होने से सम्बंधित हैं । जबकि डब ध्वनि अर्ध चन्द्रकपाट के बंद होने से सम्बंधित हैं ।

प्रश्न 58.
 केल्सियम,वसा और अन्य रेसीय ऊतकों के जमा होने से धमनी की अवकाशिका सँकरी हो जाती हैं ,यह बीमारी क्या कहलाती हैं ?



उत्तर :: एथेरोस्केरोसिस

प्रश्न 59.हॄदय पेशी में जब ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुँचती तो कौनसी बीमारी होती हैं ?

उत्तर :: एंजाइना पेक्टोरिस

प्रश्न 60.कोशिकीय साँस किसे कहते हैं ? 

उत्तर :: जटिल कार्बनिक अणुओं के ऑक्सीकरण द्वारा c - c आबन्धों  के टूटने के उपरांत जब कोशिका से ऊर्जा की अत्यधिक मात्रा निकलती हैं,तो उसे कोशिकीय साँस कहते हैं ।

प्रश्न 61.मानव कोशिकाएं कितने प्रकार की गति प्रदर्शित करती हैं ?

उत्तर :: अमिबीय, पेशीय और पक्षामिभिय 
प्रश्न 62.ल्यूकोसाइट और मैक्रोफेजस रुधिर में कोन सी गति  प्रदर्शित   करते हैं ?


उत्तर :: अमिबीय

 प्रश्न 63.  हमारे अधिकांश नलिकाकार अँगों जैसे श्वसन मार्ग, मादा जनन मार्ग में कौनसी गति होती हैं ?

उत्तर :: पक्षाभीय गति

प्रश्न 64 .पेशीय गति की सहायता से संचालित अंग कौनसे हैं ?

उत्तर :: हाथ पांव, जबड़े जीभ आदि 


प्रश्न 65.स्थापन के आधार पर पेशियाँ कितने प्रकार की होती हैं ?

उत्तर :: तीन प्रकार की 1.कंकाल 2.अंतरंग 3.हृद

प्रश्न 66.अक्षीय कंकाल में अस्थियों की सँख्या कितनी होती हैं ?

उत्तर :: 80

प्रश्न 67.सन्धियाँ या जोड़ कितने प्रकार के होते हैं ?

उत्तर :: तीन प्रकार के 1.रेसीय जोड़ 2.उपास्थि जोड़ 3.सैनुविनियल जोड़

प्रश्न 68.मायस्थेनिया ग्रेविस (myasthenia gravis) किस प्रकार की बीमारी हैं ?

उत्तर :: यह पेशी और अस्थियों से सम्बंधित एक "ऑटो इम्यून" बीमारी है ।जिसमें पेशियों में कमजोरी और कंकाली तन्त्र का लकवा हो जाता हैं ।


प्रश्न 69. हार्मोन क्या हैं ?

उत्तर :: हार्मोन अंत:स्त्रावी ग्रन्थियों से सूक्ष्म मात्रा में उत्पादित अपोषक रसायन हैं जो अन्तरकोशीय सन्देशवाहक के रूप में काम करते हैं ।


प्रश्न 70.हायपोथेलेेमस से 
स्त्रावित हार्मोन कितने प्रकार के होते हैं ?

उत्तर :: दो प्रकार के 1.मोचक हार्मोन 2.निरोधी हार्मोन

प्रश्न 71.पश्च पीयूष ग्रन्थि का तन्त्रिकीय नियमन कँहा से होता हैं ?

उत्तर :: हाइपोथेलेमस से

प्रश्न 72.आंतरिकी के अनुसार पीयूष ग्रन्थि कितने भागों में विभाजित रहती हैं ?

उत्तर :: दो भागों में 1.एडिनोहाइपो फाइसिस 2.न्यूरोहायपो फाइसिस

प्रश्न 73.एडिनो हाइपो फाइसिस के कितने भाग का बना होता हैं ?

उत्तर :: दो भागों का पार्स डिस्टेलीज और पार्स   इंटर मीडिया

प्रश्न 74.पार्स डिस्टेलिज या अग्र पीयूष ग्रन्थि से कौनसे हार्मोन स्त्रावित होते हैं ?

उत्तर :: 1.सोमेटोट्रोपिन या वृद्धि हार्मोन,2.प्रोलेक्टिन 3.थाइराइड प्रेरक हार्मोन या TSH 3.कार्टिकोट्राफिन 4.ल्युटिनाइजिंग हार्मोन 5.पुटिका प्रेरक हार्मोन


प्रश्न 75.पार्स  इंटरमीडिया से स्त्रावित एक मात्र हार्मोन कौनसा हैं ?

उत्तर :: लेेंनोसाइट प्रेरक हार्मोन  या मेंलेेंनोलट्राफिन 


प्रश्न 76 .जायगेटिज्म के लिये उत्तरदायी हार्मोन का नाम क्या हैं ?

उत्तर :: जायगेटिज्म या अतिकायता एक बीमारी है जिसमें शरीर की सामान्य वृद्धि होती हैं । इसके लिये उत्तरदायी हार्मोन का नाम सोमेटोट्रोपिन हैं ।

प्रश्न 77.हायपोथैलेमस द्वारा उत्पादित और पश्च पीयूष ग्रन्थि द्वारा संग्रहित हार्मोन कोंन से है ?

उत्तर :: ऑक्सीटोसिन और वेसोप्रेसिन


प्रश्न 78.सोमेटोट्रोपिन के अल्प स्त्राव से होने वाला रोग क्या कहलाता हैं ?

उत्तर :: पिट्यूटरी ड्वार्फज्म 

प्रश्न 79. अंत : स्त्रावी ग्रन्थियो के अतिरिक्त अंगों से भी हॉर्मोन का उत्सर्जन होता हैं क्या आप बता सकते हैं मनुष्य के कोनसे अंग से हार्मोन उत्सर्जित होते हैं ?

उत्तर ::
1. हृदय ::: ह्रदय की अलिंदी भित्ति द्वारा एक पेप्टाइड हार्मोन जिसे " एट्रियल नेट्रीयुरेटिक कारक" कहते है ,स्त्रावित होता हैं । यह हार्मोन जब रक्त दाब बढ़ जाता है तो तब स्त्रावित होकर रक्त नलिकाओं को विस्फारित कर देता हैं । फलस्वरूप रक्तदाब कम हो जाता हैं ।

2. वृक्क :: वृक्क की जकस्टाग्लोमेरुलर कोशिकाएं " इरिथ्रोपाइटिन " नामक हार्मोन का स्त्राव करती हैं जो लाल रक्त कणिकाओं के उत्पादन को प्रेरित करता हैं ।


3.जठर आंत्रीय पथ के विभिन्न भागों में स्थित कोशिकाएं चार प्रकार के हार्मोन का स्त्रावण करती हैं जो निम्न हैं ::

A.गेस्त्रीन :: जठर ग्रन्थियों पर कार्य कर हाइड्रो क्लोरिक अम्ल और पेप्सिनोजन के स्त्राव को प्रेरित करता हैं ।

B.सेक्रेटिन ,बहि: स्त्रावी अग्नाशय पर कार्य करता हैं तथा जल और बाइकार्बोनेट  आयनों के स्त्राव को प्रेरित करता हैं ।

C.कोलिसिस्टोकाइनिन,अग्नाशय और पित्ताशय पर कार्य कर क्रमशः अग्नाशयी एंजाइम और पित्त रस के स्त्राव को प्रेरित करता हैं ।

D.जठर अवरोधी पेप्टाइड, जठर स्त्राव और उसकी गतिशीलता को प्रेरित करता हैं ।

प्रश्न 80.रासायनिक आधार पर हार्मोनों को अनेक वर्गों में विभाजित किया गया हैं क्या आप उन वर्गों के नाम और उनमें सम्मिलित हार्मोनों की जानकारी दे सकते हैं ?

उत्तर :: रासायनिक प्रकृति के आधार पर हार्मोनों की श्रेणी

1.पेप्टाइड, पॉलीपेप्टाइड और प्रोटीन हार्मोन :: इन्सुलिन, पीयूष ग्रन्थि हॉर्मोन ग्लूकॉगन हार्मोन और हायपोथैलेमिक हार्मोन

2. स्टेरॉइड हार्मोन :: कॉर्टिसॉल, टेस्टेस्टेरॉन, प्रोजेस्टेरोन,और ऐस्ट्रोडायल

3.आयोडोथाइरोनिन हार्मोन :: थाइराइड हार्मोन

प्रश्न 81.एस्ट्रोजन हार्मोन का क्या काम होता हैं ?

उत्तर :: एस्ट्रोजन स्त्रियों में द्वितीयक लैंगिक अंगों की वृद्धि तथा क्रियाओं का प्रेरण ,अंडाशयी पुटिकाओं का परिवर्धन,द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का प्रकटन तथा स्तन ग्रन्थियों का परिवर्धन जैसे महत्वपूर्ण कार्य करता हैं ।


प्रश्न 82.प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का क्या कार्य हैं ?


उत्तर :: प्रोजेस्टेरोन स्त्रियों में प्रसव को आसान बनाता हैं ।यह दुग्ध ग्रन्थियों पर कार्य करके दुग्ध कुपिकाओं का निर्माण और दुग्ध स्त्रावण को आसान बनाता हैं ।

प्रश्न 83.मेलाटोनिन जो की हमारी बॉडी क्लॉक का नियमन करता हैं किस ग्रन्थि से स्त्रावित होता हैं ?

उत्तर :: पिनियन ग्रन्थि से


प्रश्न 84. इरिथ्रोपाइटिन जो रक्ताणु  उत्पति को प्रेरित करता हैं ,इसका स्त्रावण कँहा से होता हैं ?


उत्तर :: वृक्क से

प्रश्न 85.सीसाप्लाटिन और टेक्सओल किस रोग के लिये उपयोगी दवाएँ हैं ?

उत्तर ::   
कैंसर में

प्रश्न86.एजीडोथामीडिन (AZT) दवा किस बीमारी के उपचार में प्रयोग होती हैं ?

उत्तर :: एड्स में


प्रश्न 87.स्थिर अनुपात का नियम क्या हैं ? यह किसने दिया था ?

उत्तर :: किसी यौगिक में तत्वों के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव समान होता हैं । यह नियम फ्रांसीसी रसायनज्ञ जोसेफ प्राउस्त ने प्रतिपादित किया था ।

प्रश्न 88.आवर्त सारणी के s ब्लॉक में अंतिम इलेक्ट्रान बाह्यतम s कक्ष में जाते हैं सही या गलत ?

उत्तर :: सही


प्रश्न89.सभी क्षार धातु प्रकृति में मुक्त रूप में नहीं पाये जाते हैं इसका क्या कारण हैं ?


उत्तर :: इन तत्वों के बाह्यतम कोष में उपस्थित s इलेक्ट्रॉन को आसानी से त्यागने के कारण ये अत्यधिक धन विधुतीय तत्व एक संयोजी आयन M+ देते हैं । अतः ये प्रकृति में मुक्त अवस्था में उपलब्ध नहीं होते हैं ।

प्रश्न 90.क्षार धातु का गलनांक और क्वथनांक कम होता हैं सही या गलत ?


उत्तर :: सही

प्रश्न 91.क्षार धातु जल के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाती हैं ?

उत्तर :: हाइड्रोक्साइड और डाइ हाइड्रोजन

प्रश्न92.क्षारीय मृदा धातुएं अम्लों के साथ अभिक्रिया कर कोंन सी गैस मुक्त करती हैं ?


उत्तर :: हाइड्रोजन
प्रश्न93.आक्सो अम्ल क्या हैं ?


उत्तर :: आक्सो अम्ल वे होते हैं, जिनमें जिस परमाणु पर  अम्लीय प्रोटॉन से युक्त हाइड्रॉक्सिल समूह होता हैं । उसी परमाणु पर आक्सो जुड़ा रहता हैं । जैसे कार्बोनिक अम्ल H2co3 ,{oc (oH)2}

प्रश्न 94. लिथियम के असंगत व्यहवार के बारें में बताइये ?

उत्तर :: लिथियम के असंगत व्यहवार के निम्नलिखित कारण हैं :::

* इसके परमाणु एवँ आयन का असामान्य छोटा आकार
* उच्च ध्रुवण क्षमता (अर्थात आवेश त्रिज्या /अनुपात)

प्रश्न 95.393 k पर जिप्सम को गर्म करने पर क्या प्राप्त होगा ?

उत्तर :: 393 k पर जिप्सम को गर्म करने से केल्सियम सल्फेट या प्लास्टर ऑफ पेरिस ( caso4.1/2H2o)
प्राप्त होता हैं ।


2(ca So4.2H2o) ---> 2(caSo4).H2o + 3H2o

प्रश्न 96.हाइड्रोजन के समस्थानिक किस प्रकार से आपस में भिन्न होते हैं ?

उत्तर :: हाइड्रोजन के समस्थानिक आपस में न्यूट्रॉनों की संख्या के आधार पर भिन्न होते हैं । प्रोटियम में कोई इलेक्ट्रॉन नही होते हैं । ड्यूटीरियम में एक इलेक्ट्रॉन होता हैं । तथा ट्राइटियम में दो इलेक्ट्रॉन होते हैं ।

प्रश्न 97.डाई हाइड्रोजन बनाने की प्रयोगशाला विधि बताइये ?


उत्तर :: यह दानेदार जिंक की तनु हाइड्रोक्लोराइड अम्ल से अभिक्रिया करके बनाई जाती हैं ।

1. Zn(s)+2H + (aq) >>> zn2+ (aq) + H2(g)

प्रश्न 98. बर्फ क्रिस्टल की संरचना बताइये ?


उत्तर :: बर्फ क्रिस्टल में ऑक्सीजन परमाणु चार अन्य ऑक्सीजन परमाणु से 276 pm  दूरी पर चारो और से घिरे रहते हैं ।


प्रश्न 99. ठोस को वर्गीकृत किया जा सकता हैं ?


उत्तर :: क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय


प्रश्न 100. काँच, रबर और प्लास्टिक किस प्रकार के ठोस हैं ?

उत्तर :: अक्रिस्टलीय


प्रश्न 101.जल में उपस्थित 1 ppm फ्लूरोइड आयन की मात्रा दन्त क्षरण को रोकती हैं ,जबकि 1.5 ppm मात्रा क्या करती हैं ?

उत्तर :: 
दाँतो के पीलेपन का कारण होती हैं ।

प्रश्न 102 . क्लोरोफार्म का नाइट्रोजन में मिश्रण क्या हैं ?

उत्तर :: द्रव का गैस में 
मिश्रण

प्रश्न 103. द्रव में सबसे ज्यादा घुलनशील गैस कोंन सी हैं ?

उत्तर :: हाइड्रोजन क्लोराइड
प्रश्न 104.मोलरता का सूत्र क्या होता हैं ?



                                        विलेय के मोल
उत्तर ::    मोलरता = -----------------------------------------
                                  विलयन का लीटर में आयतन


प्रश्न 105. मोललता का सूत्र क्या है ?


उत्तर :: 

                               विलेय के मोल 
मोललता = ----------------------------------------------
                   विलायक का किलोग्राम में द्रव्यमान



प्रश्न 106.हेनरी का नियम क्या है ?


उत्तर :: हेनरी के नियमानुसार स्थिर ताप पर किसी गैस की द्रव में विलेयता गैस के दाब के समानुपाती होती हैं ।


प्रश्न 107.जैव उत्प्रेरक का कार्य करने वाले प्रोटीन क्या कहलाते हैं ?

उत्तर :: एंजाइम

प्रश्न 108. एंजाइम के दो उत्प्रेरक कार्य कोंन से है ?

उत्तर :: 1.क्रियाधार (substrate) को रासायनिक अभिक्रिया के लिये थामे रखना ।

2. क्रियाधार पर आक्रमण करके रासायनिक अभिक्रिया के लिये प्रकार्यात्मक समूह उपलब्ध कराना,

प्रश्न 109. ग्राही प्रोटीन क्या है ?

 उत्तर :: ग्राही शरीर की संचार व्यवस्था के निर्णायक प्रोटीन होते हैं । ये अधिकतर कोशिका कला में स्थित होते हैं ।

प्रश्न 110. ऑर्थो सल्फाबेंजामाइड को अन्य किस नाम से जाना जाता हैं ?

उत्तर :: सेक्रीन

प्रश्न 111. कार्बोहाइड्रेट को जलपघटन में उनके व्यवहार के आधार पर कितने भागों में बांटा गया हैं ?

उत्तर :: तीन भागों में
1.मोनोसैकेराइड
2.ओलिगोसेकराइड
3.पोलीसेकराइड

प्रश्न 112.काइरल तथा एकाइरल किसे कहते हैं ?

उत्तर :: वह वस्तु जो अपने दर्पण प्रतिबिम्ब पर अध्यारोपित नहीं होती हैं, काइरल कहलाती हैं । जबकि दर्पण प्रतिबिम्ब पर अध्यारोपित होने वाली वस्तु एकाइ र

प्रश्न 113.वुर्टज फिटिंग अभिक्रिया किसे कहते हैं ?

उत्तर :: एलकिल हेलाइड तथा एरील हैलाइड का मिश्रण,सोडियम की उपस्थिति में  गर्म करने पर एलकिल एरिल देता हैं । तथा इसे वुर्टज फिटिंग अभिक्रिया कहते हैं ।


प्रश्न 114.गुरुत्वाकर्षण बल की आपेक्षित प्रबलता और परास कितना होता हैं ?

उत्तर :: आपेक्षित प्रबलता 10 -39 और परास अनन्त होता हैं । 




० तेल के फायदे










टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

टीकाकरण चार्ट [vaccination chart] और संभावित प्रश्न

 टीकाकरण चार्ट # 1.गर्भावस्था के समय टीकाकारण ::: गर्भावस्था की शुरूआत में Titnus का पहला टीका टी.टी - 1. टी.टी -1 के चार सप्ताह बाद टी.टी.-2 यदि पिछली गर्भावस्था में टी.टी - 2 दिया गया हैं,तो केवल बूस्टर दीजिए. ० गर्भावस्था के प्रथम तीन महिनें मे किए जानें वाले योगासन # टीके की मात्रा ,कैसें और कहाँ दें 0.5 ml.मात्रा प्रशिक्षित व्यक्ति द्धारा ऊपरी बांह की मांसपेशी में. # महत्वपूर्ण गर्भावस्था के 36 सप्ताह हो गयें हो तो मात्र टी.टी.- बूस्टर देना चाहियें.  टीकाकरण का दृश्य # 2.शिशुओं के लियें टीकाकरण  #जन्म के समय ::: 1. B.C.G.  =     0.1 ml बाँह पर त्वचा के निचें. 2.हेपेटाइटिस बी.=  0.5 ml मध्य जांघ के बाहरी हिस्सें पर मांसपेशी में 3.o.p.v.या oral polio vaccine = दो बूँद मुहँ में . ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// ० आँखों का सूखापन क्या बीमारी हैं ? जानियें इस लिंक पर ०  जानिये पोलियो क्या होता हैं ? ० चुम्बक चिकित्सा के बारें में जानें ० बच्चों की परवरिश कैसें करें healthy parating

SANJIVANI VATI ,CHANDRAPRABHA VATI,SHANKH VATI

१.संजीवनी वटी::-   संजीवनी वटी का वर्णन रामायण में भी मिलता हैं. जब मेघनाथ के साथ युद्ध में लक्ष्मण मूर्छित हुए तो  संजीवनी  बूटी ने लक्ष्मण को पुन: जीवन दिया था शांग्रधर संहिता में वर्णन हैं कि  "वटी संजीवनी नाम्ना संजीवयति मानवम" अर्थात संजीवनी वटी नाना प्रकार के रोगों में मनुष्य का संजीवन करती हैं.आधुनिक शब्दों में यह वटी हमारें बिगड़े मेट़ाबालिज्म को सुदृढ़ करती हैं.तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity)   बढ़ाती हैं. घटक द्रव्य:: विडंग,शुंठी,पीप्पली,हरीतकी,विभीतकी, आमलकी ,वच्च, गिलोय ,शुद्ध भल्लातक,शुद्ध वत्सना उपयोग::- सन्निपातज ज्वर,सर्पदंश,गठिया,श्वास, कास,उच्च कोलेस्ट्रोल, अर्श,मूर्छा,पीलिया,मधुमेह,स्त्री रोग ,भोजन में अरूचि. मात्रा::- वैघकीय परामर्श से Svyas845@gmail.com २.चन्द्रप्रभा वटी::- चन्द्रप्रभेति विख्याता सर्वरोगप्रणाशिनी उपरोक्त श्लोक से स्पष्ट हैं,कि चन्द्रप्रभा वटी समस्त रोगों का शमन करती हैं. घट़क द्रव्य::- कपूर,वच,भू-निम्बू, गिलोय ,देवदारू,हल्दी,अतिविष,दारूहल्दी,

गेरू के औषधीय प्रयोग

गेरू के औषधीय प्रयोग गेरू के औषधीय प्रयोग   आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें । गेरू भी उसी श्रेणी की आयुर्वेद औषधी हैं । जो सामान्य मिट्टी से कही अधिक इसके विशिष्ट गुणों के लियें जानी जाती हैं । गेरू लाल रंग की की मिट्टी होती हैं जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्र में मिलती हैं । इसे गेरू या सेनागेरू भी कहतें हैं । गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं । गेरू का संस्कृत नाम  गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं । गेरू का लेटिन नाम  गेरू   silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं । गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं । गेरू के औषधीय प्रयोग 1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को रोकनें वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लिय

Ayurvedic medicine list । आयुर्वैदिक औषधि सूची

Ayurvedic medicine list  [आयुर्वैदिक औषधि सूची] #1.नव ज्वर की औषधि और अनुसंशित मात्रा ::: १.त्रिभुवनकिर्ती रस  :::::   १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संजीवनी वटी       :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. ३.गोदन्ती मिश्रण.    :::::     १२५ से २५० मि.ग्रा. #2.विषम ज्वर ::: १.सप्तपर्ण घन वटी  :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. २.सुदर्शन चूर्ण.        :::::     ३ से ६ ग्रा.   # 3 वातश्लैष्मिक ज्वर ::: १.लक्ष्मी विलास रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संशमनी वटी          :::::  ५०० मि.ग्रा से १ ग्रा. # 4 जीर्ण ज्वर :::: १. प्रताप लंकेश्वर रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.महासुदर्शन चूर्ण.     :::::   ३ से ६ ग्राम ३.अमृतारिष्ट              :::::    २० से ३० मि.ली. # 5.सान्निपातिक ज्वर :::: १.नारदीय लक्ष्मी विलास रस. :::::  २५० से ५०० मि.ग्रा. २.भूनिम्बादि क्वाथ.      ::::: १०से २० मि.ली. #6 वातशलैष्मिक ज्वर :::: १.गोजिह्यादि क्वाथ.      ::::: २० से ४० मि.ली. २.सितोपलादि चूर्ण.       ::

एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन क्या हैं

#1.एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन क्या हैं ?  एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली से अभिप्राय यह हैं,कि मृदा उर्वरता को बढ़ानें अथवा बनाए रखनें के लिये पोषक तत्वों के सभी उपलब्ध स्त्रोंतों से मृदा में पोषक तत्वों का इस प्रकार सामंजस्य रखा जाता हैं,जिससे मृदा की भौतिक,रासायनिक और जैविक गुणवत्ता पर हानिकारक प्रभाव डाले बगैर लगातार उच्च आर्थिक उत्पादन लिया जा सकता हैं.   विभिन्न कृषि जलवायु वाले क्षेत्रों में किसी भी फसल या फसल प्रणाली से अनूकूलतम उपज और गुणवत्ता तभी हासिल की जा सकती हैं जब समस्त उपलब्ध साधनों से पौध पौषक तत्वों को प्रदान कर उनका वैग्यानिक प्रबंध किया जाए.एकीकृत पौध पोषक तत्व प्रणाली एक परंपरागत पद्धति हैं. ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// यहाँ भी पढ़े 👇👇👇 विटामिन D के बारें में और अधिक जानियें यहाँ प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना ० तम्बाकू से होनें वाले नुकसान ० कृषि वानिकी क्या हैं ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// #2.एकीकृत पोषक त

karma aur bhagya [ कर्म और भाग्य ]

# 1 कर्म और भाग्य   कर्म आगे और भाग्य पिछे रहता हैं अक्सर लोग कर्म और भाग्य के बारें में चर्चा करतें वक्त अपनें - अपनें जीवन में घट़ित घट़नाओं के आधार पर निष्कर्ष निकालतें हैं,कोई कर्म को श्रेष्ठ मानता हैं,कोई भाग्य को ज़रूरी मानता हैं,तो कोई दोनों के अस्तित्व को आवश्यक मानता हैं.लेकिन क्या जीवन में दोनों का अस्तित्व ज़रूरी हैं ? गीता में श्री कृष्ण अर्जुन को कर्मफल का उपदेश देकर कहतें हैं.     " कर्मण्यें वाधिकारवस्तें मा फलेषु कदाचन " अर्थात मनुष्य सिर्फ कर्म करनें का अधिकारी हैं,फल पर अर्थात परिणाम पर उसका कोई अधिकार नहीं हैं,आगे श्री कृष्ण बतातें हैं,कि यदि मनुष्य कर्म करतें करतें मर  जाता हैं,और इस जन्म में उसे अपनें कर्म का फल प्राप्त नहीं होता तो हमें यह नहीं मानना चाहियें की कर्म व्यर्थ हो गया बल्कि यह कर्म अगले जन्म में भाग्य बनकर लोगों को आश्चर्य में ड़ालता हैं, ]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]][]]]]]][[[[[[[]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]] ● यह भी पढ़े 👇👇👇 ● आत्मविकास के 9 मार्ग ● स्वस्थ सामाजिक जीवन के 3 पीलर

गिलोय के फायदे । GILOY KE FAYDE

  गिलोय के फायदे GILOY KE FAYDE गिलोय का संस्कृत नाम क्या हैं ? गिलोय का संस्कृत नाम गुडुची,अमृतवल्ली ,सोमवल्ली, और अमृता हैं । गिलोय का हिन्दी नाम क्या हैं ? गिलोय GILOY का हिन्दी नाम 'गिलोय,अमृता, संशमनी और गुडुची हैं । गिलोय गिलोय का लेटिन नाम क्या हैं ? गिलोय का लेटिन नाम Tinospra cordipoolia (टिनोस्पोरा  कोर्ड़िफोलिया ) गिलोय की पहचान कैसें करें ? गिलोय सम्पूर्ण भारत वर्ष में पाई जानें वाली आयुर्वेद की सुप्रसिद्ध औषधी हैं । Ayurveda ki suprasiddh oshdhi hai यह बेल रूप में पाई जाती हैं, और दूसरें वृक्षों के सहारे चढ़कर पोषण प्राप्त करती हैं । गिलोय के पत्तें दिल के (Heart shape) आकार के होतें हैं।  गिलोय का तना अंगूठे जीतना मोटा और प्रारंभिक   अवस्था में हरा जबकि सूखनें पर धूसर हो जाता हैं । गिलोय के फूल छोटे आकार के और हल्का पीलापन लियें गुच्छों में लगतें हैं । गिलोय के फल पकनें पर लाल रंग के होतें हैं यह भी गुच्छों में पाये जातें हैं । गिलोय में पाए जाने वाले पौषक तत्व 1.लोह तत्व : 5.87 मिलीग्राम 2.प्रोटीन : 2.3

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]  म.प्र.भारत का ह्रदय प्रदेश होनें के साथ - साथ नदी,पहाड़,जंगल,पशु - पक्षी,जीव - जंतुओं के मामलें में देश का अग्रणी राज्य हैं.  river map of mp प्रदेश में बहनें वाली सदानीरा नदीयों ने प्रदेश की मिट्टी को उपजाऊ बनाकर सम्पूर्ण प्रदेश को पोषित और पल्लवित किया हैं.यही कारण हैं कि यह प्रदेश "नदीयों का मायका" उपनाम से प्रसिद्ध हैं. ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण नदियाँ प्रदेश में प्रवाहित होती हैं,जिनकी चर्चा यहाँ प्रासंगिक हैं. #१.नर्मदा नर्मदा म.प्र.की जीवनरेखा कही जाती हैं.इस नदी के कि नारें अनेक  सभ्यताओं ने जन्म लिया . #उद्गम  यह नदी प्रदेश के अमरकंटक जिला अनूपपुर स्थित " विंध्याँचल " की पर्वतमालाओं से निकलती हैं. नर्मदा प्रदेश की सबसे लम्बी नदी हैं,इसकी कुल लम्बाई 1312 किमी हैं. म.प्र.में यह नदी 1077 किमी भू भाग पर बहती हैं.बाकि 161 किलोमीटर गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में बहती हैं. नर्मदा प्रदेश के 15 जिलों से होकर बहती हैं जिनमें शामिल हैं,अनूपपुर,मंड़ला,डिंडोरी,जबलपुर,न

पारस पीपल के औषधीय गुण

पारस पीपल के औषधीय गुण Paras pipal KE ausdhiy gun ::: पारस पीपल के औषधीय गुण पारस पीपल का  वर्णन ::: पारस पीपल पीपल वृक्ष के समान होता हैं । इसके पत्तें पीपल के पत्तों के समान ही होतें हैं ।पारस पीपल के फूल paras pipal KE phul  भिंड़ी के फूलों के समान घंटाकार और पीलें रंग के होतें हैं । सूखने पर यह फूल गुलाबी रंग के हो जातें हैं इन फूलों में पीला रंग का चिकना द्रव भरा रहता हैं ।  पारस पीपल के  फल paras pipal ke fal खट्टें मिठे और जड़ कसैली होती हैं । पारस पीपल का संस्कृत नाम  पारस पीपल को संस्कृत  में गर्दभांड़, कमंडुलु ,कंदराल ,फलीश ,कपितन और पारिश कहतें हैं।  पारस पीपल का हिन्दी नाम  पारस पीपल को हिन्दी में पारस पीपल ,गजदंड़ ,भेंड़ी और फारस झाड़ के नाम से जाना जाता हैं ।   पारस पीपल का अंग्रजी नाम Paras pipal ka angreji Nam ::: पारस पीपल का अंग्रेजी नाम paras pipal ka angreji nam "Portia tree "हैं । पारस पीपल का लेटिन नाम Paras pipal ka letin Nam ::: पारस पीपल का लेटिन paras pipal ka letin nam नाम Thespesia

भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र [BHAGVAN SHRI RAM]

 Shri ram #भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र रामायण या रामचरित मानस सेकड़ों वर्षों से आमजनों द्धारा पढ़ी और सुनी जा रही हैं.जिसमें भगवान राम के चरित्र को विस्तारपूर्वक समझाया गया हैं,यदि हम थोड़ा और गहराई में जाकर राम के चरित्र को समझे तो सामाजिक जीवन में आनें वाली कई समस्यओं का उत्तर उनका जीवन देता हैं जैसें ● आत्मविकास के 9 मार्ग #१.आदर्श पुत्र ::: श्री राम भगवान अपने पिता के सबसे आदर्श पुत्र थें, एक ऐसे समय जब पिता उन्हें वनवास जानें के लिये मना कर रहें थें,तब राम ही थे जिन्होनें अपनें पिता दशरथ को सूर्यवंश की परम्परा बताते हुये कहा कि रघुकुल रिती सदा चली आई | प्राण जाई पर वचन न जाई || एक ऐसे समय जब मुश्किल स्वंय पर आ रही हो  पुत्र अपनें कुल की परंपरा का पालन करनें के लिये अपने पिता को  कह रहा हो यह एक आदर्श पुत्र के ही गुण हैं. दूसरा जब कैकयी ने राम को वनवास जानें का कहा तो उन्होनें निसंकोच होकर अपनी सगी माता के समान ही कैकयी की आज्ञा का पालन कर परिवार का  बिखराव होनें से रोका. आज के समय में जब पुत्र अपनें माता - पिता के फैसलों