सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

06/10/2018 का पंचांग राशिफल और चोघडिया 06/10/2018 ka panchang rasifal aur choghdiya

.  
उज्जैन
 बाबा महाकाल उज्जैन
                 ।। 🕉 ।।

       🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩
📜««««« *आज का पंचांग* »»»»»📜
कलियुगाब्द................................5120
विक्रम संवत्...............................2075
शक संवत्..................................1940
मास.........................................अश्विन
पक्ष...........................................कृष्ण
तिथी........................................द्वादशी
दोप 04.40 पर्यंत पश्चात त्रयोदशी
रवि.....................................दक्षिणायन
सूर्योदय..........................06.20.05 पर
सूर्यास्त..........................06.10.54 पर
सूर्य राशि....................................कन्या
चन्द्र राशि....................................सिंह
नक्षत्र..........................................मघा
संध्या 05.06 पर्यंत पश्चात पूर्वाफाल्गुनी
योग............................................शुभ
रात्रि 11.41 पर्यंत पश्चात शुक्ल
करण.........................................तैतिल
दोप 04.40 पर्यंत पश्चत गरज
ऋतु............................................शरद
दिन........................................शनिवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*
06 अक्तूबर सन 2018 ईस्वी ।

☸ शुभ अंक......................3
🔯 शुभ रंग...............आसमानी

👁‍🗨 *राहुकाल :-*
प्रात: 09.19 से 10.46 तक । 

🚦 *दिशाशूल :-*
पूर्वदिशा- यदि आवश्यक हो तो उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें। 

⚜ *चौघडिया :-*
प्रात: 07.50 से 09.18 तक शुभ
दोप. 12.14 से 01.41 तक चंचल
दोप. 01.41 से 03.09 तक लाभ
दोप. 03.09 से 04.37 तक अमृत
सायं 06.05 से 07.37 तक लाभ
रात्रि 09.09 से 10.41 तक शुभ। 

📿 *आज का मंत्र :-*
|| ॐ विष्णुमायेति नमः ||

🎙 *संस्कृत सुभाषितानि :-*
प्राणायामं प्रत्याहारं, नित्यानित्य विवेकविचारम्।
जाप्यसमेत समाधिविधानं, कुर्ववधानं महदवधानम्॥३०॥
अर्थात :-
प्राणायाम, उचित आहार, नित्य इस संसार की अनित्यता का विवेक पूर्वक विचार करो, प्रेम से प्रभु-नाम का जाप करते हुए समाधि में ध्यान दो, बहुत ध्यान दो ॥३०॥

🍃 *आरोग्यं :-*
*बालों के लिए पोषक तत्व -*

*3. बेरीज -*
एंटीऑक्सीलडेंट से भरपूर बेरीज को सुपर फूड्स की गिनती में शामिल किया जाता है। बेरीज में स्ट्रॉ बेरी, जामुन, चेरी, ब्लूम बेरी, बेर जैसे फल है। विटामिन सी से भरपूर, बेरीज फायदेमंद कंपाउंड और कई विटामिन का स्रोत है जो बालों के विकास में वृद्धि कर सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो हानिकारक अणुओं से होने वाले नुकसान के खिलाफ हेयर फॉलिकल्स की रक्षा में मदद करते हैं, जिन्हें मुक्त कणों के रूप में भी जाना जाता है जो प्राकृतिक रूप से शरीर और पर्यावरण में मौजूद हैं। विटामिन सी शरीर को कोलेजन का उत्पादन करने में भी मदद करता है। कोलेजन एक स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले प्रोटीन का समूह है जो बालों को भंगुर और टूटने से रोकता है।

⚜ *आज का राशिफल :-* 

🐏 *राशि फलादेश मेष :-*
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। कार्य में आसानी रहेगी। समय आनंद से बीतेगा। लाभ में वृद्धि होगी। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मुलाकात होगी। मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। दिखावे पर खर्च होगा। अनर्गल आरोप लग सकते हैं। सावधानी आवश्यक है। 

🐂 *राशि फलादेश वृष :-*
चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी से बचें। भाइयों से विवाद हो सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। उच्चाधिकारी संतुष्ट नहीं होंगे। विशेष प्रयास करना पड़ेगा। वस्तुएं संभालकर रखें। थकान रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है, व्यवसाय लाभदायक रहेगा। 

👫 *राशि फलादेश मिथुन :-*
प्रयास सफल रहेंगे। रुके कार्य बनेंगे। चारों तरफ से प्रशंसा मिलेगी। कार्य के लिए बाहर जाना पड़ सकता है। कार्य में बेहतरी तथा परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। विवाद से बचें। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। निवेश शुभ रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। 

🦀 *राशि फलादेश कर्क :-*
अतिथियों का आगमन होगा। उन पर व्यय होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। परिवार में बेवजह तनाव रह सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रुभय रहेगा। चोट व रोग से बचें। आलस्य हावी रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है।

🦁 *राशि फलादेश सिंह :-*
बेरोजगारी दूर होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। विवेक का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। कोई बड़ी समस्या हल हो सकती है। शत्रु परास्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। 

👱🏻‍♀ *राशि फलादेश कन्या :-*
वाणी पर नियंत्रण रखें। यात्रा में सावधानी रखें। वस्तुएं गुम हो सकती हैं। फालतू खर्च होगा। बेवजह परेशानी आ सकती है। काम में मन नहीं लगेगा। आय ठीक रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद न करें। बेचैनी रहेगी। बाकी सब सामान्य रहेगा। 

⚖ *राशि फलादेश तुला :-*
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। कामकाज ठीक चलेगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। भागदौड़ अधिक होगी। आराम का अवसर नहीं मिलेगा। थकान रहेगी। जोखिम न लें।

🦂  *राशि फलादेश वृश्चिक :-*
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। स्थायी संपत्ति से लाभ के योग हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। विवेक का प्रयोग करें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें।

🏹 *राशि फलादेश धनु :-*
भ्रम की स्थिति बन सकती है। चोट व रोग से बाधा संभव है। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। देव दर्शन हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। विरोधी पस्त होंगे। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम न लें। 

🐊 *राशि फलादेश मकर :-*
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। दूसरों के व्यवहार में सावधानी रखें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। पार्टनरों से मतभेद हो सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ में कमी हो सकती है। धैर्य रखें। काम में मन नहीं लगेगा।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-*
कुसंगति से हानि होगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सुख के साधन जुटेंगे। चोट व रोग से बचें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मित्र व संबंधी सहयोग करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। शुभ समय। 

🐋 *राशि फलादेश मीन :-*
भूमि व भवन के खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। कार्य में बेहतरी तथा परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। कुछ चिंता तथा तनाव रह सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। 

☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो |*

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

टीकाकरण चार्ट [vaccination chart] और संभावित प्रश्न

 टीकाकरण चार्ट # 1.गर्भावस्था के समय टीकाकारण ::: गर्भावस्था की शुरूआत में Titnus का पहला टीका टी.टी - 1. टी.टी -1 के चार सप्ताह बाद टी.टी.-2 यदि पिछली गर्भावस्था में टी.टी - 2 दिया गया हैं,तो केवल बूस्टर दीजिए. ० गर्भावस्था के प्रथम तीन महिनें मे किए जानें वाले योगासन # टीके की मात्रा ,कैसें और कहाँ दें 0.5 ml.मात्रा प्रशिक्षित व्यक्ति द्धारा ऊपरी बांह की मांसपेशी में. # महत्वपूर्ण गर्भावस्था के 36 सप्ताह हो गयें हो तो मात्र टी.टी.- बूस्टर देना चाहियें.  टीकाकरण का दृश्य # 2.शिशुओं के लियें टीकाकरण  #जन्म के समय ::: 1. B.C.G.  =     0.1 ml बाँह पर त्वचा के निचें. 2.हेपेटाइटिस बी.=  0.5 ml मध्य जांघ के बाहरी हिस्सें पर मांसपेशी में 3.o.p.v.या oral polio vaccine = दो बूँद मुहँ में . ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// ० आँखों का सूखापन क्या बीमारी हैं ? जानियें इस लिंक पर ०  जानिये पोलियो क्या होता हैं ? ० चुम्बक चिकित्सा के बारें में जानें ० बच्चों की परवरिश कैसें करें healthy parating

SANJIVANI VATI ,CHANDRAPRABHA VATI,SHANKH VATI

१.संजीवनी वटी::-   संजीवनी वटी का वर्णन रामायण में भी मिलता हैं. जब मेघनाथ के साथ युद्ध में लक्ष्मण मूर्छित हुए तो  संजीवनी  बूटी ने लक्ष्मण को पुन: जीवन दिया था शांग्रधर संहिता में वर्णन हैं कि  "वटी संजीवनी नाम्ना संजीवयति मानवम" अर्थात संजीवनी वटी नाना प्रकार के रोगों में मनुष्य का संजीवन करती हैं.आधुनिक शब्दों में यह वटी हमारें बिगड़े मेट़ाबालिज्म को सुदृढ़ करती हैं.तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity)   बढ़ाती हैं. घटक द्रव्य:: विडंग,शुंठी,पीप्पली,हरीतकी,विभीतकी, आमलकी ,वच्च, गिलोय ,शुद्ध भल्लातक,शुद्ध वत्सना उपयोग::- सन्निपातज ज्वर,सर्पदंश,गठिया,श्वास, कास,उच्च कोलेस्ट्रोल, अर्श,मूर्छा,पीलिया,मधुमेह,स्त्री रोग ,भोजन में अरूचि. मात्रा::- वैघकीय परामर्श से Svyas845@gmail.com २.चन्द्रप्रभा वटी::- चन्द्रप्रभेति विख्याता सर्वरोगप्रणाशिनी उपरोक्त श्लोक से स्पष्ट हैं,कि चन्द्रप्रभा वटी समस्त रोगों का शमन करती हैं. घट़क द्रव्य::- कपूर,वच,भू-निम्बू, गिलोय ,देवदारू,हल्दी,अतिविष,दारूहल्दी,

गेरू के औषधीय प्रयोग

गेरू के औषधीय प्रयोग गेरू के औषधीय प्रयोग   आयुर्वेद चिकित्सा में कुछ औषधीयाँ सामान्य जन के मन में  इतना आश्चर्य पैदा करती हैं कि कई लोग इन्हें तब तक औषधी नही मानतें जब तक की इनके विशिष्ट प्रभाव को महसूस नही कर लें । गेरू भी उसी श्रेणी की आयुर्वेद औषधी हैं । जो सामान्य मिट्टी से कही अधिक इसके विशिष्ट गुणों के लियें जानी जाती हैं । गेरू लाल रंग की की मिट्टी होती हैं जो सम्पूर्ण भारत में बहुतायत मात्र में मिलती हैं । इसे गेरू या सेनागेरू भी कहतें हैं । गेरू आयुर्वेद की विशिष्ट औषधी हैं जिसका प्रयोग रोग निदान में बहुतायत किया जाता हैं । गेरू का संस्कृत नाम  गेरू को संस्कृत में गेरिक ,स्वर्णगेरिक तथा पाषाण गेरिक के नाम से जाना जाता हैं । गेरू का लेटिन नाम  गेरू   silicate of aluminia  के नाम से जानी जाती हैं । गेरू की आयुर्वेद मतानुसार प्रकृति गेरू स्निग्ध ,मधुर कसैला ,और शीतल होता हैं । गेरू के औषधीय प्रयोग 1. आंतरिक रक्तस्त्राव रोकनें में गेरू शरीर के किसी भी हिस्से में होनें वाले रक्तस्त्राव को रोकनें वाली सर्वमान्य औषधी हैं । इसके लिय

एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन क्या हैं

#1.एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन क्या हैं ?  एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली से अभिप्राय यह हैं,कि मृदा उर्वरता को बढ़ानें अथवा बनाए रखनें के लिये पोषक तत्वों के सभी उपलब्ध स्त्रोंतों से मृदा में पोषक तत्वों का इस प्रकार सामंजस्य रखा जाता हैं,जिससे मृदा की भौतिक,रासायनिक और जैविक गुणवत्ता पर हानिकारक प्रभाव डाले बगैर लगातार उच्च आर्थिक उत्पादन लिया जा सकता हैं.   विभिन्न कृषि जलवायु वाले क्षेत्रों में किसी भी फसल या फसल प्रणाली से अनूकूलतम उपज और गुणवत्ता तभी हासिल की जा सकती हैं जब समस्त उपलब्ध साधनों से पौध पौषक तत्वों को प्रदान कर उनका वैग्यानिक प्रबंध किया जाए.एकीकृत पौध पोषक तत्व प्रणाली एक परंपरागत पद्धति हैं. ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// यहाँ भी पढ़े 👇👇👇 विटामिन D के बारें में और अधिक जानियें यहाँ प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना ० तम्बाकू से होनें वाले नुकसान ० कृषि वानिकी क्या हैं ///////////////////////////////////////////////////////////////////////// #2.एकीकृत पोषक त

Ayurvedic medicine list । आयुर्वैदिक औषधि सूची

Ayurvedic medicine list  [आयुर्वैदिक औषधि सूची] #1.नव ज्वर की औषधि और अनुसंशित मात्रा ::: १.त्रिभुवनकिर्ती रस  :::::   १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संजीवनी वटी       :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. ३.गोदन्ती मिश्रण.    :::::     १२५ से २५० मि.ग्रा. #2.विषम ज्वर ::: १.सप्तपर्ण घन वटी  :::::    १२५ से २५० मि.ग्रा. २.सुदर्शन चूर्ण.        :::::     ३ से ६ ग्रा.   # 3 वातश्लैष्मिक ज्वर ::: १.लक्ष्मी विलास रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.संशमनी वटी          :::::  ५०० मि.ग्रा से १ ग्रा. # 4 जीर्ण ज्वर :::: १. प्रताप लंकेश्वर रस.  :::::  १२५ से २५० मि.ग्रा. २.महासुदर्शन चूर्ण.     :::::   ३ से ६ ग्राम ३.अमृतारिष्ट              :::::    २० से ३० मि.ली. # 5.सान्निपातिक ज्वर :::: १.नारदीय लक्ष्मी विलास रस. :::::  २५० से ५०० मि.ग्रा. २.भूनिम्बादि क्वाथ.      ::::: १०से २० मि.ली. #6 वातशलैष्मिक ज्वर :::: १.गोजिह्यादि क्वाथ.      ::::: २० से ४० मि.ली. २.सितोपलादि चूर्ण.       ::

karma aur bhagya [ कर्म और भाग्य ]

# 1 कर्म और भाग्य   कर्म आगे और भाग्य पिछे रहता हैं अक्सर लोग कर्म और भाग्य के बारें में चर्चा करतें वक्त अपनें - अपनें जीवन में घट़ित घट़नाओं के आधार पर निष्कर्ष निकालतें हैं,कोई कर्म को श्रेष्ठ मानता हैं,कोई भाग्य को ज़रूरी मानता हैं,तो कोई दोनों के अस्तित्व को आवश्यक मानता हैं.लेकिन क्या जीवन में दोनों का अस्तित्व ज़रूरी हैं ? गीता में श्री कृष्ण अर्जुन को कर्मफल का उपदेश देकर कहतें हैं.     " कर्मण्यें वाधिकारवस्तें मा फलेषु कदाचन " अर्थात मनुष्य सिर्फ कर्म करनें का अधिकारी हैं,फल पर अर्थात परिणाम पर उसका कोई अधिकार नहीं हैं,आगे श्री कृष्ण बतातें हैं,कि यदि मनुष्य कर्म करतें करतें मर  जाता हैं,और इस जन्म में उसे अपनें कर्म का फल प्राप्त नहीं होता तो हमें यह नहीं मानना चाहियें की कर्म व्यर्थ हो गया बल्कि यह कर्म अगले जन्म में भाग्य बनकर लोगों को आश्चर्य में ड़ालता हैं, ]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]][]]]]]][[[[[[[]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]] ● यह भी पढ़े 👇👇👇 ● आत्मविकास के 9 मार्ग ● स्वस्थ सामाजिक जीवन के 3 पीलर

गिलोय के फायदे । GILOY KE FAYDE

  गिलोय के फायदे GILOY KE FAYDE गिलोय का संस्कृत नाम क्या हैं ? गिलोय का संस्कृत नाम गुडुची,अमृतवल्ली ,सोमवल्ली, और अमृता हैं । गिलोय का हिन्दी नाम क्या हैं ? गिलोय GILOY का हिन्दी नाम 'गिलोय,अमृता, संशमनी और गुडुची हैं । गिलोय गिलोय का लेटिन नाम क्या हैं ? गिलोय का लेटिन नाम Tinospra cordipoolia (टिनोस्पोरा  कोर्ड़िफोलिया ) गिलोय की पहचान कैसें करें ? गिलोय सम्पूर्ण भारत वर्ष में पाई जानें वाली आयुर्वेद की सुप्रसिद्ध औषधी हैं । Ayurveda ki suprasiddh oshdhi hai यह बेल रूप में पाई जाती हैं, और दूसरें वृक्षों के सहारे चढ़कर पोषण प्राप्त करती हैं । गिलोय के पत्तें दिल के (Heart shape) आकार के होतें हैं।  गिलोय का तना अंगूठे जीतना मोटा और प्रारंभिक   अवस्था में हरा जबकि सूखनें पर धूसर हो जाता हैं । गिलोय के फूल छोटे आकार के और हल्का पीलापन लियें गुच्छों में लगतें हैं । गिलोय के फल पकनें पर लाल रंग के होतें हैं यह भी गुच्छों में पाये जातें हैं । गिलोय में पाए जाने वाले पौषक तत्व 1.लोह तत्व : 5.87 मिलीग्राम 2.प्रोटीन : 2.3

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]

म.प्र.की प्रमुख नदी [river]  म.प्र.भारत का ह्रदय प्रदेश होनें के साथ - साथ नदी,पहाड़,जंगल,पशु - पक्षी,जीव - जंतुओं के मामलें में देश का अग्रणी राज्य हैं.  river map of mp प्रदेश में बहनें वाली सदानीरा नदीयों ने प्रदेश की मिट्टी को उपजाऊ बनाकर सम्पूर्ण प्रदेश को पोषित और पल्लवित किया हैं.यही कारण हैं कि यह प्रदेश "नदीयों का मायका" उपनाम से प्रसिद्ध हैं. ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण नदियाँ प्रदेश में प्रवाहित होती हैं,जिनकी चर्चा यहाँ प्रासंगिक हैं. #१.नर्मदा नर्मदा म.प्र.की जीवनरेखा कही जाती हैं.इस नदी के कि नारें अनेक  सभ्यताओं ने जन्म लिया . #उद्गम  यह नदी प्रदेश के अमरकंटक जिला अनूपपुर स्थित " विंध्याँचल " की पर्वतमालाओं से निकलती हैं. नर्मदा प्रदेश की सबसे लम्बी नदी हैं,इसकी कुल लम्बाई 1312 किमी हैं. म.प्र.में यह नदी 1077 किमी भू भाग पर बहती हैं.बाकि 161 किलोमीटर गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में बहती हैं. नर्मदा प्रदेश के 15 जिलों से होकर बहती हैं जिनमें शामिल हैं,अनूपपुर,मंड़ला,डिंडोरी,जबलपुर,न

भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र [BHAGVAN SHRI RAM]

 Shri ram #भगवान श्री राम का प्रेरणाप्रद चरित्र रामायण या रामचरित मानस सेकड़ों वर्षों से आमजनों द्धारा पढ़ी और सुनी जा रही हैं.जिसमें भगवान राम के चरित्र को विस्तारपूर्वक समझाया गया हैं,यदि हम थोड़ा और गहराई में जाकर राम के चरित्र को समझे तो सामाजिक जीवन में आनें वाली कई समस्यओं का उत्तर उनका जीवन देता हैं जैसें ● आत्मविकास के 9 मार्ग #१.आदर्श पुत्र ::: श्री राम भगवान अपने पिता के सबसे आदर्श पुत्र थें, एक ऐसे समय जब पिता उन्हें वनवास जानें के लिये मना कर रहें थें,तब राम ही थे जिन्होनें अपनें पिता दशरथ को सूर्यवंश की परम्परा बताते हुये कहा कि रघुकुल रिती सदा चली आई | प्राण जाई पर वचन न जाई || एक ऐसे समय जब मुश्किल स्वंय पर आ रही हो  पुत्र अपनें कुल की परंपरा का पालन करनें के लिये अपने पिता को  कह रहा हो यह एक आदर्श पुत्र के ही गुण हैं. दूसरा जब कैकयी ने राम को वनवास जानें का कहा तो उन्होनें निसंकोच होकर अपनी सगी माता के समान ही कैकयी की आज्ञा का पालन कर परिवार का  बिखराव होनें से रोका. आज के समय में जब पुत्र अपनें माता - पिता के फैसलों

पारस पीपल के औषधीय गुण

पारस पीपल के औषधीय गुण Paras pipal KE ausdhiy gun ::: पारस पीपल के औषधीय गुण पारस पीपल का  वर्णन ::: पारस पीपल पीपल वृक्ष के समान होता हैं । इसके पत्तें पीपल के पत्तों के समान ही होतें हैं ।पारस पीपल के फूल paras pipal KE phul  भिंड़ी के फूलों के समान घंटाकार और पीलें रंग के होतें हैं । सूखने पर यह फूल गुलाबी रंग के हो जातें हैं इन फूलों में पीला रंग का चिकना द्रव भरा रहता हैं ।  पारस पीपल के  फल paras pipal ke fal खट्टें मिठे और जड़ कसैली होती हैं । पारस पीपल का संस्कृत नाम  पारस पीपल को संस्कृत  में गर्दभांड़, कमंडुलु ,कंदराल ,फलीश ,कपितन और पारिश कहतें हैं।  पारस पीपल का हिन्दी नाम  पारस पीपल को हिन्दी में पारस पीपल ,गजदंड़ ,भेंड़ी और फारस झाड़ के नाम से जाना जाता हैं ।   पारस पीपल का अंग्रजी नाम Paras pipal ka angreji Nam ::: पारस पीपल का अंग्रेजी नाम paras pipal ka angreji nam "Portia tree "हैं । पारस पीपल का लेटिन नाम Paras pipal ka letin Nam ::: पारस पीपल का लेटिन paras pipal ka letin nam नाम Thespesia